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Chapter 3

🎓 Class 10📖 Vigyan📖 10 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~15 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 13Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

धातु एवं अधातु

व्याख्या

धातु एवं अधातु

इस अध्याय की शुरुआत में हमने धातु और अधातु के बारे में परिचय प्राप्त किया। धातु और अधातु प्रकृति में दो प्रमुख प्रकार के तत्व होते हैं। धातुएँ वे तत्व हैं जिनमें विद्युत और ऊष्मा का सुचालक होना, चमकदार सतह, तन्यता (खींचने पर तार जैसा बनना), आघातवर्ध्यता (पीटकर पतली चादर बनाना), कठोरता जैसे गुण होते हैं। अधातु इसके विपरीत होते हैं, जो सामान्यतः नर्म, भंगुर, और खराब चालक होते हैं। इस खंड में हमने दैनिक जीवन में धातु एवं अधातु के उपयोगों पर विचार किया और यह जाना कि किस प्रकार उनके गुणधर्म उनके उपयोग से संबंधित होते हैं।

  • धातु और अधातु तत्वों के दो प्रमुख प्रकार हैं।
  • धातुएँ चमकीली, तन्य, आघातवर्ध्य, कठोर और ऊष्मा एवं विद्युत की अच्छी चालक होती हैं।
  • अधातु सामान्यतः नर्म, भंगुर और खराब चालक होते हैं।
  • धातुओं के गुणधर्म उनके दैनिक जीवन में उपयोग को प्रभावित करते हैं।
  • धातु और अधातु के गुणधर्मों के आधार पर इन्हें वर्गीकृत किया जाता है।

3.1 भौतिक गुणधर्म

व्याख्या

3.1 भौतिक गुणधर्म

धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणधर्मों का अध्ययन उनके स्वरूप, कठोरता, आघातवर्ध्यता, तन्यता, ऊष्मा एवं विद्युत चालकता के आधार पर किया जाता है। धातुओं की सतह चमकदार होती है, जिसे धात्विक चमक कहा जाता है। धातुएँ सामान्यतः कठोर होती हैं, लेकिन कुछ धातुएँ जैसे सोडियम और पोटैशियम मुलायम होती हैं जिन्हें चाकू से काटा जा सकता है। आघातवर्ध्यता का अर्थ है धातु को पीटकर पतली चादर बनाना, और तन्यता का अर्थ है धातु को तार की तरह खींचने की क्षमता। धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी चालक होती हैं। अधातु इन गुणों के विपरीत होते हैं। अधातु सामान्यतः नर्म, भंगुर और खराब चालक होते हैं।

  • धातु की सतह चमकदार होती है जिसे धात्विक चमक कहते हैं।
  • धातुएँ सामान्यतः कठोर होती हैं, लेकिन कुछ धातुएँ मुलायम भी होती हैं।
  • आघातवर्ध्यता का अर्थ है धातु को पीटकर पतली चादर बनाना।
  • तन्यता का अर्थ है धातु को तार की तरह खींचने की क्षमता।
  • धातुएँ ऊष्मा एवं विद्युत की अच्छी चालक होती हैं।
  • अधातु सामान्यतः नर्म, भंगुर और खराब चालक होते हैं।

3.1.2 अधातु

व्याख्या

3.1.2 अधातु

अधातु वे तत्व होते हैं जिनमें धातुओं के विपरीत गुण होते हैं। अधातु सामान्यतः नर्म, भंगुर, और खराब चालक होते हैं। अधातु गैस, तरल या ठोस अवस्था में पाए जाते हैं। उदाहरण के लिए कार्बन, सल्फर, आयोडीन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन आदि अधातु हैं। अधातुओं की सतह पर च

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.कोई दो धातुओं के नाम बताइए जो संक्षारण (corrosion) के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधक प्रकृति के हैं।
A.सोना, प्लेटिनम
B.ताम्र (Copper) और इस्पात (Silver)
C.लोहा और स्टील
D.टिन और पारद

उत्तर:

सोना, प्लेटिनम

व्याख्या:

[{"id": "7c344434-97a5-4d4f-a41d-f12a111023fb", "type": "html", "value": " धातु गोल्ड और प्लेटिनम संक्षारण (corrosion) के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधक प्रकृति के हैं। "}]

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Q2.सोल्डर' मिश्रातु का कौन-सा गुणधर्म इसे विद्युत तारों की वेल्डिंग के लिए उपयुक्त बनाता है?
A.उच्च गलनांक
B.उच्च ज्वलन(ignition) तापमान
C.कम गलनांक
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

