Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
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जीव जनन क्या है?
परिभाषाजीव जनन क्या है?
जीव जनन वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करते हैं। यह प्रक्रिया जीवन के निरंतरता के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इसके बिना किसी भी जीव की प्रजाति का अस्तित्व समाप्त हो सकता है। सभी जीवों में जनन की प्रक्रिया होती है जिससे उनकी प्रजाति बनी रहती है। जनन के माध्यम से जीव अपनी आनुवंशिक जानकारी अगली पीढ़ी तक पहुंचाते हैं। जीवों में जनन की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है: अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन। अलैंगिक जनन में केवल एक माता-पिता से नए जीव उत्पन्न होते हैं, जबकि लैंगिक जनन में दो माता-पिता की यौन कोशिकाओं के मिलन से नए जीव का निर्माण होता है। जनन से जीवों में आनुवंशिक विविधता भी उत्पन्न होती है, जो उनके अनुकूलन और विकास में सहायक होती है।
- जीव जनन से नए जीव उत्पन्न होते हैं।
- यह जीवन की निरंतरता के लिए आवश्यक है।
- जनन के दो प्रकार होते हैं: अलैंगिक और लैंगिक।
- अलैंगिक जनन में एक माता-पिता से संतान बनती है।
- लैंगिक जनन में दो माता-पिता की यौन कोशिकाएं मिलती हैं।
- जनन से आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है।
- 📌 जनन: जीवों द्वारा नए जीव उत्पन्न करने की प्रक्रिया।
- 📌 आनुवंशिक विविधता: जीवों में आनुवंशिक गुणों का भिन्न-भिन्न होना।
अलैंगिक जनन
व्याख्याअलैंगिक जनन
अलैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें केवल एक ही माता-पिता से नए जीव उत्पन्न होते हैं। इस प्रकार के जनन में संतान माता-पिता के समान ही होती है क्योंकि इसमें आनुवंशिक सामग्री में कोई बदलाव नहीं होता। अलैंगिक जनन के कई प्रकार होते हैं जैसे विभाजन, कली बनना, अंकुरण, पुनरुद्धवन, भागीदारी आदि। 1. विभाजन (Binary Fission): यह सबसे सरल प्रकार का अलैंगिक जनन है जिसमें एक कोशिका दो भागों में विभाजित होकर दो नए जीव बनाती है। उदाहरण के लिए, अमीबा और पैरामिसियम में विभाजन होता है। 2. कली बनना (Budding): इसमें माता-पिता के शरीर पर एक छोटी कली बनती है जो बढ़कर नया जीव बन जाती है। हाइड्रा में यह प्रक्रिया देखी जाती है। 3. पुनरुद्धवन (Regeneration): इसमें शरीर के कटे हुए भाग से नया जीव बन जाता है। प्लेनेरिया में यह देखा जाता है। 4. भागीदारी (Fragmentation): शरीर के छोटे-छोटे टुकड़ों से नया जीव बन जाता है। 5. बीजाणु द्वारा जनन (Spore Formation): कुछ पौधों और फफूंदों में बीजाणु बनते हैं जो नए जीव में विकसित होते हैं। अलैंगिक जनन में संतान माता-पिता की तरह ही होती है और इसमें आनुवंशिक विविधता नहीं होती। यह प्रक्रिया जल्दी होती है और कम ऊर्जा खर्च होती है।
- अलैंगिक जनन में केवल एक माता-पिता से संतान बनती है।
- संतान माता-पिता के समान होती है।
- मुख्य प्रकार: विभाजन, कली बनना, पुनरुद्धवन, भागीदारी।
- अमीबा में विभाजन होता है।
- हाइड्रा में कली बनती है।
- अलैंगिक जनन में आनुवंशिक विविधता नहीं होती।
- 📌 अलैंगिक जनन: एक माता-पिता से नए जीव का निर्माण।
- 📌 विभाजन: एक कोशिका का दो भागों में विभाजित होना।
- 📌 कली बनना: शरीर पर छोटी कली का बनना।
लैंगिक जनन
व्याख्यालैंगिक जनन
लैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें दो माता-पिता (पुरुष और महिला) की यौन कोशिकाओं के मिलन से नए जीव का निर्माण होता है। इसमें संतान माता-पिता से भिन्न होती है क्योंकि इसमें आनुवंशिक सामग्री का संयोजन होता है। लैंगिक जनन की प्रक्रिया में नर और मादा यौन
अभ्यास प्रश्न — Chapter 7
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.एक कोशिका विभाजन से दो कोशिकाओं की उत्पत्ति प्रक्रम को ________ कहा जाता है।
उत्तर:
द्विविखंडन
व्याख्या:
[{"id": "ad797ee6-ce04-4060-8b8d-52b993f4f9e8", "type": "html", "value": " एक कोशिका विभाजन से दो कोशिकाओं की उत्पत्ति प्रक्रम को द्विखंडन कहा जाता है। "}]
Q2.निम्नलिखित में से कौन सा पादप पत्ती द्वारा कायिक (Vegetative) रूप से प्रवर्धित (propagated) किया जा सकता है?
