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वन एवं वन्य जीव संसाधन

🎓 Class 10📖 Samkalin Bharat📖 10 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~15 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 7जल संसाधन

वन एवं वन्य जीव संसाधनअध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

वन और वन्य जीव संसाधन का परिचय

व्याख्या

वन और वन्य जीव संसाधन का परिचय

वन और वन्य जीव संसाधन हमारे पर्यावरण के अत्यंत महत्वपूर्ण घटक हैं। भारत में वन केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि वे अनेक जीव-जंतुओं का आवास भी हैं। वन जल संरक्षण, जलवायु नियंत्रण, मृदा संरक्षण तथा आर्थिक संसाधन के रूप में भी कार्य करते हैं। यह पारिस्थितिकी तंत्र के प्राथमिक उत्पादक हैं जिन पर अन्य सभी जीव निर्भर करते हैं। वन हमें लकड़ी, फल, औषधियाँ, गोंद, राल, जड़ी-बूटियाँ आदि प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, वन वायु को शुद्ध करते हैं, जल चक्र को नियंत्रित करते हैं, और मृदा कटाव को रोकते हैं। भारत जैव विविधता के संदर्भ में विश्व के सबसे समृद्ध देशों में से एक है, जहाँ विश्व की लगभग 8 प्रतिशत जैव उपजातियाँ पाई जाती हैं। वनस्पतिजात और प्राणिजात की यह विविधता हमारे दैनिक जीवन में गहराई से जुड़ी है। परंतु मानव गतिविधियों के कारण इन संसाधनों पर दबाव बढ़ा है, जिससे इनके संरक्षण की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

  • वन केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं का आवास हैं।
  • वन जल संरक्षण, जलवायु नियंत्रण और मृदा संरक्षण में मदद करते हैं।
  • भारत विश्व की जैव विविधता में 8 प्रतिशत उपजातियाँ समेटे हुए है।
  • वन हमें लकड़ी, फल, औषधियाँ, गोंद, राल, जड़ी-बूटियाँ प्रदान करते हैं।
  • वन पारिस्थितिकी तंत्र के प्राथमिक उत्पादक हैं।
  • मानव गतिविधियों से वन संसाधनों पर दबाव बढ़ा है।
  • 📌 वन्य जीव संसाधन: वन में रहने वाले जीव-जंतु और उनके आवास।
  • 📌 जैव विविधता: विभिन्न प्रकार के जीवों और पौधों की विविधता।
  • 📌 पारिस्थितिकी तंत्र: जीवों और उनके पर्यावरण के बीच जटिल संबंध।

भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात

व्याख्या

भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात

भारत जैव विविधता के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में से एक है। यहाँ सूक्ष्म जीवाणुओं से लेकर विशालकाय जीवों तक करोड़ों जीवधारियों की उपस्थिति है। भारत में विश्व की लगभग 8 प्रतिशत जैव उपजातियाँ पाई जाती हैं, जो अभी खोजी जाने वाली उपजातियों से भी कई गुना अधिक हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के वनस्पतिजात और प्राणिजात पाए जाते हैं जो स्थानीय जलवायु, भूगोल और मानव गतिविधियों के अनुसार भिन्न होते हैं। वनस्पतिजात में विभिन्न प्रकार के पेड़, झाड़ियाँ, घास आदि शामिल हैं, जबकि प्राणिजात में पक्षी, स्तनधारी, सरीसृप, कीट आदि आते हैं। ये जैव विविधताएँ पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वन और वन्य जीव संसाधनों का संरक्षण इसलिए आवश्यक है ताकि ये जैव विविधताएँ बनी रहें और मानव जीवन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते रहें।

  • भारत में विश्व की लगभग 8 प्रतिशत जैव उपजातियाँ पाई जाती हैं।
  • वनस्पतिजात में पेड़, झाड़ियाँ, घास आदि शामिल हैं।
  • प्राणिजात में पक्षी, स्तनधारी, सरीसृप, कीट आदि आते हैं।
  • जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए आवश्यक है।
  • वन्य जीव और वनस्पतियाँ स्थानीय जलवायु और भूगोल के अनुसार भिन्न होती हैं।
  • संरक्षण से जैव विविधता बनी रहती है और संसाधन उपलब्ध रहते हैं।
  • 📌 जैव उपजाति: किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों और पौधों की विभिन्न जातियाँ।
  • 📌 वनस्पतिजात: वन में पाए जाने वाले पौधे।
  • 📌 प्राणिजात: वन में पाए जाने वाले जीव-जंतु।

भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण

व्याख्या

भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण

भारत में वन और वन्य जीवन के तेज़ी से हो रहे ह्रास के कारण संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। 1960 और 1970 के दशकों में राष्ट्रीय वन्यजीवन सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत हुई। 1972 में भारतीय वन्यजीवन (रक्षण) अधिनियम लागू किया गया, जिसमें वन्य जीवों के आवास

अभ्यास प्रश्नवन एवं वन्य जीव संसाधन

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.किसी विशेष क्षेत्र में पादपों और जंतुओं की विविधता को हम क्या कहते हैं?
A.वन
B.ग्रह
C.जैव विविधता (Biodiversity)
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

