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Chapter 17

🎓 Class 11📖 Jeev Vigyan📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 16अध्याय 17 / 19Chapter 18

Chapter 17अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

गति के प्रकार

व्याख्या

गति के प्रकार

गति जीवों की एक महत्वपूर्ण विशेषता है, जो उनके जीवन क्रियाओं में आवश्यक भूमिका निभाती है। जीवों में गति के कई प्रकार होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से अमीबीय गति, पक्ष्माभी गति और पेशीय गति शामिल हैं। अमीबीय गति एक कोशिका स्तर की गति है, जिसमें कोशिका अपने शरीर के किसी भाग को आगे बढ़ाकर कूकूट पाद (pseudopodia) बनाती है और उस दिशा में बढ़ती है। यह गति मुख्यतः श्वेताणु (leucocytes) और महाभक्षकाणु (macrophages) जैसी कोशिकाओं में देखी जाती है, जो शरीर की रक्षा में सहायक होती हैं। पक्ष्माभी गति में कोशिका की झिल्ली से निकली हुई सूक्ष्म कशाएँ (cilia) या लंबी कशाएँ (flagella) जल या वायु में तरल पदार्थ को हिलाकर कोशिका को गतिशील बनाती हैं। यह गति शुक्राणु कोशिकाओं में, श्वास नली की उपभित्ति में और कुछ प्रोटोजोआ में देखी जाती है। पेशीय गति बहुकोशिकीय जीवों में होती है, जिसमें पेशी ऊतक संकुचन के द्वारा अंगों को गति प्रदान करते हैं। यह गति स्वैच्छिक (voluntary) या अनैच्छिक (involuntary) हो सकती है। मानव शरीर में पाद, जबड़े, जिह्वा आदि की गति मुख्यतः पेशीय गति द्वारा नियंत्रित होती है। इस प्रकार, गति के ये तीन प्रकार जीवों के विभिन्न स्तरों पर उनकी आवश्यकताओं के अनुसार विकसित हुए हैं।

  • गति जीवों की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
  • अमीबीय गति में कोशिका कूकूट पाद बनाकर बढ़ती है।
  • पक्ष्माभी गति में कोशिका की कशाएँ जल या वायु में तरल पदार्थ को हिलाती हैं।
  • पेशीय गति पेशी ऊतकों के संकुचन से होती है।
  • मानव शरीर में पाद, जबड़े, जिह्वा आदि की गति पेशीय गति द्वारा नियंत्रित होती है।
  • 📌 अमीबीय गति: कोशिका द्वारा कूकूट पाद बनाकर की जाने वाली गति।
  • 📌 पक्ष्माभी गति: कोशिका की कशाओं द्वारा की जाने वाली गति।
  • 📌 पेशीय गति: पेशी ऊतकों के संकुचन से होने वाली गति।

पेशी

व्याख्या

पेशी

पेशी (Muscle) शरीर के ऐसे विशेष ऊतक होते हैं जो संकुचन (contraction) की क्षमता रखते हैं और इस प्रकार शरीर के अंगों को गति प्रदान करते हैं। वयस्क मनुष्य के शरीर का लगभग 40-50 प्रतिशत हिस्सा पेशियों से बना होता है। पेशियों के मुख्य गुणों में उत्तेजनशीलता (excitability), संकुचनशीलता (contractility), प्रसार्यता (extensibility) और प्रत्यास्थता (elasticity) शामिल हैं। पेशियों को उनके स्थान, रंग और नियंत्रण के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। स्थापन के आधार पर तीन प्रकार की पेशियाँ होती हैं: (i) कंकाल पेशी (Skeletal muscle): ये हड्डियों से जुड़ी होती हैं और शरीर की स्वैच्छिक गति में सहायक होती हैं। सूक्ष्मदर्शी में ये रेखित (striated) दिखती हैं। (ii) अंतरंग पेशी (Smooth muscle): ये शरीर के खोखले अंगों जैसे आहार नाल, जनन मार्ग आदि की भीतरी भित्ति में पाई जाती हैं। ये अरेखित (non-striated) और अनैच्छिक (involuntary) होती हैं। (iii) हृद पेशी (Cardiac muscle): ये हृदय की पेशियाँ होती हैं, जो रेखित और अनैच्छिक होती हैं। ये विशेष रूप से शाखित (branched) होती हैं और हृदय की निरंतर धड़कन के लिए जिम्मेदार होती हैं। कंकाल पेशी की संरचना को समझने के लिए, प्रत्येक पेशी कई पेशी बंडलों (fascicles) से बनी होती है, जो संयोजी ऊतक से घिरे होते हैं। प्रत्येक बंडल में कई पेशी रेशे (muscle fibers) होते हैं, जो प्लाज्मा झिल्ली (sarcolemma) से घिरे होते हैं। पेशी रेशे के अंदर पेशीद्रव्य (sarcoplasm) होता है, जिसमें कई केंद्रक और पेशीतंतु (myofilaments) पाए जाते हैं। पेशीतंतु दो प्रकार के होते हैं: पतले तंतु (एक्टिन) और मोटे तंतु (मायोसिन)। ये तंतु पेशी के संकुचन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

