Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
सामाजिक मनोविज्ञान मनोविज्ञान की वह शाखा है जो यह अध्ययन करती है कि किसी व्यक्ति का व्यवहार दूसरों तथा उसके सामाजिक परिवेश से किस प्रकार प्रभावित होता है। प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी विषय, वस्तु या व्यक्ति के प्रति एक विशिष्ट दृष्टिकोण या अभिवृत्ति विकसित करता है। ये अभिवृत्तियाँ उसके विचार, भावना और व्यवहार को प्रभावित करती हैं। सामाजिक व्यवहार केवल दूसरों की संगति में रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन प्रक्रियाओं का अध्ययन है जिनके द्वारा व्यक्ति अपने सामाजिक परिवेश के साथ अंतःक्रिया करता है। इस अध्याय में अभिवृत्ति और सामाजिक संज्ञान से जुड़े मूलभूत विचारों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा। सामाजिक संदर्भ व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करता है, इसलिए सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं और सामाजिक व्यवहार दोनों का अध्ययन आवश्यक है। समाज मनोवैज्ञानिक यह समझने का प्रयास करते हैं कि लोग स्वयं और दूसरों के व्यवहार को किस प्रकार देखते हैं और उससे क्या अर्थ निकालते हैं। इस समझ के लिए सामान्य बुद्धि से परे जाकर विश्लेषण करना आवश्यक होता है।
- सामाजिक मनोविज्ञान व्यक्ति के व्यवहार को सामाजिक परिवेश से जोड़कर समझता है।
- अभिवृत्ति किसी विषय के प्रति व्यक्ति का स्थायी मानसिक दृष्टिकोण है।
- सामाजिक व्यवहार केवल संगति में रहने तक सीमित नहीं है बल्कि अंतःक्रिया की प्रक्रिया है।
- सामाजिक संज्ञान और सामाजिक व्यवहार दोनों का अध्ययन आवश्यक है।
- व्यक्ति अपने और दूसरों के व्यवहार को समझने के लिए गहन सोच की आवश्यकता होती है।
- 📌 सामाजिक मनोविज्ञान: वह शाखा जो सामाजिक व्यवहार और सामाजिक प्रभावों का अध्ययन करती है।
- 📌 अभिवृत्ति: किसी विषय, वस्तु या व्यक्ति के प्रति स्थायी मानसिक दृष्टिकोण।
- 📌 सामाजिक संज्ञान: दूसरों के व्यवहार और भावनाओं को समझने की प्रक्रिया।
सामाजिक व्यवहार की व्याख्या करना
व्याख्यासामाजिक व्यवहार की व्याख्या करना
सामाजिक व्यवहार मानव जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। सामाजिक होने का अर्थ केवल दूसरों के साथ रहना नहीं बल्कि उनके साथ अंतःक्रिया करना है। सामाजिक मनोविज्ञान उन सभी व्यवहारों का अध्ययन करता है जो दूसरों की वास्तविक, कल्पित या अनुमानित उपस्थिति में घटित होते हैं। सामाजिक प्रभाव के कारण व्यक्ति किसी विषय या व्यक्ति के प्रति एक दृष्टिकोण या अभिवृत्ति विकसित करता है, जो व्यवहारात्मक प्रवृत्ति के रूप में प्रकट होती है। सामाजिक संदर्भ व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करता है, इसलिए सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं और सामाजिक व्यवहार दोनों का अध्ययन आवश्यक है। समाज मनोवैज्ञानिक यह समझने का प्रयास करते हैं कि लोग स्वयं तथा दूसरों के व्यवहार को किस रूप में देखते हैं और उससे क्या अर्थ निकालते हैं। इस प्रक्रिया को समझने के लिए सामान्य बुद्धि से परे जाकर विश्लेषण करना आवश्यक होता है।
- सामाजिक व्यवहार केवल संगति में रहने तक सीमित नहीं है।
