Chapter 15
Chapter 15 — अध्ययन नोट्स
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14.1 प्रायिकता — एक सैद्धांतिक दृष्टिकोण
व्याख्या14.1 प्रायिकता — एक सैद्धांतिक दृष्टिकोण
प्रायिकता गणित की वह शाखा है जो किसी घटना के घटित होने की संभावना का अध्ययन करती है। इस खंड में हम प्रायिकता की सैद्धांतिक परिभाषा और उसके आधारभूत सिद्धांतों को समझेंगे। उदाहरण स्वरूप, जब हम एक सिक्के को यादृच्छया (randomly) उछालते हैं, तो सिक्का दो संभव परिणामों में से किसी एक पर गिर सकता है — चित (Heads) या पट (Tails)। यदि सिक्का न्यायसंगत (fair) है, तो दोनों परिणामों के घटित होने की संभावना समान होती है, जिसे समप्रायिक (equally likely) कहा जाता है। इसी प्रकार, एक न्यायसंगत पासे के छह फलक होते हैं, जिनपर 1 से 6 तक अंक अंकित होते हैं, और प्रत्येक अंक के आने की संभावना समान होती है। हालांकि, सभी प्रयोगों में परिणाम समप्रायिक नहीं होते। उदाहरण के लिए, यदि एक थैले में 4 लाल और 1 नीली गेंद है, तो लाल गेंद निकलने की संभावना नीली गेंद से अधिक होगी। परंतु इस अध्याय में हम समप्रायिक परिणामों की कल्पना मानकर प्रायिकता की गणना करेंगे। कक्षा 9 में हमने प्रायोगिक (experimental) प्रायिकता को परिभाषित किया था, जो किसी घटना के घटित होने की बारंबारता पर आधारित होती है। परंतु कई बार प्रयोग को बार-बार दोहराना व्यावहारिक नहीं होता। इसलिए हम सैद्धांतिक प्रायिकता की परिभाषा लेते हैं, जो परिणामों के समप्रायिक होने की कल्पना पर आधारित होती है। सैद्धांतिक प्रायिकता किसी घटना E के लिए परिभाषित होती है: प्रायिकता P(E) = (E के अनुकूल परिणामों की संख्या) ÷ (प्रयोग के सभी संभव परिणामों की संख्या) यह परिभाषा 1795 में पियरे-साइमन लाप्लास ने दी थी। प्रायिकता सिद्धांत का विकास 16वीं शताब्दी से शुरू हुआ और गणितज्ञों जैसे जेम्स बर्नूली, ए.डी. मोइवरे और लाप्लास ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज प्रायिकता का उपयोग जैविकी, अर्थशास्त्र, भौतिकी, समाजशास्त्र आदि क्षेत्रों में होता है। **Table on page 13 (7×7)** | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | (1, 1) | (1, 2) | (1, 3) | (1, 4) | (1, 5) | (1, 6) | | 2 | (2, 1) | (2, 2) | (2, 3) | (2, 4) | (2, 5) | (2, 6) | | 3 | (3, 1) | (3, 2) | (3, 3) | (3, 4) | (3, 5) | (3, 6) | | 4 | (4, 1) | (4, 2) | (4, 3) | (4, 4) | (4, 5) | (4, 6) | | 5 | (5, 1) | (5, 2) | (5, 3) | (5, 4) | (5, 5) | (5, 6) | | 6 | (6, 1) | (6, 2) | (6, 3) | (6, 4) | (6, 5) | (6, 6) | **Table on page 17 (2×12)** | घटना दोनों पासों की संख्याओं का योग | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | प्रायिकता | 1/36 | | | | | | 5/36 | | | | 1/36 |
- प्रायिकता किसी घटना के घटित होने की संभावना है।
- न्यायसंगत सिक्का या पासे के परिणाम समप्रायिक होते हैं।
- सभी प्रयोगों में परिणाम समप्रायिक नहीं होते, पर इस अध्याय में हम समप्रायिकता मानेंगे।
- सैद्धांतिक प्रायिकता प्रयोग के सभी संभव परिणामों के आधार पर परिभाषित होती है।
- प्रायिकता का विकास 16वीं शताब्दी से शुरू हुआ और लाप्लास ने इसका महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- प्रायिकता का उपयोग विभिन्न विज्ञान और सामाजिक क्षेत्रों में होता है।
- 📌 प्रायिकता: किसी घटना के घटित होने की संभावना।
- 📌 समप्रायिक परिणाम: ऐसे परिणाम जिनके घटित होने की संभावना समान हो।
- 📌 सैद्धांतिक प्रायिकता: परिणामों के समप्रायिक होने की कल्पना पर आधारित प्रायिकता।
प्रायिकता की गणना के उदाहरण
व्याख्याप्रायिकता की गणना के उदाहरण
