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Chapter 2

🎓 Class 9📖 Ganga📖 9 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~14 min
Chapter 1Chapter 2 of 11Chapter 3

Chapter 2Study Notes

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पदुमलाल पुननालाल बख्शी

Explanation

पदुमलाल पुननालाल बख्शी

पदुमलाल पुननालाल बख्शी का जन्म सन् 1894 में खैरागढ़, राजनंदगांव, छत्तीसगढ़ (तत्कालीन मध्यप्रदेश) में हुआ था। वे हिंदी साहित्य के एक कुशल आलोचक, कवि, निबंधकार, हास्य-व्यंग्यकार के रूप में विख्यात हैं। उनकी लेखनी में अध्यात्म, समाज-सुधार और लोकजीवन की झलक मिलती है। उन्होंने भारतीय कृषि और सामाजिक संबंधों का तार्किक मूल्यांकन अपने निबंधों में किया है। पदुमलाल की प्रमुख रचनाओं में निबंध संग्रह जैसे पंच-पात्र, पद्म-वन, प्रबंध पारिजात, कुछ बिखरे पन्ने, काव्य संग्रह अश्रुदल, शातदल, कहानी संग्रह झालमला, त्रिवेणी, और आलोचनात्मक ग्रंथ विश्व साहित्य, हिंदी कहानी साहित्य, हिंदी साहित्य विमर्श, हिंदी उपन्यास साहित्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने सरस्वती और छाया पत्रिकाओं का संपादन भी किया। उनका लेखन भारतीय और पाश्चात्य साहित्य के सिद्धांतों का सामंजस्य दर्शाता है। सन् 1971 में उनका निधन हुआ।

  • पदुमलाल पुननालाल बख्शी का जन्म 1894 में खैरागढ़, छत्तीसगढ़ में हुआ।
  • वे हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक, कवि, निबंधकार और हास्य-व्यंग्यकार थे।
  • उनकी रचनाओं में अध्यात्म, समाज सुधार और लोकजीवन की झलक मिलती है।
  • उन्होंने कई निबंध, कविता, कहानी और आलोचना की पुस्तकें लिखीं।
  • सरस्वती और छाया पत्रिकाओं का संपादन भी किया।
  • उनका साहित्य भारतीय और पाश्चात्य साहित्य के सिद्धांतों का मेल दर्शाता है।
  • 📌 निबंधकार: वह लेखक जो निबंध लिखता है।
  • 📌 आलोचक: साहित्य या कला की समीक्षा करने वाला व्यक्ति।
  • 📌 हास्य-व्यंग्यकार: हास्य और व्यंग्य से लेखन करने वाला।

क्या लिखूँ?

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क्या लिखूँ?

इस निबंध में पदुमलाल पुननालाल बख्शी ने निबंध लेखन की प्रक्रिया और उसमें आने वाली कठिनाइयों को विस्तार से समझाया है। वे बताते हैं कि लिखने के लिए एक विशेष मानसिक स्थिति आवश्यक होती है, जिसमें मन में उमंग, हृदय में स्फूर्ति और मस्तिष्क में आवेग उत्पन्न होता है। अंग्रेजी के निबंधकार ए.जी. गार्डिनर के अनुसार, उस समय विषय की चिंता नहीं रहती, और लेखक अपने मनोभावों को बिना किसी बाधा के व्यक्त करता है। पदुमलाल के लिए यह स्थिति सहज नहीं थी; उन्हें सोच-समझकर, परिश्रम से निबंध लिखना पड़ता था। उन्हें दो विषयों पर निबंध लिखना था - 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' और 'समाज-सुधार'। दोनों विषय परीक्षा में आ चुके थे, इसलिए आदर्श निबंध लिखना चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने निबंध लेखन के लिए सामग्री एकत्र करने, विचार समूह बनाने और मनन करने की आवश्यकता बताई। निबंध की रूपरेखा बनाना भी आवश्यक माना गया, लेकिन लेखक को यह कठिन लगा। शैली में प्रवाह, छोटे वाक्य, अलंकारों और मुहावरों के प्रयोग की भी चर्चा की गई। अंग्रेजी निबंधकार मानटेन की पद्धति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अनुभव आधारित, मन की स्वच्छंद अभिव्यक्ति भी निबंध लेखन का एक तरीका हो सकता है। अंत में, उन्होंने अमीर खुसरो की कहानी का उदाहरण देते हुए दोनों विषयों को एक साथ निबंध में समाहित करने का निर्णय लिया।

