Biologyकक्षा 11उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासनहिंदी

उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन | Class 11 Biology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन | Class 11 Biology Notes

उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन – this guide gives you a concise, exam-ready overview of उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन from Class 11 Biology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

16.1 मानव उत्सर्जन तंत्र

मानव शरीर में उत्सर्जन तंत्र मुख्य रूप से शरीर से अवांछित, विषैले और अतिरिक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए कार्य करता है। इसमें एक जोड़ी वृक्क (Kidneys), एक जोड़ी मूत्र नलिका (Ureters), एक मूत्राशय (Urinary bladder) और एक मूत्र मार्ग (Urethra) शामिल होते हैं। वृक्क सेम के बीज के आकार के गहरे भूरे लाल रंग के अंग होते हैं, जो उदर गुहा के आंतरिक पृष्ठ पर अंतिम वक्षीय और तीसरी कटि कशेरुका के समीप स्थित होते हैं। प्रत्येक वृक्क की लंबाई लगभग 10-12 सेमी, चौड़ाई 5-7 सेमी, मोटाई 2-3 सेमी और भार 120-170 ग्राम होता है।

वृक्क की भीतरी सतह पर हाइलम नामक एक खांचा होता है, जिससे मूत्र नलिका, रक्त वाहिकाएं और तंत्रिकाएं प्रवेश करती हैं। हाइलम के भीतरी भाग में वृक्कीय श्रोणि (पेल्विस) होती है, जो मूत्र को संग्रहित करती है। वृक्क की बाहरी सतह पर दृढ़ संपूट होता है। वृक्क में दो मुख्य भाग होते हैं - बाहरी वल्कुट (कॉर्टेक्स) और भीतरी मध्यांश (मेडुला)। मध्यांश में कुछ शंक्वाकार पिरामिड होते हैं जिन्हें मध्यांश पिरामिड कहा जाता है। वल्कुट मध्यांश पिरामिड के बीच फैलकर वृक्क स्तंभ (Columns of Bertini) बनाते हैं।

प्रत्येक वृक्क में लगभग 10 लाख वृक्काणु (नेफ्रॉन) होते हैं, जो वृक्क की कार्यात्मक इकाई हैं। प्रत्येक नेफ्रॉन में दो मुख्य भाग होते हैं - गुच्छ (ग्लोमेरुलस) और वृक्क नलिका। गुच्छ अभिवाही धमनिका की शाखाओं से बने केशिकाओं का जाल होता है, जो रक्त से निस्यंदन करता है। वृक्क नलिका बोमेन सम्पुट से प्रारंभ होती है, जो समीपस्थ संवलित नलिका, हेनले-लूप, दूरस्थ संवलित नलिका और संग्रह नलिका में विभाजित होती है।

गुच्छ से निकलने वाली अपवाही धमनिका वृक्क नलिका के चारों ओर सूक्ष्म केशिकाओं का जाल बनाती है, जिसे परिनालिका केशिका जाल कहते हैं। यह जाल रक्त से आवश्यक पदार्थों का पुनरावशोषण करता है। वल्कुटीय वृक्काणु में वासा रेक्टा या तो अनुपस्थित या अत्यधिक हासित होती है, जबकि सान्निध्य मध्यांश वृक्काणु में वासा रेक्टा अच्छी तरह विकसित होती है।

📊 Diagram: चित्र 16.1 मानव का उत्सर्जन तंत्र; चित्र 16.2 वृक्क का भाग; चित्र 16.3 रक्त वाहिनियाँ, वाहिनियाँ तथा नलिकाएं प्रदर्शित करता हुआ एक नेफ्रोन

🧪 Activity: वृक्क की संरचना का मॉडल बनाना और उसमें नेफ्रॉन के भागों की पहचान करना।

🔗 Connection: यह अनुभाग मूत्र निर्माण की प्रक्रिया की समझ के लिए आधार प्रदान करता है, जो अगले अनुभाग 16.2 मूत्र निर्माण में विस्तार से समझाया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

_____ मूत्र से पानी और सोडियम क्लोराइड की वसूली के लिए जिम्मेदार है।

3.लूप ऑफ हेनले

क्रेब्स-हेन्सलेइट चक्र जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं का एक क्रम है जो _______ में होता है

2. जिगर

__________ वह बिंदु है जहां दो या तीन प्रमुख गुर्दे की कैल्सिस एक साथ जुड़ती हैं।

रेनल पेलविस

_______ मनुष्यों में सबसे अधिक उत्सर्जन यौगिक का संश्लेषण करता है और इसे ________ के माध्यम से समाप्त किया जाता है

1.यकृत, मूत्र

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