उत्तर:
ब्रायोफिलम
व्याख्या:
[{"id": "8aa65d93-2738-48c5-9eb4-5d56ef0cbbda", "type": "html", "value": " कई पादपों की पत्तियों में कायिक प्रवर्धन के लिए अपस्थानिक (adventitious) कलियाँ होती हैं। उदाहरण के लिए: ब्रायोफिलम। इसलिए ब्रायोफिलम को पत्ती द्वारा कायिक रूप से प्रवर्धित किया जा सकता है। गाजर को जड़ों द्वारा कायिक रूप से प्रवर्धित किया जा सकता है और अदरक को तना द्वारा कायिक रूप से प्रवर्धित किया जा सकता है। "}]
Q3.निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है? 1. हाइड्रा पुनरुद्भवन प्रक्रम द्वारा जनन करते है। 2. हाइड्रा मुकुलन प्रक्रम द्वारा जनन करते है।
उत्तर:
कथन 1 और कथन 2 दोनों
व्याख्या:
[{"id": "5e142b53-f3c4-43b0-bb46-49b1593f0889", "type": "html", "value": " हाइड्रा पुनरुद्भवन प्रक्रम के साथ-साथ मुकुलन प्रक्रम द्वारा जनन करते है। अतः दोनों कथन सत्य हैं। "}]
Q4.ब्रेड पर राइजोपस की तीव्र वृद्धि के लिए कौन सा घटक उत्तरदायी हैं?
उत्तर:
अधिक संख्या में बीजाणु
व्याख्या:
[{"id": "715652ba-e816-4eed-a5cb-c0989f0ae482", "type": "html", "value": " राइजोपस एक कवक है। अधिक संख्या में बीजाणुओं की उपस्थिति के कारण ब्रेड पर कवक तीव्रता से वृद्धि करते है। ये बीजाणु उचित तापमान और आद्र पर अंकुरित होते हैं और नए कवक उत्पन्न होते हैं और पूर्ण ब्रेड पर फैल जाते हैं। "}]
Q5.किस जगत के सदस्यों में अलैंगिक जनन देखा जाता है:
उत्तर:
उपरोक्त सभी विकल्प
व्याख्या:
[{"id": "1b1f2400-11ee-4466-9c6b-0edecbcf3d9a", "type": "html", "value": " हम जानते हैं कि जीवाणु, गन्ना और हाइड्रा अलैंगिक जनन द्वारा जनन करते हैं। सभी प्रोकैरियोटिक एककोशिकीय जीव मोनेरा जगत के सदस्य हैं। सभी पादप, जगत प्लांटे के सदस्य हैं और जंतु, जगत एनिमिया के सदस्य हैं। तो जीवाणु, जगत मोनेरा से संबंधित है, गन्ना जगत प्लांटे के अंतर्गत आता है और हाइड्रा, जगत एनिमेलिया से संबंधित है। यही कारण है कि अलैंगिक जनन मोनेरा, प्लांटे और एनिमेलिया जगत के सदस्यों में देखा जाता है। "}]
Q6.शुभम प्लेनेरिया में पुनरुद्भवन प्रक्रम के बारे में अध्ययन कर रहा है। उन्होंने प्लैनेरियल कृमि का धड़ उसके शरीर से पृथक कर दिया। प्लेनेरियल कृमि के शरीर के दो टुकड़ों का क्या होगा?
उत्तर:
पृथकृत धड़ और धड़ के बिना शरीर दोनों नए प्लेनेरियल कृमि में विकसित होंगे
व्याख्या:
[{"id": "3cee28ba-809e-4a38-ac1d-a572dd44f84c", "type": "html", "value": " प्लेनेरियल कृमि पुनरुद्भवन प्रक्रम द्वारा जनन करते हैं। यह अलैंगिक जनन के विधियों में से एक है। पुनरुद्भवन प्रक्रम में शरीर से विखंडित शरीर के अंग नए जीव में विकसित हो जाते हैं। यदि प्लेनेरिया को विभिन्न भागों को क्षतित कर दिया जाए, तो प्रत्येक भाग एक नए प्लेनेरिया में विकसित हो जाता है। अतः विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]
Q7.पुष्प की सभी पंखुड़ियां (petals) मिलकर _________ कहलाती हैं।
उत्तर:
दलपुंज (Corolla)
व्याख्या:
[{"id": "3ac09c31-f112-473c-a564-3f2e54d31686", "type": "html", "value": " पुष्प की सभी पंखुड़ियों को मिलाकर दलपुंज कहा जाता है। "}]
Q8.निम्नलिखित में से कौन सा पादप जड़ों द्वारा प्रवर्धित होता है?
उत्तर:
गाजर
व्याख्या:
[{"id": "610500b2-a29b-4dca-a4a7-b478d8868a21", "type": "html", "value": " गाजर को कायिक रूप से जड़ों द्वारा प्रवर्धित किया जाता है। "}]