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Chapter 3

🎓 Class 9📖 Samkalin Bharat-I📖 7 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 6Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

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अपवाह क्या है?

परिभाषा

अपवाह क्या है?

अपवाह का अर्थ है जल का वह प्रवाह जो किसी विशेष क्षेत्र से होकर गुजरता है और अंततः किसी नदी, झील, समुद्र या अन्य जलस्रोत में मिलता है। जब वर्षा होती है, तो वर्षा जल भूमि की सतह पर बहता है। यह बहाव उस क्षेत्र के जलग्रहण क्षेत्र या अपवाह क्षेत्र से होकर गुजरता है। अपवाह जल भूमि के विभिन्न भागों से होकर बहता है, जिसमें नदियाँ, नाले, और अन्य जलस्रोत शामिल होते हैं। अपवाह की प्रक्रिया में वर्षा जल भूमि की सतह पर बहता है, कुछ जल भूमि में रिस जाता है, और कुछ जल वाष्पित होकर वापस वातावरण में चला जाता है। अपवाह जल का संचलन प्राकृतिक भू-आकृतिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है, जैसे भूमि की ढाल, मिट्टी का प्रकार, वनस्पति आदि। अपवाह जल का अध्ययन जल संसाधनों के प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, और कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। **Table on page 10 (18×11)** | | | | | | | | 9. | | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | 1. | | | | | | | | | | 10. | | | | | | | | | | | 2. | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | 11. | | | | | | | | | | 3. | | | | | 4. | | | 12. | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | 5. | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | 6. | | | 13. | | 14. | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | 15. | | | | | | | | | | | 7. | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | 8. | | | | | | | | | |

  • अपवाह जल वह जल है जो वर्षा के बाद भूमि की सतह पर बहता है।
  • यह जल अंततः नदियों, झीलों या समुद्र में मिलता है।
  • अपवाह क्षेत्र वह क्षेत्र होता है जहाँ से जल बहता है।
  • अपवाह जल की मात्रा भूमि की ढाल, मिट्टी और वनस्पति पर निर्भर करती है।
  • अपवाह जल का अध्ययन जल संसाधन प्रबंधन के लिए आवश्यक है।
  • 📌 अपवाह: वर्षा जल का वह प्रवाह जो भूमि की सतह से होकर जलस्रोतों में जाता है।
  • 📌 जलग्रहण क्षेत्र: वह क्षेत्र जहाँ से वर्षा जल एकत्र होकर नदी या जलस्रोत में जाता है।

अपवाह क्षेत्र और जल विभाजक

अवधारणा

अपवाह क्षेत्र और जल विभाजक

अपवाह क्षेत्र वह भू-भाग होता है जहाँ से वर्षा का जल एकत्र होकर किसी नदी, झील या अन्य जलस्रोत में जाता है। इसे जलग्रहण क्षेत्र भी कहा जाता है। प्रत्येक नदी का अपना एक विशिष्ट अपवाह क्षेत्र होता है। इस क्षेत्र की सीमाएँ जल विभाजक द्वारा निर्धारित होती हैं। जल विभाजक वह ऊंची भूमि या पहाड़ी रेखा होती है जो दो अपवाह क्षेत्रों को अलग करती है। उदाहरण के लिए, एक पहाड़ी की चोटी जल विभाजक का कार्य करती है जहाँ से एक ओर जल एक नदी की ओर और दूसरी ओर दूसरी नदी की ओर बहता है। जल विभाजक नदियों के अपवाह क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से अलग करता है और जल संसाधनों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जल विभाजक की पहचान करने से यह ज्ञात होता है कि वर्षा जल किस नदी में जाएगा और किस क्षेत्र का जल संसाधन किस नदी पर निर्भर करेगा।

