Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
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5.1 भूमिका
व्याख्या5.1 भूमिका
ज्यामिति शब्द यूनानी भाषा के 'जियो' (पृथ्वी) और 'मीट्रीन' (मापना) से बना है, जिसका अर्थ है भूमि मापना। प्राचीन सभ्यताओं जैसे मिश्र, बेबीलोन, चीन, भारत, यूनान आदि में ज्यामिति का विकास भूमि मापन, नदियों की बाढ़ के बाद परिसीमाओं की पुनः स्थापना, अन्नभण्डारों के आयतन निर्धारण, नहरों एवं पिरामिडों के निर्माण में हुआ। मिस्रवासियों ने कटे हुए पिरामिड के आयतन का सूत्र भी विकसित किया। भारतीय उपमहाद्वीप में सिन्धु घाटी सभ्यता (लगभग 3000 ई॰पू॰) ने नगर नियोजन, समांतर सड़कों, भूमिगत नालियों, विभिन्न आकारों के कमरों आदि के माध्यम से क्षेत्रमिति और अंकगणित में दक्षता दिखाई। ईंटों के अनुपात 4:2:1 से निर्माण कार्य में परिशुद्धता थी। वैदिक काल में सुल्बासूत्र ज्यामिति के महत्वपूर्ण ग्रंथ थे, जिनमें वेदियों और अग्निकुंडों के निर्माण के लिए ज्यामितीय रचनाओं का उल्लेख है। वेदों के आकारों में वर्ग, वृत्त, त्रिभुज, समलंब आदि का प्रयोग होता था। अथर्ववेद के श्रीयंत्र में नौ समद्विबाहु त्रिभुजों का संयोजन 43 गौण त्रिभुज बनाता है। प्राचीन सभ्यताओं में ज्यामिति का विकास असंगठित था और ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक या ताड़पत्रों पर हस्तलिखित संदेशों द्वारा संचारित होता था। मिस्र और बेबीलोन में ज्यामिति मुख्यतः व्यावहारिक थी, जबकि यूनान में तर्क और उपपत्ति पर बल दिया गया। थेल्स ने पहली ज्ञात उपपत्ति दी, जैसे वृत्त का व्यास उसे समद्विभाजित करता है। पाइथागोरस ने ज्यामिति के सिद्धांतों का विकास किया। अलेक्जेंड्रिया में यूक्लिड ने गणित के ज्ञान को 'एलीमेंट्स' नामक ग्रंथ में व्यवस्थित किया, जो 13 पुस्तिकाओं में विभाजित था और विश्व की ज्यामिति समझ को प्रभावित करता रहा। इस अध्याय में यूक्लिड की ज्यामिति के दृष्टिकोण और आधुनिक ज्यामिति से इसके संबंध पर चर्चा की जाएगी।
- ज्यामिति का अर्थ भूमि मापन है।
- प्राचीन सभ्यताओं में ज्यामिति का विकास भूमि मापन, निर्माण कार्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए हुआ।
- सिन्धु घाटी सभ्यता में नगर नियोजन और क्षेत्रमिति का प्रयोग था।
- वैदिक सुल्बासूत्र ज्यामिति के महत्वपूर्ण ग्रंथ थे।
- यूनान में तर्क और उपपत्ति पर बल दिया गया, थेल्स और पाइथागोरस इसके प्रमुख गणितज्ञ थे।
- यूक्लिड ने 'एलीमेंट्स' ग्रंथ में ज्यामिति को व्यवस्थित किया।
- 📌 ज्यामिति: भूमि मापन की गणितीय शाखा।
- 📌 सुल्बासूत्र: वैदिक काल के ज्यामितीय ग्रंथ।
- 📌 उपपत्ति (Proof): गणितीय कथन की तार्किक पुष्टि।
5.2 यूक्लिड की परिभाषाएँ, अभिगृहीत और अभिधारणाएँ
व्याख्या5.2 यूक्लिड की परिभाषाएँ, अभिगृहीत और अभिधारणाएँ
यूक्लिड ने ज्यामिति की शुरुआत कुछ मूलभूत परिभाषाओं से की, जिनमें बिंदु, रेखा, पृष्ठ आदि शामिल हैं। उन्होंने बिंदु को ऐसा वस्तु बताया जिसका कोई भाग नहीं होता, रेखा को चौड़ाई रहित लम्बाई, और पृष्ठ को केवल लम्बाई और चौड़ाई वाला क्षेत्र कहा। परन्तु इन परिभाषाओं में कुछ शब्द जैसे 'भाग', 'चौड़ाई', 'लम्बाई' स्पष्ट नहीं थे, इसलिए गणितज्ञों ने बिंदु, रेखा और तल को अपरिभाषित (undefined) शब्द माना। इसके बाद यूक्लिड ने कुछ सामान्य सत्य कथनों को अभिगृहीत (axioms) और ज्यामिति से संबंधित विशेष कथनों को अभिधारणाएँ (postulates) कहा। अभिगृहीत वे सार्वभौमिक सत्य हैं जिन्हें सिद्ध नहीं किया जाता, जैसे समान