Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
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धातुओं और अधातुओं का परिचय
व्याख्याधातुओं और अधातुओं का परिचय
इस अध्याय की शुरुआत यशवंत और आनंदी की कहानी से होती है, जो राजस्थान के एक गाँव में रहते हैं। उन्हें विद्यालय में एक परियोजना कार्य दिया गया है जिसमें उन्हें धातुओं के कार्य करने वाले शिल्पकारों के विषय में जानना है। वे स्थानीय लोहार से मिलते हैं और उससे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली धातुओं की वस्तुओं के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। लोहार बताते हैं कि वे तवा, बाल्टी, चिमटा, कृषि उपकरण जैसे फावड़ा, कुल्हाड़ी, खुर्पी, जेली आदि लोहे से बनाते हैं। लोहार लोहे के टुकड़े को गरम कर हथौड़े से पीटकर विभिन्न आकार देते हैं। इस परिचय से हमें पता चलता है कि धातुएँ हमारे दैनिक जीवन में उपयोगी हैं और लोहार जैसे शिल्पकार इन्हें विभिन्न उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित करते हैं। धातुओं और अधातुओं का परिचय इस प्रकार है कि धातुएँ वे पदार्थ हैं जिनमें विद्युत और ऊष्मा का संचरण अच्छा होता है, वे चमकीली, तन्य और लचीली होती हैं। अधातु वे पदार्थ होते हैं जिनके गुण धातुओं से भिन्न होते हैं, जैसे कि वे चमकीले नहीं होते, विद्युत और ऊष्मा के अच्छे चालक नहीं होते, और तन्यता तथा लचीलापन उनमें नहीं होता। इस परिचय से हम समझते हैं कि धातुओं और अधातुओं के गुणों में स्पष्ट भेद होता है। **Table on page 3 (6×5)** | --- | --- | --- | --- | --- | | 1. | ताँबे का टुकड़ा | | | | | 2. | एलुमिनियम का टुकड़ा | | | | | 3. | लोहे की कील | | | | | 4. | कोयले का टुकड़ा | | | | | 5. | सल्फर का टुकड़ा (मटर के दाने के आकार का) | | | | | 6. | लकड़ी का टुकड़ा | | | | **Table on page 8 (3×4)** | --- | --- | --- | --- | | 1. | एलुमिनियम पत्रक का टुकड़ा | | | | 2. | लोहे की कील | | | | 3. | सल्फर का टुकड़ा **Table on page 9 (5×4)** | काँच की बोतल | परिस्थितियाँ | | अवलोकन | | --- | --- | --- | --- | | | जल की उपस्थिति (हाँ/ नहीं) | वायु की उपस्थिति (हाँ/ नहीं) | | | 1. | नहीं | हाँ | | | 2. | | | | | 3. | | | | **Table on page 15 (6×2)** | स्तंभ I | स्तंभ II | | --- | --- | | (क) विद्युतीय तारों में उपयोग। | (i) ज न क्सी ऑं | | (ख) प्रबल आघातवर्धनीय और तत्व। | (ii) री न क्लो | | (ग) जीव इसके बिना जीवित नहीं रह सकते हैं। | (iii) बा ताँ | | (घ) जब मृदा में इस उर्वरक को मिलाया जाता है तब पौधे स्वस्थ रूप से वृद्धि करते हैं। | (iv) ज ना इ ट्रो न | | (ड) जल-शुद्धिकरण में इसका उपयोग किया जाता है। | (v) ना सो | **Table on page 16 (1×7)** | लोहा | ताँबा | सल्फर | कोयला | प्लास्टिक | लकड़ी | गत्ता | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
- धातुएँ चमकीली, तन्य, लचीली और विद्युत-ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं।
