Chapter 9
Chapter 9 — अध्ययन नोट्स
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परावर्तन की घटना
व्याख्यापरावर्तन की घटना
परावर्तन वह घटना है जिसमें प्रकाश की किरण किसी द्रव्यमान की सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट आती है। जब प्रकाश की किरण किसी चिकनी और समतल सतह जैसे दर्पण से टकराती है, तो वह सतह से वापस उसी माध्यम में परावर्तित होती है। परावर्तन के दो मुख्य नियम होते हैं: पहला, परावर्तित किरण, परावर्तन सतह के सामान्य के सापेक्ष उसी कोण पर परावर्तित होती है जिस कोण पर वह सतह से टकराई थी (अर्थात्, परावर्तन कोण = आपतन कोण)। दूसरा, आपतन किरण, परावर्तन किरण और सतह का सामान्य एक ही तल में होते हैं। यह नियम प्रकाश के परावर्तन की घटना को समझने के लिए आधारभूत हैं। परावर्तन की यह घटना हमें दर्पणों में प्रतिबिंब देखने में मदद करती है। परावर्तन की प्रक्रिया में सतह की चिकनाई और प्रकाश की किरण की दिशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि सतह खुरदरी हो तो प्रकाश की किरणें विभिन्न दिशाओं में बिखर जाती हैं, जिसे अपारावर्तन कहते हैं। परावर्तन की घटना का उपयोग विभिन्न उपकरणों में किया जाता है जैसे कि दर्पण, कैमरा, दूरबीन आदि।
- परावर्तन तब होता है जब प्रकाश की किरण किसी सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटती है।
- परावर्तन के दो नियम हैं: परावर्तन कोण = आपतन कोण, और आपतन किरण, परावर्तन किरण तथा सतह का सामान्य एक ही तल में होते हैं।
- चिकनी सतहों से परावर्तन होता है, खुरदरी सतहों से अपारावर्तन होता है।
- परावर्तन की घटना दर्पणों में प्रतिबिंब देखने के लिए आवश्यक है।
- परावर्तन प्रकाश की दिशा में परिवर्तन का कारण बनता है।
- 📌 परावर्तन: प्रकाश की किरण का किसी सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटना।
- 📌 आपतन कोण: सतह के सामान्य और आपतन किरण के बीच का कोण।
- 📌 परावर्तन कोण: सतह के सामान्य और परावर्तित किरण के बीच का कोण।
सपाट दर्पण और इसके प्रतिबिंब
व्याख्यासपाट दर्पण और इसके प्रतिबिंब
सपाट दर्पण एक समतल सतह वाला दर्पण होता है जो प्रकाश की किरणों को परावर्तित करता है। जब कोई वस्तु सपाट दर्पण के सामने रखी जाती है, तो दर्पण में उस वस्तु का प्रतिबिंब बनता है। सपाट दर्पण में प्रतिबिंब हमेशा आभासी (वास्तविक नहीं), सीधा और वस्तु के समान आकार का होता है। प्रतिबिंब वस्तु के ठीक पीछे दर्पण के समान दूरी पर बनता है। इसका अर्थ है कि वस्तु और प्रतिबिंब के बीच की दूरी दर्पण की सतह के दोनों ओर समान होती है। सपाट दर्पण के प्रतिबिंब की विशेषताएँ हैं कि प्रतिबिंब का आकार और ऊँचाई वस्तु के समान होती है, और प्रतिबिंब की दिशा वस्तु की दिशा के समान होती है। सपाट दर्पण का उपयोग रोजमर्रा के जीवन में दर्पण के रूप में किया जाता है, जैसे कि शेविंग मिरर, मेकअप मिरर आदि। इसके अलावा, सपाट दर्पण प्रकाश की किरणों को परावर्तित कर दिशा बदलने के लिए भी उपयोगी होते हैं।
- सपाट दर्पण की सतह समतल होती है।
- प्रतिबिंब आभासी, सीधा और वस्तु के समान आकार का होता है।
- प्रतिबिंब वस्तु के ठीक पीछे दर्पण की सतह से समान दूरी पर बनता है।
- प्रतिबिंब की दिशा वस्तु की दिशा के समान होती है।
- सपाट दर्पण का उपयोग रोजमर्रा के जीवन में बहुतायत से होता है।
- 📌 सपाट दर्पण: समतल सतह वाला दर्पण जो प्रकाश की किरणों को परावर्तित करता है।
- 📌 प्रतिबिंब: किसी वस्तु की छवि जो दर्पण में बनती है।
- 📌 आभासी प्रतिबिंब: ऐसा प्रतिबिंब जो वास्तविक नहीं होता और दर्पण के पीछे बनता है।
गोल दर्पण और उनके प्रकार
व्याख्यागोल दर्पण और उनके प्रकार