इस खंड में हम प्रायिकता की गणना के विभिन्न उदाहरणों को विस्तार से देखेंगे। उदाहरण 1 में, एक सिक्के को एक बार उछालने पर चित या पट आने की प्रायिकता 1/2 होती है क्योंकि संभव परिणाम 2 हैं और प्रत्येक परिणाम समान संभावना वाला है। उदाहरण 2 में, एक थैले में एक लाल, एक नीली और एक पीली गेंद है। बिना देखे एक गेंद निकालने पर प्रत्येक रंग की गेंद निकलने की प्रायिकता 1/3 होती है क्योंकि कुल 3 गेंदें हैं और सभी समान आकार की हैं। उदाहरण 3 में, एक पासे को फेंकने पर 4 से बड़ी संख्या (5 या 6) आने की प्रायिकता 2/6 = 1/3 है, जबकि 4 से छोटी या बराबर संख्या (1, 2, 3, 4) आने की प्रायिकता 4/6 = 2/3 है। यहाँ ध्यान दें कि किसी घटना और उसकी पूरक घटना (जैसे E और E नहीं) की प्रायिकताओं का योग 1 होता है। उदाहरण के लिए, पासे पर 4 से बड़ी संख्या आने की प्रायिकता 1/3 है और 4 से बड़ी संख्या न आने की प्रायिकता 2/3 है, जिनका योग 1 होता है। इस प्रकार, किसी भी घटना E के लिए P(E) + P(E नहीं) = 1 होता है।
- सिक्के पर चित या पट आने की प्रायिकता 1/2 होती है।
- थैले से बिना देखे गेंद निकालने पर प्रत्येक रंग की गेंद निकलने की प्रायिकता समान होती है।
- पासे पर 4 से बड़ी संख्या आने की प्रायिकता 1/3 है।
- किसी घटना और उसकी पूरक घटना की प्रायिकताओं का योग 1 होता है।
- प्रारंभिक घटना वह होती है जिसका केवल एक परिणाम होता है।
- 📌 प्रारंभिक घटना: ऐसी घटना जिसका केवल एक ही परिणाम हो।
- 📌 पूरक घटना: घटना E के घटित न होने की घटना, जिसे E नहीं कहते हैं।
असंभव और निश्चित घटनाएँ तथा पूरक घटनाएँ
अवधारणाअसंभव और निश्चित घटनाएँ तथा पूरक घटनाएँ
किसी घटना की प्रायिकता 0 से 1 के बीच होती है। यदि किसी घटना के घटित होने के अनुकूल कोई परिणाम नहीं है, तो उस घटना की प्रायिकता 0 होती है, जिसे असंभव घटना कहते हैं। उदाहरण के लिए, पासे को एक बार फेंकने पर 8 अंक प्राप्त करना असंभव है क्योंकि पासे पर 8
अभ्यास प्रश्न — Chapter 15
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.वस्तुनिष्ठ प्रश्न 10 सिक्कों को एक साथ फेंकने की घटनाओं की कुल संख्या _____ है।
उत्तर:
1024
Q2.वस्तुनिष्ठ प्रश्न पासा के एकल फेंक में 3 से कम संख्या प्राप्त करने की प्राथमिकता ____ है।
उत्तर:
1/3
Q3.वस्तुनिष्ठ प्रश्न 52 कार्ड के एक अच्छी तरह से फेरबदल डेक से एक हुकुम कार्ड प्राप्त करने की प्राथमिकता _____ है।
उत्तर:
1/4
Q4.वस्तुनिष्ठ प्रश्न सिक्के के एक जोड़े को उछालने में एक ही शीर्ष पाने की प्रायिकता ______ है
उत्तर:
1/2
Q5.निम्नलिखित में से कौन सी घटना की प्रायिकता हो सकती है?
उत्तर:
18/23
Q6.कथन को पूरा करें | किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों(Possible outcomes) को ----------कहा जाता है |
उत्तर:
प्रतिदर्श समष्टि (sample space)
व्याख्या:
[{"id": "49f24fab-eccb-4413-abf6-9b71140aa422", "type": "html", "value": " किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों को प्रतिदर्श समष्टि ( sample Space) कहा जाता है \" इसीलिए , 4 विकल्प इसका सही उत्तर है "}]
Q7.दिए गए प्रयोग के लिए, प्रतिदर्श समष्टि ( Sample Space) और कूल प्रतिदर्श समष्टि की संख्या ज्ञात कीजिए - एक सिक्का और एक पासा एक साथ फेंका जाता है।
उत्तर:
S = {H1,H2,H3,H4,H5,H6,T1,T2,T3,T4,T5,T6} n(S) = 12
व्याख्या:
[{"id": "a0caaa83-89b6-4f24-98de-54688e038fd5", "type": "html", "value": " एक सिक्का(coin) और एक पासा(dice) एक साथ उछाले जाते है S = { H1,H2,H3,H4,H5,H6,T1,T2,T3,T4,T5,T6} n(S) = 12 इसीलिए विकल्प 4 सही है "}]
Q8.एक साथ दो सिक्के उछाले जाते हैं , एक चित आने की संभावना (possibility) क्या होगी ?
उत्तर:
0.5
व्याख्या:
[{"id": "c8f9ce38-646a-418a-9f4e-b440082a21e2", "type": "html", "value": " जब तो सिक्के उछाले तो उनके संभावित परिणाम ( possible outcomes) होंगे S = {HH,HT,TH,TT} माना A ऐसी घटना जिसपर हमे कम से कम चित मिलता है A = {HT, TH} अनुकूल परिणामों की संख्या = 2 P(A) = 2/4 = 1/2 = 0.5 इसलिए सही उत्तर विकल्प 2 है। \" "}]
Ganit के सभी 14 अध्याय
Mathematics · Class 10