तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय | Class 11 Biology Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय – this guide gives you a concise, exam-ready overview of तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय from Class 11 Biology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
18.1 तंत्रिकीय तंत्र
तंत्रिकीय तंत्र जीवों के शरीर में त्वरित समन्वय स्थापित करने वाला एक जाल तंत्र होता है, जो विशेष प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है जिन्हें तंत्रिकोशिका (न्यूरॉन) कहा जाता है। ये कोशिकाएं विभिन्न प्रकार के उद्दीपनों को पहचानने, ग्रहण करने और संचरित करने में सक्षम होती हैं। सरल जीवों जैसे हाइड्रा में तंत्रिकीय तंत्र जाल के रूप में पाया जाता है, जबकि कीटों में यह अधिक व्यवस्थित होता है और मस्तिष्क तथा तंत्रिकीय गुच्छिकाओं से मिलकर बनता है। क्षेत्रकी प्राणियों में तंत्रिका तंत्र अधिक विकसित होता है, जिससे वे जटिल क्रियाएं कर पाते हैं। तंत्रिकीय तंत्र का कार्य शरीर के विभिन्न अंगों और तंत्रों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान कर समन्वय स्थापित करना है। यह त्वरित प्रतिक्रिया के लिए उपयुक्त होता है, जिससे जीव पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुसार उचित क्रियाएं कर पाते हैं। तंत्रिकीय तंत्र के साथ-साथ अंतःस्रावी तंत्र भी शरीर में समन्वय स्थापित करता है, लेकिन वह हार्मोन के माध्यम से रासायनिक समन्वय करता है, जो अपेक्षाकृत धीमा होता है। इस अध्याय में तंत्रिकीय तंत्र की संरचना, कार्य, तंत्रिका आवेग का संचरण, सिनेप्स की भूमिका तथा मानव मस्तिष्क और मेरूरज्जु की संरचना का अध्ययन किया जाएगा।
🔗 Connection: यह अनुभाग तंत्रिका तंत्र की मूलभूत अवधारणा प्रस्तुत करता है, जो अगले खंड में मानव तंत्रिकीय तंत्र की संरचना और कार्यप्रणाली के अध्ययन के लिए आधार तैयार करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
१.आइरिस किसका भाग है
ख) कोरॉइड
इनमें से क्या तंत्रिका संचारी नहीं है ?
घ )कॉर्टिसोन
1. निम्नलिखित संरचना का संक्षेप में वर्णन कीजिए- (अ) मस्तिष्क
मस्तिष्क तंत्रिका तंत्र का प्रमुख भाग है जो शरीर के विभिन्न कार्यों का नियंत्रण करता है। यह तीन भागों में विभाजित होता है: अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क। मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं का जाल होता है जो संवेदी जानकारी प्राप्त कर उसे संसाधित करता है और प्रेरक संकेत भेजता है। यह सोच, स्मृति, भावना, और समन्वय के लिए जिम्मेदार होता है।
2. निम्नलिखित की तुलना कीजिए- (अ) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और परिधीय तंत्रिका तंत्र (ब) स्थिर विभव और सक्रिय विभव
(अ) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) में मस्तिष्क और मेरुदंड शामिल हैं, जो शरीर के संवेदी और प्रेरक कार्यों का नियंत्रण करते हैं। परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में तंत्रिकाएं होती हैं जो CNS को शरीर के अन्य भागों से जोड़ती हैं।
(ब) स्थिर विभव (Resting Potential) वह विद्युत विभव है जो तंत्रिका तंतु की झिल्ली पर आराम की स्थिति में होता है, लगभग -70mV। सक्रिय विभव (Action Potential) वह विद्युत आवेग है जो तंत्रिका तंतु में उत्तेजना के कारण उत्पन्न होता है और संकेत के रूप में संचरित होता है।
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