NCERTCh 7निःशुल्क

Chapter 7

🎓 Class 10📖 Samkalin Bharat📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 6अध्याय 7 / 7

Chapter 7अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ

व्याख्या

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ

हमारे दैनिक जीवन में वस्तुएँ और सेवाएँ उपलब्ध होती हैं, जिनमें से कुछ हमारे आस-पास होती हैं और कुछ को दूसरे स्थानों से लाना पड़ता है। वस्तुएँ और सेवाएँ माँग स्थल से आपूर्ति स्थल तक अपने आप नहीं पहुँचतीं, इसके लिए परिवहन की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति उत्पाद को उपभोक्ताओं तक पहुँचाते हैं, उन्हें व्यापारी कहा जाता है। इसलिए किसी देश की आर्थिक विकास की गति न केवल उत्पादन पर निर्भर करती है, बल्कि वस्तुओं और सेवाओं के सुचारू परिवहन पर भी निर्भर करती है। परिवहन के तीन मुख्य प्रकार हैं- स्थल (सड़क, रेल), जल (नदियाँ, समुद्र), और वायु (हवाई मार्ग)। आज के समय में परिवहन और संचार के विकास ने विश्व को एक बड़े गाँव में बदल दिया है। भारत, अपने विशाल आकार, विविधताओं और सांस्कृतिक बहुलताओं के बावजूद, रेल, वायु, जल परिवहन, समाचारपत्र, रेडियो, दूरदर्शन, सिनेमा और इंटरनेट जैसे साधनों के माध्यम से विश्व के सभी क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। यह अध्याय हमें आधुनिक संचार और परिवहन के साधनों के बारे में विस्तार से जानकारी देगा, जो देश की आधुनिक अर्थव्यवस्था को संचालित करते हैं।

  • वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के साथ-साथ उनका परिवहन भी आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।
  • परिवहन के तीन मुख्य प्रकार हैं: स्थल, जल और वायु परिवहन।
  • परिवहन और संचार के विकास ने विश्व को एक बड़े गाँव में बदल दिया है।
  • भारत विभिन्न परिवहन और संचार माध्यमों से विश्व से जुड़ा हुआ है।
  • व्यापार, परिवहन और संचार एक-दूसरे के पूरक हैं।
  • 📌 परिवहन: वस्तुओं और सेवाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया।
  • 📌 व्यापारी: वे व्यक्ति जो उत्पाद को उपभोक्ताओं तक पहुँचाते हैं।
  • 📌 संचार: सूचना के आदान-प्रदान की प्रक्रिया।

परिवहन (Transport)

व्याख्या

परिवहन (Transport)

परिवहन वह व्यवस्था है जिसके माध्यम से वस्तुएँ और लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचते हैं। भारत में परिवहन के तीन मुख्य प्रकार हैं- स्थल, जल और वायु परिवहन। स्थल परिवहन में सड़क और रेल परिवहन प्रमुख हैं। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क जाल वाला देश है, जिसकी लंबाई लगभग 62.16 लाख किमी है। सड़क परिवहन रेल से पहले शुरू हुआ और यह अधिक सुविधाजनक भी है। सड़क परिवहन की महत्ता इसलिए बढ़ी क्योंकि इसकी निर्माण लागत कम है, इसे ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भी बनाया जा सकता है, और यह घर-घर सेवाएं प्रदान करता है। सड़कें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग, ग्रामीण सड़कें और सीमांत सड़कें जैसे विभिन्न वर्गों में आती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग देश के दूरस्थ भागों को जोड़ते हैं और ये प्राथमिक सड़क तंत्र हैं। राज्य राजमार्ग राज्य की राजधानी को जिला मुख्यालयों से जोड़ते हैं। जिला मार्ग जिले के प्रशासनिक केंद्रों को जोड़ते हैं। ग्रामीण सड़कें गाँवों को शहरों से जोड़ती हैं। सीमांत सड़कें सीमांत क्षेत्रों में सामरिक महत्व की होती हैं, जिनका निर्माण सीमा सड़क संगठन करता है। भारत सरकार ने 'स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग' परियोजना शुरू की है, जो दिल्ली-कोलकाता, चेन्नई-मुंबई और अन्य मेगासिटी को जोड़ती है। इसका उद्देश्य दूरी और समय को कम करना है। सड़कें कच्ची और पक्की होती हैं, पक्की सड़कें सीमेंट, कंक्रीट या तारकोल से बनी होती हैं और बारहमासी होती हैं।

