Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
अदृश्य जीव-जगत हमारी आँखों की क्षमता से परे
अवधारणाअदृश्य जीव-जगत हमारी आँखों की क्षमता से परे
हमारे चारों ओर अनेक जीव-जंतु होते हैं, जिनमें से अधिकांश इतने छोटे होते हैं कि उन्हें हमारी सामान्य आँखों से देख पाना संभव नहीं होता। ये जीव इतने सूक्ष्म होते हैं कि उनकी पहचान करने के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। मानव नेत्र केवल उन वस्तुओं को देख सकते हैं जो एक निश्चित आकार से बड़ी होती हैं। लंबे समय तक हम अपने आस-पास की कई छोटी-छोटी वस्तुओं से अनभिज्ञ थे। बहुत समय पूर्व लोगों ने यह खोज की थी कि काँच का एक वक्रित टुकड़ा छोटी वस्तुओं को बड़ा दिखा सकता है। इस काँच के टुकड़े को लेंस कहा गया, जो बीच से मोटा और किनारों पर पतला होता है। समय के साथ लेंसों की गुणवत्ता में सुधार किया गया और उनकी आवर्धन क्षमता बढ़ाई गई। साधारण आवर्धक लेंस से लेकर सूक्ष्मदर्शी तक प्रत्येक नए उपकरण ने मनुष्यों को वह देखने में सहायता की जिसे नम आँखों से नहीं देखा जा सकता था। सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार ने छोटे-छोटे जीवों से भरे एक अद्भुत और अदृश्य संसार का मार्ग प्रशस्त किया। इस अध्याय में हम ऐसे ही कुछ जीवन रूपों का अन्वेषण करेंगे। आपने पहले ही जीवों की विविधता के विषय में पढ़ा है। अपने चारों ओर देखिए कितने सारे सुंदर पेड़-पौधे और जीव-जंतु हैं! वे विविध आकार, रंग और रूप के हैं। कुछ जीव-जंतु बहुत छोटे होते हैं जबकि कुछ बहुत बड़े। वे न केवल अपनी संरचना में अपितु अन्य लक्षणों में भी भिन्न होते हैं। ये सभी सजीव चाहे वे पौधे हों अथवा जंतु जीव कहलाते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी आँखों से दिखाई देने वाला सबसे छोटा जीव कौन-सा है? इस विषय पर विचार कीजिए कि वस्तुत: आपकी आँखें कितनी छोटी वस्तु को देख सकती हैं? चश्मा पहनने वाले लोगों को आपने देखा होगा। चश्मा उन्हें स्पष्ट देखने में कैसे सहायता करता है? जब हम किसी वस्तु का अवलोकन करने के लिए आवर्धक लेंस का उपयोग करते हैं तो क्या होता है? ये सभी प्रश्न हमें सूक्ष्म जीवों की दुनिया की ओर ले जाते हैं।
- मानव नेत्र केवल एक निश्चित आकार से बड़ी वस्तुओं को देख सकते हैं।
- लेंस एक वक्रित काँच का टुकड़ा होता है जो वस्तुओं को बड़ा दिखाता है।
- सूक्ष्मदर्शी ने सूक्ष्म जीवों को देखने में सहायता की।
- जीवों की विविधता आकार, रंग और रूप में भिन्न होती है।
- सूक्ष्म जीव इतने छोटे होते हैं कि उन्हें नग्न आँखों से देखना संभव नहीं।
- 📌 लेंस: काँच का वक्रित टुकड़ा जो वस्तुओं को बड़ा दिखाता है।
- 📌 सूक्ष्मदर्शी: ऐसा उपकरण जो वस्तुओं को बहुत अधिक बढ़ा कर दिखाता है।
- 📌 सूक्ष्म जीव: वे जीव जो नग्न आँखों से नहीं देखे जा सकते।
सूक्ष्मदर्शी और उसकी खोज
अवधारणासूक्ष्मदर्शी और उसकी खोज
