Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
यह अध्याय उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य यूरोप की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों से शुरू होता है। उस समय यूरोप में औद्योगिक क्रांति के कारण समाज में गहरी असमानता उत्पन्न हो गई थी। औद्योगिक क्रांति ने उत्पादन के नए साधन तो दिए, लेकिन मजदूर वर्ग की स्थिति दयनीय हो गई। गरीबों की संख्या बढ़ी, वे खराब आवासों में रहते थे और उनकी जीवनशैली अत्यंत कठिन थी। इस असमानता और शोषण के कारण विभिन्न विचारधाराएँ जन्मीं, जिनमें समाजवाद, फासीवाद और नात्सीवाद प्रमुख हैं। ये विचारधाराएँ बीसवीं शताब्दी के इतिहास को गहराई से प्रभावित करती हैं। इस अध्याय में हम इन तीनों विचारधाराओं के उद्भव, विकास, प्रभाव और उनके बीच के अंतर को समझेंगे।
- उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य यूरोप में औद्योगिक क्रांति के कारण सामाजिक असमानता बढ़ी।
- मजदूर वर्ग की दयनीय स्थिति ने नए राजनीतिक और सामाजिक विचारों को जन्म दिया।
- समाजवाद, फासीवाद और नात्सीवाद की उत्पत्ति इसी समय हुई।
- ये विचारधाराएँ बीसवीं शताब्दी के इतिहास को प्रभावित करने वाली प्रमुख शक्तियाँ बनीं।
- 📌 औद्योगिक क्रांति: उत्पादन के नए साधनों और तकनीकों का विकास जिससे आर्थिक और सामाजिक बदलाव आए।
- 📌 मजदूर वर्ग: वे लोग जो कारखानों और उद्योगों में काम करते थे और जिनकी स्थिति कमजोर थी।
समाजवाद का उद्भव और विकास
व्याख्यासमाजवाद का उद्भव और विकास
समाजवाद की विचारधारा का जन्म औद्योगिक क्रांति के बाद मजदूर वर्ग की दयनीय स्थिति और पूंजीपतियों के अत्यधिक शोषण के विरोध में हुआ। समाजवादी विचारकों ने निजी संपत्ति के स्थान पर उत्पादन के साधनों की सामूहिक स्वामित्व की बात की। उनका मानना था कि समाज में समानता और न्याय तभी संभव है जब उत्पादन के साधन सभी के साझा हों। समाजवाद का उद्देश्य था शोषणमुक्त समाज की स्थापना, जहाँ सभी को समान अवसर और संसाधन मिलें। प्रारंभ में समाजवाद विभिन्न रूपों में विकसित हुआ, जैसे कि मार्क्सवाद, जो कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा प्रतिपादित था। मार्क्सवाद ने पूंजीवादी व्यवस्था की आलोचना करते हुए वर्ग संघर्ष और मजदूर क्रांति की बात की। समाजवाद ने मजदूरों को संगठित किया और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
- समाजवाद का जन्म मजदूर वर्ग की दयनीय स्थिति के विरोध में हुआ।
- समाजवाद उत्पादन के साधनों के सामूहिक स्वामित्व की बात करता है।
- कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स ने मार्क्सवाद के माध्यम से समाजवाद को विकसित किया।
- समाजवाद का उद्देश्य समानता और सामाजिक न्याय की स्थापना है।
- 📌 समाजवाद: एक राजनीतिक और आर्थिक विचारधारा जो उत्पादन के साधनों के सामूहिक स्वामित्व और सामाजिक समानता की वकालत करती है।
- 📌 मार्क्सवाद: कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा प्रतिपादित विचारधारा जो पूंजीवादी व्यवस्था की आलोचना करती है।
रूस में समाजवादी क्रांति
व्याख्यारूस में समाजवादी क्रांति
रूस में समाजवादी क्रांति 1917 में हुई, जिसे बोल्शेविक क्रांति भी कहा जाता है। इस क्रांति के पीछे कई कारण थे, जिनमें जार निकोलस द्वितीय की निरंकुशता, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूस की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का पतन, और मजदूर तथा किसानों की दयनीय स्थि
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.निम्नलिखित में से कौन जल चक्र का भाग नहीं है?