  • लेखन के लिए विशेष मानसिक स्थिति की आवश्यकता होती है।
  • लेखक को विषय की चिंता के बजाय अपने मनोभावों को व्यक्त करना चाहिए।
  • पदुमलाल को दो विषयों पर निबंध लिखने थे, जो चुनौतीपूर्ण था।
  • निबंध लेखन के लिए सामग्री संग्रह, मनन और रूपरेखा आवश्यक है।
  • अंग्रेजी निबंधकार मानटेन की स्वच्छंद अभिव्यक्ति पद्धति का उल्लेख।
  • अमीर खुसरो की कहानी से प्रेरणा लेकर दोनों विषयों को एक निबंध में जोड़ना।
  • 📌 निबंध: किसी विषय पर लेखक के विचारों और अनुभवों का साहित्यिक प्रस्तुतीकरण।
  • 📌 रूपरेखा: लेखन की संरचना या खाका।
  • 📌 शैली: अभिव्यक्ति का ढंग।

दूर के ढोल सुहावने होते हैं

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दूर के ढोल सुहावने होते हैं

इस भाग में लेखक ने 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' कहावत का अर्थ और उसके पीछे की सामाजिक-सांस्कृतिक व्याख्या की है। लेखक बताते हैं कि ढोल की कर्कश ध्वनि पास बैठने वालों के लिए कष्टदायक होती है, लेकिन दूर बैठे व्यक्ति के लिए वही ध्वनि मधुर लगती है। यह इ

Practice QuestionsChapter 2

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.1. “हैट टॉगने के लिए कोई भी खूंटी काम दे सकती है... असली वस्तु है हैट, खूंटी नहीं।” निबंध में ‘हैट’ और ‘खूंटी’ का उल्लेख किस भाव को सबसे अधिक उजागर करता है? (क) विषय से अधिक लेखक के भावों की प्रधानता को दर्शाना (ख) विचार से अधिक तथ्य आधारित सामग्री को प्रमुख बताना (ग) शैली से अधिक भाषा व्यवस्था की उपयोगिता बताना (घ) उदाहरण से अधिक सिद्धांत आधारित लेखन का समर्थन करना
A.क) विषय से अधिक लेखक के भावों की प्रधानता को दर्शाना
B.ख) विचार से अधिक तथ्य आधारित सामग्री को प्रमुख बताना
C.ग) शैली से अधिक भाषा व्यवस्था की उपयोगिता बताना
D.घ) उदाहरण से अधिक सिद्धांत आधारित लेखन का समर्थन करना

Answer:

सही उत्तर है (क) विषय से अधिक लेखक के भावों की प्रधानता को दर्शाना। क्योंकि ‘हैट’ और ‘खूंटी’ का उदाहरण लेखक के भावों को प्रमुखता देने के लिए दिया गया है, जो विषय से अधिक लेखक की अभिव्यक्ति को दर्शाता है।

Explanation:

यहाँ ‘हैट’ वस्तु है और ‘खूंटी’ माध्यम। लेखक यह बताना चाहता है कि असली महत्व विषय (हैट) का है, माध्यम (खूंटी) का नहीं। इससे लेखक के भावों की प्रधानता स्पष्ट होती है।

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Q2.2. “उनमें लेखक की सच्ची अनुभूति रहती है... उसका उल्लास रहता है।” मानटेन की पद्धति लेखक के लिए किस निर्णय का आधार बनती है? (क) शैली और स्पष्ट-सहज भाषा को महत्व न देना (ख) परंपरागत निबंधकारों को अस्वीकार करना (ग) अध्ययन के बिना अपने विचार प्रस्तुत कर देना (घ) अनुभव आधारित स्वच्छंद लेखन को अपनाना
A.क) शैली और स्पष्ट-सहज भाषा को महत्व न देना
B.ख) परंपरागत निबंधकारों को अस्वीकार करना
C.ग) अध्ययन के बिना अपने विचार प्रस्तुत कर देना
D.घ) अनुभव आधारित स्वच्छंद लेखन को अपनाना

Answer:

सही उत्तर है (घ) अनुभव आधारित स्वच्छंद लेखन को अपनाना। मानटेन की पद्धति में लेखक अपने देखे, सुने और अनुभव किए हुए विषयों को सहज और स्वच्छंद रूप में प्रस्तुत करता है।

Explanation:

मानटेन की पद्धति में निबंध लेखन अनुभव और व्यक्तिगत अनुभूति पर आधारित होता है, जो लेखक के उल्लास और सच्ची अनुभूति को दर्शाता है।

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Q3.3. “तरुणों के लिए भविष्य उज्ज्वल... वृद्धों के लिए अतीत सुखद...” यह तुलना किस पर आधारित है? (क) तर्क और भावना (ख) ज्ञान और शिक्षा (ग) परिश्रम और उपलब्धि (घ) अभिलाषा और अनुभव
A.क) तर्क और भावना
B.ख) ज्ञान और शिक्षा
C.ग) परिश्रम और उपलब्धि
D.घ) अभिलाषा और अनुभव

Answer:

सही उत्तर है (घ) अभिलाषा और अनुभव। क्योंकि युवा भविष्य की आशा और अभिलाषा रखते हैं, जबकि वृद्ध अपने अनुभवों के आधार पर अतीत को सुखद मानते हैं।

Explanation:

यह तुलना युवा और वृद्ध के मनोभावों को दर्शाती है, जहाँ युवा आशावादी और अभिलाषी होते हैं, वृद्ध अनुभवों के आधार पर अतीत को महत्व देते हैं।

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Q4.4. निबंध में अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है? (क) कविता लेखन की कला को समझाने के लिए (ख) एक साथ कई विषयों को संबोधित करने की प्रतिभा दिखाने के लिए (ग) डोल के महत्व को दर्शाने के लिए (घ) सामाजिक सुधार के उदाहरण के रूप में
A.क) कविता लेखन की कला को समझाने के लिए
B.ख) एक साथ कई विषयों को संबोधित करने की प्रतिभा दिखाने के लिए
C.ग) डोल के महत्व को दर्शाने के लिए
D.घ) सामाजिक सुधार के उदाहरण के रूप में

Answer:

सही उत्तर है (ख) एक साथ कई विषयों को संबोधित करने की प्रतिभा दिखाने के लिए। अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख निबंध में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाने के लिए किया गया है।

Explanation:

अमीर खुसरो ने अनेक विषयों पर लेखन किया और विभिन्न विधाओं में दक्षता दिखाई, इसलिए उनकी कहानी का उल्लेख इस संदर्भ में किया गया है।

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Q5.5. निबंध में समाज-सुधार के संदर्भ में क्या कहा गया है? (क) सुधारों की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है। (ख) सुधार केवल बड़े विचारकों द्वारा संभव हैं। (ग) सुधार केवल आधुनिक युग की देन हैं। (घ) सुधारों का कोई अंत नहीं, लेकिन दोष समाप्त हो जाते हैं।
A.क) सुधारों की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है।
B.ख) सुधार केवल बड़े विचारकों द्वारा संभव हैं।
C.ग) सुधार केवल आधुनिक युग की देन हैं।
D.घ) सुधारों का कोई अंत नहीं, लेकिन दोष समाप्त हो जाते हैं।

Answer:

सही उत्तर है (क) सुधारों की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है। क्योंकि निबंध में यह बताया गया है कि समाज में हर युग में सुधार की जरूरत होती है।

Explanation:

समाज निरंतर परिवर्तनशील है और हर युग में सुधार आवश्यक होते हैं, इसलिए सुधारों की आवश्यकता स्थायी है।

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Q6.1. निबंध लेखन के विषय में ए.जी. गार्डिनर और लेखक के विचारों में क्या अंतर है?

Answer:

ए.जी. गार्डिनर निबंध लेखन को एक निश्चित शैली और नियमों के अनुसार मानते हैं, जबकि लेखक अनुभव और स्वाभाविकता को अधिक महत्व देता है। लेखक के अनुसार निबंध लेखन में सहजता, व्यक्तिगत अनुभव और भावनाओं की प्रधानता होती है।

Explanation:

गार्डिनर का दृष्टिकोण परंपरागत और नियमबद्ध है, जबकि लेखक का दृष्टिकोण अधिक मुक्त और अनुभव आधारित है।

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Q7.2. लेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं, पर दोनों की असंतुष्टि के कारण भिन्न हैं। आपके विचार से उनकी असंतुष्टि के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

Answer:

लेखक के अनुसार, युवा भविष्य की आशा और परिवर्तन की चाह रखते हैं, इसलिए वे वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं। वृद्ध अपने अनुभव और अतीत की यादों के कारण वर्तमान से असंतुष्ट होते हैं। युवाओं की असंतुष्टि नई संभावनाओं की खोज और बदलाव की लालसा से होती है, जबकि वृद्धों की असंतुष्टि अनुभवों के विपरीत वर्तमान परिस्थितियों से होती है।

Explanation:

यह असंतुष्टि पीढ़ीगत मानसिकता और जीवन के विभिन्न चरणों के कारण होती है। युवा आशावादी होते हैं, वृद्ध अनुभववादी।

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Q8.3. नमिता और अमिता किन विषयों पर निबंध लिखवाना चाहती हैं? उनके द्वारा सुझाए गए विषयों पर निबंध लिखने में लेखक को क्या-क्या कठिनाइयाँ आईं?

Answer:

नमिता और अमिता ने लेखक से ‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ और ‘समाज-सुधार’ विषयों पर निबंध लिखवाना चाहा। लेखक को इन विषयों पर निबंध लिखने में कठिनाइयाँ इसलिए आईं क्योंकि ये विषय सामान्य और व्यापक थे, जिन पर व्यक्तिगत अनुभव और तर्क दोनों को संतुलित करना मुश्किल था। साथ ही, समाज-सुधार जैसे विषय में गहराई से सोचने और सही दृष्टिकोण प्रस्तुत करने की चुनौती थी।

Explanation:

लेखक को विषय की व्यापकता और जटिलता के कारण निबंध लेखन में कठिनाई हुई, साथ ही अनुभव आधारित लेखन की अपेक्षा थी।

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