वस्तुएँ एक-दूसरे के बराबर होती हैं, पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है आदि। अभिधारणाएँ ज्यामिति के मूल नियम हैं, जैसे दो बिंदुओं के बीच एक रेखा खींची जा सकती है, एक रेखाखंड को अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है, किसी केंद्र और त्रिज्या से वृत्त बनाया जा सकता है, सभी समकोण बराबर होते हैं, और पाँचवीं अभिधारणा जो दो रेखाओं के अंतःकोणों के योग पर आधारित है। यूक्लिड की अभिधारणाएँ और अभिगृहीत गणितीय तर्क के आधार हैं जिनसे प्रमेय (theorems) सिद्ध किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि तीन बिंदु एक रेखा पर हैं और एक बिंदु बीच में है, तो दो रेखाखंडों का योग तीसरे के बराबर होता है। यूक्लिड ने समबाहु त्रिभुज की रचना भी अभिधारणाओं का उपयोग करके दिखाई। प्रमेय 5.1 में सिद्ध किया गया कि दो भिन्न रेखाओं में एक से अधिक बिंदु उभयनिष्ठ नहीं हो सकता, क्योंकि इससे दो भिन्न बिंदुओं से दो अलग रेखाएँ बनतीं जो अभिगृहीत के विरुद्ध है। इस प्रकार, यूक्लिड की ज्यामिति की नींव परिभाषाएँ, अभिगृहीत, अभिधारणाएँ और प्रमेय हैं, जो गणितीय तर्क के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हैं।
- बिंदु, रेखा और तल को अपरिभाषित शब्द माना जाता है।
- अभिगृहीत सार्वभौमिक सत्य हैं जिन्हें सिद्ध नहीं किया जाता।
- अभिधारणाएँ ज्यामिति के मूल नियम हैं।
- यूक्लिड की पाँच अभिधारणाएँ ज्यामिति की आधारशिला हैं।
- प्रमेय वे कथन हैं जिन्हें अभिगृहीतों और अभिधारणाओं से सिद्ध किया जाता है।
- दो भिन्न रेखाओं में एक से अधिक बिंदु उभयनिष्ठ नहीं हो सकता।
- 📌 बिंदु: ज्यामिति में एक अपरिभाषित मूलभूत तत्व, जिसका कोई भाग नहीं होता।
- 📌 अभिगृहीत (Axiom): बिना सिद्ध किए स्वीकृत सार्वभौमिक सत्य।
- 📌 अभिधारणा (Postulate): ज्यामिति से संबंधित बिना सिद्ध किए स्वीकृत नियम।
उदाहरण 1 : रेखा पर स्थित तीन बिंदुओं के बीच संबंध
व्याख्याउदाहरण 1 : रेखा पर स्थित तीन बिंदुओं के बीच संबंध
यदि तीन बिंदु A, B, और C एक रेखा पर स्थित हों और B, A और C के बीच में हो, तो सिद्ध करना है कि AB + BC = AC। हल: रेखा पर B बिंदु A और C के बीच में है, अतः AB और BC दो रेखाखंड हैं जो मिलकर AC बनाते हैं। यूक्लिड के अभिगृहीत 4 के अनुसार, जो वस्तुएँ परस्
अभ्यास प्रश्न — Chapter 5
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.किसी कोण को समद्विभाजित (bisect) करना अर्थात एक ऐसी किरण (ray) खींचना जो उस कोण को___ बराबर भागों में बांटती है।
उत्तर:
2
व्याख्या:
[{"id": "cba4d9d0-c24b-4533-9d33-ca71e3fd919b", "type": "html", "value": " "}]
Q2.यदि p (x) घात n > 1 वाला एक बहुपद हो और a कोई वास्तविक संख्या हो, तो (x + a) बहुपद p (x) का गुणनखंड होता है यदि ____ हो।
उत्तर:
p(-a) = 0
व्याख्या:
[{"id": "948a92ca-4617-4fb4-8b24-025d4a17e636", "type": "html", "value": " (x + a) बहुपद p (x) का गुणनखंड होता है यदि p (-a) = 0 हो। "}]
Q3.(x - a) (x - b) बहुपद p (x) का गुणनखंडन है यदि _________ हो।
उत्तर:
p(a) = 0 और p(b) = 0
व्याख्या:
[{"id": "0dbb9f82-e53f-4369-8777-55a8b4342eae", "type": "html", "value": " (x - a) (x - b) बहुपद p (x) का गुणनखंडन है यदि p (a) = 0 और p (b) = 0 हो। "}]
Q4.4x² + 8x + 3 का गुणनखंडन कीजिए।
उत्तर:
(2x + 3) (2x + 1)
व्याख्या:
[{"id": "1fc478bc-4998-45db-b9d0-23c44931ce5c", "type": "html", "value": " माना p(x)= 4x² + 8x + 3 है। (मध्य पद को विभक्त (split ) करने से) यदि हम दो संख्याओं p और q को ज्ञात कर सकते हैं जैसे कि p + q = 8 और pq = 4 × 3 = 12, तो हम गुणनखंड प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए 12 के दोनों गुणनखंड ज्ञात करते है। तो हमें 1 और 12, 2 और 6, 3 और 4 मिले इनमें से 2 और 6 हमें p + q = 8 देंगे। इसलिए, p(x) = 4x² + 6x + 2x + 3 = 2x( 2x + 3) + 1(2x + 3) = (2x + 3) (2x + 1) "}]
Q5.3x² -10x + 8 का गुणनखंडन कीजिए।
उत्तर:
(x - 2) (3x - 4)
व्याख्या:
[{"id": "bddac629-5c0b-47cd-a1f0-415bbefc71e4", "type": "html", "value": " (मध्य पद को विभक्त (split ) करने से) यदि हम दो संख्याओं p और q को ज्ञात कर सकते हैं जैसे कि p + q = -10 और pq = 3 × 8 = 24, तो हम गुणनखंड प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए 24 के दोनों गुणनखंड ज्ञात करते है। तो हमें 1 और 24 , 2 और 12, 3 और 8 ,4 और 6 , -1 और -24,-2 और -12, -3 और -8 ,-4 और -6 मिले इनमें से -4 और -6 हमें p + q = -10 देंगे। इसलिए, p(x) = 3x² -10x + 8 = 3x² - 6x - 4x + 8 = 3x(x - 2) - 4(x - 2) = (x - 2) (3x - 4) "}]
Q6.यदि x³ + bx² - 2x + b + 4 का गुणनखंड (x + b) है तो b का मान ज्ञात कीजिए |
उत्तर:
b = - 4/3
व्याख्या:
[{"id": "4e8595b7-861c-448a-b3a7-e35b4081553d", "type": "html", "value": " माना p(x)= x³ + bx² - 2x + b + 4 है। गुणनखंड प्रमेय से, p (x) का गुणनखंड (x + b) है यदि p (-b) = 0 है। x = - b प्रतिस्थापित करने पर, अब, p(-b) = 0 (-b)³+ b(-b)²- 2(-b) + b + 4 = 0 (-b)³ + (b)³ + 2b + b + 4 = 0 3b + 4 = 0 3b = - 4 b = - 4/3 "}]
Q7.निम्नलिखित स्तिथियों में गुणनखंड प्रमेय का उपयोग करके यह ज्ञात कीजिए की क्या g(x), p(x) का एक गुणनखंड है। 1. p(x) = x³ - 2x² - 5x + 6 , g(x) = x - 3 2. p(x) = x³ - 2x² - 4√3x + 2√3x² + 3x - 6, g(x) = x - 2
उत्तर:
g (x) दोनों स्थिति में p (x) का गुणनखंड है।
व्याख्या:
[{"id": "ef862d15-0d2b-41f3-9c5b-da94fb1fe1a2", "type": "html", "value": " 1. p(x) = x³ - 2x² - 5x + 6 , g(x) = x - 3 गुणनखंड प्रमेय से, p (x) का गुणनखंड (x - 3) है यदि p(3) = 0 है। p (x) में x = 3 प्रतिस्थापित करने पर, अब, p(x) = x³ - 2x² - 5x + 6 p(3) = 3³ - 2(3)² - 5(3) + 6 p(3) = 27 -18 -15 + 6 p(3) = 33 - 33 p(3) = 0 इसलिए स्थिति 1 में हम कह सकते हैं कि g (x) p (x) का गुणनखंड है। 2. p(x) = x³ - 2x² - 4x√3 + 2x²√3 + 3x - 6, g(x) = x - 2 गुणनखंड प्रमेय से, p (x) का गुणनखंड (x - 2) है यदि p(2) = 0 है। . p (x) में x = 2 प्रतिस्थापित करने पर, p(2) = 2³ - 2(2)² - 4(2)√3 + 2(2)²√3 + 3(2) - 6 p(2) = 8 - 8 -8√3 + 8√3 + 6 - 6 p(2) = 0 इसलिए स्थिति 2 में हम कह सकते हैं कि g (x), p (x) का गुणनखंड है। दिए गए दोनों बहुपद में g (x) p (x) का गुणक है इसलिए विकल्प 2 सही विकल्प है। "}]
Q8.12x³ + 5x² - 6x + 1 का गुणनखंडन कीजिए ।
उत्तर:
(4x - 1) (3x - 1) (x + 1)
व्याख्या:
[{"id": "0d99fa03-2275-47bc-bf54-a36087143cd3", "type": "html", "value": " माना p(x) = 12x³ + 5x² - 6x + 1 है। p(-1) = -12 + 5 + 6 + 1 = -12 + 12 = 0 इसलिए p (x) का गुणनखंड (x + 1) है। P (x) को (x + 1) से विभाजित करने पर, p(x)/(x + 1) = 12x² - 7x + 1 इस प्रकार, 12x³ + 5x² - 6x + 1 = (x + 1)(12x² - 7x + 1) =(x + 1) (12x² - 4x -3x + 1) = (x + 1)[4x(3x - 1) -1(3x - 1)] = (x + 1) (4x - 1) (3x - 1) इसलिए, 12x³ + 5x² - 6x + 1 = (x + 1) (4x - 1) (3x - 1). "}]