Biologyकक्षा 11तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वयहिंदी

तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय | Class 11 Biology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय | Class 11 Biology Notes

तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय – this guide gives you a concise, exam-ready overview of तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय from Class 11 Biology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

18.3 तंत्रिकोशिका

तंत्रिकोशिका या न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई होती है। न्यूरॉन तीन मुख्य भागों से मिलकर बनता है: कोशिका काय (सॉमा), द्व्राह्य (डेंड्राइट्स) और तंत्रिकाक्ष (एक्सॉन)। कोशिका काय में कोशिका द्रव्य, प्रारूपिक कोशिकांग और निसेल ग्रेन्यूल पाए जाते हैं। द्व्राह्य छोटे तंतु होते हैं जो कोशिका काय से निकलते हैं और उद्दीपनों को कोशिका काय की ओर भेजते हैं। तंत्रिकाक्ष एक लंबा तंतु होता है जो कोशिका काय से आवेगों को दूर सिनेप्स या मांसपेशी संधि तक पहुंचाता है। तंत्रिकाक्ष के अंतिम छोर पर सिनेप्टिक नोब होते हैं, जिनमें न्यूरोट्रांसमीटर रसायन होते हैं।

न्यूरॉन्स को उनके तंतुओं की संख्या के आधार पर तीन प्रकारों में बांटा जाता है: बहुध्रुवीय (एक तंत्रिकाक्ष और कई द्व्राह्य), द्विध्रुवीय (एक तंत्रिकाक्ष और एक द्व्राह्य), और एकध्रुवीय। तंत्रिकाक्ष दो प्रकार के होते हैं: आच्छादी और अनाच्छादी। आच्छादी तंत्रिकाक्ष श्वान कोशिका द्वारा माइलिन आवरण से घिरे होते हैं, जो आवेग के संचरण को तेज करता है। माइलिन आवरणों के बीच के अंतराल को रेनवीयर के नोड कहा जाता है। अनाच्छादी तंत्रिकाक्ष में माइलिन आवरण नहीं होता। आच्छादी तंत्रिकाक्ष मेरू और कपाल तंत्रिकाओं में पाए जाते हैं, जबकि अनाच्छादी तंत्रिकाक्ष स्वायत्त और कायिक तंत्रिका तंत्र में अधिक होते हैं।

📊 Diagram: चित्र 18.1 तंत्रिकोशिका की संरचना

🔗 Connection: यह अनुभाग न्यूरॉन की संरचना को स्पष्ट करता है, जो अगली कड़ी में तंत्रिका आवेग की उत्पत्ति और संचरण की प्रक्रिया को समझने के लिए आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

१.आइरिस किसका भाग है

ख) कोरॉइड

इनमें से क्या तंत्रिका संचारी नहीं है ?

घ )कॉर्टिसोन

1. निम्नलिखित संरचना का संक्षेप में वर्णन कीजिए- (अ) मस्तिष्क

मस्तिष्क तंत्रिका तंत्र का प्रमुख भाग है जो शरीर के विभिन्न कार्यों का नियंत्रण करता है। यह तीन भागों में विभाजित होता है: अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क। मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं का जाल होता है जो संवेदी जानकारी प्राप्त कर उसे संसाधित करता है और प्रेरक संकेत भेजता है। यह सोच, स्मृति, भावना, और समन्वय के लिए जिम्मेदार होता है।

2. निम्नलिखित की तुलना कीजिए- (अ) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और परिधीय तंत्रिका तंत्र (ब) स्थिर विभव और सक्रिय विभव

(अ) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) में मस्तिष्क और मेरुदंड शामिल हैं, जो शरीर के संवेदी और प्रेरक कार्यों का नियंत्रण करते हैं। परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में तंत्रिकाएं होती हैं जो CNS को शरीर के अन्य भागों से जोड़ती हैं।

(ब) स्थिर विभव (Resting Potential) वह विद्युत विभव है जो तंत्रिका तंतु की झिल्ली पर आराम की स्थिति में होता है, लगभग -70mV। सक्रिय विभव (Action Potential) वह विद्युत आवेग है जो तंत्रिका तंतु में उत्तेजना के कारण उत्पन्न होता है और संकेत के रूप में संचरित होता है।

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