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Chapter 9

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Chapter 8अध्याय 9 / 12Chapter 10

Chapter 9अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 6 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

9.1 जीवा द्वारा एक बिन्दु पर अंतरित कोण

अवधारणा

9.1 जीवा द्वारा एक बिन्दु पर अंतरित कोण

इस अनुभाग में हम वृत्त की एक महत्वपूर्ण अवधारणा 'जीवा द्वारा एक बिन्दु पर अंतरित कोण' को समझेंगे। मान लीजिए कि एक रेखाखंड PQ है और एक बिन्दु R है जो इस रेखाखंड PQ पर स्थित नहीं है। अब हम PR और QR रेखाखंडों को मिलाते हैं। इस प्रकार बनने वाला कोण PRQ, रेखाखंड PQ द्वारा बिन्दु R पर अंतरित कोण कहलाता है। इसी प्रकार, यदि वृत्त के केन्द्र O पर कोण POQ बने, तो इसे जीवा PQ द्वारा केन्द्र O पर अंतरित कोण कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, यदि वृत्त पर अन्य बिन्दु R और S पर भी जीवाएँ बनाई जाएँ, तो PRQ तथा PSQ क्रमशः दीर्घ चाप PQ और लघु चाप PQ द्वारा अंतरित कोण कहलाते हैं। इस अनुभाग में यह भी समझाया गया है कि यदि वृत्त की दो या अधिक जीवाएँ बराबर हों, तो वे केन्द्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं। इसका प्रमाण त्रिभुजों के सर्वांगसम होने से दिया गया है। इस प्रमेय (प्रमेय 9.1) के अनुसार, यदि दो जीवाएँ AB और CD बराबर हैं, तो ∠AOB = ∠COD होगा। इसके विपरीत (प्रमेय 9.2) भी सत्य है, अर्थात् यदि दो जीवाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अंतरित करें, तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं। इस अनुभाग में एक क्रियाकलाप भी दिया गया है जिसमें अक्स कागज पर वृत्त की जीवाएँ काटकर उनकी बराबरी का अनुभव किया जाता है। इस प्रकार, जीवा और केन्द्र पर अंतरित कोण के बीच गहरा संबंध स्थापित होता है।

  • जीवा द्वारा एक बिन्दु पर अंतरित कोण वह कोण है जो उस बिन्दु पर जीवा के दोनों सिरों से बनता है।
  • वृत्त के केन्द्र पर अंतरित कोण को जीवा द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण कहा जाता है।
  • बराबर जीवाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं (प्रमेय 9.1)।
  • यदि दो जीवाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं, तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं (प्रमेय 9.2)।
  • त्रिभुजों के सर्वांगसम होने का उपयोग इन प्रमेयों के प्रमाण में किया गया है।
  • अक्स कागज पर क्रियाकलाप द्वारा जीवाओं की बराबरी का अनुभव किया जा सकता है।
  • 📌 जीवा: वृत्त के दो बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखाखंड।
  • 📌 अंतरित कोण: किसी रेखाखंड द्वारा किसी बिन्दु पर बनाया गया कोण।
  • 📌 सर्वांगसम त्रिभुज: वे त्रिभुज जिनके सभी पक्ष समान होते हैं।

9.2 केन्द्र से जीवा पर लम्ब

अवधारणा

9.2 केन्द्र से जीवा पर लम्ब

इस अनुभाग में हम सीखेंगे कि वृत्त के केन्द्र से किसी जीवा पर डाला गया लम्ब उस जीवा को समद्विभाजित करता है। अर्थात्, यदि OM वृत्त के केन्द्र O से जीवा AB पर डाला गया लम्ब है, तो यह जीवा AB को दो बराबर भागों में विभाजित करता है। क्रियाकलाप के माध्यम से यह सिद्ध किया गया है कि जब अक्स कागज पर वृत्त की जीवा AB को मोड़ा जाता है, तो मोड़ का निशान M पर पड़ता है और OM, AB पर लंबवत होता है। इस प्रकार, OM ⊥ AB और MA = MB होता है। इसके बाद प्रमेय 9.3 में इसे औपचारिक रूप से सिद्ध किया गया है कि केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। इसके विलोम (प्रमेय 9.4) में कहा गया है कि यदि कोई रेखा जीवा को समद्विभाजित करती है और वह केन्द्र से होकर गुजरती है, तो वह जीवा पर लंबवत होगी। इस सिद्धांत को त्रिभुजों के सर्वांगसम सिद्धांत से प्रमाणित किया गया है। इस प्रकार, केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब न केवल जीवा को दो बराबर भागों में विभाजित करता है, बल्कि उस पर लंबवत भी होता है।

