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Chapter 9

🎓 Class 6📖 Ganita Prakash (Hindi)📖 12 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~18 मिनट
Chapter 8अध्याय 9 / 10Chapter 10

Chapter 9अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 12 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

सममिति

अवधारणा

सममिति

सममिति एक ऐसा गुण है जिसमें कोई आकृति या वस्तु अपने किसी विशेष रेखा या बिंदु के सापेक्ष इस तरह व्यवस्थित होती है कि वह रेखा या बिंदु के पार उसकी छवि उसी आकृति की तरह दिखती है। जब हम अपने आस-पास की वस्तुओं को देखते हैं, तो हमें कई ऐसी वस्तुएँ मिलती हैं जिनमें सममिति पाई जाती है। उदाहरण के लिए, फूल, तितली, रंगोली, और फिरकी जैसी आकृतियाँ। ये सभी आकृतियाँ अपने कुछ भागों को दोहराती हैं और एक निश्चित पैटर्न में व्यवस्थित होती हैं। सममिति का अर्थ है कि आकृति के कुछ भाग एक निश्चित नियम के अनुसार दोहराए जाते हैं। फूल को यदि हम किसी भी दिशा से देखें, तो वह हर तरफ से सुंदर और आकर्षक दिखाई देता है। इसका कारण यह है कि फूल की पंखुड़ियाँ एक निश्चित पैटर्न में दोहराई गई हैं। इसी प्रकार, तितली के दोनों पंखों में रंगों और आकृतियों का दोहराव होता है, जो इसे सममित बनाता है। रंगोली और फिरकी में भी दोहराव और पैटर्न होते हैं, जो सममिति को दर्शाते हैं। कुछ प्राकृतिक वस्तुएँ जैसे बादल, सममित नहीं होतीं क्योंकि उनमें कोई निश्चित दोहराव वाला पैटर्न नहीं होता। इसके विपरीत, मानव निर्मित संरचनाएँ जैसे ताजमहल और गोपुरम में भी सममिति के सुंदर उदाहरण मिलते हैं। ये संरचनाएँ अपनी बनावट में सममित होती हैं, जिससे उनकी सुंदरता और आकर्षण बढ़ता है। **Table on page 24 (7×8)** | | | | | | | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | |

  • सममिति का अर्थ है आकृति के भागों का निश्चित पैटर्न में दोहराव।
  • प्राकृतिक और मानव निर्मित वस्तुओं में सममिति पाई जाती है।
  • फूल, तितली, रंगोली, और फिरकी सममित आकृतियाँ हैं।
  • बादल जैसी आकृतियाँ सममित नहीं होतीं।
  • सममिति से वस्तुओं की सुंदरता और आकर्षण बढ़ता है।
  • 📌 सममिति: आकृति के भागों का निश्चित पैटर्न में दोहराव।
  • 📌 पैटर्न: दोहराए जाने वाला डिज़ाइन या व्यवस्था।

9.1 सममिति की रेखा

परिभाषा

9.1 सममिति की रेखा

सममिति की रेखा वह काल्पनिक रेखा होती है जो किसी आकृति को दो भागों में इस प्रकार बाँटती है कि जब हम आकृति को उस रेखा के अनुदिश मोड़ते हैं, तो दोनों भाग पूरी तरह से एक-दूसरे को ढक लेते हैं। इसे सममिति की अक्ष भी कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि एक त्रिभुज की सममिति की रेखा उसके बीच से गुजरती है और जब हम त्रिभुज को उस रेखा के अनुसार मोड़ते हैं, तो त्रिभुज का एक भाग दूसरे भाग को पूरी तरह से ढक लेता है। इस स्थिति में वह रेखा सममिति की रेखा कहलाती है। यदि किसी आकृति में कोई ऐसी रेखा नहीं है जो इसे दो बराबर भागों में बाँट सके, तो उस आकृति में सममिति की रेखा नहीं होती। उदाहरण के लिए, बादल की आकृति में सममिति की रेखा नहीं होती क्योंकि उसे किसी भी रेखा के अनुसार मोड़ने पर दोनों भाग पूरी तरह मेल नहीं खाते। सममिति की रेखाओं को पहचानने के लिए कागज मोड़ने की विधि सरल और प्रभावी है। कागज को मोड़कर देखें कि क्या दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह से ढकते हैं। यदि हाँ, तो मोड़ की रेखा सममिति की रेखा है।

  • सममिति की रेखा वह रेखा है जो आकृति को दो बराबर भागों में बाँटती है।
  • मोड़े जाने पर दोनों भाग पूरी तरह से एक-दूसरे को ढकते हैं।
  • कागज मोड़कर सममिति की रेखा को पहचाना जा सकता है।
  • कुछ आकृतियों में सममिति की रेखा नहीं होती।
  • सममिति की रेखा को सममिति की अक्ष भी कहा जाता है।
  • 📌 सममिति की रेखा: वह रेखा जिसके अनुसार आकृति के दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह ढकते हैं।
  • 📌 मोड़ना: आकृति को किसी रेखा के अनुदिश पलटना।