जैव विविधता (Biodiversity)

व्याख्या:

[{"id": "32b47042-98e9-4b46-a873-ec481b110d94", "type": "html", "value": " किसी विशेष क्षेत्र में पौधों और जंतुओं की विविधता को ' जैव विविधता ' कहा जाता है "}]

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Q2.इनमें से किसे जैव विविधता का केन्द्र(हॉटस्पॉट) माना जाता है?
A.मृदा
B.वन
C.जल
D.ग्रह

उत्तर:

वन

व्याख्या:

[{"id": "1f7afcda-1556-4463-b0aa-027fb342cc1b", "type": "html", "value": " वन को जैव विविधता का केन्द्र (हॉटस्पॉट) माना जाता है। "}]

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Q3.वनोन्मूलन (वनों की कटाई) के कारण प्रकृति में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा नियंत्रण में नहीं है इससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है , इसे ___________ कहा जाता है।
A.मृदा अपरदन
B.बाढ़
C.वनोन्मूलन (वनों की कटाई)
D.वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) (Global Warming)

उत्तर:

वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) (Global Warming)

व्याख्या:

[{"id": "4ae21eb0-e5f5-4133-af11-84e641eb81b2", "type": "html", "value": " वनोन्मूलन (वनों की कटाई) के कारण प्रकृति में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा नियंत्रण में नहीं है, इसलिए पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसे वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) कहते है। "}]

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Q4.वनोन्मूलन(वनों की कटाई)के कारण मृदा की उपजाऊ परत वर्षा के जल के साथ प्रवाहित हो जाती है या वायु के साथ प्लवित हो जाती है, इसे __________ कहा जाता है
A.मृदा अपरदन
B.वनोन्मूलन (वनों की कटाई)
C.बाढ़
D.वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) (Global Warming)

उत्तर:

मृदा अपरदन

व्याख्या:

[{"id": "b65c982a-b2cc-4bbf-a53b-8f7fcc260dbe", "type": "html", "value": " वनोन्मूलन(वनों की कटाई) के कारण मृदा की उपजाऊ परत वर्षा के जल के साथ प्रवाहित जाती है या वायु के साथ प्लवित हो जाती है, इसे 'मृदा अपरदन' कहा जाता है "}]

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Q5.संपोषित विकास के संबंध में सही कथन का चयन कीजिए? कथन 1: पर्यावरण को न्यूनतम क्षति के साथ नियोजित विकास। कथन 2: पर्यावरण के संरक्षण हेतु सभी विकास कार्यों को रोक दिया जाये।
A.कथन 1
B.कथन 2
C.कथन 1 और 2 उचित है
D.उपरोक्त सभी विकल्प

उत्तर:

कथन 1

व्याख्या:

[{"id": "8d2af4c1-c638-483a-b4ee-378bdfcd0352", "type": "html", "value": " कथन 1 के रूप में: पर्यावरण को न्यूनतम क्षति के साथ नियोजित विकास ,सही है अतः विकल्प 1 सही उत्तर है "}]

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Q6.निम्नलिखित में से क्या वनोन्मूलन(वनों की कटाई) का प्रभाव नहीं है?
A.बाढ़
B.मृदा अपरदन
C.वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) (Global Warming)
D.उच्च भौमजल स्तर

उत्तर:

उच्च भौमजल स्तर

व्याख्या:

[{"id": "c3675d24-a5bb-4136-9100-702eba1bc425", "type": "html", "value": " उच्च भौमजल स्तर वनोन्मूलन(वनों की कटाई) का प्रभाव नहीं है, अन्य सभी विकल्प वनोन्मूलन के प्रभाव हैं। "}]

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Q7.रोशनी ने अखबार में पढ़ा कि भारत में बाघों की संख्या बहुत कम है, निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प इस समस्या का कारण हो सकता है?
A.बाढ़
B.वनोन्मूलन (वनों की कटाई)
C.प्राकृतिक संसाधनों का संपोषित उपयोग
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

वनोन्मूलन (वनों की कटाई)

व्याख्या:

[{"id": "8e07724d-c24d-441a-9ba9-9309d5b0581e", "type": "html", "value": " भारत में बाघों की संख्या कम होने का कारण वनोन्मूलन(वनों की कटाई) हो सकती है। वनोन्मूलन(वनों की कटाई) के कारण वन समाप्त होते जाते हैं और वन्य जंतु जीवित नहीं रह पाते हैं इसलिए उनकी आबादी दिनों-दिन घटती जा रही है। "}]

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Q8.निम्नलिखित में से कौन पादपों में वहन कार्य करता हैं?
A.जाइलम
B.फ्लोएम
C.दोनों विकल्प 1 और 2
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

दोनों विकल्प 1 और 2

व्याख्या:

[{"id": "ba50a37e-4196-47d2-bf12-ea598f0cd6c5", "type": "html", "value": " जाइलम और फ्लोएम दोनों पादपों में वहन के लिए उत्तरदायी हैं। जाइलम मृदा से प्राप्त जल और खनिजों को पादप तक वहन करता हैं। फ्लोएम खाद्य पदार्थों को पत्तियों से पादप के शरीर के सभी भागों तक वहन करता हैं। "}]

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