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण
व्याख्या:
[{"id": "75c64a7a-f6fc-431d-87fb-77e6e513db41", "type": "html", "value": " प्रकाश संश्लेषण जल चक्र का भाग नहीं है। यह वह प्रक्रम है जिसके द्वारा पादप अपना भोजन स्वयं निर्मित करते हैं। वाष्पीकरण, संघनन और अवक्षेपण जल चक्र में सम्मिलित चरण हैं। "}]
Q2.निम्नलिखित वाक्य को पूर्ण कीजिए। वायुमंडल में ऑक्सीजन का पुनः चक्रण _______ होता है।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण द्वारा
व्याख्या:
[{"id": "5f486c2f-c8f3-4c9a-8734-f7d9297512f2", "type": "html", "value": " प्रकाश संश्लेषण प्रक्रम द्वारा पादप कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं और वायुमंडल में ऑक्सीजन निर्मुक्त करते हैं। "}]
Q3.वायुमंडल में ऑक्सीजन का प्रतिशत _________ है।
उत्तर:
0.21
व्याख्या:
[{"id": "1b0c810f-a038-4181-a0e8-c60693a2d825", "type": "html", "value": " ऑक्सीजन: 21% कार्बन डाइऑक्साइड: 0.04% नाइट्रोजन: 78% अन्य गैस: 0.16% "}]
Q4.निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन कीजिए।
उत्तर:
वायुमंडलीय CO₂ → पादपों में जैविक कार्बन → जंतुओं में जैविक कार्बन → मृदा में अजैविक कार्बन
व्याख्या:
[{"id": "57c5c882-7db4-45f7-915b-75121d3c3621", "type": "html", "value": " जैविक पदार्थ निर्माण हेतु प्रकाश संश्लेषण संपादित करने हेतु वायुमंडलीय CO₂ को पादपों द्वारा अवशोषित किया जाता है। जब जंतु इन पादपों को खाते हैं, तो वे इन जैविक पदार्थों का सेवन करते हैं। जब पादप और जंतु मृत हो जाते हैं तब ये जैविक पदार्थ अपघटक द्वारा अजैविक कार्बन में परिवर्तित हो जाते हैं। "}]
Q5.कार्बन-चक्र में कौन-सा चरण सम्मिलित नहीं है?
उत्तर:
वाष्पीकरण
व्याख्या:
[{"id": "e7c2ce88-d8d0-4552-84af-d87dceac4ef6", "type": "html", "value": " वाष्पीकरण जल का जलवाष्प में परिवर्तन है। यह कार्बन चक्र में सम्मिलित नहीं है। प्रकाश संश्लेषण का उपयोग कार्बन डाइऑक्साइड को भोजन (ग्लूकोज) में परिवर्तन हेतु किया जाता है। कोयले के ज्वलन से वायुमंडल में कार्बन डाई आक्साइड निर्मुक्त होती है। जंतुओं के श्वसन प्रक्रम द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड भी वायुमंडल में निर्मुक्त होती रहती है। "}]
Q6.जल चक्र के सन्दर्भ में रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। वह प्रक्रम जिसमें जल की बूंदें, धूल के कण और अन्य निलंबित कण मिश्रित होकर बादल निर्मित करते हैं, ______ कहलाती है।
उत्तर:
संघनन
व्याख्या:
[{"id": "f6429bd8-6052-4dca-8bf2-72d10f0b294a", "type": "html", "value": " वह प्रक्रम जिसमें जल की बूंदें, धूल के कण और अन्य निलंबित कण मिश्रित होकर बादल निर्मित करते हैं, संघनन कहलाता है। जल चक्र में, जब तापमान बहुत कम होता है, हिमवृष्टि या ओलों के रूप में वर्षा होती है। आत्मसात्करण और अमोनियाकरण नाइट्रोजन चक्र के प्रक्रम हैं। "}]
Q7.निम्नलिखित में से सही कथन का चयन कीजिए: कथन 1: जीवाश्म ईंधन के अधिक ज्वलन से कार्बन चक्र विक्षुब्ध हो रहा है। कथन 2: वृक्षों के कटाव से कार्बन चक्र विक्षुब्ध हो रहा है।
उत्तर:
कथन 1 और कथन 2 दोनों
व्याख्या:
[{"id": "edac94e4-c1bc-40b9-b5bc-e021bd2e51c3", "type": "html", "value": " वायुमंडल में कार्बन, कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में उपस्थित है। कार्बन चक्र में, वायुमंडल से कार्बन ग्रहण किया जाता है और फिर वायुमंडल में पुनः निर्मुक्त कर दिया जाता है। लेकिन जीवाश्म ईंधन के ज्वलन जैसी मानवीय गतिविधियों के कारण वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड अधिक मात्रा में निर्मुक्त होता है। पादप कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं, हालांकि निर्माण और औद्योगीकरण जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए, वृक्षों/पादपों को भी काट दिया जाता है। इससे वायुमंडल में कार्बन मात्रा का प्रतिशत में वृद्धि होती है, जिससे कार्बन चक्र विक्षुब्ध हो जाता है। "}]
Q8.मनुष्य अवश्रव्य ध्वनि किस कारण नहीं सुन सकते है?
उत्तर:
कारण इनकी आवृत्ति मानव श्रव्य आवृत्ति से कम होती है।
व्याख्या:
[{"id": "9d6c73c4-c270-4445-817c-aecb97c007b8", "type": "html", "value": " कारण अवश्रव्य ध्वनि की आवृत्ति 20 Hz से कम होती है और मानव कर्ण की श्रव्य सीमा 20 Hz - 20000 Hz होती है। अत: विकल्प 2 सही है। "}]
Bharat Aur Samkalin Vishwa-I के सभी 5 अध्याय
Social Science · Class 9