Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
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रामधारी सिंह दिनकर का परिचय
व्याख्यारामधारी सिंह दिनकर का परिचय
इस अनुभाग में हिंदी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर का विस्तृत परिचय दिया गया है। दिनकर जी का जन्म बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया गाँव में 30 सितंबर 1908 को हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय रहे। सन् 1952 में उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया गया। उनकी साहित्यिक प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मभूषण' अलंकरण से सम्मानित किया। दिनकर जी को उनकी पुस्तक 'संस्कृति के चार अध्याय' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला और उनकी काव्यकृति 'उर्वशी' के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया। दिनकर जी की प्रमुख कृतियों में 'हुंकार', 'कुरुक्षेत्र', 'रश्मिरथी', 'परशुराम की प्रतीक्षा', 'उर्वशी' और 'संस्कृति के चार अध्याय' शामिल हैं। उनकी भाषा प्रवाहपूर्ण, ओजस्वी और सरल है। दिनकर जी की कविताओं में देशभक्ति, युग की सजगता, प्रेम और सौंदर्य का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। इस प्रकार, रामधारी सिंह दिनकर हिंदी साहित्य के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
- रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 30 सितंबर 1908 को बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया गाँव में हुआ।
- सन् 1952 में वे राज्यसभा के सदस्य मनोनीत हुए।
- भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया।
- उनकी प्रमुख कृतियाँ: हुंकार, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, परशुराम की प्रतीक्षा, उर्वशी, संस्कृति के चार अध्याय।
- दिनकर जी को साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुए।
- उनकी भाषा सरल, प्रवाहपूर्ण और ओजस्वी है।
- 📌 पद्मभूषण: भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक उच्च नागरिक सम्मान।
- 📌 ज्ञानपीठ पुरस्कार: भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार।
- 📌 ओजस्वी भाषा: शक्तिशाली, प्रभावशाली और प्रवाहपूर्ण भाषा।
गीत-अगीत कविता का परिचय
व्याख्यागीत-अगीत कविता का परिचय
यह अनुभाग रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता 'गीत-अगीत' का परिचय और उसकी विषय-वस्तु पर प्रकाश डालता है। कविता में कवि ने गीत और अगीत के बीच तुलना की है। गीत वह होता है जो गाया जाता है, जबकि अगीत वह होता है जो अनगाया रहता है। कविता में नदी, गुलाब, तोता और प्रेमी-प्रेमिका के माध्यम से यह विचार प्रस्तुत किया गया है कि प्रकृति में और मनुष्य के जीवन में गीत और अगीत दोनों का अस्तित्व है। नदी अपने वेग से गीत गाती है, गुलाब सोचता है कि यदि उसे स्वर मिले तो वह भी गीत गाएगा। तोता (शुक) और उसकी मादा (शुकी) के बीच के संबंध में भी गीत और अगीत की स्थिति दिखाई गई है। अंत में प्रेमी और प्रेमिका के बीच के गीतात्मक संवाद को प्रस्तुत किया गया है। कविता का मूल भाव है कि गीत और अगीत दोनों ही सुंदर हैं और जीवन में उनकी अपनी महत्ता है।
- गीत वह होता है जो गाया जाता है, अगीत वह जो अनगाया रहता है।
- प्रकृति के विभिन्न तत्वों जैसे नदी, गुलाब, तोता आदि के माध्यम से गीत-अगीत की तुलना की गई है।
- कवि ने प्रेमी-प्रेमिका के संवाद को भी गीतात्मक रूप में प्रस्तुत किया है।
- कविता में गीत और अगीत दोनों की सुंदरता और महत्व को दर्शाया गया है।
- प्रकृति और मानव जीवन के बीच गहरे संबंध को उजागर किया गया है।
- 📌 गीत: वह संगीत या कविता जो गाई जाती है।
- 📌 अगीत: वह संगीत या कविता जो अनगाई रहती है।
- 📌 प्रकृति: प्राकृतिक तत्व जैसे नदी, फूल, पक्षी आदि।
गीत-अगीत कविता का प्रथम छंद विश्लेषण
व्याख्यागीत-अगीत कविता का प्रथम छंद विश्लेषण
प्रथम छंद में कवि ने नदी के बहाव को गीत के रूप में प्रस्तुत किया है। नदी वेगवती होकर किनारों से कुछ कहती हुई बहती है। नदी के किनारे एक गुलाब खड़ा है जो सोचता है कि यदि उसे स्वर मिले तो वह भी अपने पतझर के सपनों का गीत गाएगा। यहाँ नदी का बहना और उसका ग
अभ्यास प्रश्न — Chapter 8
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.व्यक्ति शब्द में ‘इक’ प्रत्यय के योग से कौन - सा शब्द बनता है ?
उत्तर:
वैयक्तिक
Q2.' ए रे जखम जोगे नहि जशे ' उक्ति में गाँधीजी का कौन - सा भाव स्पष्ट होता है ?
उत्तर:
महादेव देसाई से उनकी निकटता और बिछोह का दर्द
Q3.' स्वागत ' का संधि-विच्छेद क्या है ?
उत्तर:
सु + आगत
Q4.महादेव देसाई को स्याह को सफ़ेद और सफ़ेद को स्याह कहाँ करना पड़ता है ?
उत्तर:
वकालत में
Q5.' ट्रिव्यून ' के सम्पादक कौन थे ?
उत्तर:
कालीनाथ राय
Q6.महादेव देसाई को ' शुक्र तारे के समान ' क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
अपनी कार्यशैली से थोड़े ही समय में लोगों को मंत्रमुग्ध कर चले गए
Q7.गाँधीजी ने यंग इंडिया को सप्ताह में दो बार प्रकाशित करने का फैसला क्यों किया ?
उत्तर:
उनका काम काफी बढ़ गया था
Q8.महादेव देसाई कौन थे ?
उत्तर:
महात्मा गाँधी के निजी सचिव