NCERTCh 4Free

Link Panoramic view of har ki pauri view2.jpg (Auther: kumravels)

🎓 Class 8📖 Malhar📖 7 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~11 min

Link Panoramic view of har ki pauri view2.jpg (Auther: kumravels)Study Notes

NCERT-aligned · 7 notes · 3 shown free

परिचय

Explanation

परिचय

इस अध्याय में हम 'हर की पौड़ी' के बारे में विस्तार से जानेंगे, जो हरिद्वार में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। हर की पौड़ी गंगा नदी के किनारे स्थित है और हिन्दू धर्म में इसका विशेष महत्व है। यहाँ पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु स्नान करने आते हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यहाँ स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। अध्याय में हर की पौड़ी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को समझाया गया है। साथ ही, यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक अनुष्ठानों का भी वर्णन है। इस परिचय में हम हर की पौड़ी के स्थान, उसकी विशेषताएँ और यहाँ होने वाले प्रमुख धार्मिक कार्यों का अवलोकन करेंगे।

  • हर की पौड़ी हरिद्वार में स्थित है, जो गंगा नदी के किनारे है।
  • यह हिन्दू धर्म में एक पवित्र स्थान माना जाता है।
  • श्रद्धालु यहाँ स्नान करने आते हैं ताकि उनके पाप धुल जाएं।
  • यहाँ पर धार्मिक अनुष्ठान और आरती का आयोजन होता है।
  • हर की पौड़ी का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है।
  • 📌 हर की पौड़ी: गंगा नदी के किनारे स्थित पवित्र घाट।
  • 📌 गंगा स्नान: पापों को धोने के लिए गंगा नदी में स्नान।
  • 📌 आरती: धार्मिक अनुष्ठान जिसमें दीप जलाए जाते हैं।

धार्मिक महत्व

Explanation

धार्मिक महत्व

हर की पौड़ी का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। हिन्दू धर्म के अनुसार, गंगा नदी पवित्र नदी है और यहाँ स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं। हर की पौड़ी को गंगा का सबसे पवित्र घाट माना जाता है। यहाँ पर प्रतिदिन गंगा आरती का आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालु दीपक जलाकर भगवान गंगा की पूजा करते हैं। इस घाट का नाम 'हर की पौड़ी' इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ भगवान शिव (हर) ने अपने पैर रखे थे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, यहाँ कई धार्मिक पर्व और मेले भी आयोजित होते हैं, जैसे कुंभ मेला, जो विश्व प्रसिद्ध है। इस भाग में हम हर की पौड़ी के धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा विधियों और श्रद्धालुओं के विश्वासों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

  • हर की पौड़ी को गंगा नदी का सबसे पवित्र घाट माना जाता है।
  • यहाँ गंगा आरती प्रतिदिन आयोजित होती है।
  • भगवान शिव से जुड़ी मान्यता के कारण इसका नाम 'हर की पौड़ी' पड़ा।
  • यहाँ स्नान करने से पाप धुलने और मोक्ष प्राप्ति की मान्यता है।
  • कुंभ मेला जैसे धार्मिक आयोजन यहाँ होते हैं।
  • 📌 गंगा आरती: गंगा नदी की पूजा के लिए दीप जलाने की विधि।
  • 📌 कुंभ मेला: चार वर्षों में एक बार होने वाला विशाल धार्मिक मेला।
  • 📌 मोक्ष: जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

Explanation

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

हर की पौड़ी का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। यह स्थल वैदिक काल से ही धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। पुराणों में भी हर की पौड़ी का उल्लेख मिलता है, जहाँ भगवान शिव ने अपने पैर रखे थे। इतिहासकारों के अनुसार, यह स्थान कई राजाओं और सम्राटों द्

Practice QuestionsLink Panoramic view of har ki pauri view2.jpg (Auther: kumravels)

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.(ग) इस रचना में हरिश्चंद्र जी ने कहीं-कहीं प्राचीन वर्तनी का प्रयोग किया है, जैसे— शिखर के लिए शिष्य, यात्रियों के लिए जात्रियों। ऐसे शब्दों की सूची बनाइए। आप इन शब्दों को कैसे लिखते हैं? कक्षा में चर्चा कीजिए।

Answer:

प्राचीन वर्तनी वाले शब्दों की सूची बनाएं, जैसे— शिष्य (शिखर), जात्रियों (यात्रियों)। इन शब्दों को आधुनिक हिंदी में सही रूप में लिखें जैसे— शिखर, यात्रियों। कक्षा में इस विषय पर चर्चा करें।

Explanation:

प्राचीन वर्तनी और आधुनिक वर्तनी में अंतर समझें। उदाहरणों के आधार पर सही शब्दों को पहचानें और लिखें।

MediumNCERT
Q2.1. “मैंने गंगा जी के तट पर रसोई करके... भोजन किया।” क्या आपने कभी खुले वातावरण में या प्रकृति के पास भोजन किया है? वह अनुभव घर के खाने से कैसे भिन्न था?