  • वृत्त के केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है।
  • लम्बवत रेखा जीवा को दो बराबर भागों में विभाजित करती है।
  • अक्स कागज पर मोड़ कर इस गुण का अनुभव किया जा सकता है।
  • प्रमेय 9.3 और 9.4 में इस संबंध को सिद्ध किया गया है।
  • त्रिभुजों के सर्वांगसम सिद्धांत का उपयोग प्रमेय के प्रमाण में किया गया है।
  • विलोम प्रमेय भी सत्य है, जो समद्विभाजन और लंबवतता के बीच संबंध स्थापित करता है।
  • 📌 जीवा: वृत्त के दो बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखाखंड।
  • 📌 लम्बवत: दो रेखाओं का एक दूसरे से 90° कोण बनाना।
  • 📌 समद्विभाजित: किसी रेखा को दो बराबर भागों में विभाजित करना।

9.3 समान जीवाएँ और उनकी केन्द्र से दूरियाँ

अवधारणा

9.3 समान जीवाएँ और उनकी केन्द्र से दूरियाँ

इस अनुभाग में हम समझेंगे कि वृत्त की समान जीवाएँ केन्द्र से समान दूरी पर होती हैं और इसके विपरीत भी सत्य है। सबसे पहले यह समझाया गया है कि किसी बिन्दु P से रेखा AB पर दूरी वह लम्बाई होती है जो P से AB पर खींची गई लम्बवत रेखा PM की होती है। यह दूरी स

अभ्यास प्रश्नChapter 9

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - एक वृत्त का चाप द्वारा अंतरित कोण एक ही वृत्तखंड के कोण निम्न में से क्या होते हैं?
A.बराबर
B.पूरक
C.उपरोक्त दोनों
D.उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर:

बराबर

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Q2.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - समान जीवाएं तथा उनकी केंद्र से दूरियां एक वृत्त की जीवा की, वृत्त के केंद्र से दूरी 8 सेमी है और वृत कि त्रिज्या 17 सेमी है तो जीवा की लम्बाई निम्न में से क्या होगी?
A.25 सेमी
B.12.5 सेमी
C.30 सेमी
D.9 सेमी

उत्तर:

30 सेमी

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Q3.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - समान जीवाएं तथा उनकी केंद्र से दूरियां एक वृत्त की त्रिज्या 13 सेमी है और एक जीवा की लम्बाई 10 सेमी है तो जीवा की वृत्त के केंद्र से दूरी निम्न में से क्या होगी?
A.11.5 सेमी
B.12 सेमी
C.√69 सेमी
D.23 सेमी

उत्तर:

12 सेमी

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Q4.1. याद कीजिए कि दो वृत्त सर्वांगसम होते हैं, यदि उनकी त्रिन्याएँ बराबर हों। सिद्ध कीजिए कि सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।

उत्तर:

सिद्धांत: यदि दो वृत्त सर्वांगसम हैं, अर्थात् उनकी त्रिज्याएँ बराबर हैं, तो उनकी बराबर जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं। सिद्ध करने के लिए: मान लीजिए दो वृत्त हैं जिनके केन्द्र क्रमशः O और O' हैं और त्रिज्याएँ बराबर हैं। दोनों वृत्तों की बराबर जीवाएँ AB और A'B' हैं। चूंकि दोनों वृत्तों की त्रिज्याएँ बराबर हैं, अतः OA = O' A' और OB = O' B' हैं। अब, चूंकि AB = A'B' (जीवाएँ बराबर हैं), त्रिभुज OAB और O'A'B' सर्वांगसम होंगे। अतः, ∠AOB = ∠A' O' B' इस प्रकार, बराबर जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।

