Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 6 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
6.1 भूमिका
व्याख्या6.1 भूमिका
इस अध्याय की शुरुआत में, हम रेखाओं और कोणों की मूलभूत अवधारणाओं को समझेंगे। आपने पहले अध्याय 5 में जाना कि एक रेखा को खींचने के लिए कम से कम दो बिंदुओं की आवश्यकता होती है। इस अध्याय में, हम उन गुणों का अध्ययन करेंगे जो तब प्रकट होते हैं जब दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं, तथा जब एक रेखा दो या अधिक समांतर रेखाओं को काटती है। इस अध्ययन में हम निगमनिक तर्क (deductive reasoning) का उपयोग कर कुछ महत्वपूर्ण ज्यामितीय कथनों को सिद्ध करेंगे। हमारे दैनिक जीवन में, समतल पृष्ठों के किनारों के बीच बने विभिन्न कोणों को देखा जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक झोपड़ी का मॉडल बनाते समय, हमें बाँसों को विभिन्न कोणों पर रखना पड़ता है। वास्तुकला, इंजीनियरिंग, और विज्ञान में भी रेखाओं और कोणों का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। प्रकाश के अपवर्तन का अध्ययन किरण आरेखों के माध्यम से किया जाता है, जहाँ रेखाओं और कोणों के गुणों का प्रयोग होता है। इसी प्रकार, बलों के आरेखों में भी कोणों का महत्व होता है। इस प्रकार, रेखाएँ और कोण न केवल गणितीय अवधारणाएँ हैं, बल्कि वे हमारे जीवन के अनेक क्षेत्रों में उपयोगी हैं। इस अध्याय में, हम रेखाओं और कोणों के विभिन्न प्रकार, उनके गुण, और उनके बीच के संबंधों को विस्तार से समझेंगे।
- रेखाएँ और कोण ज्यामिति की मूलभूत अवधारणाएँ हैं।
- दो रेखाओं के प्रतिच्छेदन से विभिन्न कोण बनते हैं।
- समांतर रेखाओं को काटने वाली रेखा से बने कोणों के गुण महत्वपूर्ण हैं।
- निगमनिक तर्क का उपयोग कर ज्यामितीय कथनों को सिद्ध किया जाएगा।
- दैनिक जीवन, वास्तुकला, विज्ञान आदि में रेखाओं और कोणों का व्यापक उपयोग है।
- 📌 रेखा: अनंत लंबाई वाली पतली आकृति जिसके कोई मोटाई नहीं होती।
- 📌 कोण: दो किरणों के बीच बनने वाला क्षेत्र।
- 📌 निगमनिक तर्क: सिद्धांतों से निष्कर्ष निकालने की विधि।
6.2 आधारभूत पद और परिभाषाएँ
परिभाषा6.2 आधारभूत पद और परिभाषाएँ
इस खंड में, हम रेखाओं और कोणों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण पदों और उनकी परिभाषाओं को पुनः याद करेंगे। - रेखाखंड (Line Segment): रेखा का वह भाग जिसके दो निश्चित अंत बिंदु होते हैं। उदाहरण के लिए, रेखाखंड AB। इसकी लंबाई AB से व्यक्त की जाती है। - किरण (Ray): रेखा का वह भाग जिसका एक निश्चित अंत बिंदु होता है और वह अनंत तक बढ़ती है। उदाहरण के लिए, किरण AB। - रेखा (Line): वह आकृति जो दोनों दिशाओं में अनंत तक बढ़ती है। इसे AB जैसी किसी दो बिंदुओं से निरूपित किया जाता है। - सरेख बिंदु (Collinear Points): यदि तीन या अधिक बिंदु एक ही रेखा पर स्थित हों, तो उन्हें सरेख बिंदु कहते हैं। अन्यथा, असरेख बिंदु कहलाते हैं। - कोण (Angle): जब दो किरणें एक सामान्य बिंदु से प्रारंभ होती हैं, तो उनके बीच बनने वाले क्षेत्र को कोण कहते हैं। इस सामान्य बिंदु को कोण का शीर्ष (vertex) कहा जाता है और दोनों किरणों को कोण की भुजाएँ (arms) कहते हैं। - कोणों के प्रकार: 1. न्यून कोण (Acute Angle): 0° < x < 90° 2. समकोण (Right Angle): y = 90° 3. अधिक कोण (Obtuse Angle): 90° < z < 180° 4. ऋजु कोण (Straight Angle): s = 180° 5. प्रतिवर्ती कोण (Reflex Angle): 180° < t < 360° - पूरक कोण (Complementary Angles): दो कोण जिनका योग 90° होता है। - संपूरक कोण (Supplementary Angles): दो कोण जिनका योग 180° होता है। - आसन्न कोण (Adjacent Angles): दो कोण जो एक ही शीर्ष साझा करते हैं, एक भुजा साझा करते हैं, और उनकी अन्य भुजाएँ विपरीत ओर होती हैं। - रैखिक युग्म (Linear Pair): दो आसन्न कोण जिनका योग 180° होता है। - शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles): दो रेखाओं के प्रतिच्छेदन पर बनने वाले ऐसे कोण जो एक-दूसरे के सामने होते हैं और बराबर होते हैं।
