NCERTCh 3निःशुल्क

Chapter 3

🎓 Class 12📖 Bharatiya Itihas ke kuchh Vishay-I📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 4Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

आरंभिक समाज (लगभग 600 ई.पू. से 600 ईसवी)

व्याख्या

आरंभिक समाज (लगभग 600 ई.पू. से 600 ईसवी)

लगभग 600 ईसा पूर्व से 600 ईसवी तक के भारतीय उपमहाद्वीप में आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। इस काल में कृषि का विस्तार हुआ, जिससे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली में बदलाव आया। शिल्प विशेषज्ञों के विशिष्ट सामाजिक समूहों का उदय हुआ और संपत्ति के असमान वितरण ने सामाजिक विषमताओं को और गहरा किया। इतिहासकार इन प्रक्रियाओं को समझने के लिए साहित्यिक परंपराओं का उपयोग करते हैं, जिनमें कुछ ग्रंथ सामाजिक व्यवहार के मानदंड तय करते थे, जबकि अन्य समाज का चित्रण करते थे और विभिन्न रिवाजों पर टिप्पणी करते थे। अभिलेखों से हमें समाज के ऐतिहासिक अभिनायकों की झलक मिलती है। महाभारत जैसे विशाल महाकाव्य का विश्लेषण इस काल के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों को समझने में सहायक है। महाभारत लगभग 500 ई.पू. से एक हजार वर्षों तक विकसित होता रहा और इसमें विभिन्न सामाजिक वर्गों के आचार-व्यवहार के मानदंड समाहित हैं। इस महाकाव्य की मुख्य कथा दो परिवारों के बीच हुए युद्ध की है, जो सामाजिक मानदंडों के पालन और उल्लंघन दोनों को दर्शाती है। इतिहासकारों के लिए यह आवश्यक है कि वे ग्रंथों के लेखक, भाषा, संकलन काल और श्रोताओं के संदर्भ में उनका विश्लेषण करें ताकि समाज के आचार-व्यवहार का इतिहास सही रूप में लिखा जा सके।

  • लगभग 600 ई.पू. से 600 ईसवी तक कृषि का विस्तार हुआ और वन क्षेत्रों में जीवनशैली बदली।
  • शिल्प विशेषज्ञों के विशिष्ट सामाजिक समूहों का उदय हुआ।
  • संपत्ति के असमान वितरण ने सामाजिक विषमताओं को बढ़ाया।
  • इतिहासकार साहित्यिक परंपराओं और अभिलेखों का उपयोग सामाजिक इतिहास के लिए करते हैं।
  • महाभारत एक विशाल महाकाव्य है जो सामाजिक मानदंडों और युद्ध की कथा प्रस्तुत करता है।
  • महाभारत की रचना लगभग 1000 वर्षों तक चली और इसमें विभिन्न सामाजिक वर्गों का लेखा-जोखा है।
  • 📌 महाभारत: एक विशाल संस्कृत महाकाव्य जिसमें सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक जीवन के विविध पहलुओं का वर्णन है।
  • 📌 संपत्ति का असमान वितरण: समाज में धन-संपदा का असमान बंटवारा जिससे सामाजिक विषमताएँ उत्पन्न होती हैं।
  • 📌 साहित्यिक परंपराएँ: वे ग्रंथ और कथाएँ जो समाज के आचार-व्यवहार और मानदंडों को दर्शाती हैं।

महाभारत का समालोचनात्मक संस्करण

व्याख्या

महाभारत का समालोचनात्मक संस्करण

1919 में संस्कृत विद्वान वी.एस. सुकथांकर के नेतृत्व में महाभारत के समालोचनात्मक संस्करण की परियोजना शुरू हुई। इस परियोजना में देश के विभिन्न भागों से संस्कृत में लिखी गई महाभारत की पांडुलिपियों को एकत्रित किया गया और उनमें पाए गए श्लोकों की तुलना की गई। लगभग सभी पांडुलिपियों में पाए जाने वाले श्लोकों को मुख्य पाठ के रूप में चुना गया और प्रकाशन 13,000 पृष्ठों में किया गया। इस कार्य में 43 वर्ष लगे। इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट हुआ कि उपमहाद्वीप के उत्तर से दक्षिण तक पांडुलिपियों में समानता थी, साथ ही क्षेत्रीय प्रभेद भी पाए गए। ये प्रभेद स्थानीय विचारों और सामाजिक व्यवहार के संवाद को दर्शाते हैं। इतिहासकारों ने प्रारंभ में इन ग्रंथों को सतही रूप से समझा, लेकिन बाद में पालि, प्राकृत और तमिल ग्रंथों के अध्ययन से पता चला कि संस्कृत ग्रंथ आदर्शमूलक थे और इनका पालन समाज में पूरी तरह नहीं होता था। महाभारत के समालोचनात्मक संस्करण ने सामाजिक इतिहास के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • 1919 में महाभारत के समालोचनात्मक संस्करण की शुरुआत हुई।
  • देश के विभिन्न भागों से संस्कृत पांडुलिपियाँ एकत्रित की गईं।
  • लगभग सभी पांडुलिपियों में पाए जाने वाले श्लोकों को मुख्य पाठ में शामिल किया गया।
  • परियोजना में 43 वर्ष लगे और 13,000 पृष्ठों में प्रकाशन हुआ।
  • समानता और क्षेत्रीय प्रभेद दोनों का पता चला।
  • संस्कृत ग्रंथ आदर्शमूलक थे, समाज में इनके पालन में भिन्नता थी।
  • 📌 समालोचनात्मक संस्करण: विभिन्न पांडुलिपियों के श्लोकों की तुलना कर मुख्य पाठ तैयार करना।
  • 📌 प्रभेद: किसी ग्रंथ के क्षेत्रीय या भाषाई भिन्न संस्करण।

