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Chapter 5

🎓 Class 6📖 Jigyasa📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 4अध्याय 5 / 12Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

5.1 हम कैसे मापते हैं?

अवधारणा

5.1 हम कैसे मापते हैं?

लंबाई मापन हमारे दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। हम वस्तुओं की दूरी, आकार, ऊँचाई आदि जानने के लिए लंबाई मापते हैं। इस अध्याय की शुरुआत दीपा नामक एक जिज्ञासु बालिका की कहानी से होती है, जो अपनी नई विद्यालय वर्दी के लिए कपड़े की लंबाई मापना चाहती है। दीपा की माँ कपड़े की दुकान पर धातु की मापक छड़ से कपड़े को मापती हैं और दर्जी लचीले मापन-फीते से दीपा की वर्दी का माप लेता है। इस अनुभाग में दीपा और उसके मित्रों के संवाद के माध्यम से यह समझाया गया है कि लोग कैसे शरीर के अंगों जैसे हाथ, पैर, अँगुली आदि का उपयोग कर लंबाई मापते हैं। उदाहरण के लिए, खेत की लंबाई मापने के लिए किसान अपने कदमों की संख्या गिनते हैं। दीपा और उसके मित्र कक्षा-कक्ष में रखी मेज की लंबाई मापने के लिए बालिशत (हैंडस्पैन) का उपयोग करते हैं, जो हाथ के पंजे की चौड़ाई होती है। बालिशत के उपयोग से मापन करने पर प्रत्येक छात्र के परिणाम भिन्न-भिन्न आते हैं क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के बालिशत की लंबाई अलग होती है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि शरीर के अंगों का उपयोग मापन के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह सटीक नहीं होता क्योंकि ये मात्रक मानकीकृत नहीं होते। इसलिए, एक मानकीकृत मात्रक की आवश्यकता होती है जिससे अलग-अलग लोग एक ही वस्तु की लंबाई को समान रूप से माप सकें। इस प्रकार, लंबाई मापन में दो भाग होते हैं - संख्या और मात्रक। उदाहरण के लिए, मेज की लंबाई 13 बालिश्त है, जहाँ 13 संख्या है और बालिश्त मात्रक।

  • लंबाई मापन दैनिक जीवन में आवश्यक है जैसे कपड़े, मेज आदि की लंबाई जानना।
  • शरीर के अंगों जैसे हाथ, पैर, अँगुली का उपयोग लंबाई मापन के लिए किया जाता है।
  • बालिशत (हैंडस्पैन) एक मापन मात्रक है जो हाथ की चौड़ाई को दर्शाता है।
  • अलग-अलग व्यक्तियों के बालिशत की लंबाई भिन्न होती है, जिससे मापन में भिन्नता आती है।
  • लंबाई मापन में संख्या और मात्रक दोनों का होना आवश्यक है।
  • मानकीकृत मात्रक की आवश्यकता होती है ताकि मापन सटीक और समान हो।
  • 📌 बालिशत: हाथ के पंजे की चौड़ाई जो मापन के लिए उपयोग होती है।
  • 📌 मात्रक: मापन की इकाई जैसे बालिशत, मीटर आदि।
  • 📌 मापन: किसी वस्तु की लंबाई, दूरी या आकार को संख्या और मात्रक के रूप में व्यक्त करना।