  • अपवाह क्षेत्र वह क्षेत्र है जहाँ से वर्षा जल एकत्र होकर नदी या जलस्रोत में जाता है।
  • जल विभाजक दो अपवाह क्षेत्रों के बीच की ऊंची भूमि या रेखा होती है।
  • जल विभाजक नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों को अलग करता है।
  • जल विभाजक की पहचान जल संसाधन प्रबंधन के लिए आवश्यक है।
  • जल विभाजक पर वर्षा जल दो अलग-अलग नदियों की ओर बह सकता है।
  • 📌 जल विभाजक: वह ऊंची भूमि या रेखा जो दो अपवाह क्षेत्रों को अलग करती है।
  • 📌 अपवाह क्षेत्र: वह क्षेत्र जहाँ से वर्षा जल नदी या जलस्रोत में जाता है।

नदियों का प्रवाह और उनकी अवस्थाएँ

व्याख्या

नदियों का प्रवाह और उनकी अवस्थाएँ

नदियाँ विभिन्न अवस्थाओं से होकर बहती हैं, जिनसे उनकी प्रवाह की गति, ऊर्जा, और भू-आकृतिक प्रभावों का पता चलता है। नदी के प्रवाह की मुख्य अवस्थाएँ तीन होती हैं: स्रोत, मध्य भाग, और मुहान। 1. स्रोत: नदी का प्रारंभिक स्थान जहाँ से नदी का जल निकलता है। य

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.1. दिए गए चार विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए। (i) वूलर झील निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है? (क) राजस्थान (ख) पंजाब (ग) उत्तर प्रदेश (घ) जम्मू-कश्मीर (ii) नर्मदा नदी का उद्गम कहाँ से है? (क) सतपुड़ा (ख) अमरकंटक (ग) ब्रह्मागिरी (घ) पश्चिमी घाट के ढाल (iii) निम्नलिखित में से कौन-सी लवणीय जलवाली झील है? (क) सांभर (ख) वूलर (ग) डल (घ) गोबिंद सागर (iv) निम्नलिखित में से कौन-सी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है? (क) नर्मदा (ख) गोदावरी (ग) कृष्णा (घ) महानदी (v) निम्नलिखित नदियों में से कौन-सी नदी भ्रंश घाटी से होकर बहती है? (क) महानदी (ख) कृष्णा (ग) तुंगभद्रा (घ) तापी
A.(i) (क) राजस्थान, (ख) पंजाब, (ग) उत्तर प्रदेश, (घ) जम्मू-कश्मीर
B.(ii) (क) सतपुड़ा, (ख) अमरकंटक, (ग) ब्रह्मागिरी, (घ) पश्चिमी घाट के ढाल
C.(iii) (क) सांभर, (ख) वूलर, (ग) डल, (घ) गोबिंद सागर
D.(iv) (क) नर्मदा, (ख) गोदावरी, (ग) कृष्णा, (घ) महानदी
E.(v) (क) महानदी, (ख) कृष्णा, (ग) तुंगभद्रा, (घ) तापी

उत्तर:

उत्तर: (i) वूलर झील जम्मू-कश्मीर में स्थित है। इसलिए सही विकल्प है (घ) जम्मू-कश्मीर। (ii) नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक से होता है। इसलिए सही विकल्प है (ख) अमरकंटक। (iii) सांभर झील लवणीय जलवाली झील है। इसलिए सही विकल्प है (क) सांभर। (iv) प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी गोदावरी है। इसलिए सही विकल्प है (ख) गोदावरी। (v) तापी नदी भ्रंश घाटी से होकर बहती है। इसलिए सही विकल्प है (घ) तापी।

व्याख्या:

प्रत्येक प्रश्न के विकल्पों का विश्लेषण: (i) वूलर झील जम्मू-कश्मीर राज्य में है, जो भारत की एक प्रमुख झील है। (ii) नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक से होता है, जो मध्य प्रदेश में स्थित है। (iii) सांभर झील राजस्थान में स्थित एक लवणीय जलवाली झील है। (iv) गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है। (v) तापी नदी भ्रंश घाटी (रिफ्ट वैली) से होकर बहती है।