बंधुता एवं विवाह

व्याख्या

बंधुता एवं विवाह

बंधुता और विवाह सामाजिक जीवन की मूल इकाइयाँ हैं, लेकिन सभी परिवार समान नहीं होते। परिवारों की संरचना, रिश्ते और क्रियाकलापों में विविधता होती है। परिवार बड़े समूहों का हिस्सा होते हैं जिन्हें जाति समूह कहा जाता है। पारिवारिक रिश्ते रक्त संबंधी माने ज

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.अवधारणा 10 - साहित्यिक स्रोतों का इस्तेमाल (प्रo10) महाभारत ग्रंथ की विषय वस्तु को इतिहासकार किन दो मुख्य शीर्षकों के अंतर्गत रखते हैं?
A.गीत और श्लोक
B.आख्यान तथा उपदेशात्मक
C.व्यक्ति तथा कला
D.ज्ञान तथा वैराग्य

उत्तर:

आख्यान तथा उपदेशात्मक

MediumNCERT
Q2.अवधारणा 9 - सादृश्यता की खोज (प्रo9) सन 1951-52 में पुरातत्व वेत्ता बी.बी. लाल ने किस गाँव में उत्खनन किया?
A.हस्तिनापुर
B.मथुरा
C.वाराणसी
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

हस्तिनापुर

MediumNCERT
Q3.अवधारणा 8 - एक गतिशील ग्रंथ (प्रo8) बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी ने लघु कथा "कुंती ओ निषादी" मैं कथानक का अंत कहां से किया है?
A.महाभारत के युद्ध के बाद जब कुंती वन में रहने लगती है
B.महाभारत युद्ध के मध्य प्रसंग से
C.युद्ध की समाप्ति पर हुए भीषण नरसंहार से
D.युद्ध के कारणों से संबंधित प्रसंग से

उत्तर:

महाभारत के युद्ध के बाद जब कुंती वन में रहने लगती है

MediumNCERT
Q4.अवधारणा 7 - साहित्यिक स्त्रोत ओं का इस्तेमाल (प्रo7) पाली, प्राकृत तथा तमिल भाषा समाज में किन लोगों द्वारा उपयोग में लाई जाती थी?
A.पुरोहितों तथा खास वर्गों द्वारा
B.आम लोगों द्वारा
C.अनुष्ठान-कर्ताओं द्वारा
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

आम लोगों द्वारा

MediumNCERT
Q5.अवधारणा 6 - सामाजिक विषमताओं की व्याख्या (प्रo6) सुत्तपिटक नामक ग्रंथ में मानव और वनस्पति की क्या स्थिति बताई गई है?
A.मानव अल्पविकसित, शांत और संतोषी थे तथा वनस्पति अविकसित थी
B.वनस्पति अत्यधिक विकसित तथा मानव क्रोधी और अशांत थे
C.मानव अत्यंत लालची और वनस्पति भरपूर थी
D.मानव और वनस्पति वर्तमान जैसे ही थे

उत्तर:

मानव अल्पविकसित, शांत और संतोषी थे तथा वनस्पति अविकसित थी

MediumNCERT
Q6.अवधारणा 5 - जन्म से परे (प्रo5) स्त्रीधन से क्या तात्पर्य है?
A.स्त्री स्वयं अपने आप में धन है
B.इसलिए जो धन कमा कर लाए वही स्त्रीधन है
C.विवाह के समय मिले उपहार ही स्त्रीधन है
D.पति से प्राप्त धन ही स्त्री धन है

उत्तर:

विवाह के समय मिले उपहार ही स्त्रीधन है

MediumNCERT
Q7.अवधारणा 4 - सामाजिक विषमताएं (प्रo4) धर्म सूत्रों के अनुसार आदर्श जीविका से तात्पर्य है?
A.ब्राह्मण-अध्ययन अध्यापन, क्षत्रिय-युद्ध सुरक्षा, वैश्य-व्यापार, शूद्र-सेवा
B.नीति तथा धर्म के अनुसार अच्छे व्यवहार से जीविका पाना
C.अपने गुणों तथा ज्ञान के आधार पर जीविका यापन करना
D.अपने स्वयं के अनुसार जीविका का चयन

उत्तर:

ब्राह्मण-अध्ययन अध्यापन, क्षत्रिय-युद्ध सुरक्षा, वैश्य-व्यापार, शूद्र-सेवा

MediumNCERT
Q8.अवधारणा 3 – बंधुत्व एवं विवाह (प्रo3) विवाह के नियम में बाल विवाह पद्धति से क्या तात्पर्य है?
A.पुत्र वंश को आगे बढ़ाने के लिए पुत्रों का दान करना
B.अपने गोत्र से बाहर अपनी पुत्रियों का विवाह करना
C.अन्य जातियों में पुत्रियों का विवाह करना
D.अपने ही गोत्र में स्त्रियों का विवाह करना

उत्तर:

अपने गोत्र से बाहर अपनी पुत्रियों का विवाह करना

MediumNCERT