कम गलनांक

व्याख्या:

[{"id": "6790908f-fe2d-4385-b34e-d13ece7c118c", "type": "html", "value": " सोल्डर, सीसा और टिन (Pb और Sn) का एक मिश्रातु, जिसका कम गलनांक है और इस कारण इसका उपयोग विद्युत तारों के परस्पर वेल्डिंग के लिए किया जाता है। "}]

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Q3.कार्बन सोडियम या मैग्नीशियम के ऑक्साइड को कम क्यों नहीं कर सकता है?
A.क्योंकि इन धातुओं में कार्बन की अपेक्षा ऑक्सीजन के प्रति कम बंधुता(affinity) होती है
B.क्योंकि इन धातुओं में कार्बन की अपेक्षा ऑक्सीजन के प्रति अधिक बंधुता(affinity) होती है
C.विकल्प 1 और 2
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

क्योंकि इन धातुओं में कार्बन की अपेक्षा ऑक्सीजन के प्रति अधिक बंधुता(affinity) होती है

व्याख्या:

[{"id": "45bf14bc-5701-4627-b74b-9aa792946add", "type": "html", "value": " कार्बन, सोडियम या मैग्नीशियम के ऑक्साइड का अपचयन नहीं कर सकता क्योंकि इन धातुओं में कार्बन की अपेक्षा ऑक्सीजन के प्रति अधिक बंधुता होती है। "}]

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Q4.Na, K, Ca और Mg जैसी धातुएँ प्रकृति में कभी भी अपनी स्वतंत्र अवस्था में नहीं पाई जाती हैं क्योंकि_________________।
A.वे अत्यंत अभिक्रियाशील हैं
B.वे बहुत कम अभिक्रियाशील (very less reactive) हैं
C.विकल्प 1 और 2
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

वे अत्यंत अभिक्रियाशील हैं

व्याख्या:

[{"id": "83572c7b-08d0-4f3b-9113-f22e689e3e3b", "type": "html", "value": " Na, K, Ca और Mg जैसी धातुएँ प्रकृति में कभी भी अपनी स्वतंत्र अवस्था में नहीं पाई जाती हैं क्योंकि ये अत्यंत अभिक्रियाशील होती हैं। "}]

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Q5.लोहे के संक्षारण को ___________ कहा जाता है।
A.जंग लगना
B.यशदलेपन
C.भर्जन (roasting)
D.विकल्प 1 और 2

उत्तर:

जंग लगना

व्याख्या:

[{"id": "82f5d880-35d0-42e3-8f6d-de0c0a2f9a40", "type": "html", "value": " लोहे के संक्षारण को जंग लगना कहते हैं। "}]

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Q6.अयस्कों के साथ पाए जाने वाले शैलीय पदार्थों को _______ कहा जाता है।
A.अयस्क
B.अयस्क स्रोत
C.अपघट्य
D.गैंग

उत्तर:

गैंग

व्याख्या:

[{"id": "60063011-9202-4a92-a69a-025c45fdf1b2", "type": "html", "value": " अयस्कों के साथ पाए जाने वाले शैलीय पदार्थ गैंग कहलाते हैं। "}]

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Q7.एक धातु और एक अधातु का नाम बताइए जो कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में उपस्थित रहते हैं।
A.मर्करी (Mercury) और ब्रोमीन
B.ब्रोमीन और मर्करी
C.केवल ब्रोमीन
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

मर्करी (Mercury) और ब्रोमीन

व्याख्या:

[{"id": "bc047220-dd32-4a24-8920-a7d7c14cfe30", "type": "html", "value": " धातु मर्करी है और अधातु ब्रोमीन है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहते है। "}]

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Q8.धातुएँ विद्युत धनात्मक तत्व कहलाती हैं क्योंकि_________।
A.वे इलेक्ट्रॉनों को त्याग कर धनायन बनाते हैं
B.वे इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त कर धनायन बनाते हैं
C.वे धनात्मक धातु हैं
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

वे इलेक्ट्रॉनों को त्याग कर धनायन बनाते हैं

व्याख्या:

[{"id": "584c15cf-dda5-4f79-aaee-ba1cc674810c", "type": "html", "value": " धातुओं में इलेक्ट्रॉनों को त्यागने और विद्युतीय धनायन बनाने की प्रवृत्ति होती है। "}]

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