- सामाजिक मनोविज्ञान व्यवहारों का अध्ययन करता है जो दूसरों की उपस्थिति में होते हैं।
- सामाजिक प्रभाव से व्यक्ति की अभिवृत्ति बनती है।
- सामाजिक संदर्भ व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करता है।
- व्यवहार और सामाजिक संज्ञान दोनों का अध्ययन आवश्यक है।
- 📌 सामाजिक व्यवहार: वह व्यवहार जो सामाजिक संदर्भ में होता है।
- 📌 सामाजिक प्रभाव: दूसरों के प्रभाव से व्यक्ति के विचार और व्यवहार में परिवर्तन।
अभिवृत्ति की प्रकृति एवं घटक
व्याख्याअभिवृत्ति की प्रकृति एवं घटक
अभिवृत्ति किसी व्यक्ति के मन में किसी विषय, वस्तु, घटना या व्यक्ति के प्रति बनने वाली स्थायी मानसिक प्रवृत्ति है, जो उसके विचार, भावना और व्यवहार को प्रभावित करती है। अभिवृत्ति के तीन मुख्य घटक होते हैं: संज्ञानात्मक (cognitive), भावात्मक (affective)
अभ्यास प्रश्न — Chapter 6
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.एक समाचारपत्र या पत्रिका से एक ऐसा विज्ञापन काटिए जिसमें कुछ विशिष्ट हों और वह आपका ध्यान आकर्षित करता हो। विज्ञापन के बारे में निम्नलिखित विवरण लिखें एवं अपनी कक्षा में प्रस्तुत करें। - विज्ञापन का विषय (उदाहरणार्थ, क्या विज्ञापन उपभोक्ता वस्तु, किसी खाद्य पदार्थ, एक कंपनी, स्वास्थ्य संबंधी विषय, एक राष्ट्रीय विषय आदि के बारे में है)। - विज्ञापन के अच्छे एवं खराब परिणाम। - इसमें एक तार्किक अपील है अथवा एक सांवेगिक अपील है। - क्या इसमें एक लोकप्रिय हस्ती है – एक विशेषज्ञ स्रोत, या बहुत पसंदीदा व्यक्ति।
उत्तर:
यह प्रश्न एक क्रियाकलाप है जिसमें विद्यार्थी को स्वयं एक विज्ञापन चुनकर उसके विषय, अच्छे-बुरे परिणाम, तार्किक या सांवेगिक अपील, तथा उसमें प्रयुक्त लोकप्रिय हस्ती या विशेषज्ञ स्रोत की जानकारी एकत्रित कर कक्षा में प्रस्तुत करना है। इसलिए इसका उत्तर विद्यार्थी के द्वारा चुने गए विज्ञापन पर निर्भर करेगा।
व्याख्या:
यह क्रियाकलाप विद्यार्थियों को विज्ञापन के विश्लेषण की क्षमता विकसित करने के लिए दिया गया है। विद्यार्थी विज्ञापन के विषय, प्रभाव, और उसमें प्रयुक्त अपील के प्रकार को समझकर सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से उसका मूल्यांकन करेंगे।
Q2.निम्नलिखित अभ्यास आपको यह समझने में सहायक होगा कि आप एवं आपका सर्वश्रेष्ठ मित्र एक-दूसरे को कितनी अच्छी तरह से जानते हैं। नीचे सूचीबद्ध किए गए प्रत्येक गुण का स्वयं के बारे में (स्तंभ 1) और अपने सर्वश्रेष्ठ मित्र के बारे में (स्तंभ 2) मूल्यांकन कीजिए। अपने मित्र से भी इसी प्रकार का मूल्यांकन स्वयं के लिए (स्तंभ 1) और आपके लिए (स्तंभ 2) करने के लिए कहिए। निम्नलिखित निर्धारण मापनी का उपयोग कीजिए। | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | | --- | --- | --- | --- | --- | | इस गुण पर बहुत कम | कम | न अधिक न कम | अधिक | इस गुण पर बहुत अधिक | जब आप एवं आपका मित्र मूल्यांकन कार्य कर लें तब अपने मित्र के अनुक्रिया पत्र से स्तंभ 2 के मापनी मूल्य को अपने पत्र के स्तंभ 3 में लिख लें। प्रत्येक गुण के लिए स्तंभ 3 एवं स्तंभ 1 के मापनी मूल्य की तुलना कीजिए। अपने मित्र से भी ऐसा ही करने के लिए कहिए- अर्थात वह आपके