Management of Support Services, Institutions and Programmes for Children, Youth and Elderly
Management of Support Services, Institutions and Programmes for Children, Youth and Elderly — Study Notes
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बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों के लिए सहायक सेवाओं, संस्थानों और कार्यक्रमों का प्रबंधन
Explanationबच्चों, युवाओं और वृद्धजनों के लिए सहायक सेवाओं, संस्थानों और कार्यक्रमों का प्रबंधन
यह अध्याय बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों के लिए सहायक सेवाओं, संस्थानों और कार्यक्रमों के प्रबंधन की आवश्यकता, महत्व और उनके संचालन से संबंधित है। परिवार समाज की मूल इकाई है, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के सदस्य होते हैं जैसे माता-पिता, बच्चे, दादा-दादी आदि। परिवार सदस्यों की आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करता है, लेकिन सभी आवश्यक सेवाएँ प्रदान नहीं कर पाता। इसलिए समाज में विद्यालय, अस्पताल, प्रशिक्षण केंद्र आदि जैसे संस्थान बनाए जाते हैं जो विशिष्ट सेवाएँ प्रदान करते हैं। भारत में गरीबी, संसाधनों की कमी, असमानता आदि कारणों से अनेक परिवार अपने सदस्यों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ होते हैं। बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों को संवेदनशील समूह माना जाता है क्योंकि वे प्रतिकूल परिस्थितियों से अधिक प्रभावित होते हैं। सरकार और गैर-सरकारी संगठन इन समूहों के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाते हैं ताकि उनकी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इस अध्याय में इन समूहों की संवेदनशीलता, उपलब्ध कार्यक्रम, प्रबंधन के कौशल और करियर के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
- परिवार समाज की मूल इकाई है, लेकिन सभी आवश्यक सेवाएँ प्रदान नहीं कर पाता।
- समाज में विद्यालय, अस्पताल, प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थान बनाए जाते हैं।
- भारत में गरीबी और संसाधनों की कमी के कारण अनेक परिवार असमर्थ हैं।
- बच्चे, युवा और वृद्धजन संवेदनशील समूह हैं।
- सरकार और गैर-सरकारी संगठन इनके लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाते हैं।
- अध्याय में प्रबंधन के कौशल और करियर अवसरों पर भी चर्चा है।
- 📌 परिवार: समाज की मूल इकाई जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के सदस्य होते हैं।
- 📌 संवेदनशील समूह: वे समूह जो प्रतिकूल परिस्थितियों से अधिक प्रभावित होते हैं।
- 📌 सहायक सेवाएँ: विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने वाली सेवाएँ।
मूलभूत संकल्पनाएँ
Conceptमूलभूत संकल्पनाएँ
इस अनुभाग में बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों को संवेदनशील समूह क्यों माना जाता है, इसका विश्लेषण किया गया है। संवेदनशीलता का अर्थ है कि ये समूह प्रतिकूल परिस्थितियों से अधिक प्रभावित होते हैं। बच्चों की संवेदनशीलता उनके तीव्र विकास के कारण होती है, जिसमें भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य देखभाल, प्रेम और प्रोत्साहन की आवश्यकताएँ शामिल हैं। कुछ बच्चे विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों में रहते हैं, जिससे उनकी मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी नहीं हो पातीं। किशोर न्याय अधिनियम 2000 बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। युवाओं की संवेदनशीलता उनके जैविक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों के कारण होती है। वे शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए उपयुक्त अवसरों के अभाव में तनावग्रस्त हो सकते हैं। वृद्धजनों की संवेदनशीलता उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक परिवर्तनों के कारण होती है। वे स्वास्थ्य समस्याओं, अकेलेपन, आर्थिक निर्भरता और पारिवारिक समर्थन की कमी से प्रभावित होते हैं। इस प्रकार, ये तीनों समूह विशेष देखभाल और संरक्षण के पात्र हैं।
