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Chapter 4

🎓 Class 12📖 Bharatiya Itihas ke kuchh Vishay-I📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 3अध्याय 4 / 4

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय में हम ईसा पूर्व 600 से ईसा संवत् 600 तक भारतीय उपमहाद्वीप में हुए सांस्कृतिक विकास की विस्तृत चर्चा करेंगे। यह काल धार्मिक, दार्शनिक और स्थापत्य कला में महत्वपूर्ण बदलावों का था। इस अवधि में वैदिक परंपराओं से लेकर जैन और बौद्ध धर्मों का उदय हुआ, साथ ही उपनिषदों ने दार्शनिक चिंतन को नया आयाम दिया। स्थापत्य कला में स्तूपों, मंदिरों और मूर्तिकला का विकास हुआ, जिससे धार्मिक और सामाजिक जीवन की अभिव्यक्ति हुई। इस समय के विचारकों ने नैतिकता, धर्म और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित किया। अध्याय में हम इन सभी पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

  • ईसा पूर्व 600 से ईसा संवत् 600 तक का काल धार्मिक और दार्शनिक बदलावों का था।
  • वैदिक परंपराओं से जैन और बौद्ध धर्मों का उदय हुआ।
  • उपनिषदों ने दार्शनिक चिंतन को नया रूप दिया।
  • स्थापत्य कला में स्तूप, मंदिर और मूर्तिकला का विकास हुआ।
  • विचारकों के विचारों ने समाज और धर्म को प्रभावित किया।
  • 📌 सांस्कृतिक विकास: किसी समाज में धार्मिक, दार्शनिक, कलात्मक और सामाजिक बदलाव।
  • 📌 उपनिषद: वेदों के बाद की दार्शनिक ग्रंथ जो ज्ञान और आत्मा की खोज करते हैं।