- अधातु सामान्यतः झुतिमय नहीं होते और विद्युत-ऊष्मा के कुचालक होते हैं।
- लोहार धातुओं को गरम कर हथौड़े से पीटकर उपयोगी वस्तुएँ बनाते हैं।
- धातुओं का दैनिक जीवन में व्यापक उपयोग है।
- 📌 धातु: ऐसे पदार्थ जो चमकीले, तन्य, लचीले और विद्युत-ऊष्मा के अच्छे चालक होते हैं।
- 📌 अधातु: ऐसे पदार्थ जिनमें धातुओं के विपरीत गुण होते हैं, जैसे कुचालक और झुतिमय न होना।
- 📌 लोहार: धातुओं से वस्तुएँ बनाने वाला शिल्पकार।
4.1 सामग्रियों के गुण
व्याख्या4.1 सामग्रियों के गुण
इस खंड में धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों का अध्ययन किया गया है। सबसे पहले आघातवर्धनीयता (Malleability) की चर्चा की गई है। आघातवर्धनीयता वह गुण है जिसके द्वारा किसी पदार्थ को हथौड़े से पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है। अधिकांश धातुएँ इस गुण को प्रदर्शित करती हैं। उदाहरण के लिए, ताँबा, एलुमिनियम और लोहा पीटने पर चपटे हो जाते हैं। इसके विपरीत, अधातु जैसे कोयला और सल्फर भंगुर होते हैं और हथौड़े से पीटने पर टूट जाते हैं। लकड़ी न तो आघातवर्धनीय होती है और न ही भंगुर। इस अनुभाग में क्रियाकलाप 4.1 के माध्यम से विभिन्न सामग्रियों के स्वरूप, कठोरता और हथौड़े से मारने पर उनके व्यवहार का अवलोकन किया गया है। तालिका 4.1 में ताँबे, एलुमिनियम और लोहे की वस्तुएँ श्रुतिमय (चमकीली) और कठोर पाई गईं, जबकि कोयला, सल्फर और लकड़ी श्रुतिहीन और भिन्न व्यवहार वाले पाए गए। तन्यता (Ductility) भी धातुओं का एक महत्वपूर्ण गुण है, जिसके कारण धातु को तार में खींचा जा सकता है। सोना और चाँदी अत्यंत तन्य धातुएँ हैं। धातु के तारों का उपयोग विद्युत परिपथ, आभूषण और संगीत वाद्ययंत्रों में किया जाता है। अधातु तन्य नहीं होते। ध्वानिकता (Sonority) भी धातुओं का एक गुण है, जिसके कारण वे निनाद ध्वनि उत्पन्न करते हैं। जब धातु की वस्तुएँ गिरती हैं तो स्पष्ट और तेज आवाज होती है, जबकि अधातु की वस्तुओं से ध्वनि कम होती है। ऊष्मा का चालन (Thermal Conductivity) और विद्युत का चालन (Electrical Conductivity) भी धातुओं की विशेषताएँ हैं। धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं, इसलिए रसोई के बर्तन धातु के बनाए जाते हैं। लकड़ी और अन्य अधातु कुचालक होते हैं। विद्युतकर्मी रबड़ के दस्ताने पहनते हैं क्योंकि रबड़ विद्युत का कुचालक है।
- आघातवर्धनीयता: धातुओं को हथौड़े से पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है।
- तन्यता: धातुओं को तार में खींचा जा सकता है।
- ध्वानिकता: धातुएँ निनाद ध्वनि उत्पन्न करती हैं।
- ऊष्मा और विद्युत की सुचालकता धातुओं की प्रमुख विशेषताएँ हैं।
- अधातु सामान्यतः भंगुर, कुचालक और झुतिमय नहीं होते।
- 📌 आघातवर्धनीयता: पदार्थ को हथौड़े से पीटकर पतली चादर में बदलने की क्षमता।
- 📌 तन्यता: पदार्थ को तार में खींचने की क्षमता।
- 📌 ध्वानिकता: धातुओं द्वारा उत्पन्न निनाद ध्वनि।
4.2 धातुओं पर वायु और जल का प्रभाव — लोहा
व्याख्या4.2 धातुओं पर वायु और जल का प्रभाव — लोहा
