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Chapter 2

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Chapter 2अध्ययन नोट्स

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2.1 भूमिका

व्याख्या

2.1 भूमिका

इस अनुभाग में बहुपद (Polynomial) की मूल अवधारणा को समझाया गया है। कक्षा IX में आपने बहुपद और उनकी घात (degree) के बारे में अध्ययन किया था। बहुपद एक ऐसा व्यंजक होता है जिसमें चर (variable) और उनके घात होते हैं। बहुपद की घात उस चर की उच्चतम घात होती है। उदाहरण के लिए, 4x + 2 में x की उच्चतम घात 1 है, अतः यह बहुपद की घात 1 का बहुपद है। इसी प्रकार, 2y² - 3y + 4 में y की उच्चतम घात 2 है, अतः यह द्विघात बहुपद है। बहुपदों के उदाहरणों से यह भी स्पष्ट होता है कि व्यंजक जैसे 1/(x - 1), √x बहुपद नहीं होते क्योंकि इनमें चर के घात पूर्णांक नहीं हैं या चर हर पद में नहीं है। घात 1 के बहुपद को रैखिक बहुपद कहा जाता है, जैसे 2x - 3, √3x + 5 आदि। घात 2 के बहुपद को द्विघात बहुपद कहते हैं, जैसे 2x² + 3x - 2/5। घात 3 के बहुपद को त्रिघात बहुपद कहा जाता है, जैसे 3x³ - 2x² + x - 1। इसके अतिरिक्त, बहुपद में चर के मान को किसी वास्तविक संख्या से प्रतिस्थापित करने पर बहुपद का मान प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए, p(x) = x² - 3x - 4 में x = 2 रखने पर p(2) = -6 आता है। यदि किसी वास्तविक संख्या k के लिए p(k) = 0 होता है, तो k को बहुपद का शून्यक (zero) कहते हैं। उदाहरण के लिए, p(x) = x² - 3x - 4 के शून्यक -1 और 4 हैं क्योंकि p(-1) = 0 और p(4) = 0। रैखिक बहुपद ax + b का शून्यक -b/a होता है। इस अनुभाग में यह प्रश्न भी उठाया गया है कि क्या द्विघात और त्रिघात बहुपदों के शून्यक भी उनके गुणांकों से संबंधित होते हैं। आगे के अध्याय में इन प्रश्नों के उत्तर खोजे जाएंगे। **Table on page 3 (2×3)** | x | -2 | 2 | | --- | --- | --- | | y = 2x + 3 | -1 | 7 |

  • बहुपद में चर और उनके घात होते हैं, बहुपद की घात चर की उच्चतम घात होती है।
  • घात 1 के बहुपद रैखिक, घात 2 के द्विघात, और घात 3 के त्रिघात बहुपद कहलाते हैं।
  • बहुपद में चर के मान को प्रतिस्थापित करने पर बहुपद का मान प्राप्त होता है।
  • यदि किसी वास्तविक संख्या k के लिए p(k) = 0 हो तो k बहुपद का शून्यक कहलाता है।
  • रैखिक बहुपद ax + b का शून्यक -b/a होता है।
  • बहुपद के शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध की खोज इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य है।
  • 📌 बहुपद: चर और उनके घातों का योग या अंतर।
  • 📌 घात (Degree): बहुपद में चर की उच्चतम घात।
  • 📌 रैखिक बहुपद: घात 1 का बहुपद।