महत्वपूर्ण धार्मिक बदलावों की कालरेखा

व्याख्या

महत्वपूर्ण धार्मिक बदलावों की कालरेखा

इस अनुभाग में भारतीय उपमहाद्वीप में ईसा पूर्व 1500 से ईसा संवत् 600 तक हुए धार्मिक परिवर्तनों की कालक्रमवार जानकारी दी गई है। प्रारंभिक वैदिक काल (लगभग 1500-1000 ई. पू.) में यज्ञ, देवताओं की पूजा और सामाजिक व्यवस्था प्रमुख थी। इसके बाद उत्तर वैदिक काल (लगभग 1000-500 ई. पू.) में धार्मिक विचारों में बदलाव आया और उपनिषदों का उदय हुआ। छठी सदी ई. पू. में जैन धर्म और बौद्ध धर्म का जन्म हुआ, जिन्होंने सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण में नई क्रांति लाई। तीसरी सदी ई. पू. में स्तूपों का निर्माण प्रारंभ हुआ, जो बौद्ध धर्म के प्रतीक बने। दूसरी सदी ई. पू. से महायान बौद्ध मत, वैष्णववाद, शैववाद और देवी पूजा की परंपराएँ विकसित हुईं। तीसरी सदी ईसवी में सबसे पुराने मंदिरों का निर्माण हुआ। इस कालक्रम से हमें भारतीय धार्मिक इतिहास की गहराई और विविधता का पता चलता है। **Table on page 29 (24 rows × 2 cols)** | कालरेखा 1 महत्वपूर्ण धार्मिक बदलाव | | | --- | --- | | लगभग 1500-1000 ई. पू. | प्रारंभिक वैदिक परंपराएँ | | लगभग 1000-500 ई. पू. | उत्तर वैदिक परंपराएँ | | लगभग छठी सदी ई. पू. | प्रारंभिक उपनिषद, जैन धर्म, बौद्ध धर्म | | लगभग तीसरी सदी ई. पू. | आरंभिक स्तूप | | लगभग दूसरी सदी ईसा पूर्व से आगे | महायान बौद्ध मत का विकास, वैष्णववाद, शैववाद और देवी पूजन परंपराएँ | | लगभग तीसरी सदी ईसवी | सबसे पुराने मंदिर | | | | | isheR कालरेखा 2 प्राचीन इमारतों और मूर्तियों की खोज और संरक्षण के महत्वपूर्ण चरण | | | उन्नीसवीं सदी | | | 1814 | इंडियन म्यूज़ियम, कलकत्ता की स्थापना | | 1834 | रामराजा लिखित एसेज़ ऑन द आर्किटेक्चर ऑफ़ द हिंदूज़ का प्रकाशन; कनिंघम ने सारनाथ के स्तूप की छानबीन की | | 1835-1842 | जेम्स फर्गुसन ने महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का सर्वेक्षण किया | | 1851 | गवर्नमेंट म्यूज़ियम, मद्रास की स्थापना | | 1854 | अलेक्जैंडर कनिंघम ने भिलसा टोप्स लिखी जो साँची पर लिखी गई सबसे प्रारंभिक पुस्तकों में से एक है | | 1878 | राजेंद्र लाल मित्र की पुस्तक, बुद्ध गया : द हेरिटेज़ ऑफ़ शाक्य मुनि का प्रकाशन | | 1880 | एच.एच. कोल को प्राचीन इमारतों का संग्रहाध्यक्ष बनाया गया | | 1888 ROX | ट्रेज़र-ट्रोव एक्ट का बनाया जाना। इसके अनुसार सरकार पुरातात्विक महत्व की किसी भी चीज़ को हस्तगत कर सकती थी | | बीसवीं सदी | | | 1914 | जॉन मार्शल और अल्फ्रेड फूसे की द मॉन्युमेंट्स ऑफ़ साँची पुस्तक का प्रकाशन | | 1923 | जॉन मार्शल की पुस्तक कंजर्वेशन मैनुअल का प्रकाशन | | 1955 | प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रीय संग्रहालय, नयी दिल्ली की नींव रखी | | 1989 | साँची को एक विश्व कला दाय स्थान घोषित किया गया | | | |

  • 1500-1000 ई. पू.: प्रारंभिक वैदिक परंपराएँ यज्ञ और देवताओं की पूजा पर आधारित।
  • 1000-500 ई. पू.: उत्तर वैदिक परंपराएँ और उपनिषदों का उदय।
  • छठी सदी ई. पू.: जैन और बौद्ध धर्मों का जन्म।
  • तीसरी सदी ई. पू.: स्तूपों का निर्माण शुरू।
  • दूसरी सदी ई. पू. से वैष्णववाद, शैववाद और देवी पूजा का विकास।
  • तीसरी सदी ईसवी में सबसे पुराने मंदिरों का निर्माण।
  • 📌 यज्ञ: वैदिक धर्म में अग्नि की पूजा के लिए किए जाने वाले अनुष्ठान।
  • 📌 स्तूप: बौद्ध धर्म में पवित्र अवशेषों को सुरक्षित रखने वाली गुंबदाकार संरचना।
  • 📌 महायान बौद्ध मत: बौद्ध धर्म की एक शाखा जो व्यापक और सहिष्णु दृष्टिकोण रखती है।

विचारक और उनके विचार

व्याख्या

विचारक और उनके विचार

छठी सदी ईसा पूर्व में भारतीय उपमहाद्वीप में अनेक दार्शनिक और धार्मिक विचारकों का उदय हुआ, जिन्होंने सामाजिक, धार्मिक और नैतिक जीवन के प्रति दृष्टिकोण को नया रूप दिया। महावीर ने जैन धर्म की स्थापना की, जिसमें अहिंसा, सत्य और आत्मा की शुद्धि पर बल दिया