एक से अधिक सममिति की रेखाओं की आकृतियाँ

अवधारणा

एक से अधिक सममिति की रेखाओं की आकृतियाँ

कुछ आकृतियों में एक से अधिक सममिति की रेखाएँ होती हैं। उदाहरण के लिए, एक वर्ग में चार सममिति की रेखाएँ होती हैं — दो विकर्ण और दो मध्य रेखाएँ (ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज)। कागज के एक चौकोर टुकड़े को विभिन्न तरीकों से मोड़कर हम इसकी सममिति की सभी रेखाओं को

अभ्यास प्रश्नChapter 9

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - सममिती निम्नलिखित अक्षरों में से किसमें कोई सममित रेखा नहीं है?
A.T
B.X
C.E
D.N

उत्तर:

N

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Q2.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - सममिती एक वर्ग में निम्न में कितनी सममित रेखाएं होती हैं?
A.2
B.1
C.4
D.3

उत्तर:

4

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Q3.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - सममिती एक वृत में निम्न में से कितनी सममिती रेखाएं होती है?
A.0
B.1
C.2
D.असीमित सममित रेखाएं

उत्तर:

असीमित सममित रेखाएं

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Q4.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - सममिती निम्नलिखित में से किस अक्षर में कोई सममित रेखा नहीं है?
A.M
B.H
C.S
D.K

उत्तर:

S

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Q5.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - सममिती निम्नलिखित में से किस अक्षर में क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर दोनों ही सममित रेखाएं है?
A.X
B.E
C.M
D.K

उत्तर:

X

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Q6.यदि आकृति का एक आधा भाग, दूसरे आधे भाग को पूर्णतया ढक लेता है, तो ऐसी आकृति _____ कहलाती है।
A.सममित आकृति (Symmetric figure)
B.असममित आकृति (Asymmetric figure)
C.गैर सममित आकृति (Non symmetric figure)
D.इनमें से कोई भी नहीं ।

उत्तर:

सममित आकृति (Symmetric figure)

व्याख्या:

[{"id": "1bf08f80-9695-446d-9892-5d914bbbf452", "type": "html", "value": " यदि आकृति का एक आधा भाग, दूसरे आधे भाग को पूर्णतया ढक लेता है, तो ऐसी आकृति सममित आकृति कहलाती है। यानि कि, वह आकृति जो बराबर संतुलित अनुपात (Balanced proportions) में हों सममित आकृति (Symmetric figure) कहलाती है। "}]

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Q7.एक खेल खेलते समय, रोहन ने रिहा से निम्नलिखित अक्षरों में से सममित अक्षरों (Symmetric alphabet) को पहचानने कहा: A, B, C, D, E, F, G. रिहा कौनसा विकल्प चुनेगी?
A.A, B, C, G
B.C, D, E, F
C.A, C, D, E
D.C, D, E, F, G

उत्तर:

A, C, D, E

व्याख्या:

[{"id": "0d2f594c-e691-41a6-a4ca-bf71b62210f5", "type": "html", "value": " "}]

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Q8.1. नीचे दिए गए वृत्त के त्रिज्याखंडों में इस प्रकार रंग भरिए कि आकृति में (i) 3 सममिति के कोण हों। (ii) 4 सममिति के कोण हों। (iii) सममिति के संभव कोणों की संख्या क्या होगी? यदि इन त्रिज्याखंडों को अलग-अलग रंगों से अलग-अलग विधियों द्वारा भरा जाए तो,

उत्तर:

उत्तर: (i) 3 सममिति के कोण होने के लिए वृत्त को 3 बराबर त्रिज्याखंडों में विभाजित करें और प्रत्येक त्रिज्याखंड को अलग रंग से भरें। इस प्रकार आकृति में 3 सममिति के कोण होंगे, जो 120° के गुणज होंगे। (ii) 4 सममिति के कोण होने के लिए वृत्त को 4 बराबर त्रिज्याखंडों में विभाजित करें और प्रत्येक त्रिज्याखंड को अलग रंग से भरें। इस प्रकार आकृति में 4 सममिति के कोण होंगे, जो 90° के गुणज होंगे। (iii) सममिति के संभव कोणों की संख्या उस वृत्त के त्रिज्याखंडों की संख्या पर निर्भर करती है। यदि वृत्त को n बराबर भागों में विभाजित किया जाए, तो सममिति के कोण 360°/n के गुणज होंगे। अतः सममिति के संभव कोणों की संख्या n होगी।

व्याख्या:

वृत्त की घूर्णन सममिति के कोण उसकी त्रिज्याखंडों की संख्या के अनुसार होते हैं। यदि वृत्त को n बराबर भागों में विभाजित किया जाए, तो प्रत्येक भाग 360°/n होगा। इसलिए, सममिति के कोण 360°/n के गुणज होंगे।

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