5.2 मानक मात्रक

अवधारणा

5.2 मानक मात्रक

मापन के लिए मानकीकृत मात्रक का होना आवश्यक है ताकि सभी लोग एक ही वस्तु की लंबाई को समान रूप से समझ सकें। विभिन्न देशों में अलग-अलग मात्रक प्रणालियाँ थीं, जिससे भ्रम उत्पन्न होता था। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मानकीकृत मात्रक प्रणाली विकसित की गई, जिसे SI (इंटरनेशनल सिस्टम ऑफ यूनिट्स) कहा जाता है। लंबाई का SI मात्रक मीटर (m) है। एक मीटर को 100 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक भाग को सेंटीमीटर (cm) कहते हैं। एक सेंटीमीटर को 10 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक भाग को मिलीमीटर (mm) कहते हैं। अतः 1 m = 100 cm और 1 cm = 10 mm होता है। बड़ी लंबाई मापने के लिए किलोमीटर (km) का उपयोग किया जाता है, जो 1000 मीटर के बराबर होता है। पुराने समय में इंच (inch) और फुट (foot) जैसे मात्रकों का भी उपयोग होता था, जहाँ 1 inch = 2.54 cm होता है। भारत में प्राचीन काल से ही मापन प्रणालियाँ विकसित हुई हैं, जैसे अँगुल, धनुष, योजन आदि। ये मात्रक कलाकृतियों, वास्तुकला और नगर नियोजन में उपयोग होते थे। आज भी कुछ पारंपरिक शिल्पकार अँगुल का उपयोग करते हैं। **Table on page 5 (1×3)** | 1 km = 1000 m | 1 m = 100 cm | 1 cm = 10 mm | | --- | --- | --- | **Table on page 3 (6×2)** | विद्यार्थी का नाम | बालिश्तों की संख्या | | --- | --- | | अनीश | 13 से थोड़ा अधिक | | पद्मा | 13 | | तस्नीम | 13 से थोड़ा कम | | दीपा | 13 एवं 14 के बीच में | | हरदीप | 14 | **Table on page 7 (5×2)** | वस्तु | वस्तु की लंबाई | | --- | --- | | | | | | | | | | | | | **Table on page 18 (5×2)** | स्तंभ I | स्तंभ II | | --- | --- | | दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी | सेंटीमीटर | | सिक्के की मोटाई | किलोमीटर | | रबड़ (इरेजर) की लंबाई | मीटर | | विद्यालय के मैदान की लंबाई | मिलीमीटर | **Table on page 19 (4×2)** | लंबाई का उपयुक्त मात्रक | मापनीय वस्तु | | --- | --- | | mm | | | cm | | | m | | **Table on page 20 (4×4)** | क्र.सं. | पेड़ का नाम | पत्ती की लंबाई | पत्ती की चौड़ाई | | --- | --- | --- | --- | | 1. | | | | | | | | | | | | | |

  • मापन के लिए मानकीकृत मात्रक आवश्यक हैं ताकि सभी लोग समान मापन समझ सकें।
  • SI मात्रक प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया है।
  • लंबाई का SI मात्रक मीटर (m) है।
  • 1 m = 100 cm, 1 cm = 10 mm, 1 km = 1000 m।
  • प्राचीन भारत में भी विभिन्न मात्रक प्रणालियाँ प्रचलित थीं जैसे अँगुल, धनुष, योजन।
  • इंच और फुट जैसे मात्रकों का उपयोग भी होता है, लेकिन वे मानकीकृत नहीं हैं।
  • 📌 SI मात्रक: अंतरराष्ट्रीय प्रणाली जो मापन के मानक मात्रकों को निर्धारित करती है।
  • 📌 मीटर (m): लंबाई का SI मात्रक।
  • 📌 सेंटीमीटर (cm): मीटर का 1/100 भाग।

5.3 लंबाई मापने की सही विधि

अवधारणा

5.3 लंबाई मापने की सही विधि

लंबाई मापन के लिए उपयुक्त पैमाने का चयन और उसे सही तरीके से उपयोग करना आवश्यक होता है ताकि मापन सटीक हो। उदाहरण के लिए, छोटी वस्तुओं जैसे पेंसिल की लंबाई मापने के लिए 15 cm का पैमाना उपयुक्त होता है, जबकि बड़ी वस्तुओं या कक्ष की ऊँचाई मापने के लिए मी

अभ्यास प्रश्नChapter 5

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1._________ की सहायता से गर्दन को ऊपर और नीचे, बाएँ और दाएँ घुमाना संभव हैं।
A.कंदुक- खल्लिका संधि (Ball and socket joint)
B.हिंज संधि
C.धुराग्र संधि (Pivotal joint)
D.अचल संधि (Fix joint)

उत्तर:

धुराग्र संधि (Pivotal joint)

व्याख्या:

[{"id": "79395560-f125-4546-bb58-31df932f19b9", "type": "html", "value": " धुराग्र संधि की सहायता से गर्दन को ऊपर और नीचे, बाएँ और दाएँ घुमाना संभव हैं। "}]

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Q2.शरीर के निम्नलिखित अंगों में से किसके कारण हमारे शरीर में गति संभव है। (i) पेशियों (ii) अंग (iii) त्वचा (iv) अस्थियाँ
A.(i) and (ii)
B.(ii) and (iii)
C.(iii) and (iv)
D.(i) and (iv)

उत्तर:

