Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
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8.1 भूमिका
व्याख्या8.1 भूमिका
त्रिकोणमिति गणित की वह शाखा है जो त्रिभुजों के कोणों और भुजाओं के बीच संबंधों का अध्ययन करती है। इस अध्याय की शुरुआत में हम अपने आस-पास के परिवेश से कुछ उदाहरण लेते हैं जहाँ समकोण त्रिभुजों की कल्पना की जा सकती है। उदाहरण स्वरूप, एक छात्र कुतुबमीनार की ऊँचाई मापन के लिए मीनार के शिखर को देखता है, जिससे एक समकोण त्रिभुज बनता है। इसी प्रकार, नदी के किनारे बैठी लड़की नदी की चौड़ाई ज्ञात करने के लिए समकोण त्रिभुज का उपयोग कर सकती है। एक गर्म हवा वाले गुब्बारे की ऊँचाई ज्ञात करने के लिए भी त्रिकोणमिति का प्रयोग किया जाता है। त्रिकोणमिति शब्द की व्युत्पत्ति ग्रीक शब्दों 'tri' (तीन), 'gon' (भुजा), और 'metron' (माप) से हुई है। प्राचीन खगोलविद त्रिकोणमिति का उपयोग तारों और ग्रहों की दूरी मापन में करते थे। आज भी यह इंजीनियरिंग, भौतिक विज्ञान, नेविगेशन आदि क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में हम समकोण त्रिभुज के न्यून कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों का अध्ययन करेंगे, जो भुजाओं के अनुपातों पर आधारित होते हैं। **Table on page 14 (7×6)** | ∠A | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | sin A | 0 | $\frac{1}{2}$ | $\frac{1}{\sqrt{2}}$ | $\frac{\sqrt{3}}{2}$ | 1 | | cos A | 1 | $\frac{\sqrt{3}}{2}$ | $\frac{1}{\sqrt{2}}$ | $\frac{1}{2}$ | 0 | | tan A | 0 | $\frac{1}{\sqrt{3}}$ | 1 | $\sqrt{3}$ | अपरिभाषित | | cosec A | अपरिभाषित | 2 | $\sqrt{2}$ | $\frac{2}{\sqrt{3}}$ | 1 | | sec A | 1 | $\frac{2}{\sqrt{3}}$ | $\sqrt{2}$ | 2 | अपरिभाषित | | cot A | अपरिभाषित | $\sqrt{3}$ | 1 | $\frac{1}{\sqrt{3}}$ | 0 |
- त्रिकोणमिति त्रिभुजों के कोणों और भुजाओं के बीच संबंधों का अध्ययन है।
- समकोण त्रिभुजों के अनुपातों का उपयोग दूरी और ऊँचाई मापन में होता है।
- त्रिकोणमिति शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्दों से हुई है।
- प्राचीन खगोलविद त्रिकोणमिति का उपयोग तारों की दूरी मापन में करते थे।
- आज त्रिकोणमिति इंजीनियरिंग, भौतिक विज्ञान, और नेविगेशन में महत्वपूर्ण है।
- इस अध्याय में समकोण त्रिभुज के न्यून कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों का अध्ययन होगा।
- 📌 त्रिकोणमिति: त्रिभुजों के कोणों और भुजाओं के बीच संबंधों का अध्ययन।
- 📌 समकोण त्रिभुज: ऐसा त्रिभुज जिसमें एक कोण 90° होता है।
8.2 त्रिकोणमितीय अनुपात
अवधारणा8.2 त्रिकोणमितीय अनुपात