2.2 बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ

व्याख्या

2.2 बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ

इस अनुभाग में बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ समझाया गया है। जब हम बहुपद p(x) के लिए y = p(x) का ग्राफ बनाते हैं, तो बहुपद के शून्यक वे बिंदु होते हैं जहाँ यह ग्राफ x-अक्ष को प्रतिच्छेद करता है। सबसे पहले रैखिक बहुपद y = ax + b का ग्राफ एक सरल रेखा होती है जो x-अक्ष को एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती है। उदाहरण के लिए, y = 2x + 3 का ग्राफ x = -3/2 पर x-अक्ष को काटता है, जो इस बहुपद का शून्यक भी है। (देखिए Table on page 3 और Figure on page 3) द्विघात बहुपद y = ax² + bx + c का ग्राफ एक परवलय (parabola) होता है, जो ऊपर या नीचे खुल सकता है। इस परवलय का x-अक्ष के साथ प्रतिच्छेदन बिंदु बहुपद के शून्यक होते हैं। उदाहरण के लिए, y = x² - 3x - 4 का ग्राफ x = -1 और x = 4 पर x-अक्ष को काटता है, जो इसके शून्यक हैं। (देखिए Table on page 4 और Figure on page 4) परवलय के तीन संभावित स्थितियाँ होती हैं: (i) x-अक्ष को दो भिन्न बिंदुओं पर काटना (दो भिन्न शून्यक), (ii) x-अक्ष को एक बिंदु पर काटना (दो समान शून्यक), (iii) x-अक्ष को न काटना (कोई शून्यक नहीं)। त्रिघात बहुपद के ग्राफ के उदाहरण भी दिए गए हैं, जैसे y = x³ - 4x का ग्राफ x = -2, 0, 2 पर x-अक्ष को काटता है, जो इसके तीन शून्यक हैं। (देखिए Table on page 6 और Figures on pages 7 और 8) इस प्रकार, बहुपद के शून्यक ग्राफ के x-अक्ष के साथ प्रतिच्छेदन बिंदुओं के x-निर्देशांक होते हैं। घात n के बहुपद के अधिकतम n शून्यक हो सकते हैं। **Table on page 4 (2×9)** | x | -2 | -1 | 0 | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | $y = x^2 - 3x - 4$ | 6 | 0 | -4 | -6 | -6 | -4 | 0 | 6 | **Table on page 6 (2×6)** | x | -2 | -1 | 0 | 1 | 2 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | $y = x^3 - 4x$ | 0 | 3 | 0 | -3 | 0 |

  • बहुपद के शून्यक वे बिंदु हैं जहाँ y = p(x) का ग्राफ x-अक्ष को काटता है।
  • रैखिक बहुपद का ग्राफ एक रेखा होती है जो x-अक्ष को एक बिंदु पर काटती है।
  • द्विघात बहुपद का ग्राफ परवलय होता है जो x-अक्ष को 0, 1 या 2 बिंदुओं पर काट सकता है।
  • त्रिघात बहुपद के अधिकतम तीन शून्यक हो सकते हैं।
  • ग्राफ के आधार पर शून्यकों की संख्या और प्रकार ज्ञात किए जा सकते हैं।
  • घात n के बहुपद के अधिकतम n शून्यक हो सकते हैं।
  • 📌 शून्यक: वह वास्तविक संख्या जहाँ बहुपद का मान शून्य होता है।
  • 📌 परवलय (Parabola): द्विघात बहुपद का ग्राफ, जो एक वक्र होता है।
  • 📌 प्रतिच्छेदन बिंदु: ग्राफ और x-अक्ष के मिलने वाले बिंदु।

2.3 किसी बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध

व्याख्या

2.3 किसी बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध

इस अनुभाग में द्विघात और त्रिघात बहुपदों के शून्यकों और उनके गुणांकों के बीच संबंध को विस्तार से समझाया गया है। द्विघात बहुपद p(x) = ax² + bx + c के शून्यक α और β होते हैं। यदि हम इसे गुणनखंडों में लिखें तो p(x) = k(x - α)(x - β) होता है, जहाँ k एक

अभ्यास प्रश्नChapter 2

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.द्विघात बहुपद ax² + bx + c में शून्यकोंं का गुणनफल(product of zeroes) ______ होता है।
A.c ∕ a
B.b ∕ c
C.─ b ∕ a
D.─ c ∕ a