  • पेशी शरीर के ऐसे ऊतक हैं जो संकुचन की क्षमता रखते हैं।
  • पेशियों के मुख्य गुण: उत्तेजनशीलता, संकुचनशीलता, प्रसार्यता, प्रत्यास्थता।
  • पेशियाँ तीन प्रकार की होती हैं: कंकाल, अंतरंग, और हृद पेशी।
  • कंकाल पेशी स्वैच्छिक और रेखित होती है।
  • अंतरंग पेशी अनैच्छिक और अरेखित होती है।
  • हृद पेशी रेखित, अनैच्छिक और शाखित होती है।
  • 📌 पेशी रेशा (Muscle fiber): पेशी की एकल कोशिका।
  • 📌 सार्कोलेमा (Sarcolemma): पेशी रेशे की प्लाज्मा झिल्ली।
  • 📌 पेशीतंतु (Myofilaments): पेशी रेशे के अंदर पाए जाने वाले प्रोटीन तंतु।

सार्कोमेयर की संरचना

व्याख्या

सार्कोमेयर की संरचना

सार्कोमेयर पेशी तंतु की सबसे छोटी संकुचन इकाई है। यह दो Z-रेखाओं (Z-discs) के बीच की दूरी होती है। प्रत्येक सार्कोमेयर में पतले (एक्टिन) और मोटे (मायोसिन) तंतु क्रमवार व्यवस्थित होते हैं। पतले तंतु Z-रेखा से जुड़े होते हैं जबकि मोटे तंतु A-बैंड में स

अभ्यास प्रश्नChapter 17

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.________ मांसपेशी थकान के प्रति अत्यंत प्रतिरोधी हैI
A.क) ह्रदय संबंधी मांसपेशी
B.ख) कंकाल की मांसपेशियां
C.ग) धारीदार मांसपेशियों
D.घ) गैर कंकाल श्लेष्म

उत्तर:

क) ह्रदय संबंधी मांसपेशी

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Q2.__________ एक झिल्ली-बाध्य संरचना है जो मांसपेशियों की कोशिकाओं के भीतर स्थित है। इसका मुख्य कार्य कैल्शियम आयनों को संग्रहीत करना है।
A.क) सर्कोप्लास्मिक रेतिकुलुम( जालिका)
B.खं) फाइब्रिन
C.ग) मायोसिन
D.घ) इनमे से कोई भी नहीं

उत्तर:

क) सर्कोप्लास्मिक रेतिकुलुम( जालिका)

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Q3._______________ अपूर्ण जोड़ का एक उदाहरण है :
A.१. बॉल और सॉकेट
B.२. संयुक्त जघन सहवर्धन
C.३ कोहनी का जोड़
D.४.इनमे से कोई भी नहीं

उत्तर:

२. संयुक्त जघन सहवर्धन

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Q4.______ मांसपेशी का सिकुड़ा ( CONTRACTILE) प्रोटीन है।
A.क) ग्लोब्युलिन
B.ख) इलास्टिन
C.ग) मायोसिन
D.घ) इनमे से कोई भी नहीं

उत्तर:

ग) मायोसिन

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Q5._______ मानव हाथ में पाई जाने वाली हड्डी है
A.क) समीपस्थ फालान्गेस
B.ख) पार्श्विका हड्डी
C.ग) टर्सल हड्डी
D.घ) इनमे से कोई भी नहीं

उत्तर:

क) समीपस्थ फालान्गेस

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Q6.सही एंजाइम सब्सट्रेट जोड़ी चुनें।
A.१ कार्बोहाइड्रेट लाइपेज
B.२ माल्टेस लैक्टोज
C.३.रेनिन केसीन
D.४.प्रोटीन एमिलेज

उत्तर:

३.रेनिन केसीन

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Q7.अग्नाशयी रस और अग्न्याशय के हार्मोन, उत्पादित होते हैं-
A.१ समान कोशिकाओं से
B.२ अलग-अलग समय पर समान कोशिकाओं से
C.३ विभिन्न कोशिकाओं से
D.४. कथन गलत है

उत्तर:

३ विभिन्न कोशिकाओं से

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Q8.उच्च कोलेस्ट्रॉल रोगियों को उपयोग करने की सलाह दी जाती है
A.१. घी, मक्खन और तेल
B.२. मूंगफली का मक्खन और वनस्पति तेल
C.३. वसायुक्त तेल और मक्खन
D.४. पनीर, डालडा और घी।

उत्तर:

२. मूंगफली का मक्खन और वनस्पति तेल

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