स्तंभ 2 के मापनी मूल्य को अपने पत्र के स्तंभ 3 में लिख ले एवं इस मापनी मूल्य की तुलना अपने स्तंभ 1 के मापनी मूल्य से करे। स्तंभ 3 के मापनी मूल्य में से स्तंभ 1 के मापनी मूल्य को घटाकर स्तंभ 4 में लिखें। | स्तंभ-1 | स्तंभ-2 | स्तंभ-3 | स्तंभ-4 | | --- | --- | --- | --- | | आप अपना स्वयं मूल्यांकन कीजिए | आप अपने मित्र का मूल्यांकन कीजिए | आपका आपके मित्र द्वारा मूल्यांकन | स्तंभ 3 - स्तंभ 1 | मैत्रीपूर्ण (मित्रवत) तनावपूर्ण निश्चल मधुर नए विचारों के लिए खुलापन निम्नलिखित की जाँच कीजिए। क्या स्तंभ 4 में कोई शून्य है? किस गुण में सर्वाधिक अंतर है? किस गुण में अंतर न्यूनतम है (शून्य के अतिरिक्त)? क्या आम तौर पर जो मापनी मूल्य आपके मित्र ने आपको दिया है उसकी तुलना में आपने स्वयं को अधिक या कम मापनी मूल्य दिया है? क्या जो मापनी मूल्य आपने अपने मित्र को दिया है उसकी तुलना में आपके मित्र ने स्वयं को अधिक या कम मापनी मूल्य दिया है? मात्र अंतर को दिशा जानने के लिए अंतर का चिह्न (धन या ऋण) लिख लेना चाहिए। आप दोनों के लिए स्तंभ 3 एवं स्तंभ 1 का मापनी मूल्य जितना समीप होगा उतना ही बेहतर आप एक-दूसरे को जानते हैं। आप अपने स्तंभ 1 की अपने मित्र के स्तंभ 1 से तुलना भी कर सकते हैं। ये दोनों मूल्यांकन जितने ही समान होंगे उतनी ही अधिक समानता आपके एवं आपके मित्र में होगी।
उत्तर:
यह अभ्यास एक मूल्यांकन कार्य है जिसमें आप और आपका मित्र एक-दूसरे के व्यक्तित्व के विभिन्न गुणों का मूल्यांकन करते हैं। प्रत्येक गुण के लिए आप स्वयं और अपने मित्र के बारे में मापनी पर अंक देते हैं। फिर मित्र के द्वारा दिए गए मूल्यांकन को अपने मूल्यांकन से तुलना कर स्तंभ 4 में अंतर लिखते हैं। इस प्रक्रिया से आप यह समझ सकते हैं कि आप दोनों एक-दूसरे को कितनी अच्छी तरह जानते हैं। सही उत्तर के लिए: 1. सभी गुणों के लिए स्तंभ 4 में अंतर देखें, यदि कोई शून्य है तो वह गुण दोनों के मूल्यांकन में समानता दर्शाता है। 2. सबसे अधिक अंतर वाले गुण को पहचानें, यह दर्शाता है कि उस गुण के बारे में आपकी और मित्र की धारणा में अधिक भिन्नता है। 3. सबसे कम अंतर वाले गुण (शून्य के अतिरिक्त) को पहचानें, यह दर्शाता है कि उस गुण के बारे में आपकी और मित्र की धारणा अधिक समान है। 4. देखें कि आपने अपने मित्र को जो मूल्यांकन दिया है, उसमें आपने स्वयं को अधिक या कम आंका है। 5. देखें कि आपके मित्र ने स्वयं को अपने मूल्यांकन में अधिक या कम आंका है। 6. अंतर के चिह्न (धन या ऋण) से दिशा ज्ञात करें। इस अभ्यास से आप और आपका मित्र अपनी और एक-दूसरे की अभिवृत्तियों को बेहतर समझ पाएंगे।
व्याख्या:
यह अभ्यास सामाजिक संज्ञान और अभिवृत्ति के विषय में आपकी समझ को बढ़ाने के लिए है। मूल्यांकन के स्तंभों के बीच तुलना से आप यह जान सकते हैं कि आप और आपका मित्र एक-दूसरे को कितनी अच्छी तरह जानते हैं। अंतर के चिह्न से यह भी पता चलता है कि किस दिशा में मतभेद हैं। यह प्रक्रिया मित्रता और सामाजिक समझ को बढ़ावा देती है।
