Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
लेखक परिचय
व्याख्यालेखक परिचय
स्वयं प्रकाश का जन्म 1947 में इंदौर, मध्यप्रदेश में हुआ था। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में नौकरी की। उनका बचपन और नौकरी का अधिकांश समय राजस्थान में बीता। स्वयं प्रकाश वसुधा पत्रिका के संपादन से जुड़े रहे। वे 1980 के दशक में उभरे और समकालीन हिंदी कहानी के महत्वपूर्ण लेखक माने जाते हैं। उनके तेरह कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें 'सूरज कब निकलेगा', 'आएँगे अच्छे दिन भी', 'आदमी जात का आदमी' और 'संधान' उल्लेखनीय हैं। इसके अलावा उनके उपन्यास 'विनय' और 'ईंधन' भी चर्चित रहे। उन्हें पहल सम्मान, बनमाली पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार आदि से सम्मानित किया गया। उनका निधन 2019 में हुआ। स्वयं प्रकाश की कहानियाँ मध्यवर्गीय जीवन की सजीव तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। वे वर्ग-शोषण के विरुद्ध चेतना जगाते हैं और सामाजिक जीवन में जाति, संप्रदाय तथा लिंग के आधार पर हो रहे भेदभाव के खिलाफ प्रतिकार का स्वर उठाते हैं। उनकी कहानियाँ रोचक किस्सागोई शैली में लिखी गई हैं, जो हिंदी की वाचिक परंपरा को समृद्ध करती हैं।
- स्वयं प्रकाश का जन्म 1947 में इंदौर में हुआ।
- उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
- उनके तेरह कहानी संग्रह प्रकाशित हैं।
- वे सामाजिक भेदभाव और वर्ग-शोषण के खिलाफ लिखते थे।
- उन्हें कई साहित्यिक पुरस्कार मिले।
- उनका निधन 2019 में हुआ।
- 📌 स्वयं प्रकाश: समकालीन हिंदी कहानी के प्रमुख लेखक।
- 📌 वाचिक परंपरा: मौखिक कथा कहने की परंपरा।
- 📌 वर्ग-शोषण: समाज के निचले वर्गों का शोषण।
कहानी का परिचय: नेताजी का चश्मा
व्याख्याकहानी का परिचय: नेताजी का चश्मा
कहानी 'नेताजी का चश्मा' एक छोटे कस्बे की पृष्ठभूमि में रची गई है, जहाँ नेताजी सुभाषचंद्र बोस की एक संगमरमर की मूर्ति लगी है। यह मूर्ति उस कस्बे के मुख्य बाजार के चौराहे पर स्थापित है। मूर्ति का आकार लगभग दो फुट ऊँचा है और यह नेताजी को फौजी वर्दी में दर्शाती है। कहानी का मुख्य आकर्षण नेताजी की आँखों पर लगे चश्मे का है, जो मूर्ति का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक स्थानीय चश्मेवाले द्वारा लगाया जाता है। कस्बे में हालदार साहब नामक व्यक्ति हर पंद्रह दिन बाद काम के सिलसिले में गुजरते हैं। वे मूर्ति के चश्मे में बार-बार बदलाव देखते हैं। कभी मोटे फ्रेम वाला चौकोर चश्मा, कभी तार का गोल चश्मा, कभी धूप का चश्मा आदि। यह चश्मा मूर्ति पर चश्मेवाले कैप्टन द्वारा लगाया जाता है। कैप्टन एक लंगड़ा, बूढ़ा व्यक्ति है जो फेरी लगाता है और अपनी छोटी दुकान में उपलब्ध चश्मों में से किसी को मूर्ति पर फिट कर देता है। जब कोई ग्राहक उसी तरह का चश्मा चाहता है, तो वह मूर्ति से चश्मा उतारकर ग्राहक को दे देता है और बाद में दूसरे चश्मे से मूर्ति को सजाता है। यह कहानी देशभक्ति और आम नागरिकों के योगदान को दर्शाती है। यह बताती है कि देश के निर्माण में केवल सेनानी ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे लोग भी अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। कहानी में चश्मेवाले की देशभक्ति और उसकी संवेदनशीलता को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
- कहानी का केंद्रबिंदु नेताजी सुभाषचंद्र बोस की संगमरमर की मूर्ति है।
- मूर्ति की आँखों पर चश्मा नहीं था, इसलिए एक चश्मेवाला उसे चश्मा लगाता था।
- चश्मेवाला कैप्टन नाम का बूढ़ा लंगड़ा व्यक्ति था जो फेरी लगाता था।
- चश्मा बार-बार बदलता रहता था, जो लोगों का ध्यान आकर्षित करता था।
- कहानी देशभक्ति के विभिन्न रूपों को उजागर करती है।
- यह आम आदमी के योगदान और संवेदनशीलता को दर्शाती है।
- 📌 नेताजी सुभाषचंद्र बोस: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता।
- 📌 चश्मेवाला कैप्टन: कहानी का मुख्य पात्र जो मूर्ति पर चश्मा लगाता है।
- 📌 देशभक्ति: अपने देश के प्रति प्रेम और समर्पण।
कहानी के पात्र और उनका चरित्र
व्याख्याकहानी के पात्र और उनका चरित्र
कहानी के मुख्य पात्र हैं—कैप्टन चश्मेवाला, हालदार साहब, पानवाला और कस्बे के अन्य लोग। कैप्टन चश्मेवाला एक बूढ़ा, लंगड़ा व्यक्ति है जो फेरी लगाता है और अपनी छोटी-सी दुकान में चश्मे रखता है। वह मूर्ति पर चश्मा लगाकर उसे सजाता है। उसकी यह आदत उसकी देशभ
अभ्यास प्रश्न — Chapter 7
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.वज़ीर अली ने अवध पर कितने महीनों तक हुकूमत की ?
उत्तर:
पाँच महीने
Q2.सआदत अली और वज़ीर अली का आपस में क्या रिश्ता था ?
उत्तर:
चाचा – भतीजा
Q3.अंग्रेजों का पिट्ठू कौन था ?
उत्तर:
सआदत अली
Q4.‘आवाज़ उठाना’ मुहावरे का सही अर्थ है -
उत्तर:
विरोध करना
Q5.‘जानिसार’ शब्द का अर्थ है -
उत्तर:
स्वामिभक्त
Q6.शाहे – ज़मा कहाँ का बादशाह था ?
उत्तर:
अफ़गानिस्तान का
Q7.अवध के विद्रोही शासक किसे कहा गया ?
उत्तर:
वज़ीर अली को
Q8.कंपनी के वकील का क़त्ल किसने किया ?
उत्तर:
वज़ीर अली ने