Answer:

खुले वातावरण में भोजन करने का अनुभव घर के खाने से अलग होता है। प्रकृति की ताजगी, खुली हवा, और प्राकृतिक वातावरण भोजन को और भी स्वादिष्ट और आनंददायक बनाते हैं। घर में भोजन आरामदायक होता है, लेकिन बाहर भोजन करने से मन को शांति और आनंद मिलता है।

Explanation:

व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर उत्तर दें। खुले वातावरण में भोजन के लाभ और अनुभव को समझाएं।

EasyNCERT
Q3.2. “उस समय के पत्थर पर का भोजन का सुख सोने की थाल के भोजन से कहीं बढ़ के था।” आपके जीवन में ऐसा कोई क्षण आया, जब किसी सामान्य-सी वस्तु ने आपको गहरा सुख दिया हो? उसके बारे में बताइए।

Answer:

जीवन में कई बार साधारण वस्तुएं भी गहरा सुख देती हैं, जैसे परिवार के साथ बिताया समय, प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेना आदि। उदाहरण स्वरूप, किसी साधारण भोजन या प्राकृतिक दृश्य ने मन को प्रसन्न किया हो तो उसका वर्णन करें।

Explanation:

व्यक्तिगत अनुभव साझा करें और साधारण वस्तु से मिलने वाले सुख को समझाएं।

EasyNCERT
Q4.3. “हर तरफ पवित्रता और प्रसन्नता बिखरी हुई थी।” आपको किस स्थान पर पवित्रता और प्रसन्नता का अनुभव होता है? क्या कोई ऐसा स्थान है जहाँ जाते ही मन शांत हो गया हो? उस स्थान की कौन-सी बातें आपको अच्छी लगीं?

Answer:

व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर उत्तर दें। उदाहरण के लिए, मंदिर, प्रकृति स्थल, या कोई शांत जगह जहाँ जाकर मन को शांति और प्रसन्नता मिली हो। उस स्थान की विशेषताएं जैसे वातावरण, स्वच्छता, प्राकृतिक सुंदरता आदि बताएं।

Explanation:

अपने अनुभवों को विस्तार से लिखें और पवित्रता व प्रसन्नता के कारणों को समझाएं।

EasyNCERT
Q5.4. पाठ में वर्णित है, यहाँ के वृक्ष “फल, फूल, गंध... जले पर भी कोयले और राख से लोगों का मनोर्थ पूर्ण करते हैं।” क्या आपके जीवन में कोई पेड़, फूल या प्राकृतिक वस्तु है जिससे आप विशेष जुड़ाव महसूस करते हैं? क्यों?

Answer:

व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर उत्तर दें। उदाहरण स्वरूप, कोई ऐसा पेड़ या फूल जिससे बचपन से लगाव हो, या जो किसी खास घटना से जुड़ा हो। कारण बताएं कि वह वस्तु आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है।

Explanation:

अपने अनुभव और भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।

EasyNCERT
Q6.(क) 5 मिनट ध्यान लगाकर या मौन बैठकर अपने आस-पास की ध्वनियों को सुनिए, अपनी श्वास पर ध्यान दीजिए तथा ध्यान को केंद्रित करने का प्रयास कीजिए। इस अनुभव के विषय में एक अनुच्छेद लिखिए।

Answer:

ध्यान लगाते समय मैंने अपने आस-पास की ध्वनियों को सुना, जैसे पक्षियों की चहचहाहट, हवा की सरसराहट। अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित किया जिससे मन शांत हुआ। यह अभ्यास मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक था।

Explanation:

ध्यान के दौरान अनुभवों का वर्णन करें और ध्यान के लाभ बताएं।

MediumNCERT
Q7.(ख) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अपने विद्यालय के कार्यक्रमों को बताने के लिए एक ‘सूचना’ लिखिए जिसे सूचना-पट पर लगाया जा सके।

Answer:

सूचना: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हमारे विद्यालय में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सभी छात्र एवं शिक्षक दिनांक ___ को प्रातः 7 बजे विद्यालय प्रांगण में उपस्थित हों। योग के माध्यम से स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त करें।

Explanation:

सूचना लिखने के नियमों का पालन करें, विषय स्पष्ट हो और आवश्यक विवरण शामिल हों।

MediumNCERT
Q8.(क) एक पौधा लगाइए और उसकी देखभाल कीजिए ताकि वह कुछ वर्षों में बड़ा पेड़ बन सके। उसे एक नाम दीजिए और उसका मित्र बनिए।

Answer:

मैंने एक नीम का पौधा लगाया और उसका नाम 'हरित मित्र' रखा। मैं रोज पानी देता हूँ, मिट्टी की जुताई करता हूँ और पौधे को कीटों से बचाता हूँ। उसकी देखभाल से वह स्वस्थ और बड़ा हो रहा है।

Explanation:

पौधे की देखभाल के तरीकों और नियमितता का वर्णन करें।

EasyNCERT