त्रिकोणमिति अनुपात समकोण त्रिभुज की भुजाओं के अनुपात होते हैं जो एक न्यून कोण के सापेक्ष परिभाषित किए जाते हैं। समकोण त्रिभुज ABC में, जहाँ ∠C = 90°, कोण A के लिए त्रिकोणमितीय अनुपात इस प्रकार हैं: - sin A = (कोण A की सम्मुख भुजा) / (कर्ण) = BC / AC - cos A = (कोण A की संलग्न भुजा) / (कर्ण) = AB / AC - tan A = (कोण A की सम्मुख भुजा) / (कोण A की संलग्न भुजा) = BC / AB इसके व्युत्क्रम अनुपात भी होते हैं: - cosec A = 1 / sin A = AC / BC - sec A = 1 / cos A = AC / AB - cot A = 1 / tan A = AB / BC यह अनुपात कोण A के मान पर निर्भर करते हैं, न कि त्रिभुज की भुजाओं की लंबाई पर। यदि कोण समान है, तो त्रिकोणमितीय अनुपात भी समान होंगे। त्रिकोणमिति अनुपातों के बीच महत्वपूर्ण संबंध हैं: - tan A = sin A / cos A - cot A = cos A / sin A यहाँ sin, cos, tan आदि संक्षिप्त रूप हैं, जो कोण के सापेक्ष अनुपातों को दर्शाते हैं।
- त्रिकोणमितीय अनुपात समकोण त्रिभुज की भुजाओं के अनुपात होते हैं।
- sin A, cos A, tan A मुख्य त्रिकोणमितीय अनुपात हैं।
- cosec A, sec A, cot A इनके व्युत्क्रम अनुपात हैं।
- त्रिकोणमितीय अनुपात कोण के मान पर निर्भर करते हैं, भुजाओं की लंबाई पर नहीं।
- tan A = sin A / cos A और cot A = cos A / sin A के संबंध होते हैं।
- sin, cos, tan आदि संक्षिप्त संकेत हैं, गुणनफल नहीं।
- 📌 sin A: कोण A की सम्मुख भुजा का अनुपात कर्ण से।
- 📌 cos A: कोण A की संलग्न भुजा का अनुपात कर्ण से।
- 📌 tan A: कोण A की सम्मुख भुजा का अनुपात संलग्न भुजा से।
8.3 कुछ विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात
व्याख्या8.3 कुछ विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात
इस अनुभाग में हम 0°, 30°, 45°, 60°, और 90° के प्रमुख कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों का अध्ययन करेंगे। 45° के त्रिकोणमितीय अनुपात: यदि समकोण त्रिभुज में एक कोण 45° है, तो दूसरा भी 45° होगा। मान लीजिए भुजा AB = BC = a है। पाइथागोरस प्रमेय से कर्ण AC =
अभ्यास प्रश्न — Chapter 8
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.प्रश्न: निम्नलिखित विकल्पो मे सेकोन सा विकल्प समांतर श्रेणी का नहीं है।
उत्तर:
C. 1, 4, 9, 16, 25, ...................
Q2.प्रश्न : यदि किसी श्रेणी के n पाद है तो पता कीजिए निम्नलिखित मे से कोन सी श्रेणी समांतर श्रेणी है ?
उत्तर:
3: a n = 1- 7n
Q3.प्रश्न: यदि एक विद्यार्थी एक सप्ताह मे 80 रु की बचत करता है तो 12 सप्ताह बाद उसकी बचत 5 सप्ताह की बचत से कितनी अधिक होगी ?
उत्तर:
3: 560 रु
Q4.प्रश्न: एक समांतर श्रेणी जिसमे a = -7, और d = 2 हो तो उस श्रेणी के प्रथम चार पद ज्ञात करो ।
उत्तर:
3: -7, -5, -3, -1
Q5.प्रश्न : AP= a, a+2d, a+4d, a+6d, a+8d,………. का 11वाँ पद ज्ञात करो ।
उत्तर:
3: a+20d
Q6.प्रश्न: उस AP का सार्व अंतर ज्ञात कीजिए , जिसका 5वाँ पद 7 है और 11वाँ पद 16 है ।
उत्तर:
4: 112
Q7.प्रश्न: एक समांतर श्रेणी मे यदि a =15, d = 0 और n =51 है तो S n बराबर है ।
उत्तर:
4: 765
Q8.प्रश्न: कोई दो समांतर श्रेणी का सार्व अंतर बराबर है किन्तु इनमे से एक का पहला पद -11 है और दूसरी का पहला पद -21 है तब इन दोनों श्रेणी के 7वे पदो के बीच का अंतर है ।
उत्तर:
4: 10
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Mathematics · Class 10