- संवेदनशीलता का अर्थ है प्रतिकूल परिस्थितियों से अधिक प्रभावित होना।
- बच्चे तीव्र विकास की अवस्था में होते हैं और उनकी आवश्यकताएँ व्यापक होती हैं।
- कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे अधिक संवेदनशील होते हैं।
- किशोर न्याय अधिनियम 2000 बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए कानूनी प्रावधान करता है।
- युवा जैविक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों के कारण संवेदनशील होते हैं।
- वृद्धजन शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कारणों से संवेदनशील होते हैं।
- 📌 संवेदनशील समूह: वे समूह जो प्रतिकूल परिस्थितियों से अधिक प्रभावित होते हैं।
- 📌 किशोर न्याय अधिनियम 2000: बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए कानूनी ढांचा।
- 📌 आजीविका: जीवन यापन के साधन।
संस्थागत कार्यक्रम और बच्चों के लिए पहल
Explanationसंस्थागत कार्यक्रम और बच्चों के लिए पहल
इस अनुभाग में बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और संस्थानों का विवरण दिया गया है। भारत सरकार की समेकित बाल विकास सेवाएँ (आई.सी.डी.एस.) विश्व का सबसे बड़ा प्रारंभिक बाल्यावस्था
Practice Questions — Management of Support Services, Institutions and Programmes for Children, Youth and Elderly
Includes NCERT exercise questions with answers
Q1.2. निम्नलिखित के संदर्भ में स्वयं को समझना — (a) विकासीय मानदंड (b) हम उम्र साथी, पुरुष और स्त्री दोनों तरह के (c) स्वास्थ्य की स्थिति (d) पोशाक की साइज़िंग
Answer:
इस प्रश्न में स्वयं को समझने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार करना होगा: (a) विकासीय मानदंड: अपने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के मानदंडों को समझना, जैसे कि उम्र के अनुसार विकास की अपेक्षाएँ। (b) हम उम्र साथी, पुरुष और स्त्री दोनों तरह के: अपने हम उम्र साथियों के साथ तुलना करना और उनके व्यवहार, रुचि, और विकास की स्थिति को समझना। (c) स्वास्थ्य की स्थिति: अपनी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करना, जैसे कि शारीरिक फिटनेस, बीमारियाँ, और स्वास्थ्य संबंधी आदतें। (d) पोशाक की साइज़िंग: अपने शरीर के अनुसार उपयुक्त कपड़ों का चयन करना, जो आरामदायक और उपयुक्त हो।
Explanation:
प्रत्येक उपखंड के लिए स्वयं के बारे में जानकारी इकट्ठा करें और उसका विश्लेषण करें। यह आत्म-विश्लेषण व्यक्तिगत विकास और सामाजिक समायोजन में सहायक होता है।
Q2.3. (a) अपने दिन के आहार का रिकॉर्ड बनाएँ (b) उपयुक्तता के लिए मात्रात्मक मूल्यांकन
Answer:
(a) दिन के आहार का रिकॉर्ड बनाने के लिए दिन भर में खाए गए सभी खाद्य पदार्थों और उनकी मात्राओं को लिखें। (b) मात्रात्मक मूल्यांकन में पोषक तत्वों की मात्रा, कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन आदि की तुलना मानक आहार से करें और देखें कि आहार संतुलित है या नहीं।
Explanation:
आहार रिकॉर्डिंग से आहार की आदतों का पता चलता है और मात्रात्मक मूल्यांकन से पोषण की गुणवत्ता का आकलन होता है।
Q3.4. (a) दिन में उपयोग में लिए जाने वाले कपड़ों और पोशाकों का रिकॉर्ड बनाएँ (b) उनका उपयोगिकता की दृष्टि से वर्गीकरण करें
Answer:
(a) दिन भर में पहने गए कपड़ों और पोशाकों की सूची बनाएं, जैसे कि सुबह का कपड़ा, शाम का कपड़ा आदि। (b) उपयोगिता के अनुसार कपड़ों को दैनिक उपयोग, विशेष अवसर, आरामदायक, औपचारिक आदि वर्गों में विभाजित करें।
Explanation:
यह अभ्यास कपड़ों के उपयोग और उनकी उपयुक्तता को समझने में मदद करता है।
Q4.5. (a) समय के उपयोग और कार्य संबंधी एक दिन की गतिविधियों का रिकॉर्ड बनाएँ। (b) अपने लिए एक समय-योजना तैयार करें।
Answer:
(a) दिन भर की सभी गतिविधियों जैसे पढ़ाई, भोजन, आराम, खेल आदि का समय सहित रिकॉर्ड बनाएं। (b) इस रिकॉर्ड के आधार पर एक प्रभावी समय-योजना बनाएं जिसमें प्रत्येक कार्य के लिए उचित समय निर्धारित हो।
Explanation:
समय प्रबंधन के लिए यह अभ्यास आवश्यक है जिससे कार्यों का संतुलित और प्रभावी निष्पादन हो सके।
Q5.6. (a) एक दिन के लिए विभिन्न संदर्भों में अपने संवेगों को रिकॉर्ड करें। (b) इन संवेगों के कारणों और इनसे निपटने के तरीकों पर विमर्श करें।
Answer:
(a) दिन भर में विभिन्न परिस्थितियों में अनुभव किए गए भावनाओं जैसे खुशी, गुस्सा, चिंता आदि को लिखें। (b) प्रत्येक भावना के कारणों का विश्लेषण करें और उनसे निपटने के लिए अपनाए गए उपायों पर चर्चा करें।
Explanation:
यह अभ्यास भावनात्मक जागरूकता और नियंत्रण विकसित करने में मदद करता है।
Q6.7. मुद्रण और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से प्राप्त पाँच संदेशों की सूची बनाएँ और चर्चा करें, जिन्होंने आपको प्रभावित किया है।
Answer:
मुद्रण और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से प्राप्त पाँच प्रभावशाली संदेशों की सूची बनाएं, जैसे कि स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, सामाजिक समता आदि। प्रत्येक संदेश के प्रभाव और महत्व पर चर्चा करें।
Explanation:
यह प्रश्न संप्रेषण कौशल और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए है।
Q7.8. निम्नलिखित पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से जानकारी इकट्ठा करें और उन पर विवेचनात्मक चर्चा करें— (a) वर्जित, ब्रत और उत्सव संबंधी खाद्य पदार्थों सहित भोजन पद्धतियाँ (b) अनुष्ठानों, कर्मकांडों और व्यवसाय से संबंधित पहनावे (c) प्रारंभिक वर्षों में बच्चे की देखभाल की पद्धतियाँ (d) उत्सव संबंधी और विशेष अवसरों पर संप्रेषण के पारंपरिक रूप
Answer:
भारत के विभिन्न क्षेत्रों से उपरोक्त विषयों पर जानकारी इकट्ठा करें। (a) वर्जित, ब्रत और उत्सवों में खाए जाने वाले विशिष्ट खाद्य पदार्थों और भोजन की पद्धतियों का वर्णन करें। (b) विभिन्न अनुष्ठानों, कर्मकांडों और व्यवसायों से जुड़े पहनावे की जानकारी दें। (c) बच्चों की प्रारंभिक देखभाल की पारंपरिक और आधुनिक पद्धतियों पर चर्चा करें। (d) उत्सवों और विशेष अवसरों पर संप्रेषण के पारंपरिक माध्यमों जैसे गीत, नृत्य, वाद्य आदि का वर्णन करें।
Explanation:
यह प्रश्न सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक व्यवहार को समझने के लिए है।
Q8.9. निम्नलिखित के साथ सहमति और असहमति के 4–5 क्षेत्रों की सूची बनाएँ और उस पर चर्चा करें— (a) माँ (b) पिता (c) बहन-भाई (d) मित्र (e) शिक्षक आप सामंजस्य और पारस्परिक स्वीकृति की स्थिति में पहुँचने के लिए असहमतियों को किस प्रकार सुलझाएँगे?
Answer:
प्रत्येक संबंध में सहमति और असहमति के 4-5 क्षेत्रों की सूची बनाएं, जैसे कि विचार, आदतें, जिम्मेदारियाँ आदि। सहमति और असहमति के कारणों का विश्लेषण करें। असहमति को सुलझाने के लिए संवाद, समझौता, सहानुभूति, और पारस्परिक सम्मान जैसे उपाय अपनाएं।
Explanation:
यह प्रश्न पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए है।
All 7 Chapters in Manav Paristhitik avam Parivar Vigyan Bhag 1
Home Science · Class 12