(i) and (iv)

व्याख्या:

[{"id": "694a5ead-e116-4282-9351-8851a05c3c2e", "type": "html", "value": " हमारे शरीर में गति पेशियों और अस्थियों के कारण ही संभव है। पेशियां एक साथ संकुचित और शिथिल होती हैं, जो अस्थियों में गति लाती हैं। "}]

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Q3.संधि की गति के संबंध में विषम ज्ञात कीजिए।
A.निचला जबड़ा और ऊपरी जबड़ा
B.कपाल और ऊपरी जबड़ा
C.भुजा और कंधे (Shoulder)
D.पैर और कूल्हे

उत्तर:

कपाल और ऊपरी जबड़ा

व्याख्या:

[{"id": "491dba8e-3179-4019-b1e0-cd2f6e0d5603", "type": "html", "value": " कपाल और ऊपरी जबड़ा अचल संधि हैं। निचला जबड़ा और ऊपरी जबड़ा, भुजा और कंधे, पैर और कूल्हे चल संधि हैं। "}]

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Q4.आप अपने हाथों में पानी का गिलास पकड़ सकते हैं। दी गई स्थिति के लिए कौन सी संधि उत्तरदायी है?
A.हिंज संधि
B.कंदुक- खल्लिका संधि
C.धुराग्र संधि
D.उपास्थि (Cartilage)

उत्तर:

हिंज संधि

व्याख्या:

[{"id": "29eeefb3-4120-4f3b-8f79-f39d4e450716", "type": "html", "value": " हिंग संधि वस्तुओं को हथियाने के लिए उतररदायी है। इसलिए उंगलियों में उपस्थित हिंज संधि के कारण आप एक पानी का गिलास पकड़ सकते हैं। "}]

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Q5.निम्नलिखित में से कौनसी संधि सभी दिशाओं में गति की अनुमति देती है?
A.हिंज संधि
B.कंदुक- खल्लिका संधि
C.धुराग्र संधि
D.अचल संधि (Fix joint)

उत्तर:

कंदुक- खल्लिका संधि

व्याख्या:

[{"id": "2016f201-b435-4d0f-8187-8716ef140818", "type": "html", "value": " कंदुक- खल्लिका संधि सभी दिशाओं में गति की अनुमति देती है। "}]

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Q6.उस जीव का चयन कीजिए जिसमें गति के लिए अस्थियाँ और पेशियाँ न हों। (i) सर्प (ii) कुत्ता (iii) केंचुआ (iv) मानव
A.(i) (ii)
B.(i) (ii) (iii) (iv)
C.(i) (iii)
D.इन में कोई भी नहीं।

उत्तर:

इन में कोई भी नहीं।

व्याख्या:

[{"id": "35c232b3-86db-4ef5-8620-9adb9060b090", "type": "html", "value": " (i) सर्प - सर्पों में अस्थियों के साथ-साथ पेशियां भी होती हैं। (ii) कुत्ता - कुत्तों में अस्थियाँ के साथ-साथ पेशियां भी होती हैं। (iii) केंचुए - केंचुए में अस्थियाँ नहीं होती हैं किन्तु पेशियां होती हैं। (iv) मानव - मानव के पास अस्थियों के साथ-साथ पेशियां भी होती हैं। "}]

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Q7.जीव की गति के भागों के संबंध में निम्नलिखित में से गलत युग्म का चयन कीजिए।
A.मानव - पैर
B.तोता - पंख
C.सर्प - अंग
D.मछली - पख

उत्तर:

सर्प - अंग

व्याख्या:

[{"id": "7f2427ac-c4ae-42ee-9502-1f1355ecc6e3", "type": "html", "value": " सर्प अपने पूर्ण शरीर का उपयोग करके गति करता है। सही उत्तर विकल्प 3 है। "}]

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Q8.यदि हमारे गर्दन में _____ संधि हो तो हम अपने सिर को 360 अंश घुमा सकते हैं।
A.हिंज
B.अचल
C.धुराग्र
D.कंदुक- खल्लिका

उत्तर:

कंदुक- खल्लिका

व्याख्या:

[{"id": "d99eafa7-7d23-4e53-99c0-72435bf3f311", "type": "html", "value": " यदि हमारे गर्दन में कंदुक- खल्लिका संधि हो तो हम अपने सिर को 360 अंश घुमा सकते हैं। "}]

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