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Q2.2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए - (i) जल विभाजक का क्या कार्य है? एक उदाहरण दीजिए। (ii) भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी कौन-सी है? (iii) सिंधु एवं गंगा नदियाँ कहाँ से निकलती हैं? (iv) गंगा की दो मुख्य धाराओं के नाम लिखिए? ये कहाँ पर एक-दूसरे से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं? (v) लंबी धारा होने के बावजूद तिब्बत के क्षेत्रों में ब्रह्मपुत्र में कम गाद (सिल्ट) क्यों है? (vi) कौन-सी दो प्रायद्वीपीय नदियाँ गर्त से होकर बहती हैं? समुद्र में प्रवेश करने के पहले वे किस प्रकार की आकृतियों का निर्माण करती हैं? (vii) नदियों तथा झीलों के कुछ आर्थिक महत्व को बताएँ।

उत्तर:

उत्तर: (i) जल विभाजक वह क्षेत्र होता है जो दो नदियों के जल प्रवाह को अलग करता है। उदाहरण के लिए, सतपुड़ा पर्वत जल विभाजक है जो नर्मदा और ताप्ती नदियों के जल प्रवाह को अलग करता है। (ii) भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी गंगा है। (iii) सिंधु नदी तिब्बत के मानसरोवर झील के पास से निकलती है और गंगा नदी गंगोत्री हिमनद से निकलती है। (iv) गंगा की दो मुख्य धाराएँ हैं - भागीरथी और अलकनंदा। ये देवप्रयाग में मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं। (v) ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत के क्षेत्र से होकर गुजरती है जहाँ का भूभाग कठोर चट्टानी है, इसलिए उसमें गाद कम होती है। (vi) नर्मदा और तापी दो प्रायद्वीपीय नदियाँ हैं जो भ्रंश घाटी (रिफ्ट वैली) से होकर बहती हैं। समुद्र में प्रवेश करने से पहले ये डेल्टा के बजाय एस्टुअरी (नदी मुहाना) का निर्माण करती हैं। (vii) नदियाँ और झीलें जल आपूर्ति, सिंचाई, मत्स्य पालन, जल विद्युत उत्पादन, परिवहन और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

व्याख्या:

प्रत्येक प्रश्न का संक्षिप्त उत्तर दिया गया है जो विषय की मूल बातें स्पष्ट करता है। जल विभाजक का कार्य नदियों के जल प्रवाह को अलग करना है। गंगा और सिंधु के उद्गम स्थानों का उल्लेख किया गया है। ब्रह्मपुत्र में कम गाद के कारण भूगर्भीय संरचना और जल प्रवाह की विशेषताएँ हैं। प्रायद्वीपीय नदियों के बहाव और उनके समुद्र में मिलने के प्रकारों का वर्णन किया गया है। नदियों और झीलों के आर्थिक महत्व को भी संक्षेप में बताया गया है।

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Q3.3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (i) नीचे भारत की कुछ झीलों के नाम दिए गए हैं। इन्हें प्राकृतिक तथा मानव निर्मित वर्गों में बांटिए। (क) वूलर (ख) डल (ग) नैनीताल (घ) भीमताल (ड.) गोबिंद सागर (च) लोकताक (छ) बारापानी (ज) चिल्का (झ) सांभर (य) राणा प्रताप सागर (ट) निज़ाम सागर (ठ) पुलिकट (ढ) नागार्जुन सागर (ढ) हीराकुंड

उत्तर:

उत्तर: प्राकृतिक झीलें: - वूलर - डल - नैनीताल - भीमताल - लोकताक - बारापानी - चिल्का - सांभर - पुलिकट मानव निर्मित झीलें: - गोबिंद सागर - राणा प्रताप सागर - निज़ाम सागर - नागार्जुन सागर - हीराकुंड व्याख्या: प्राकृतिक झीलें प्राकृतिक प्रक्रियाओं से बनी होती हैं, जैसे हिमनदों के पिघलने से या भूगर्भीय क्रियाओं से। मानव निर्मित झीलें बांधों के निर्माण से बनती हैं, जिनका उद्देश्य जल संग्रहण, सिंचाई या विद्युत उत्पादन होता है।

व्याख्या:

झीलों को उनके निर्माण के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। प्राकृतिक झीलें प्राकृतिक कारणों से बनी हैं जबकि मानव निर्मित झीलें बांधों के कारण बनी हैं। उदाहरण स्वरूप गोबिंद सागर, नागार्जुन सागर आदि मानव निर्मित हैं।