Q3.एक समाचारपत्र या पत्रिका से एक ऐसा विज्ञापन काटिए जिसमें कुछ विशिष्ट हों और वह आपका ध्यान आकर्षित करता हो। विज्ञापन के बारे में निम्नलिखित विवरण लिखें एवं अपनी कक्षा में प्रस्तुत करें। - विज्ञापन का विषय (उदाहरणार्थ, क्या विज्ञापन उपभोक्ता वस्तु, किसी खाद्य पदार्थ, एक कंपनी, स्वास्थ्य संबंधी विषय, एक राष्ट्रीय विषय आदि के बारे में है)। - विज्ञापन के अच्छे एवं खराब परिणाम। - इसमें एक तार्किक अपील है अथवा एक सांवेगिक अपील है। - क्या इसमें एक लोकप्रिय हस्ती है – एक विशेषज्ञ स्रोत, या बहुत पसंदीदा व्यक्ति।
उत्तर:
यह प्रश्न एक क्रियाकलाप है जिसमें विद्यार्थी को स्वयं एक विज्ञापन चुनकर उसके विषय, अच्छे एवं खराब परिणाम, तार्किक या सांवेगिक अपील, तथा उसमें प्रयुक्त लोकप्रिय हस्ती या विशेषज्ञ स्रोत के बारे में लिखना है। इस प्रश्न का उत्तर विद्यार्थी के द्वारा चुने गए विज्ञापन पर निर्भर करेगा। उत्तर में विज्ञापन का विषय स्पष्ट किया जाएगा, उसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव बताए जाएंगे, यह बताया जाएगा कि विज्ञापन में तार्किक अपील है या भावनात्मक अपील, और अंत में यह उल्लेख किया जाएगा कि विज्ञापन में कोई प्रसिद्ध व्यक्ति या विशेषज्ञ स्रोत है या नहीं।
व्याख्या:
यह एक व्यावहारिक क्रियाकलाप है जो विद्यार्थियों को विज्ञापन के विश्लेषण और सामाजिक मनोविज्ञान के सिद्धांतों को समझने में मदद करता है। विद्यार्थी को विज्ञापन के विभिन्न पहलुओं पर विचार करना होगा और कक्षा में प्रस्तुत करना होगा।
Q4.निम्नलिखित अभ्यास आपको यह समझने में सहायक होगा कि आप एवं आपका सर्वश्रेष्ठ मित्र एक-दूसरे को कितनी अच्छी तरह से जानते हैं। नीचे सूचीबद्ध किए गए प्रत्येक गुण का स्वयं के बारे में (स्तंभ 1) और अपने सर्वश्रेष्ठ मित्र के बारे में (स्तंभ 2) मूल्यांकन कीजिए। अपने मित्र से भी इसी प्रकार का मूल्यांकन स्वयं के लिए (स्तंभ 1) और आपके लिए (स्तंभ 2) करने के लिए कहिए। निम्नलिखित निर्धारण मापनी का उपयोग कीजिए। | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | | --- | --- | --- | --- | --- | | इस गुण पर बहुत कम | कम | न अधिक न कम | अधिक | इस गुण पर बहुत अधिक | जब आप एवं आपका मित्र मूल्यांकन कार्य कर लें तब अपने मित्र के अनुक्रिया पत्र से स्तंभ 2 के मापनी मूल्य को अपने पत्र के स्तंभ 3 में लिख लें। प्रत्येक गुण के लिए स्तंभ 3 एवं स्तंभ 1 के मापनी मूल्य की तुलना कीजिए। अपने मित्र से भी ऐसा ही करने के लिए कहिए- अर्थात वह आपके स्तंभ 2 के मापनी मूल्य को अपने पत्र के स्तंभ 3 में लिख ले एवं इस मापनी मूल्य की तुलना अपने स्तंभ 1 के मापनी मूल्य से करे। स्तंभ 3 के मापनी मूल्य में से स्तंभ 1 के मापनी मूल्य को घटाकर स्तंभ 4 में लिखें। | स्तंभ-1 | स्तंभ-2 | स्तंभ-3 | स्तंभ-4 | | --- | --- | --- | --- | | आप अपना स्वयं मूल्यांकन कीजिए | आप अपने मित्र का मूल्यांकन कीजिए | आपका आपके मित्र द्वारा मूल्यांकन | स्तंभ 3 - स्तंभ 1 | मैत्रीपूर्ण (मित्रवत) तनावपूर्ण निश्चल मधुर नए विचारों के लिए खुलापन निम्नलिखित की जाँच कीजिए। क्या स्तंभ 4 में कोई शून्य है? किस गुण में सर्वाधिक अंतर है? किस गुण में अंतर न्यूनतम है (शून्य के अतिरिक्त)? क्या आम तौर पर जो मापनी मूल्य आपके मित्र ने आपको दिया है उसकी तुलना में आपने स्वयं को अधिक या कम मापनी मूल्य दिया है? क्या जो मापनी मूल्य आपने