Chapter 9
Chapter 9 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 6 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
9.1 ऊँचाइयाँ और दूरियाँ
व्याख्या9.1 ऊँचाइयाँ और दूरियाँ
इस खंड में हम त्रिकोणमिति के व्यावहारिक अनुप्रयोगों में से एक, अर्थात् ऊँचाइयाँ और दूरियाँ ज्ञात करने की विधि का अध्ययन करेंगे। त्रिकोणमिति के सिद्धांतों का उपयोग करके हम बिना किसी वस्तु को सीधे मापे उसकी ऊँचाई या दूरी ज्ञात कर सकते हैं। इसके लिए हम समकोण त्रिभुजों में कोणों और भुजाओं के बीच के संबंधों का प्रयोग करते हैं। सबसे पहले हम दृष्टि-रेखा (line of sight) की अवधारणा समझेंगे। जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु को देखता है, तो उसकी आँख से उस वस्तु के बिंदु तक एक काल्पनिक रेखा खींची जाती है, जिसे दृष्टि-रेखा कहते हैं। यदि यह वस्तु क्षैतिज रेखा से ऊपर है, तो दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बनने वाला कोण उन्नयन कोण (angle of elevation) कहलाता है। उदाहरण के लिए, जब छात्र मीनार के शिखर की ओर देखता है, तो उसकी दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच जो कोण बनता है, वही उन्नयन कोण होता है। (देखिए आकृति 9.1) यदि देखा जा रहा बिंदु क्षैतिज रेखा से नीचे हो, तो दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बनने वाले कोण को अवनमन कोण (angle of depression) कहते हैं। जैसे कि बालकनी में बैठी लड़की जब नीचे गमले को देखती है, तो उसकी दृष्टि-रेखा क्षैतिज रेखा से नीचे होती है, और जो कोण बनता है, वह अवनमन कोण कहलाता है। (देखिए आकृति 9.2 और 9.3) इन कोणों की सहायता से हम वस्तुओं की ऊँचाई और दूरी ज्ञात कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि हमें मीनार की ऊँचाई ज्ञात करनी हो, तो हमें मीनार के पाद-बिंदु से छात्र की दूरी, छात्र की ऊँचाई, और मीनार के शिखर का उन्नयन कोण ज्ञात होना चाहिए। इसके बाद हम त्रिकोणमिति अनुपातों जैसे कि टैन, साइन, या कोसाइन का उपयोग करके आवश्यक भुजाओं की लंबाई निकाल सकते हैं। इस प्रकार, ऊँचाइयाँ और दूरियाँ ज्ञात करने की समस्याएँ त्रिकोणमिति के अनुप्रयोगों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो दैनिक जीवन में विभिन्न क्षेत्रों जैसे निर्माण, इंजीनियरिंग, और नेविगेशन में उपयोगी हैं।
- दृष्टि-रेखा वह रेखा है जो प्रेक्षक की आँख से देखी गई वस्तु के बिंदु तक जाती है।
- उन्नयन कोण वह कोण है जो दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बनता है जब वस्तु क्षैतिज रेखा से ऊपर हो।
- अवनमन कोण वह कोण है जो दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बनता है जब वस्तु क्षैतिज रेखा से नीचे हो।
- त्रिकोणमिति अनुपातों का उपयोग करके ऊँचाई और दूरी ज्ञात की जाती है।
- समकोण त्रिभुजों में टैन, साइन, और कोसाइन अनुपातों का प्रयोग मुख्य होता है।
- 📌 दृष्टि-रेखा: प्रेक्षक की आँख से देखी गई वस्तु तक की रेखा।
- 📌 उन्नयन कोण: दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच का कोण जब वस्तु ऊपर हो।
- 📌 अवनमन कोण: दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच का कोण जब वस्तु नीचे हो।
ऊँचाइयाँ और दूरियाँ ज्ञात करने की विधि
व्याख्याऊँचाइयाँ और दूरियाँ ज्ञात करने की विधि
इस खंड में हम ऊँचाइयाँ और दूरियाँ ज्ञात करने की विधि को विस्तार से समझेंगे। मान लीजिए कि एक छात्र मीनार के पाद-बिंदु से दूरी DE पर खड़ा है और मीनार के शिखर का उन्नयन कोण ∠BAC ज्ञात है। छात्र की ऊँचाई AE भी ज्ञात है। मीनार की ऊँचाई CD ज्ञात करनी है। मीनार की ऊँचाई CD को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है: CB और BD, जहाँ BD = AE (छात्र की ऊँचाई)। इसलिए CD = CB + BD। त्रिभुज ABC में, ∠A = ∠BAC है, और BC सम्मुख भुजा है जबकि AB आधार भुजा है। इस त्रिभुज में हम tan A का प्रयोग कर सकते हैं: tan A = BC / AB यहाँ AB = DE (छात्र और मीनार के पाद-बिंदु के बीच की दूरी) ज्ञात है। अतः BC = AB × tan A मीनार की ऊँचाई CD = BC + AE इस प्रकार, हमें मीनार की ऊँचाई ज्ञात हो जाती है। इस विधि को समझने के लिए हम कुछ उदाहरणों का अध्ययन करेंगे, जिनमें विभिन्न परिस्थितियों में त्रिकोणमिति अनुपातों का प्रयोग कर ऊँचाई और दूरी ज्ञात की गई है।