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Q4.4. हिमालय तथा प्रायद्वीपीय नदियों के मुख्य अंतरों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: हिमालय नदियाँ और प्रायद्वीपीय नदियाँ निम्नलिखित प्रकार से भिन्न हैं: 1. उद्गम स्थान: - हिमालय नदियाँ हिमालय पर्वत से निकलती हैं। - प्रायद्वीपीय नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं। 2. जल प्रवाह: - हिमालय नदियाँ लंबी और तेज बहाव वाली होती हैं। - प्रायद्वीपीय नदियाँ छोटी और धीमी बहाव वाली होती हैं। 3. गाद (सिल्ट): - हिमालय नदियाँ अधिक गाद लेकर बहती हैं। - प्रायद्वीपीय नदियाँ कम गाद लेकर बहती हैं। 4. घाटियाँ: - हिमालय नदियाँ गहरी घाटियों से होकर बहती हैं। - प्रायद्वीपीय नदियाँ भ्रंश घाटियों से होकर बहती हैं। 5. डेल्टा: - हिमालय नदियाँ डेल्टा बनाती हैं। - प्रायद्वीपीय नदियाँ एस्टुअरी बनाती हैं।

व्याख्या:

हिमालय और प्रायद्वीपीय नदियों के बीच भौगोलिक और भौतिक अंतर को स्पष्ट किया गया है। उद्गम, जल प्रवाह, गाद, घाटी और डेल्टा/एस्टुअरी निर्माण के आधार पर अंतर समझाया गया है।

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Q5.5. प्रायद्वीपीय पठार के पूर्व एवं पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों की तुलना कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ पूर्व और पश्चिम की ओर बहती हैं, जिनकी तुलना इस प्रकार है: पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ: - गंगा, महानदी, गोदावरी, कृष्णा आदि। - ये नदियाँ बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं। - इन नदियों का जल प्रवाह अधिक होता है। पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ: - नर्मदा, तापी, माही, साबरमती आदि। - ये नदियाँ अरब सागर में मिलती हैं। - इन नदियों का जल प्रवाह अपेक्षाकृत कम होता है। तुलना: - पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ लंबी और बड़ी होती हैं। - पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ छोटी और कम जल प्रवाह वाली होती हैं। - पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ डेल्टा बनाती हैं, जबकि पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ भ्रंश घाटी से होकर बहती हैं।

व्याख्या:

प्रायद्वीपीय नदियों के बहाव की दिशा के आधार पर उनकी विशेषताओं की तुलना की गई है। जल प्रवाह, लंबाई, डेल्टा निर्माण और समुद्र में मिलने के स्थान के आधार पर अंतर स्पष्ट किया गया है।

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Q6.6. किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए नदियाँ महत्वपूर्ण क्यों हैं?

उत्तर:

उत्तर: नदियाँ किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए निम्नलिखित कारणों से महत्वपूर्ण हैं: 1. सिंचाई: नदियों का जल कृषि के लिए सिंचाई में उपयोग होता है जिससे फसलों की पैदावार बढ़ती है। 2. जल विद्युत उत्पादन: नदियों पर बांध बनाकर जल विद्युत उत्पादन किया जाता है जो ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है। 3. जल परिवहन: नदियाँ जल मार्ग के रूप में काम करती हैं जो माल और लोगों के परिवहन में सहायक होती हैं। 4. मत्स्य पालन: नदियों में मछली पालन से रोजगार और खाद्य सुरक्षा मिलती है। 5. पेयजल: नदियाँ पीने के पानी का स्रोत हैं। 6. उद्योग: नदियों का जल उद्योगों में कच्चे पानी के रूप में उपयोग होता है। 7. पर्यटन: नदियाँ पर्यटन को बढ़ावा देती हैं जिससे आर्थिक विकास होता है।

व्याख्या:

नदियों के विभिन्न आर्थिक महत्वों को विस्तार से बताया गया है जो कृषि, ऊर्जा, परिवहन, रोजगार, जल आपूर्ति और पर्यटन से संबंधित हैं। ये सभी कारण किसी देश की समृद्धि और विकास में सहायक होते हैं।

