Chapter 19
Chapter 19 — अध्ययन नोट्स
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19.1 अंत:स्नावी ग्रंथियां और हार्मोन
व्याख्या19.1 अंत:स्नावी ग्रंथियां और हार्मोन
अंत:स्नावी ग्रंथियां वे ग्रंथियां होती हैं जिनमें नलिकाएं नहीं होतीं, अतः इन्हें नलिकाविहीन ग्रंथियां भी कहा जाता है। ये ग्रंथियां सीधे रक्त में हार्मोन नामक रासायनिक संदेशवाहक स्रावित करती हैं। हार्मोन की परंपरागत परिभाषा के अनुसार, हार्मोन वे रसायन हैं जो अंत:स्नावी ग्रंथियों द्वारा सूक्ष्म मात्रा में रक्त में मुक्त किए जाते हैं और दूरस्थ लक्ष्य अंगों तक पहुँचकर उनके कार्यों को नियंत्रित करते हैं। परंतु आधुनिक परिभाषा के अनुसार हार्मोन सूक्ष्म मात्रा में उत्पन्न होने वाले अपोषक रसायन होते हैं जो अंतरकोशिकीय संदेशवाहक के रूप में कार्य करते हैं। अकशेरुकियों में अंत:स्नावी तंत्र अपेक्षाकृत सरल होता है और कम हार्मोन पाए जाते हैं, जबकि कशेरुकियों में हार्मोन की संख्या अधिक होती है और ये शरीर के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय स्थापित करते हैं। हार्मोन शरीर के विकास, वृद्धि, प्रजनन, चयापचय, और अन्य जीवन क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। अंत:स्नावी तंत्र और तंत्रिका तंत्र मिलकर शरीर की कार्यात्मक समन्वय और नियंत्रण प्रणाली का निर्माण करते हैं।
- अंत:स्नावी ग्रंथियां नलिकाविहीन होती हैं और सीधे रक्त में हार्मोन स्रावित करती हैं।
- हार्मोन सूक्ष्म मात्रा में उत्पन्न रसायन होते हैं जो लक्ष्य अंगों तक संदेश पहुँचाते हैं।
- अकशेरुकी और कशेरुकी जीवों में अंत:स्नावी तंत्र की जटिलता में अंतर होता है।
- हार्मोन शरीर के विकास, चयापचय, प्रजनन आदि क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
- तंत्रिका तंत्र की तुलना में अंत:स्नावी तंत्र का समन्वय धीमा लेकिन दीर्घकालीन होता है।
- 📌 अंत:स्नावी ग्रंथि: ऐसी ग्रंथि जो हार्मोन स्रावित करती है और नलिकाएं नहीं होतीं।
- 📌 हार्मोन: सूक्ष्म मात्रा में उत्पन्न रसायन जो अंतरकोशिकीय संदेशवाहक के रूप में कार्य करते हैं।
19.2 मानव अंत:स्नावी तंत्र
व्याख्या19.2 मानव अंत:स्नावी तंत्र
मानव अंत:स्नावी तंत्र विभिन्न अंत:स्नावी ग्रंथियों और हार्मोन स्रावित करने वाले ऊतकों/कोशिकाओं का समूह है। इसमें प्रमुख अंत:स्नावी ग्रंथियां हैं: पीयूष ग्रंथि, पिनियल ग्रंथि, थाइरॉइड, अधिवृक्क, अग्नाशय, पैराथायरॉइड, थाइमस, और जनन ग्रंथियां (वृषण और अंडाशय)। इसके अतिरिक्त हृदय, वृक्क, जठर-आंत्रीय मार्ग जैसे अंग भी हार्मोन स्रावित करते हैं। यह तंत्र शरीर के विभिन्न अंगों के बीच रासायनिक संदेशों के माध्यम से समन्वय स्थापित करता है। हार्मोन रक्त प्रवाह के माध्यम से लक्ष्य कोशिकाओं तक पहुँचते हैं और उनके कार्यों को नियंत्रित करते हैं। मानव अंत:स्नावी तंत्र का नियंत्रण मुख्यतः मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस द्वारा होता है, जो हार्मोन स्राव को नियंत्रित करता है। इस तंत्र की सहायता से शरीर की वृद्धि, विकास, प्रजनन, चयापचय, जल-लवण संतुलन, और तनाव प्रतिक्रिया जैसी क्रियाएं नियंत्रित होती हैं।
- मानव अंत:स्नावी तंत्र में कई अंत:स्नावी ग्रंथियां और हार्मोन स्रावित करने वाले ऊतक शामिल हैं।
- हार्मोन रक्त के माध्यम से लक्ष्य अंगों तक पहुँचते हैं।
- हाइपोथैलेमस अंत:स्नावी तंत्र का मुख्य नियंत्रण केंद्र है।
- हार्मोन शरीर की वृद्धि, विकास, प्रजनन और चयापचय को नियंत्रित करते हैं।
- कुछ अन्य अंग जैसे हृदय, वृक्क भी हार्मोन स्रावित करते हैं।
- 📌 अंत:स्नावी तंत्र: हार्मोन स्रावित करने वाली ग्रंथियों और कोशिकाओं का समूह।
- 📌 हार्मोन: रासायनिक संदेशवाहक जो शरीर के कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
19.2.1 हाइपोथैलेमस
व्याख्या19.2.1 हाइपोथैलेमस
हाइपोथैलेमस मस्तिष्क के डाइनसिफेलॉन भाग का आधार है और यह शरीर के विभिन्न कार्यों का नियंत्रण करता है। इसमें हार्मोन संश्लेषण करने वाली तंत्रिकास्रावी कोशिकाएं (न्यूक्ली) होती हैं। हाइपोथैलेमस से दो प्रकार के हार्मोन स्रावित होते हैं: मोचक हार्मोन जो
अभ्यास प्रश्न — Chapter 19
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.ऑक्सीटोसिन किस पर काम करता है ?