- मीनार की ऊँचाई ज्ञात करने के लिए छात्र की ऊँचाई, मीनार के पाद से दूरी और उन्नयन कोण ज्ञात होना आवश्यक है।
- त्रिभुज ABC में tan A = BC / AB का प्रयोग कर BC ज्ञात किया जाता है।
- मीनार की कुल ऊँचाई CD = BC + AE होती है।
- त्रिकोणमिति अनुपातों का प्रयोग व्यावहारिक समस्याओं में किया जाता है।
- 📌 सम्मुख भुजा: कोण के सामने वाली भुजा।
- 📌 आधार भुजा: कोण के समीप की भुजा जो समकोण बनाती है।
त्रिकोणमिति अनुपातों का प्रयोग कर ऊँचाई और दूरी ज्ञात करना
व्याख्यात्रिकोणमिति अनुपातों का प्रयोग कर ऊँचाई और दूरी ज्ञात करना
इस खंड में हम त्रिकोणमिति अनुपातों का उपयोग कर ऊँचाई और दूरी ज्ञात करने के विभिन्न उदाहरणों का अध्ययन करेंगे। **उदाहरण 1:** मीनार की ऊँचाई ज्ञात करना धरती पर एक मीनार ऊर्ध्वाधर खड़ी है। मीनार के पाद-बिंदु से 15 मीटर दूर एक बिंदु से मीनार के शिखर का
अभ्यास प्रश्न — Chapter 9
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.यदि ∆ABC ~ ∆RPQ, AB = 3 cm, BC = 5 cm, AC = 6 cm, RP = 6 cm और PQ = 10, तो QR खोजें।
उत्तर:
12
Q2.∆ABC ~ ∆DEF. यदि AB = 4 cm, BC = 3.5 cm, CA = 2.5 cm और DF = 7.5 cm, ∆DEF का परिमाप ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
30
Q3.यदि ∆ABC ~ ∆PQR, और ∆ABC का परिमाप 32 cm है , और ∆PQR का परिमाप 48 cm है और PR = 6 cm, तो AC की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
4
Q4.10:45 बजे ,किसी टॉवर की छाया उसकी ऊंचाई के बराबर होती है। सूर्य का कोण ______ है।
उत्तर:
45°
Q5.एक सीढ़ी 12 m लंबी एक ऊर्ध्वाधर (vertical) दीवार के शीर्ष तक पहुंचती है। यदि सीढ़ी जमीन से 60⁰ का कोण बनाती है। तो, दीवार की ऊँचाई ____ है।
उत्तर:
6√3 m
व्याख्या:
[{"id": "9bfc4dcb-fc1d-4009-9e08-6ceff147182b", "type": "html", "value": " आकृति के संदर्भ में, AB = दीवार की ऊँचाई AC = सीढ़ी की लंबाई = 12 m ∠ ACB = 60⁰ ∆ ABC में, sin60⁰ = AB/AC √3/2 = AB/12 AB = 12√3/2 = 6√3 m दीवार की ऊंचाई = 6√3 m तो, सही उत्तर विकल्प 2 है। "}]
Q6.जमीन के एक बिंदु से पेड़ के शीर्ष का उन्नयन कोण (angle of elevation), जो पेड़ के आधार से 20 m दूर है, 30° है। पेड़ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
20√3/ 3 m
व्याख्या:
[{"id": "7adb4efb-acfc-4466-a4fb-c6277df55894", "type": "html", "value": " आकृति के संदर्भ में, AB = पेड़ की ऊँचाई BC = पेड़ के आधार से जमीन पर बिंदु की दूरी = 20 m ∠ ACB = 30⁰ ∆ ABC में, tan 30⁰ = AB/BC 1/√3 = AB/20 AB = 20 /√3 m पेड़ की ऊँचाई = 20 /√3 m = 20√3/3 m तो, सही उत्तर विकल्प 1 है। "}]
Q7.एक पतंग ज़मीन से 40m की ऊँचाई पर उड़ रही है। पतंग से जुड़ी डोर सीधी और अस्थायी रूप से जमीन पर एक बिंदु से जुड़ी होती है। जमीन के साथ डोर का झुकाव 45⁰ है। डोर की लंबाई का पता लगाएं, यह मानते हुए कि डोर में कोई ढीलापन नहीं है।
उत्तर:
40√2 m
व्याख्या:
[{"id": "9feb394f-4814-4be4-8dd1-bd83f2b6a05f", "type": "html", "value": " आकृति के संदर्भ में, AB = जमीन से पतंग की ऊँचाई = 40 m AC = डोर की लंबाई ∠ ACB = 45⁰ ∆ ABC में, sin 45⁰ = AB/AC 1/√2 = 40/AC AC = 40 √2 m डोर की लंबाई = 40√2 m तो, सही उत्तर विकल्प 1 है। "}]
Q8.एक खम्भे की छाया, जब सूर्य का उन्नयन कोण (angle of elevation) 45⁰ है, तो 60⁰ होने पर 10 m अधिक लंबा पाया जाता है। खम्भे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (√3 = 1.73 लीजिए)
उत्तर:
13.7 m
व्याख्या:
[{"id": "2b16c87a-b602-422b-a630-bc242d8e36a5", "type": "html", "value": " आकृति के संदर्भ में, AB = खम्भे की ऊंचाई BC = छाया की लंबाई जब उन्नयन कोण 60⁰ है = x BD = छाया की लंबाई जब उन्नयन कोण 45⁰ है = x + 10 ∆ ABC में, tan 60⁰ = AB/BC √3 = AB/x ------------- (1) ∆ ABD में, tan 45⁰ = AB/BD 1 = AB/(x + 10) ------------- (2) AB = x + 10 AB के मूल्य को समीकरण 1 में प्रतिस्थापित करने पर, हमें मिलता है, √3 = (x + 10)/x √3 x = x + 10 √3 x ─ x = 10 1.73 x - x = 10 (Taking √3 = 1.73) 0.73 x = 10 x = 10/0.73 ≈ 13.7 m खम्भे की ऊँचाई = 13.7 m तो, सही उत्तर विकल्प 2 है। "}]
Ganit के सभी 14 अध्याय
Mathematics · Class 10