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Q7.**मानचित्र कौशल** (i) भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित नदियों को चिह्नित कीजिए तथा उनके नाम लिखिए – गंगा, सतलुज, दामोदर, कृष्णा, नर्मदा, तापी, महानदी, दिहांग। (ii) भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित झीलों को चिह्नित कीजिए तथा उनके नाम लिखिए – चिल्का, सांभर, वूलर, पुलीकट तथा कोलेरु।

उत्तर:

उत्तर: (i) भारत के मानचित्र पर गंगा, सतलुज, दामोदर, कृष्णा, नर्मदा, तापी, महानदी और दिहांग नदियों को सही स्थान पर चिह्नित करें और उनके नाम लिखें। (ii) भारत के रेखा मानचित्र पर चिल्का, सांभर, वूलर, पुलीकट और कोलेरु झीलों को सही स्थान पर चिह्नित करें और उनके नाम लिखें। व्याख्या: यह अभ्यास छात्रों को भारत के भौगोलिक स्थानों की समझ बढ़ाने के लिए है। नदियों और झीलों के सही स्थान को पहचानना और मानचित्र पर चिह्नित करना आवश्यक है।

व्याख्या:

मानचित्र कौशल अभ्यास के माध्यम से छात्र भारत के प्रमुख नदियों और झीलों के स्थान को पहचानना सीखते हैं, जो भूगोल की समझ के लिए महत्वपूर्ण है।

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Q8.**क्रियाकलाप** नीचे दी गयी वर्ग पहेली को हल करें – नोट : पहेली के उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं। **बाएँ से दाएँ** 1. नागार्जुन सागर नदी परियोजना किस नदी पर है? 2. भारत की सबसे लंबी नदी। 3. व्यास कुंड से उत्पन्न होने वाली नदी। 4. मध्य प्रदेश के बेतुल जिले से उत्पन्न होकर पश्चिम की ओर बहने वाली नदी। 5. प. बंगाल का ‘शोक’ के नाम से जानी जाने वाली नदी। 6. किस नदी से इंदिरा गांधी नहर निकाली गयी है? 7. रोहतांग दर्रा के पास किस नदी का स्रोत है? 8. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी। **ऊपर से नीचे** 9. सिंधु नदी की सहायक नदी, जिस का उदगम हिमाचल प्रदेश में है। 10. भ्रंश अपवाह होकर अरब सागर में मिलने वाली नदी। 11. दक्षिण भारतीय नदी, जो ग्रीष्म तथा शीत ऋतु दोनों में वर्षा का जल प्राप्त करती है। 12. लद्दाख, गिलगित तथा पाकिस्तान से बहने वाली नदी। 13. भारतीय मरुस्थल की एक महत्वपूर्ण नदी। 14. पाकिस्तान में चेनाब से मिलने वाली नदी। 15. यमुनोत्री हिमानी से निकलने वाली नदी।

उत्तर:

उत्तर: बाएँ से दाएँ: 1. Nagarjunasagar (नागार्जुन सागर) - नदी: कृष्णा 2. Ganga (गंगा) 3. Yamuna (यमुना) 4. Tawa (तवा) 5. Damodar (दामोदर) 6. Ravi (रावी) 7. Beas (ब्यास) 8. Godavari (गोदावरी) ऊपर से नीचे: 9. Beas (ब्यास) 10. Tapi (तापी) 11. Krishna (कृष्णा) 12. Indus (सिंधु) 13. Luni (लूनी) 14. Jhelum (झेलम) 15. Yamuna (यमुना) व्याख्या: यह वर्ग पहेली नदियों के नामों को अंग्रेजी में भरने के लिए है। प्रत्येक संकेत नदियों के भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है।

व्याख्या:

वर्ग पहेली में दिए गए संकेतों के आधार पर नदियों के नाम अंग्रेजी में भरे गए हैं। यह अभ्यास छात्रों की नदियों की जानकारी और अंग्रेजी शब्दावली दोनों को बढ़ावा देता है।

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