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विनिर्माण उद्योग | Class 10 Social Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

विनिर्माण उद्योग | Class 10 Social Science Notes

विनिर्माण उद्योग – this guide gives you a concise, exam-ready overview of विनिर्माण उद्योग from Class 10 Social Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

कृषि आधारित उद्योग

कृषि आधारित उद्योग वे हैं जो कृषि से प्राप्त कच्चे माल पर आधारित होते हैं। इनमें सूती वस्त्र, पटसन, रेशम, ऊनी वस्त्र, चीनी, वनस्पति तेल आदि प्रमुख हैं। वस्त्र उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्योंकि यह कच्चे माल से लेकर तैयार वस्त्र तक की पूरी श्रृंखला में आत्मनिर्भर है।

सूती वस्त्र उद्योग का इतिहास प्राचीन काल से है, जब हाथ से कताई और हथकरघा बुनाई होती थी। अठारहवीं शताब्दी के बाद विद्युत करघों का उपयोग बढ़ा। औपनिवेशिक काल में अंग्रेजी मशीन निर्मित वस्त्रों से परंपरागत उद्योग प्रभावित हुए। पहला सफल सूती वस्त्र उद्योग 1854 में मुंबई में स्थापित हुआ।

सूती वस्त्र उद्योग महाराष्ट्र और गुजरात के कपास उत्पादन क्षेत्रों में केंद्रित है। उद्योग के विकास में कपास की उपलब्धता, बाजार, परिवहन, श्रम, जलवायु जैसे कारक महत्वपूर्ण हैं। इस उद्योग से जुड़े अनेक लोग जैसे कृषक, कताई करने वाले, रंगाई करने वाले आदि इससे जीविका प्राप्त करते हैं। इससे रसायन, रंजक, पैकेजिंग और इंजीनियरिंग उद्योगों का भी विकास होता है।

कताई कार्य महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु में केंद्रित है, जबकि बुनाई विकेंद्रीकृत है। भारत में कताई विश्व स्तर की है, पर बुना वस्त्र कम गुणवत्ता का होता है क्योंकि उच्च स्तरीय धागे का उपयोग कम होता है। हथकरघा उद्योग खादी के रूप में कुटीर उद्योग है जो ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार प्रदान करता है। महात्मा गांधी ने खादी और सूत कातने पर बल दिया ताकि ग्रामीण रोजगार बढ़े।

पटसन उद्योग भारत का प्रमुख उद्योग है, मुख्यतः पश्चिम बंगाल में स्थित है। पहला पटसन उद्योग 1855 में कोलकाता के निकट रिशरा में लगा। 1947 के विभाजन के बाद अधिकांश पटसन क्षेत्र बांग्लादेश में चला गया। हुगली नदी तट पर उद्योग के लिए कच्चे माल की उपलब्धता, जल परिवहन, सस्ते श्रमिक और बाजार की निकटता जैसे कारण हैं।

चीनी उद्योग में भारत विश्व में दूसरा स्थान रखता है। यह उद्योग गन्ने से चीनी बनाता है और उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि राज्यों में फैला है। यह उद्योग मौसमी होता है और सहकारी समितियों के लिए उपयुक्त है।

📊 Diagram: चित्र 6.1 – वस्त्र उद्योग में अतिरिक्त मूल्य उत्पाद; भारत – सूती, ऊनी तथा रेशम वस्त्र उद्योगों का वितरण

🧪 Activity: कच्चे माल और तैयार माल की मात्रा और भार के आधार पर विभिन्न वस्तुओं को दो वर्गों में विभाजित करें।

🔗 Connection: यह खनिज आधारित उद्योगों के परिचय की ओर बढ़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनन के समय युग्मनज का नर या मादा में विकास _________ कहलाता है।

लिंग निर्धारण

मानव में अलैंगिक गुणसूत्रों के कितने जोड़े होते हैं?

22 जोड़े

वर्णान्धता (Colour blindness) एक अप्रभावी X-संबंधित विकार है जिसमें मानव लाल और हरे वर्ण में अंतर करने में असक्षम होता है। अक्षय वर्णांध हैं। उनके बेटे को उनसे वर्णान्धता वंशानुक्रम में प्राप्त होने की क्या संभावना है?

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युग्मनज की निम्नलिखित में से किस अवस्था के परिणामस्वरूप नर शिशु का जन्म होगा?

एक X-गुणसूत्र और एक Y-गुणसूत्र

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