अभ्यास प्रश्नChapter 4

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.अवधारणा 10 - क्या हम सब कुछ देख समझ सकते हैं? ( ञ ) 19वीं सदी में यूरोप के विद्वानों ने स्तूपोर से प्राप्त मूर्तियों की तुलना किस परंपरा से की?
A.भारतीय पौराणिक परंपरा
B.मुगल सल्तनत से संबंधित परंपरा
C.प्राचीन यूनान की कला परंपरा
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

प्राचीन यूनान की कला परंपरा

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Q2.अवधारणा 9 - मूर्तिकला (झ) लोक परंपरा के अनुसार शालभंजिका की मूर्ति से आप क्या समझते हैं?
A.एक सामान्य स्त्री की मूर्ति
B.किसी हिंदू देवता की मूर्ति
C.एक शुभ प्रतीकात्मक स्त्री की मूर्ति जिसके स्पर्श से पेड़ों पौधों में फल और फूल उग जाते हैं
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

एक शुभ प्रतीकात्मक स्त्री की मूर्ति जिसके स्पर्श से पेड़ों पौधों में फल और फूल उग जाते हैं

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Q3.अवधारणा 8 - स्तूपो की खोज (ज) अमरावती के स्तूप के अवशेष किसे और कब मिले?
A.स्थानीय राजा को 1796 में
B.एक किसान को 1799 में
C.अनुसंधान करने वाले शोधकर्ताओं को 1880 में
D.किसी भ्रमण करता को 1798 में

उत्तर:

स्थानीय राजा को 1796 में

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Q4.अवधारणा 7 - स्तूप (छ) स्तूप किसे कहते हैं?
A.मोहन मंडल आकार आकृति जो स्वयं निर्मित हो
B.पवित्र स्थल जहां पर बुद्ध से जुड़े अवशेष अस्थियां आदि, टीलेनुमा आकृति के नीचे दबे हो
C.बहुमंजिला ऐतिहासिक इमारत
D.नोकदार धार्मिक स्थल

उत्तर:

पवित्र स्थल जहां पर बुद्ध से जुड़े अवशेष अस्थियां आदि, टीलेनुमा आकृति के नीचे दबे हो

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Q5.अवधारणा 6 - बुद्ध के अनुयायी (च) धर्म के अनुसार थेरी किसे कहते हैं?
A.ऐसी महिलाएं जिन्होंने निर्वाण प्राप्त कर लिया है
B.ऐसी महिलाएं जो विदेशों से आई हैं
C.वे महिलाएं जो परिवार संभालती हैं
D.वे महिलाएं जो इस मत में विश्वास रखती है

उत्तर:

ऐसी महिलाएं जिन्होंने निर्वाण प्राप्त कर लिया है

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Q6.अवधारणा 5 - बुद्ध की शिक्षाएं (ड़) बुद्ध के अनुसार निर्वाण का अर्थ क्या है?
A.दूसरे स्थान पर चले जाना
B.सन्यास धारण करना
C.गृह त्याग करना
D.अहम और इच्छा की समाप्ति

उत्तर:

अहम और इच्छा की समाप्ति

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Q7.अवधारणा 4 - बुध और ज्ञान की खोज (घ) महात्मा बुद्ध का बचपन का नाम क्या था?
A.बुद्ध
B.शाक्य
C.सिद्धार्थ
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

सिद्धार्थ

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Q8.अवधारणा 3 - अलौकिक सुखों के आगे (ग) जैन परंपरा के अनुसार तीर्थंकर उपाधि से क्या तात्पर्य है?
A.जो तीर्थों का ज्ञाता हो
B.वे महापुरुष जो पुरुषों और महिलाओं को जीवन नदी के पार पहुंचाते हैं
C.जो बहुत सारे शास्त्रों के ज्ञाता हैं
D.वह पुरुष जो सन्यासी हो गए हैं

उत्तर:

वे महापुरुष जो पुरुषों और महिलाओं को जीवन नदी के पार पहुंचाते हैं

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