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Chapter 4

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Chapter 4अध्ययन नोट्स

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परिचय: द्विघात समीकरण

व्याख्या

परिचय: द्विघात समीकरण

गणित की एक महत्वपूर्ण शाखा द्विघात समीकरणों का अध्ययन करती है, जो द्विघात बहुपदों के समीकरणों से संबंधित होती है। द्विघात समीकरण का सामान्य रूप ax² + bx + c = 0 होता है, जहाँ a, b, और c वास्तविक संख्याएँ होती हैं तथा a ≠ 0 होता है। यहाँ x वह चर है जिसका मान ज्ञात करना होता है। द्विघात समीकरणों का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये कई वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में सहायक होते हैं, जैसे भौतिकी, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र आदि में। इस अध्याय में हम द्विघात समीकरणों के विभिन्न रूप, उन्हें हल करने के तरीके, और उनके व्यावहारिक उपयोगों को विस्तार से समझेंगे।

  • द्विघात समीकरण का सामान्य रूप ax² + bx + c = 0 होता है।
  • a, b, c वास्तविक संख्याएँ होती हैं और a ≠ 0 होता है।
  • x वह चर है जिसका मान ज्ञात करना होता है।
  • द्विघात समीकरणों का अध्ययन गणित के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी है।
  • यह समीकरण भौतिकी, अभियांत्रिकी, और अन्य क्षेत्रों में समस्याओं को हल करने में सहायक है।
  • 📌 द्विघात समीकरण: ऐसा समीकरण जिसमें चर का उच्चतम घात 2 होता है।
  • 📌 चर (Variable): वह प्रतीक जिसका मान ज्ञात करना होता है, यहाँ x।
  • 📌 गुणांक (Coefficient): चर के साथ जुड़ी संख्या, जैसे a, b, c।

द्विघात समीकरण का सामान्य रूप

व्याख्या

द्विघात समीकरण का सामान्य रूप

द्विघात समीकरण का सामान्य रूप ax² + bx + c = 0 होता है, जहाँ a, b, और c वास्तविक संख्याएँ हैं और a ≠ 0 होता है। इस समीकरण में x वह चर है जिसका मान ज्ञात करना होता है। यहाँ, x² का गुणांक a, x का गुणांक b, और स्वतंत्र पद c होता है। यह समीकरण द्विघात बहुपद ax² + bx + c का शून्य के बराबर होना दर्शाता है। यदि a = 0 हो, तो समीकरण द्विघात नहीं रहेगा क्योंकि चर का उच्चतम घात 1 या उससे कम होगा। इसलिए, a ≠ 0 होना आवश्यक है। इस सामान्य रूप को समझना द्विघात समीकरणों को हल करने के लिए आधारभूत है।

  • सामान्य रूप ax² + bx + c = 0 में a ≠ 0 होता है।
  • x² का गुणांक a, x का गुणांक b, और स्वतंत्र पद c होते हैं।
  • यदि a = 0 हो तो समीकरण द्विघात नहीं होगा।
  • यह समीकरण द्विघात बहुपद को शून्य के बराबर दर्शाता है।
  • सभी द्विघात समीकरण इसी सामान्य रूप में लिखे जा सकते हैं।
  • 📌 स्वतंत्र पद (Constant Term): वह पद जिसमें चर नहीं होता, यहाँ c।
  • 📌 गुणांक (Coefficient): चर के साथ जुड़ी संख्या, जैसे a और b।

गुणनखंड विधि से द्विघात समीकरण का हल

व्याख्या

गुणनखंड विधि से द्विघात समीकरण का हल

गुणनखंड विधि द्विघात समीकरणों को हल करने की एक सरल और प्रभावी विधि है। इस विधि में हम समीकरण ax² + bx + c = 0 को दो रैखिक कारकों के गुणनफल के रूप में लिखते हैं। इसके लिए सबसे पहले a × c का गुणनफल निकालते हैं और फिर ऐसे दो संख्याएँ खोजते हैं जिनका गुण

अभ्यास प्रश्नChapter 4

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.अभाज्य और मिश्रित संख्या दिये गये विक्ल्पो मेसेकिन के लिए परिभाषित की जाती हैं?
A.परिमेय संख्या
B.पूर्णांकों
C.प्राकृतिक संख्याएं
D.अपरिमेय संख्या

उत्तर:

प्राकृतिक संख्याएं

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Q2.n 2 – 1 , 8 से विभाज्य है, यदि n है
A.एक पूर्णांक
B.एक प्राकृतिक संख्या
C.एक विषम पूर्णांक
D.एक सम पूर्णांक

उत्तर:

एक विषम पूर्णांक

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Q3.यूक्लिड का विभाजन प्रमेयिका के कथन अनुसार दो धनात्मक पूर्णांको a और b के लिए, अद्वितीय पूर्णांको q और r काअस्तित्व इस प्रकार हैकि a = bq + r, जो r संतुष्ट करताहै
A.1 < r <b
B.0 < r ≤b
C.0 ≤ r <b
D.0 < r <b

उत्तर:

0 ≤ r <b

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Q4.बहुपद समीकरण x (x + 1) + 8 = (x + 2) {x - 2) है
A.रैखिक समीकरण
B.द्विघात समीकरण
C.घन समीकरण
D.द्वि-द्विघात समीकरण

उत्तर:

रैखिक समीकरण

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Q5.घनीय समीकरण में डिग्री है
A.0
B.2
C.3
D.4

उत्तर:

3

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Q6.द्विघात समीकरण में डिग्री ____ है
A.0
B.1
C.2
D.3

उत्तर:

2

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Q7.निम्नलिखित में से कौन सा द्विघात समीकरण नहीं है
A.x² + 3x – 5 = 0
B.x² + x 3 + 2 = 0
C.3 + x + x² = 0
D.x² – 9 = 0

उत्तर:

x² + x 3 + 2 = 0

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Q8.द्विघात समीकरण जिसका एक परिमेय मूल 3 + √2 है
A.x² – 7x + 5 = 0
B.x² + 7x + 6 = 0
C.x² – 7x + 6 = 0
D.x² – 6x + 7 = 0

उत्तर:

x² – 6x + 7 = 0

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