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Chapter 2

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Chapter 1अध्याय 2 / 10Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

बच्चेंद्री पाल

व्याख्या

बच्चेंद्री पाल

इस अनुभाग में बच्चेंद्री पाल के जीवन परिचय और उनके प्रारंभिक संघर्षों का वर्णन है। बच्चेंद्री पाल का जन्म 24 मई 1954 को उत्तरांचल के चमोली जिले के बंपा गाँव में हुआ। वे अपनी माँ हंसादेई नेगी और पिता किशन सिंह पाल की तीसरी संतान हैं। उनके पिता पढ़ाई का खर्च उठाने में असमर्थ थे, इसलिए बच्चेंद्री को आठवीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई का खर्च सिलाई-कढ़ाई करके जुटाना पड़ा। दसवीं कक्षा पास करने के बाद उनके स्कूल के प्रिंसिपल ने उनके पिता को उनकी आगे की पढ़ाई के लिए सहमत किया। विषम परिस्थितियों के बावजूद बच्चेंद्री ने संस्कृत में एम.ए. और फिर बी.एड. की डिग्री हासिल की। बच्चेंद्री को बचपन से ही पहाड़ों पर चढ़ने का शौक था। उनके बड़े भाई उन्हें पहाड़ पर चढ़ने से रोकते थे, जबकि छोटे भाई को प्रोत्साहित करते थे। यह उनके लिए एक चुनौती थी कि लड़कियों को कोमल और नाजुक क्यों समझा जाता है। परिवार के मौसम के अनुसार वे साल के कुछ महीने ऊँचाई वाले गाँव में और कुछ महीने तराई के गाँव में बिताते थे। तराई वाले गाँव में स्कूल जाने के लिए बच्चेंद्री को पाँच-छह मील की पहाड़ी चढ़ाई करनी पड़ती थी। बच्चेंद्री की पढ़ाई पूरी होने पर इंडियन माउंटेन फाउंडेशन ने एवरेस्ट अभियान के लिए महिलाओं की खोज शुरू की। बच्चेंद्री इस अभियान दल में शामिल हो गईं। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने 7500 मीटर ऊँची मान चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। कई महीनों के अभ्यास के बाद उन्होंने एवरेस्ट विजय के लिए यात्रा शुरू की।

  • बच्चेंद्री पाल का जन्म 24 मई 1954 को उत्तरांचल के चमोली जिले के बंपा गाँव में हुआ।
  • पिता पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाते थे, इसलिए बच्चेंद्री ने सिलाई-कढ़ाई करके पढ़ाई जारी रखी।
  • उन्होंने संस्कृत में एम.ए. और बी.एड. की डिग्री हासिल की।
  • बचपन से ही पहाड़ों पर चढ़ने का शौक था, लेकिन बड़े भाई ने रोकने की कोशिश की।
  • इंडियन माउंटेन फाउंडेशन के एवरेस्ट अभियान में शामिल होकर उन्होंने 7500 मीटर की मान चोटी पर चढ़ाई की।
  • अवसर मिलने पर उन्होंने एवरेस्ट विजय के लिए प्रशिक्षण और अभ्यास किया।
  • 📌 एवरेस्ट अभियान: एवरेस्ट पर्वत पर चढ़ाई का विशेष अभियान।
  • 📌 इंडियन माउंटेन फाउंडेशन: पर्वतारोहण से संबंधित संस्था।
  • 📌 मान चोटी: 7500 मीटर ऊँची पर्वत चोटी।

एवरेस्ट अभियान की शुरुआत

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एवरेस्ट अभियान की शुरुआत

इस खंड में बच्चेंद्री पाल के एवरेस्ट अभियान की शुरुआत और प्रारंभिक यात्रा का विवरण है। 7 मार्च को दिल्ली से काठमांडू के लिए हवाई जहाज से रवाना हुए। एक अग्रिम दल पहले ही बेस कैंप पहुँच चुका था, जिसने हिमपात के रास्ते को साफ़ किया था। नमचे बाजार, शेरपालैंड का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहाँ से बच्चेंद्री ने पहली बार एवरेस्ट को देखा। नेपालियों में इसे 'सागरमाथा' कहा जाता है, जो बच्चेंद्री को बहुत अच्छा लगा। एवरेस्ट की चोटी पर तेज़ हवा के कारण बर्फ़ का बड़ा फूल (प्लूम) लहराता रहता है, जो लगभग 10 किलोमीटर लंबा हो सकता है। यह दृश्य पर्वतारोहियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। 26 मार्च को पैरिच पहुँचने पर अभियान दल को शेरपा कुली की मृत्यु का समाचार मिला। खंभु हिमपात के कारण बर्फ़ की चट्टान नीचे खिसक आई थी, जिससे एक कुली की मौत और चार घायल हो गए। इस घटना से दल में उदासी छा गई। कर्नल खुल्लर ने बताया कि एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों और मृत्यु को सहज भाव से स्वीकार करना चाहिए। उपनेता प्रेमचंद ने हिमपात की स्थिति और रास्ते की कठिनाइयों की जानकारी दी। ग्लेशियर बर्फ़ की नदी की तरह बहती है और बर्फ़ गिरना जारी रहता है, जिससे रास्ता बार-बार साफ़ करना पड़ता है। अभियान में एक रसोई सहायक की भी मृत्यु हो गई, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई।