अपने मित्र को दिया है उसकी तुलना में आपके मित्र ने स्वयं को अधिक या कम मापनी मूल्य दिया है? मात्र अंतर को दिशा जानने के लिए अंतर का चिह्न (धन या ऋण) लिख लेना चाहिए। आप दोनों के लिए स्तंभ 3 एवं स्तंभ 1 का मापनी मूल्य जितना समीप होगा उतना ही बेहतर आप एक-दूसरे को जानते हैं। आप अपने स्तंभ 1 की अपने मित्र के स्तंभ 1 से तुलना भी कर सकते हैं। ये दोनों मूल्यांकन जितने ही समान होंगे उतनी ही अधिक समानता आपके एवं आपके मित्र में होगी।
उत्तर:
यह अभ्यास इस बात को समझने के लिए है कि आप और आपका मित्र एक-दूसरे को कितना अच्छी तरह जानते हैं। इसके लिए आप दोनों को नीचे दिए गए गुणों के लिए स्वयं और अपने मित्र के बारे में मूल्यांकन करना होगा। मूल्यांकन के बाद, अपने मित्र के मूल्यांकन को अपने पत्र में दर्ज करें और अंतर निकालें। फिर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें: 1. क्या स्तंभ 4 में कोई शून्य है? इसका अर्थ है कि उस गुण के बारे में आपकी और आपके मित्र की धारणा बिल्कुल समान है। 2. किस गुण में सर्वाधिक अंतर है? यह वह गुण होगा जिसमें आपकी और मित्र की धारणा सबसे अधिक भिन्न है। 3. किस गुण में अंतर न्यूनतम है (शून्य के अतिरिक्त)? यह वह गुण होगा जिसमें आपकी और मित्र की धारणा सबसे अधिक समान है, शून्य को छोड़कर। 4. क्या आपने स्वयं को अपने मित्र द्वारा दिए गए मूल्यांकन की तुलना में अधिक या कम मापनी मूल्य दिया है? 5. क्या आपके मित्र ने स्वयं को आपके द्वारा दिए गए मूल्यांकन की तुलना में अधिक या कम मापनी मूल्य दिया है? अंतर के चिह्न (धन या ऋण) से दिशा ज्ञात करें। अंत में, स्तंभ 3 और स्तंभ 1 के मूल्य जितने समीप होंगे, उतना ही बेहतर आप एक-दूसरे को जानते हैं। आप अपने और मित्र के स्तंभ 1 के मूल्य की तुलना भी कर सकते हैं, जिससे आपकी समानता का पता चलेगा।
व्याख्या:
यह अभ्यास सामाजिक संज्ञान और अभिवृत्ति के अंतर्गत आता है। यह आपको और आपके मित्र को एक-दूसरे की समझ का आकलन करने में मदद करता है। मूल्यांकन के बाद अंतर निकालना और उसका विश्लेषण करना आवश्यक है ताकि यह पता चले कि आप दोनों के बीच कितनी समानता या भिन्नता है। यह प्रक्रिया मित्रता और सामाजिक समझ को बेहतर बनाने में सहायक होती है।
Q5.अभिवृत्ति क्या है और इसके तीन प्रमुख घटक कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
अभिवृत्ति मन की वह अवस्था है जो किसी विषय के प्रति विचारों, भावनाओं और व्यवहार की प्रवृत्ति को दर्शाती है। इसके तीन प्रमुख घटक हैं: संज्ञानात्मक (cognitive) जो विचारों को दर्शाता है, भावात्मक (affective) जो भावनाओं को दर्शाता है, और व्यवहारपरक (behavioural) जो क्रियाओं की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
व्याख्या:
अभिवृत्ति किसी विषय, वस्तु या व्यक्ति के प्रति मन में बनी स्थायी मानसिक स्थिति है। यह तीन घटकों से मिलकर बनती है: (a) संज्ञानात्मक घटक जिसमें व्यक्ति के विचार और मान्यताएँ शामिल होती हैं, (b) भावात्मक घटक जिसमें उस विषय के प्रति भावनाएँ जैसे प्रसन्नता या दुःख शामिल हैं, और (c) व्यवहारपरक घटक जिसमें उस विषय के प्रति क्रिया करने की प्रवृत्ति होती है। ये तीनों मिलकर अभिवृत्ति की पूर्ण संरचना बनाते हैं।
