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प्रायिकता | Class 10 Mathematics Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

प्रायिकता | Class 10 Mathematics Notes

प्रायिकता – this guide gives you a concise, exam-ready overview of प्रायिकता from Class 10 Mathematics, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

14.1 प्रायिकता — एक सैद्धांतिक दृष्टिकोण

प्रायिकता गणित की वह शाखा है जो किसी घटना के घटित होने की संभावना का अध्ययन करती है। इस खंड में हम प्रायिकता की सैद्धांतिक परिभाषा और उसके आधारभूत सिद्धांतों को समझेंगे। उदाहरण स्वरूप, जब हम एक सिक्के को यादृच्छया (randomly) उछालते हैं, तो सिक्का दो संभव परिणामों में से किसी एक पर गिर सकता है — चित (Heads) या पट (Tails)। यदि सिक्का न्यायसंगत (fair) है, तो दोनों परिणामों के घटित होने की संभावना समान होती है, जिसे समप्रायिक (equally likely) कहा जाता है। इसी प्रकार, एक न्यायसंगत पासे के छह फलक होते हैं, जिनपर 1 से 6 तक अंक अंकित होते हैं, और प्रत्येक अंक के आने की संभावना समान होती है।

हालांकि, सभी प्रयोगों में परिणाम समप्रायिक नहीं होते। उदाहरण के लिए, यदि एक थैले में 4 लाल और 1 नीली गेंद है, तो लाल गेंद निकलने की संभावना नीली गेंद से अधिक होगी। परंतु इस अध्याय में हम समप्रायिक परिणामों की कल्पना मानकर प्रायिकता की गणना करेंगे।

कक्षा 9 में हमने प्रायोगिक (experimental) प्रायिकता को परिभाषित किया था, जो किसी घटना के घटित होने की बारंबारता पर आधारित होती है। परंतु कई बार प्रयोग को बार-बार दोहराना व्यावहारिक नहीं होता। इसलिए हम सैद्धांतिक प्रायिकता की परिभाषा लेते हैं, जो परिणामों के समप्रायिक होने की कल्पना पर आधारित होती है।

सैद्धांतिक प्रायिकता किसी घटना E के लिए परिभाषित होती है: प्रायिकता P(E) = (E के अनुकूल परिणामों की संख्या) ÷ (प्रयोग के सभी संभव परिणामों की संख्या)

यह परिभाषा 1795 में पियरे-साइमन लाप्लास ने दी थी। प्रायिकता सिद्धांत का विकास 16वीं शताब्दी से शुरू हुआ और गणितज्ञों जैसे जेम्स बर्नूली, ए.डी. मोइवरे और लाप्लास ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज प्रायिकता का उपयोग जैविकी, अर्थशास्त्र, भौतिकी, समाजशास्त्र आदि क्षेत्रों में होता है।

📊 Diagram: पियरे-साइमन लाप्लास

🧪 Activity: सिक्का उछालने और पासा फेंकने के प्रयोग कर समप्रायिक परिणामों की कल्पना करना।

🔗 Connection: अगले खंड में हम प्रायिकता के नियमों और विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से प्रायिकता की गणना के तरीकों को विस्तार से समझेंगे।

Table on page 13 (7×7)

123456
1(1, 1)(1, 2)(1, 3)(1, 4)(1, 5)(1, 6)
2(2, 1)(2, 2)(2, 3)(2, 4)(2, 5)(2, 6)
3(3, 1)(3, 2)(3, 3)(3, 4)(3, 5)(3, 6)
4(4, 1)(4, 2)(4, 3)(4, 4)(4, 5)(4, 6)
5(5, 1)(5, 2)(5, 3)(5, 4)(5, 5)(5, 6)
6(6, 1)(6, 2)(6, 3)(6, 4)(6, 5)(6, 6)

Table on page 17 (2×12)

घटना दोनों पासों की संख्याओं का योग23456789101112
प्रायिकता1/365/361/36

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिए गए प्रयोग के लिए, प्रतिदर्श समष्टि ( Sample Space) और कूल प्रतिदर्श समष्टि की संख्या ज्ञात कीजिए - एक सिक्का और एक पासा एक साथ फेंका जाता है।

S = {H1,H2,H3,H4,H5,H6,T1,T2,T3,T4,T5,T6} n(S) = 12

वस्तुनिष्ठ प्रश्न सिक्के के एक जोड़े को उछालने में एक ही शीर्ष पाने की प्रायिकता ______ है

1/2

वस्तुनिष्ठ प्रश्न पासा के एकल फेंक में 3 से कम संख्या प्राप्त करने की प्राथमिकता ____ है।

1/3

वस्तुनिष्ठ प्रश्न 52 कार्ड के एक अच्छी तरह से फेरबदल डेक से एक हुकुम कार्ड प्राप्त करने की प्राथमिकता _____ है।

1/4

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