उत्तर:

c ∕ a

व्याख्या:

[{"id": "68735b09-2725-4c55-afee-98f48251f096", "type": "html", "value": " छात्रों को पता है की द्विघात बहुपद के शून्यकों का गुणनफल= (अचर पद / x² का गुणांक) होता है। द्विघात बहुपद ax² + bx + c में शून्यकों का गुणनफल c/a होगा, इसलिए, विकल्प 1 सही है। "}]

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Q2.बहुपद p (x) = 3x³- 9x² + 7x - 15 के शून्यकों का योग ज्ञात कीजिए।
A.─ 3
B.3
C.- 7/3
D.2/3

उत्तर:

3

व्याख्या:

[{"id": "618c8d32-f78b-4645-9aaa-bc43b853525b", "type": "html", "value": " त्रिघात बहुपद ax³ + bx² + cx + d के लिए, तीनो शून्यकों का योग - b / a होता है। यहाँ, a = 3 , b = - 9 , c= 7, d = - 15 इसलिए, शून्यकों का योग = - (- 9 ) / 3 = 3 "}]

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Q3.यदि बहुपद x³ – 9x² +2x + 21 के शून्यक p- q, p, p + q हैं, तो p और q के मान ज्ञात कीजिए।
A.p = 3, q =3
B.p = 3, q = 4
C.p = 3, q = ± 4
D.p = 4, q =3

उत्तर:

p = 3, q = ± 4

व्याख्या:

[{"id": "87f1248f-8be6-41cf-93ae-bbbb30b40a4e", "type": "html", "value": " p(x) = x³ – 9x² + 2x +21 p − q, p, p + q शून्यक है | दिए गए बहुपद की तुलना , त्रिघात बहुपद ax³ + bx² + cx + d के मानक रूप से करने पर, हमें मिला, a = 1, b = −9, c = 2, d = 21 शून्यकों का योग = p – q + p + p + q = 3p इसके अलावा,शून्यकों का योग = - b / a = - (- 9 ) / 1 = 9 अत:, 3p = 9 p = 3 3 - q, 3 + q और 3 ये शून्यक हैं | शून्यकों का गुणनफल= 3(3 – q)(3 + q) -d/a = 3(9 –q² ) - 21/1 = 27 -3q² 3q² = 27 + 21 =48 q² = 16 q = ± 4 अत: p =3, q = ± 4 इसलिए, विकल्प 3 सही है। "}]

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Q4.यदि बहुपद x 2 + px + q के शून्यक 2x 2 - 5x - 3 के शून्यक के मान से दोगुने हैं, तो p और q का मान ज्ञात करें।
A.p = -5, q = -7
B.p = -5, q = -8
C.p = -5, q = -6
D.p = -9, q = -6

उत्तर:

p = -5, q = -6

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Q5.द्विघात बहुपद √3 x 2 – 8x + 4√3. केशून्यक ______.
A.√2 ,3
B.2√3 , 2√3/3
C.2√3 ,2√3
D.2√4 , 2√5

उत्तर:

2√3 , 2√3/3

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Q6.यदि α और β एक बहुपद के शून्यक हैं जैसे कि α + β = -6 और αβ = 5, तो बहुपद ज्ञात कीजिए।
A.x 2 + 6x + 5 = 0
B.x 2 + 6x + 51 = 0
C.x 2 + 5x + 5 = 0
D.x 2 + 5x + 6 = 0

उत्तर:

x 2 + 6x + 5 = 0

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Q7.यदि बहुपद p(x) = (k 2 – 14) x 2 – 2x – 12 काशून्यक का योग 1 है, तो k का मान ज्ञात कीजिए।
A.±4
B.±6
C.±9
D.±10

उत्तर:

±4

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Q8.यदि द्विघात बहुपद x² + 3x + k का एक शून्यक 2 है, तो k का मान है
A.10
B.-10
C.5
D.-5

उत्तर:

-10

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