Q6.सामाजिक मनोविज्ञान किस प्रकार के व्यवहारों का अध्ययन करता है और इसका उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर:
सामाजिक मनोविज्ञान उन व्यवहारों का अध्ययन करता है जो दूसरों की वास्तविक, कल्पित या अनुमानित उपस्थिति में घटित होते हैं। इसका उद्देश्य यह समझना है कि व्यक्ति का व्यवहार सामाजिक परिवेश और अन्य व्यक्तियों से कैसे प्रभावित होता है।
व्याख्या:
सामाजिक मनोविज्ञान एक शाखा है जो यह अध्ययन करती है कि व्यक्ति का व्यवहार दूसरों की उपस्थिति में कैसे होता है। यह व्यवहार वास्तविक, कल्पित या अनुमानित उपस्थिति में हो सकता है। इसका उद्देश्य सामाजिक संदर्भ के प्रभाव को समझना और यह जानना है कि लोग स्वयं और दूसरों के व्यवहार को कैसे देखते हैं और उससे क्या अर्थ निकालते हैं।
Q7.अभिवृत्ति के संज्ञानात्मक, भावात्मक और व्यवहारपरक घटकों का उदाहरण देते हुए समझाइए कि ये तीनों घटक किस प्रकार एक-दूसरे से संबंधित हैं।
उत्तर:
(a) परिचय: अभिवृत्ति के तीन घटक होते हैं जो व्यक्ति के दृष्टिकोण को प्रभावित करते हैं। (b) संज्ञानात्मक घटक: यह व्यक्ति के विचार और मान्यताएँ दर्शाता है, जैसे पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझना। (c) भावात्मक घटक: यह उस विषय के प्रति भावनाएँ दर्शाता है, जैसे हरियाली देखकर प्रसन्नता या पेड़ कटते देख दुख। (d) व्यवहारपरक घटक: यह उस विषय के प्रति क्रिया या व्यवहार की प्रवृत्ति दर्शाता है, जैसे वृक्षारोपण अभियान में भाग लेना। (e) निष्कर्ष: ये तीनों घटक एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और अभिवृत्ति की पूर्णता के लिए संगति आवश्यक होती है, हालांकि कभी-कभी इनमें असंगति भी हो सकती है।
व्याख्या:
अभिवृत्ति के तीन घटक संज्ञानात्मक, भावात्मक और व्यवहारपरक हैं। संज्ञानात्मक घटक व्यक्ति के विचारों को दर्शाता है, जैसे किसी विषय के बारे में जानकारी। भावात्मक घटक उस विषय के प्रति भावनाएँ जैसे प्रसन्नता या दुःख को दर्शाता है। व्यवहारपरक घटक वह क्रिया है जो व्यक्ति उस विषय के प्रति करता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति पर्यावरण के महत्व को समझता है (संज्ञानात्मक), हरियाली देखकर खुश होता है (भावात्मक), और वृक्षारोपण में भाग लेता है (व्यवहारपरक), तो ये तीनों घटक अभिवृत्ति के ए-बि-सी घटक कहलाते हैं।
Q8.अभिवृत्ति और विश्वास में क्या अंतर होता है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अभिवृत्ति वह मानसिक अवस्था है जिसमें किसी विषय के प्रति विचार, भावना और व्यवहार की प्रवृत्ति होती है, जबकि विश्वास संज्ञानात्मक घटक होता है जो अभिवृत्ति का आधार बनता है। उदाहरण के लिए, ईश्वर में विश्वास एक विश्वास है, जबकि धार्मिक आस्था एक अभिवृत्ति है।
व्याख्या:
विश्वास अभिवृत्ति का संज्ञानात्मक घटक होता है और यह किसी तथ्य या धारणा को स्वीकारने का आधार होता है, जैसे ईश्वर में विश्वास। अभिवृत्ति में विश्वास के अलावा भावनाएँ और व्यवहार की प्रवृत्ति भी शामिल होती है। इसलिए विश्वास केवल सोच का हिस्सा है, जबकि अभिवृत्ति सोच, भावना और क्रिया की प्रवृत्ति का समूह है।
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