  • भारत का सड़क जाल विश्व में दूसरा सबसे बड़ा है।
  • सड़क परिवहन की लागत कम और निर्माण में आसानी होती है।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग, ग्रामीण सड़कें और सीमांत सड़कें प्रमुख सड़क वर्ग हैं।
  • स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग परियोजना भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ती है।
  • पक्की सड़कें बारहमासी होती हैं, जबकि कच्ची सड़कें वर्षा में अनुपयोगी हो जाती हैं।
  • 📌 राष्ट्रीय राजमार्ग: देश के दूरस्थ भागों को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें।
  • 📌 राज्य राजमार्ग: राज्य की राजधानी को जिला मुख्यालयों से जोड़ने वाली सड़कें।
  • 📌 सीमांत सड़क संगठन: सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण करने वाला संगठन।

रेल परिवहन

व्याख्या

रेल परिवहन

भारत में रेल परिवहन वस्तुओं और यात्रियों के परिवहन का एक प्रमुख साधन है। यह व्यापार, पर्यटन, तीर्थ यात्रा और लंबी दूरी तक माल के परिवहन में सहायक है। भारतीय रेलवे पिछले 150 वर्षों से देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग और कृषि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका

अभ्यास प्रश्नChapter 7

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.क्या होगा यदि प्रकाश वायु से जल में गमन करता है?
A.किरण अभिलम्ब से दूर झुक जाएगा
B.किरण अभिलम्ब की ओर झुकेगा
C.किरण बिना किसी विक्षेपण के गमन कर जाएंगे
D.किरण पुनः परावर्तित हो जाएगी

उत्तर:

किरण अभिलम्ब की ओर झुकेगा

व्याख्या:

[{"id": "01c04b3c-46c2-4212-9dd3-90744af32abe", "type": "html", "value": " जैसे जल वायु से सघन माध्यम है। जब प्रकाश विरल से सघन माध्यम में गमन करता है तो अभिलम्ब की ओर झुक जाता है। "}]

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Q2.किसी भी माध्यम के निरपेक्ष (absolute) अपवर्तनांक को इस प्रकार दर्शाया जा सकता है?
A.माध्यम में प्रकाश की चाल/वायु में प्रकाश की चाल
B.माध्यम में प्रकाश की चाल/जल में प्रकाश की चाल
C.जल में प्रकाश की चाल/माध्यम में प्रकाश की चाल
D.वायु में प्रकाश की चाल/माध्यम में प्रकाश की चाल

उत्तर:

वायु में प्रकाश की चाल/माध्यम में प्रकाश की चाल

व्याख्या:

[{"id": "ac89003e-7f82-474c-a280-0c72d07a612f", "type": "html", "value": " किसी माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक उस विशेष माध्यम में प्रकाश की चाल के संबंध में वायु में प्रकाश की चाल का अनुपात है। "}]

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Q3.प्रकाश की एक किरण 3,00,000 ᵏᵐ⁄ₛ की चाल से गति कर रही है, जब वह एक गिलास से टकराती है तब प्रकाश की चाल घटकर 2,00,000 ᵏᵐ⁄ₛ. रह जाती है। काँच का अपवर्तनांक क्या होगा?
A.6
B.3
C.1.5
D.2.5

उत्तर:

1.5

व्याख्या:

[{"id": "25a8ee02-0baf-40f3-921c-ae3943e3ccc3", "type": "html", "value": " वायु में प्रकाश की चाल = 300000 काँच में प्रकाश की चाल = 200000 काँच का अपवर्तनांक = वायु में प्रकाश की चाल/काँच में प्रकाश की चाल =³⁰⁰⁰⁰⁰⁄₂₀₀₀₀₀ =³⁄₂ =1.5 "}]

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Q4.निम्नलिखित में से कौन सा तत्व चुंबक की ओर आकर्षित नहीं हो सकता है?
A.कोबाल्ट
B.आयरन
C.कार्बन
D.निकल (Nickel)

उत्तर:

कार्बन

व्याख्या:

[{"id": "0367f625-95df-414a-b6a3-21323d04534b", "type": "html", "value": " निकल (Nickel), कोबाल्ट और आयरन जैसे तत्व चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं किंतु कार्बन नहीं। "}]

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Q5.जिस क्षेत्र में चुंबक लौह चूर्ण पर बल आरोपित करता है उसे _________ के रूप में जाना जाता है।
A.चुंबक
B.वैद्युतचुंबक
C.चुंबकीय क्षेत्र
D.चुंबक का ध्रुव

उत्तर:

चुंबकीय क्षेत्र

व्याख्या:

[{"id": "db9570d1-620f-4363-a7f8-016dbbe003fb", "type": "html", "value": " जिस क्षेत्र में लौह चूर्ण, चुंबक द्वारा आरोपित बल स्वयं पर अनुभव करते है, उसे चुंबक का चुंबकीय क्षेत्र कहा जाता है। "}]

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Q6.ध्रुवों के पास लौह चूर्ण की निकटता का स्तर ___________ दर्शाती है।
A.ध्रुवों के पास चुंबकीय क्षेत्र दुर्बल है
B.ध्रुवों के पास चुंबकीय क्षेत्र प्रबल है
C.चुंबकीय क्षेत्र को केवल ध्रुवों के निकट ही अनुभव किया जा सकता है
D.चुंबकीय क्षेत्र ध्रुवों द्वारा प्रभावित नहीं होता है

उत्तर:

ध्रुवों के पास चुंबकीय क्षेत्र प्रबल है

व्याख्या:

[{"id": "5d2cd99f-90f8-4dfe-949f-6f6720d7b5e4", "type": "html", "value": " चुंबकीय क्षेत्र की सापेक्ष शक्ति क्षेत्र रेखाओं की निकटता की स्तर द्वारा प्रदर्शित होती है। इसलिए, लौह चूर्ण ध्रुवों के निकट घनित होते हैं जो यह दर्शाता है कि ध्रुवों के निकट चुंबकीय क्षेत्र अधिक प्रबल है। "}]

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Q7.खिलौने का एक सेट (एक कार और एक रिमोट) जिसमें जादुई उपकरणों का एक सेट संलग्न होता है। जब भी रिमोट कार के पश्च हिस्से के निकट आता है। कार आगे की दिशा में गति करने लगती है। उनमें संलग्न जादुई उपकरणों का सेट क्या हो सकता है?
A.प्रत्येक खिलौने में चुम्बकों का एक सेट, जिसमें भिन्न ध्रुव परस्पर समक्ष हों
B.प्रत्येक खिलौने में चुम्बकों का एक सेट, जिसमें सम ध्रुव परस्पर समक्ष हों
C.रिमोट में चुम्बक और कार में आयरन छड़
D.रिमोट में कोबाल्ट रिंग और कार में आयरन छड़

उत्तर:

प्रत्येक खिलौने में चुम्बकों का एक सेट, जिसमें सम ध्रुव परस्पर समक्ष हों

व्याख्या:

[{"id": "b0ce6136-cbd9-49a2-8d29-02288fd2647e", "type": "html", "value": " हमें संज्ञान हैं कि समजातीय ध्रुव परस्पर प्रतिकर्षण करते हैं। जब कार में दो उत्तरी या दक्षिणी ध्रुव रखे जाते हैं और रिमोट ऐसा होता है कि वे परस्पर समक्ष हों, इस कारण जब भी रिमोट कार के निकट आता है। यह आगे की दिशा में गति करना आरंभ कर देगी। "}]

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Q8.चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
A.चुम्बक के अंतर्गत चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर ली जाती है
B.चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा चुम्बक के बाह्य दक्षिण से उत्तर की ओर ली जाती है
C.चुम्बक के अंतर्गत चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिण से उत्तर की ओर ली जाती है
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

चुम्बक के अंतर्गत चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिण से उत्तर की ओर ली जाती है

व्याख्या:

[{"id": "919dd077-b889-40b5-aa2c-c98aafdae736", "type": "html", "value": " चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा चुम्बक के बाह्य उत्तर से दक्षिण की ओर तथा चुम्बक के अंतर्गत दक्षिण से उत्तर की ओर ली जाती है। "}]

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