वर्ष 1665 में रॉबर्ट हुक नामक वैज्ञानिक ने माइक्रोग्राफिया नामक पुस्तक प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखी गई अत्यंत छोटी वस्तुओं के आवर्धित चित्र प्रस्तुत किए। उनका सूक्ष्मदर्शी वस्तुओं को 200 से 300 गुना बड़ा दिखा सकता था। उन्होंने कॉर्क की पतली परत में छोटे-छोटे रिक्त स्थान देखे जिन्हें उन्होंने कोशिका कहा। यह कोशिका शब्द जीवन की सबसे छोटी इकाई के लिए पहली बार प्रयोग किया गया। 1660 के दशक में एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने अधिक परिष्कृत लेंस बनाए और सूक्ष्मजीवों जैसे जीवाणु और रक्त कोशिकाओं को स्पष्ट रूप से देखने वाले प्रथम व्यक्ति बने। इन्हें सूक्ष्मजैविकी का जनक कहा जाता है। सूक्ष्मदर्शी की खोज ने सूक्ष्मजीवों की दुनिया का अन्वेषण संभव बनाया। इससे पहले सूक्ष्म जीवों को देख पाना असंभव था। सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार ने विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति ला दी और जीवन की मूल इकाई कोशिका की खोज को संभव बनाया।
- रॉबर्ट हुक ने 1665 में माइक्रोग्राफिया नामक पुस्तक प्रकाशित की।
- उन्होंने कॉर्क की कोशिकाओं को सूक्ष्मदर्शी से देखा और कोशिका शब्द दिया।
- एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने सूक्ष्मजीवों को देखा और सूक्ष्मजैविकी की नींव रखी।
- सूक्ष्मदर्शी ने सूक्ष्म जीवों की दुनिया का अन्वेषण संभव बनाया।
- 📌 माइक्रोग्राफिया: रॉबर्ट हुक की प्रकाशित पुस्तक जिसमें सूक्ष्मदर्शी से देखी गई वस्तुओं के चित्र हैं।
- 📌 कोशिका: जीवन की सबसे छोटी इकाई।
- 📌 सूक्ष्मजैविकी: सूक्ष्मजीवों का अध्ययन।
कोशिका: जीवन की मूल इकाई
अवधारणाकोशिका: जीवन की मूल इकाई
सभी सजीव कोशिकाओं से बने होते हैं। कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है जो सभी जीवित प्राणियों की संरचना और कार्य के लिए आधार होती है। कोशिका के तीन मुख्य भाग होते हैं — कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक। कोशिका झिल्ली कोशिका को बाहरी वातावरण से अल
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.थायरौक्सिन उत्पन्न करने के लिए ________आवश्यक है।
उत्तर:
आयोडीन
Q2.किशोरावस्था ________ आयु तक रहती है ।
उत्तर:
11 से 19 वर्ष
Q3.किशोरावस्था में चेहरे पर फुंसियाँ और मुंहासे ____________ की अधिक क्रियाशीलता के कारण होती हैं ।
उत्तर:
स्वेद एवं तेल ग्रंथियां
Q4.2. ऐडम्स एप्पल ________ है ।
उत्तर:
लड़कों का स्वर यंत्र
Q5.किशोरावस्था के दौरान मानव शारीर में अनेक परिवर्तन होते हैं I यह परिवर्तन __________ का संकेत है ।
उत्तर:
यौवनारम्भ
Q6.__________ हार्मोन अंडाशय द्वारा स्त्रावित होता है।
उत्तर:
एस्ट्रोजन
Q7.जब ‘Y’ गुणसूत्र वाला शुक्राणु अंडाणु को निषेचित करता है तो युग्मनज _________ शिशु में विकसित होता है।
उत्तर:
नर
Q8.मानव कोशिका के केन्द्रक में _____ जोड़े गुणसूत्र पाए जाते हैं।
उत्तर:
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