  • 7 मार्च को दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना हुए।
  • नमचे बाजार से पहली बार एवरेस्ट को देखा, जिसे 'सागरमाथा' कहा जाता है।
  • एवरेस्ट की चोटी पर तेज़ हवा के कारण बर्फ़ का बड़ा फूल (प्लूम) लहराता रहता है।
  • खंभु हिमपात में शेरपा कुली की मृत्यु और चार घायल हुए।
  • कर्नल खुल्लर ने खतरों और मृत्यु को स्वीकार करने की बात कही।
  • ग्लेशियर की अनियमित बर्फ़ गिरावट के कारण रास्ता बार-बार साफ़ करना पड़ता है।
  • एक रसोई सहायक की मृत्यु से अभियान की स्थिति गंभीर हुई।
  • 📌 नमचे बाजार: शेरपा समुदाय का महत्वपूर्ण नगरीय क्षेत्र।
  • 📌 प्लूम: पर्वत की चोटी पर तेज़ हवा से उड़ती बर्फ़ की बड़ी पट्टी।
  • 📌 खंभु हिमपात: एवरेस्ट क्षेत्र में एक खतरनाक हिमस्खलन।

बेस कैंप और हिमपात की चुनौतियाँ

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बेस कैंप और हिमपात की चुनौतियाँ

इस भाग में बेस कैंप पहुँचने के बाद की परिस्थितियों और हिमपात की चुनौतियों का वर्णन है। बेस कैंप पर पहुँचने के बाद बच्चेंद्री ने एवरेस्ट और आसपास की बर्फ़ीली चोटियों को देखा, जो अत्यंत भव्य और भयावह थीं। हिमपात का मतलब बर्फ़ का गिरना होता है, जो ग्लेश

अभ्यास प्रश्नChapter 2

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.हमें खास परिस्थितियों में झुकने से क्या रोक लेती है ?
A.समय
B.पोशाक
C.बाधाऍ
D.निचली श्रेणी के लोग

उत्तर:

पोशाक

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Q2.किस शब्द में अनुनासिक का सही प्रयोग हुआ है ?
A.बूँद
B.पँख
C.पतँग
D.सँग

उत्तर:

बूँद

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Q3.किस शब्द में अनुस्वार का सही प्रयोग हुआ है ?
A.सांप
B.अंधेरा
C.मंजन
D.फांसी

उत्तर:

मंजन

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Q4.दुःख का अधिकार कहानी का केंद्रीय पात्र कौन है ?
A.बूढी स्त्री
B.लेखक
C.लालाजी
D.भगवना

उत्तर:

बूढी स्त्री

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Q5.माँ , बहू और बच्चे भगवना से लिपट-लिपट कर रोने लगे। ` में कौन सा रस है ?
A.वात्सल्य रस
B.वीर रस
C.शृंगार रस
D.करूण रस

उत्तर:

करूण रस

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Q6.कफन के संदर्भ में लेखक ने किस पर व्यंग्य किया है ?
A.लेखक पर
B.लालाजी पर
C.पंडितजी पर
D.सामाजिक रूढ़िवादिता पर

उत्तर:

सामाजिक रूढ़िवादिता पर

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Q7.बूढी स्त्री को किसके बिना पैसे उधार नहीं देता ?
A.खरबूजे के बिना
B.बेटे के बिना
C.छन्नी ककना के बिना
D.लेखक के बिना

उत्तर:

बेटे के बिना

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Q8.सूतक के दिनों में भी बूढी स्त्री के द्वारा खरबूजे बेचने जाना क्या दर्शाता है ?
A.बूढी स्त्री का लोभ
B.बूढी स्त्री की विवशता
C.बूढी स्त्री की आदत
D.बहू का दबाव

उत्तर:

बूढी स्त्री की विवशता

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