व्याख्या:

दो वृत्तों की त्रिज्याएँ बराबर होने पर, उनके केन्द्र से जीवाओं तक की दूरी समान होती है। बराबर जीवाएँ होने पर, त्रिभुजों के सर्वांगसम होने से केन्द्रों पर बने कोण भी बराबर होंगे।

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Q5.2. सिद्ध कीजिए कि यदि सर्वांगसम वृत्तों की जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करें, तो जीवाएँ बराबर होती हैं।

उत्तर:

सिद्धांत: यदि दो सर्वांगसम वृत्तों की जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं, तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं। सिद्ध करने के लिए: मान लीजिए दो वृत्त जिनके केन्द्र O और O' हैं और त्रिज्याएँ बराबर हैं। दोनों वृत्तों की जीवाएँ AB और A'B' हैं। यदि ∠AOB = ∠A' O' B', तो त्रिभुज OAB और O'A'B' में OA = O'A' और OB = O'B' (त्रिज्या बराबर) तथा ∠AOB = ∠A' O' B' है। इसलिए, त्रिभुज OAB और O'A'B' सर्वांगसम होंगे, अतः AB = A'B' अर्थात् जीवाएँ बराबर होंगी।

व्याख्या:

सर्वांगसम वृत्तों की त्रिज्याएँ बराबर होती हैं। यदि उनके केन्द्रों पर जीवाओं द्वारा बनाए गए कोण बराबर हों, तो त्रिभुजों के सर्वांगसम होने से जीवाएँ भी बराबर होंगी।

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Q6.अभ्यास करके देखिए कि क्या यह कथन व्यापक रूप में सत्य है। हम इसके कुछ कथन देंगे और आप इनके कारण दीजिए। मान लीजिए कि एक वृत्त, जिसका केन्द्र O है, की AB एक जीवा है और O को AB के मध्य-बिन्दु M से मिलाया गया है। आपको सिद्ध करना है कि OM ⊥ AB है। OA और OB को मिलाइए (देखिए आकृति 9.7)। त्रिभुजों OAM तथा OBM में, $$ \mathrm{OA} = \mathrm{OB} \quad \text{(क्यों?)} $$ $$ \mathrm{AM} = \mathrm{BM} \quad \text{(क्यों?)} $$ $$ \mathrm{OM} = \mathrm{OM} \quad \text{(उभयनिष्ठ)} $$ अतः, $\Delta \mathrm{OAM} \cong \Delta \mathrm{OBM}$ (क्यों?) इससे प्राप्त होता है: $\angle \mathrm{OMA} = \angle \mathrm{OMB} = 90^{\circ}$ (क्यों?)

उत्तर:

सिद्ध करने के लिए: 1. OA = OB क्योंकि OA और OB वृत्त की त्रिज्या हैं। 2. AM = BM क्योंकि M, AB का मध्य-बिन्दु है। 3. OM = OM (उभयनिष्ठ)। इसलिए, त्रिभुज OAM और OBM में दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण समान हैं (SAS समरूपता)। अतः, ΔOAM ≅ ΔOBM इससे कोण OMA = कोण OMB होंगे। क्योंकि ये दो कोण एक सीधी रेखा AB पर स्थित हैं और समरूप त्रिभुजों के अनुसार समान हैं, अतः ये दोनों 90° के होंगे। इसलिए, OM ⊥ AB है।

व्याख्या:

OA और OB वृत्त की त्रिज्या हैं, अतः बराबर हैं। M AB का मध्य-बिन्दु है, अतः AM = BM। OM दोनों त्रिभुजों में समान भुजा है। SAS समरूपता से त्रिभुज OAM और OBM समरूप हैं। समरूप त्रिभुजों के अनुसार, कोण OMA = कोण OMB। ये दो कोण AB पर स्थित हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं, अतः प्रत्येक 90° का होगा। इसलिए OM ⊥ AB।