इस खंड में लोहे की वस्तुओं पर वायु और जल के प्रभाव का अध्ययन किया गया है। प्रायः आपने देखा होगा कि लोहे की वस्तुओं को खुले में छोड़ने पर उनकी सतह पर भूरे रंग का निक्षेप विकसित हो जाता है, जिसे जंग कहते हैं। इस अनुभाग में क्रियाकलाप 4.5 के माध्यम से य
अभ्यास प्रश्न — Chapter 4
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.आपके द्वारा महसूस की जाने वाली गतिशील वायु को ________ कहा जाता है।
उत्तर:
हवा / पवन
व्याख्या:
[{"id": "40844bc6-88f1-4c91-82f8-af7e9b1ce75b", "type": "html", "value": " आपके द्वारा महसूस की जाने वाली गतिशील वायु को हवा / पवन कहा जाता है। "}]
Q2.ग्रीष्मऋतु के दिनों में साइकिल के टायर फट जाते है क्योंकि _________।
उत्तर:
ट्यूब के अंदर की वायु प्रसारित हो जाती है
व्याख्या:
[{"id": "a462c80c-6ee8-4152-bf3e-ea5c93efdf25", "type": "html", "value": " ग्रीष्मऋतु के दिनों में टायर फट जाता है क्योंकि उच्च तापमान के कारण टायर के अंदर की वायु प्रसारित हो जाती है और टायर की आंतरिक दीवारों पर दबाव डालती है। "}]
Q3.यदि हवा की गति बढ़ा दी जाती है, तो वायु का दाब _________ है।
उत्तर:
कम हो जाता
व्याख्या:
[{"id": "91463181-b151-4f15-bb05-8912b6c907e6", "type": "html", "value": " पवन की गति में वृद्धि के संगत वायु का दबाव कम हो जाता है। "}]
Q4.वायु की गति ___________ होती है।
उत्तर:
उच्च वायुदाब के क्षेत्र से निम्न वायुदाब तक
व्याख्या:
[{"id": "8f4382b0-9624-41f2-b8ab-cb546d5dd9dc", "type": "html", "value": " वायु सदैव उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र से निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है। "}]
Q5.गर्म वायु, ठंडी वायु के अपेक्षा _______ होती है।
उत्तर:
हल्की
व्याख्या:
[{"id": "40ef4739-7102-4af7-934f-4aa9491b35c9", "type": "html", "value": " गर्म वायु, ठंडी वायु के अपेक्षा हल्की होती है। "}]
Q6.ध्रुवों पर वायु अक्षांशों (latitudes) पर वायु की तुलना में _____ होती है।
उत्तर:
ठंडी
व्याख्या:
[{"id": "5fa3d133-0841-4eef-9bd4-47d1ba2d4692", "type": "html", "value": " ध्रुवों पर वायु अक्षांशों पर वायु की तुलना में ठंडी होती है। "}]
Q7.समुद्र से हवाएं वर्षा लाने के लिए _____ ले जाती हैं।
उत्तर:
जल
व्याख्या:
[{"id": "a2778f86-e5f0-45e1-a2fd-d6aae5045656", "type": "html", "value": " समुद्र से आने वाली हवाएं जल ले जाती हैं और वर्षा लाती हैं। यह जल चक्र का हिस्सा है। "}]
Q8.सबसे गर्म हवा की धाराएँ किन स्थानों पर होंगी?
उत्तर:
भूमध्यरेखीय (Equatorial) क्षेत्र
व्याख्या:
[{"id": "3784e679-0923-491d-879f-3b3454f909ea", "type": "html", "value": " भूमध्य रेखा के समीप के क्षेत्रों को सूर्य से अधिकतम उष्णन प्राप्त होती है। और इसलिए अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा इन क्षेत्रों में वायु गर्म हो जाती है। अतः इसका सही उत्तर भूमध्यरेखीय क्षेत्र है। "}]