उत्तर:
घ) चिकनी पेशियाँ
Q2.निम्नलिखित हॉर्मोन्स मेंसेकौनसेहार्मोन का स्रोत बाकियों से अलग है ?
उत्तर:
क) एस्ट्रजन
Q3.स्टेरॉइड हॉर्मोन कौन सा है ?
उत्तर:
ख़) एस्ट्राडिऑल
Q4.हॉर्मोन्स के बारे में क्या सही नहीं है
उत्तर:
ख) वे अंतः स्रावी ग्रंथियों से ही उत्पन्न होते हैं
Q5.निम्नलिखित में से कौन कोई हॉर्मोन संश्लेषित नहीं करता ?
उत्तर:
क) पाशचपीयूष ग्रन्थि
Q6.1. निम्नलिखित की परिभाषा लिखिए: (अ) बहिःस्रावी ग्रंथियाँ (ब) अंतः स्रावी ग्रंथियाँ (स) हार्मोन
उत्तर:
उत्तर: (अ) बहिःस्रावी ग्रंथियाँ: वे ग्रंथियाँ जो अपने स्राव को सीधे शरीर की सतह या किसी अंग की गुहा में स्रावित करती हैं, जैसे पसीना, लार ग्रंथि। (ब) अंतः स्रावी ग्रंथियाँ: वे ग्रंथियाँ जो हार्मोन नामक रासायनिक पदार्थ रक्त में स्रावित करती हैं, जैसे थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथि। (स) हार्मोन: शरीर के विभिन्न अंगों के बीच रासायनिक संदेशवाहक के रूप में कार्य करने वाले अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक पदार्थ।
व्याख्या:
बहिःस्रावी ग्रंथियाँ और अंतःस्रावी ग्रंथियाँ शरीर में अलग-अलग प्रकार के स्राव करती हैं। हार्मोन अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो शरीर के कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
Q7.2. हमारे शरीर में पाई जाने वाली अंत:स्रावी ग्रंथियों की स्थिति चित्र बनाकर प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर:
उत्तर: शरीर में अंतःस्रावी ग्रंथियाँ जैसे हाइपोथैलेमस, पीयूष ग्रंथि, थायरॉइड, पैराथायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथि, अग्नाशय, वृषण, अंडाशय आदि शरीर के विभिन्न भागों में स्थित होती हैं। इनकी स्थिति को चित्र के माध्यम से दिखाया जाता है। उदाहरण के लिए, हाइपोथैलेमस मस्तिष्क के नीचे, पीयूष ग्रंथि मस्तिष्क के मध्य भाग में, थायरॉइड गले में, अधिवृक्क ग्रंथि गुर्दे के ऊपर, अग्नाशय पेट के पीछे, वृषण पुरुषों के जननांग क्षेत्र में, अंडाशय महिलाओं के जननांग क्षेत्र में स्थित होते हैं।
व्याख्या:
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ शरीर के विभिन्न भागों में स्थित होती हैं और हार्मोन स्रावित करती हैं। उनका स्थान समझने के लिए चित्र बनाना आवश्यक है जिससे उनकी भौतिक स्थिति स्पष्ट हो।
Q8.3. निम्न द्वारा स्रवित हार्मोन का नाम लिखिए- (अ) हाइपोथैलेमस (ब) पीयूष ग्रंथि (स) थायरॉइड (द) पैराथायरॉइड (य) अधिवृक्क ग्रंथि (र) अग्नाशय (ल) वृषण (व) अंडाशय (श) थायमस (स) एट्रियम (ष) वृक्क (ह) जठर-आंत्रीय पथ
उत्तर:
उत्तर: (अ) हाइपोथैलेमस - रिलीज़िंग हार्मोन (जैसे गोनाडोट्रॉफिन रिलीजिंग हार्मोन) (ब) पीयूष ग्रंथि - ग्रोथ हार्मोन, प्रोलैक्टिन (स) थायरॉइड - थायरोक्सिन (द) पैराथायरॉइड - पैराथायरॉइड हार्मोन (पीटीएच) (य) अधिवृक्क ग्रंथि - एड्रेनालिन, कोर्टिसोल (र) अग्नाशय - इंसुलिन, ग्लूकागोन (ल) वृषण - टेस्टोस्टेरोन (व) अंडाशय - एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन (श) थायमस - थाइमोसिन (स) एट्रियम - एट्रियल नाट्रियूरेटिक पेप्टाइड (ष) वृक्क - इरिथ्रोपोइटिन (ह) जठर-आंत्रीय पथ - गैस्ट्रिन
व्याख्या:
प्रत्येक ग्रंथि से स्रावित हार्मोन का नाम ज्ञात होना आवश्यक है क्योंकि ये हार्मोन शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
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Biology · Class 11
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