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Q7.क्रियाकलाप : किसी क्रिया का अक्स कागज पर एक वृत्त खींचिए। इसकी दो बराबर जीवाएँ AB तथा CD खींचिए तथा इन पर केन्द्र O से लम्ब OM तथा ON भी बनाइए। आकृति को इस प्रकार मोड़िए कि D, B पर तथा C, A पर पड़े [देखिए आकृति 9.9 (i)]। आप पाएँगे कि O मोड़ के निशान पर पड़ता है और N, M पर पड़ता है। अतः, OM = ON है। इस क्रियाकलाप को केन्द्रों O तथा O' के सर्वांगसम वृत्त खींचकर और अलग-अलग बराबर जीवाएँ AB तथा CD लेकर दोहराएँ। उन पर लम्ब OM तथा O'N खींचिए [देखिए आकृति 9.9(ii)]। इनमें से एक वृत्ताकार चकती को काटकर दूसरे वृत्त पर इस प्रकार रखें कि AB, CD को पूर्ण रूप से ढक लें। तब आप पाएँगे कि O, O' पर पड़ता है तथा M, N पर पड़ता है। इस प्रकार, आपने निम्न को सत्यापित किया है: प्रमेय 9.5: एक वृत्त की (या सर्वांगसम वृत्तों की) बराबर जीवाएँ केन्द्र से (या केन्द्रों से) समान दूरी पर होती है।

उत्तर:

यह क्रियाकलाप दर्शाता है कि यदि दो जीवाएँ बराबर लंबाई की हैं, तो वे उनके केन्द्र से समान दूरी पर होती हैं। जब आप वृत्त को मोड़ते हैं या एक वृत्त को दूसरे पर इस प्रकार रखते हैं कि बराबर जीवाएँ पूरी तरह से ढक जाएँ, तो केन्द्र और जीवाओं पर खींची गई लंबों की समानता स्पष्ट हो जाती है। अतः, बराबर जीवाएँ केन्द्र से समान दूरी पर होती हैं।

व्याख्या:

वृत्त की दो बराबर जीवाएँ AB और CD लें। केन्द्र O से इन पर लंब OM और ON खींचें। जब आकृति को मोड़ा जाता है या एक वृत्त को दूसरे पर रखा जाता है, तो O और O' केन्द्रों तथा M और N पर स्थित बिंदु एक-दूसरे पर पड़ते हैं। इससे OM = ON सिद्ध होता है। इसलिए, बराबर जीवाएँ केन्द्र से समान दूरी पर होती हैं।

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Q8.अब यह देखा जाए कि क्या इसका विलोम सत्य है अथवा नहीं। इसके लिए केन्द्र O वाला एक वृत्त खींचिए। केन्द्र O से वृत्त के भीतर रहने वाले दो बराबर लम्बाई के रेखाखंड OL तथा OM खींचिए [देखिए आकृति 9.10(i)]। अब क्रमशः दो जीवाएँ PQ और RS खींचिए जो OL और OM पर लम्ब हों [देखिए आकृति 9.10(ii)]। PQ और RS की लम्बाइयाँ मापिए। क्या ये असमान हैं? नहीं, दोनों बराबर हैं। क्रियाकलाप को और अधिक समान रेखाखंडों तथा उन पर लम्ब जीवाएँ खींचकर दोहराइए। इस प्रकार, प्रमेय 9.5 का विलोम सत्यापित हो जाता है, जिसका कथन नीचे दिया गया है: प्रमेय 9.6: एक वृत्त के केन्द्र से समदूरस्थ जीवाएँ लम्बाई में समान होती हैं।

उत्तर:

यह क्रियाकलाप दर्शाता है कि यदि दो रेखाखंड OL और OM की लंबाई बराबर है, तो उन पर खींची गई लंबी जीवाएँ PQ और RS भी बराबर होंगी। इससे प्रमेय 9.6 सिद्ध होता है कि वृत्त के केन्द्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ लंबाई में समान होती हैं।

व्याख्या:

वृत्त के केन्द्र O से दो बराबर लंबाई के रेखाखंड OL और OM खींचे। इनके ऊपर लंब जीवाएँ PQ और RS खींची। PQ और RS की लंबाई मापने पर दोनों बराबर मिलीं। यह क्रियाकलाप कई बार दोहराने पर भी सत्य रहता है। अतः, प्रमेय 9.6 सिद्ध होता है कि केन्द्र से समदूरस्थ जीवाएँ लंबाई में समान होती हैं।

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