गोल दर्पण वे दर्पण होते हैं जिनकी परावर्तित सतह गोलाकार होती है। गोल दर्पण दो प्रकार के होते हैं: अवतल दर्पण और उत्तल दर्पण। अवतल दर्पण की परावर्तित सतह अंदर की ओर वक्र होती है, जबकि उत्तल दर्पण की परावर्तित सतह बाहर की ओर वक्र होती है। अवतल दर्पण प्
अभ्यास प्रश्न — Chapter 9
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.ओजोन का एक अणु ऑक्सीजन के ________ परमाणुओं से निर्मित होता है।
उत्तर:
3
व्याख्या:
[{"id": "2e84b403-1a27-43e0-8788-e110038a6735", "type": "html", "value": " ओजोन का एक अणु ऑक्सीजन के 3 परमाणुओं से निर्मित होता है। अतः विकल्प 3 सही उत्तर है। "}]
Q2.वायुमंडल के ऊपरी स्तर में विभिन्न कारकों के कारण, पृथ्वी की ओजन परत अपक्षयित हो रही है, इसे ______________ कहा जाता है।
उत्तर:
ओजोन परत अपक्षयन
व्याख्या:
[{"id": "3c776c14-bdb0-47ab-af85-505b4e028cb2", "type": "html", "value": " वायुमंडल के ऊपरी स्तर में विभिन्न कारकों के कारण, पृथ्वी की ओजन परत अपक्षयित हो रही है, इसे 'ओजोन परत अपक्षयन' कहा जाता है "}]
Q3.निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प ओजोन परत के अपक्षयन का प्रभाव नहीं है?
उत्तर:
पेप्सिन अल्सर
व्याख्या:
[{"id": "8dc84c22-3a9c-406f-8cac-a1893d803710", "type": "html", "value": " पेप्सिन अल्सर ओजोन परत के अपक्षयन का प्रभाव नहीं है। अन्य सभी विकल्प ओजोन परत के अपक्षयन का प्रभाव हैं। "}]
Q4.निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प प्रकाश संश्लेषण प्रक्रम की सहायता द्वारा पर्यावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के संतुलन को प्रबंधित रखता है?
उत्तर:
पादप प्लवक (Phytoplankton)
व्याख्या:
[{"id": "500f82c5-9b4a-40ce-80de-ce33bed5c864", "type": "html", "value": " पादप प्लवक' प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया की सहायता से पर्यावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के संतुलन को प्रबंधित रखता है। "}]
Q5.निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सा विकल्प ओजोन परत के अपक्षयन के लिए उत्तरदायी है?
उत्तर:
क्लोरो फ्लोरो कार्बन
व्याख्या:
[{"id": "0179d685-b680-4350-85f2-e2b7a48b316b", "type": "html", "value": " निम्नलिखित विकल्पों में से ,'क्लोरो फ्लोरो कार्बन' ओजोन परत के अपक्षयन के लिए उत्तरदायी है। "}]
Q6.ओजोन परत के अपक्षयन के रोकथाम के लिए निम्नलिखित विकल्पों में से कौन से विकल्प का उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर:
सार्वजनिक परिवहन द्वारा यात्रा करना
व्याख्या:
[{"id": "5a85418b-a976-46e9-a56b-dbf6dea83875", "type": "html", "value": " दिए गए विकल्पों में से ओजोन परत के अपक्षयन के रोकथाम के लिए 'सार्वजनिक परिवहन द्वारा यात्रा' उपयोगी रहेगा। "}]
Q7.राहुल को एक दिन में संभवंत 10 घंटे बाहर काम करना पड़ता है। 4 वर्षों के पश्चात उन्हें त्वचा कैंसर हो गया। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इसका संभावित कारण हो सकता है?
उत्तर:
ओजोन परत का अपक्षयन
व्याख्या:
[{"id": "5468ecae-bd81-4065-8955-e09d72a60ed3", "type": "html", "value": " ओजोन परत के अपक्षयन से त्वचा कैंसर, आंखों का कैंसर तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी होती है । अतः विकल्प 2 सही विकल्प है। "}]
Q8.निम्नलिखित में से कौन सा तत्वों का समुच्चय उनके आरोही धात्विक अभिलक्षण के क्रम में लिखा गया है?
उत्तर:
Be Mg Ca
व्याख्या:
[{"id": "9a522a1b-ca6b-419a-b1e0-17e14cee5ca9", "type": "html", "value": " धात्विक अभिलक्षण आवर्त के अनुदिश घटता है और समूह में नीचे की ओर बढ़ता है। अतः Be Mg Ca में धात्विक अभिलक्षण बढ़ता है। "}]