- रेखाखंड, किरण और रेखा में अंतर समझना आवश्यक है।
- सरेख और असरेख बिंदुओं की पहचान।
- कोण की परिभाषा और उसके घटक: शीर्ष और भुजाएँ।
- कोणों के पाँच प्रमुख प्रकार: न्यून, सम, अधिक, ऋजु, प्रतिवर्ती।
- पूरक और संपूरक कोणों का महत्व।
- आसन्न कोण, रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोण की विशेषताएँ।
- 📌 रेखाखंड: दो निश्चित बिंदुओं के बीच रेखा का भाग।
- 📌 किरण: एक निश्चित बिंदु से अनंत तक बढ़ने वाली रेखा।
- 📌 कोण: दो किरणों के बीच बनने वाला क्षेत्र।
6.3 प्रतिच्छेदी रेखाएँ और अप्रतिच्छेदी रेखाएँ
अवधारणा6.3 प्रतिच्छेदी रेखाएँ और अप्रतिच्छेदी रेखाएँ
इस खंड में, हम दो प्रकार की रेखाओं के बीच के संबंध को समझेंगे: प्रतिच्छेदी रेखाएँ और अप्रतिच्छेदी (समांतर) रेखाएँ। - प्रतिच्छेदी रेखाएँ: दो रेखाएँ यदि किसी बिंदु पर मिलती हैं, तो वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए, रेखाएँ PQ और RS यदि ब
अभ्यास प्रश्न — Chapter 6
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.अर्धवृत्त (semicircle) के व्यास (diameter) से केंद्र पर अंतरित कोण_____ का होता है।
उत्तर:
180⁰
व्याख्या:
[{"id": "7e502bfa-a623-40d0-8a97-c63099376e45", "type": "html", "value": " "}]
Q2.सर्वांगसम वृत्तों की समान ______ केंद्रों पर समान कोण अंतरित करती हैं।
उत्तर:
जीवाएं (Chords)
व्याख्या:
[{"id": "d676d75f-9ace-4663-a75d-8bb0dcd09244", "type": "html", "value": " सर्वांगसम वृत्तों की समान जीवाएं (chords) केंद्रों पर समान कोण अंतरित करती हैं। "}]
Q3.ऐसी रेखाएँ जो एक ही रेखा के समांतर (parallel) हों, वे परस्पर __________ होती हैं।
उत्तर:
समांतर (parallel)
व्याख्या:
[{"id": "1531fe4b-1933-4231-a438-865916fa0cdb", "type": "html", "value": " "}]
Q4.यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो, तो दो आसन्न कोणों (adjacent angles) का योग ______ होता है।
उत्तर:
180⁰
व्याख्या:
[{"id": "6fb67caf-b752-475d-a5bd-def7d32fb64d", "type": "html", "value": " "}]
Q5.(x - y)³ = ________________ होता है।
उत्तर:
x³- y³- 3x²y + 3xy²
व्याख्या:
[{"id": "761fb4e2-de4f-4e4c-9409-491dcb7b2589", "type": "html", "value": " (x - y)³ = x³- y³- 3x²y + 3xy² "}]
Q6.(4x - 6y - 10z)² को प्रसारित (expand) कीजिए ।
उत्तर:
16x² + 36y² + 100z² - 48xy + 120yz - 80xz
व्याख्या:
[{"id": "91f8ecce-ab8f-41cc-95d1-0668c922098a", "type": "html", "value": " यहां, हम सर्वसमिका का उपयोग करेंगे (x + y + z)² = x² + y² + z² + 2xy + 2yz + 2xz इसलिए, (4x - 6y - 10z)² = [4x + (-6y) + (-10z)]² = (4x)² + (-6y)² + (-10z)² + 2(4x)(-6y) + 2(-6y)(-10z) + 2(4x)(-10z) = 16x² + 36y² + 100z² - 48xy + 120yz - 80xz "}]
Q7.x(x + y)³ - 3x²y (x + y) का गुणनखंडन कीजिए ।
उत्तर:
x(x + y)(x²+ y²-xy)
व्याख्या:
[{"id": "66c63352-ef0a-4c43-b9b8-eb113d21497b", "type": "html", "value": " x(x + y)³ - 3x²y (x + y) = x(x + y) {(x + y)² - 3xy } = x(x + y) {(x² + y²+2xy - 3xy)} = x(x + y)(x²+ y²-xy) "}]
Q8.x² - y² + 2yz - z² का गुणनखंडन कीजिए ।
उत्तर:
(x + y -z) (x - y + z)
व्याख्या:
[{"id": "69885225-2cd1-492a-bb27-da1a39a12d11", "type": "html", "value": " x² - y² + 2yz - z² पदों को व्यवस्थित करने पर, = x² - (y² + z² - 2yz) अब हम सर्वसमिका का उपयोग करेंगे, (a - b)² = (a² - 2ab + b²) = x² - (y - z)² हम जानते हैं कि, a² - b² = (a + b) (a - b) यहाँ, a = x और b = y - z ∴ (x + y - z) (x - y + z) इसलिए हम कह सकते हैं कि विकल्प 1 सही विकल्प है। "}]