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Chapter 14

🎓 Class 10📖 Ganit📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 13अध्याय 13 / 14Chapter 15

Chapter 14अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

सांख्यिकी का परिचय

व्याख्या

सांख्यिकी का परिचय

सांख्यिकी गणित की वह शाखा है जो आंकड़ों के संग्रह, वर्गीकरण, प्रस्तुति, विश्लेषण और व्याख्या से संबंधित है। यह हमें विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध आंकड़ों को समझने, उनका सार्थक उपयोग करने और निर्णय लेने में सहायता करती है। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में आंकड़ों का उपयोग होता है, जैसे कि शिक्षा, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, जनसंख्या, अर्थव्यवस्था आदि। सांख्यिकी के माध्यम से हम जटिल आंकड़ों को सरल और सारगर्भित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे उनकी तुलना, विश्लेषण और निर्णय लेना आसान हो जाता है। सांख्यिकी का मुख्य उद्देश्य आंकड़ों से जानकारी प्राप्त करना और उनका सही अर्थ निकालना है। इसके लिए आंकड़ों का संग्रह, उनका व्यवस्थित वर्गीकरण, सारणीबद्ध प्रस्तुति और उपयुक्त मापों का उपयोग आवश्यक होता है। इस प्रकार सांख्यिकी न केवल आंकड़ों का अध्ययन है, बल्कि यह निर्णय लेने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया भी है।

  • सांख्यिकी आंकड़ों के संग्रह, वर्गीकरण, प्रस्तुति और विश्लेषण की विधा है।
  • यह विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध आंकड़ों को समझने और उनका उपयोग करने में मदद करती है।
  • सांख्यिकी के माध्यम से जटिल आंकड़ों को सरल और सारगर्भित रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
  • सही निर्णय लेने के लिए सांख्यिकी आवश्यक है।
  • सांख्यिकी जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग आदि।
  • 📌 सांख्यिकी: आंकड़ों के संग्रह, वर्गीकरण, प्रस्तुति और विश्लेषण की शाखा।
  • 📌 आंकड़े: किसी विषय से संबंधित संख्यात्मक तथ्य।

आंकड़ों का संग्रह

व्याख्या

आंकड़ों का संग्रह

आंकड़ों का संग्रह सांख्यिकी का पहला और महत्वपूर्ण चरण है। सही और व्यवस्थित तरीके से आंकड़ों को एकत्रित करना आवश्यक होता है ताकि उनका विश्लेषण सही ढंग से किया जा सके। आंकड़ों के संग्रह के दो मुख्य स्रोत होते हैं: प्रत्यक्ष स्रोत और अप्रत्यक्ष स्रोत। प्रत्यक्ष स्रोत में हम स्वयं जाकर आंकड़े एकत्रित करते हैं, जैसे सर्वेक्षण, प्रयोग, निरीक्षण आदि। अप्रत्यक्ष स्रोत में हम पहले से उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग करते हैं, जैसे सरकारी रिपोर्ट, पुस्तकें, पत्रिकाएँ, इंटरनेट आदि। आंकड़ों के संग्रह के लिए सर्वेक्षण सबसे सामान्य और प्रभावी तरीका है। सर्वेक्षण में प्रश्नावली, साक्षात्कार, प्रेक्षण आदि विधियों का उपयोग किया जाता है। आंकड़ों का संग्रह करते समय सावधानी बरतनी चाहिए कि आंकड़े सटीक, प्रासंगिक और पूर्ण हों। गलत या अधूरे आंकड़े विश्लेषण को प्रभावित करते हैं और गलत निष्कर्ष निकाल सकते हैं। इसलिए, आंकड़ों के संग्रह की योजना बनाना, उपयुक्त उपकरणों का चयन करना और सही विधि अपनाना आवश्यक है।

  • आंकड़ों का संग्रह सांख्यिकी का पहला चरण है।
  • आंकड़ों के दो स्रोत होते हैं: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष।
  • सर्वेक्षण, प्रयोग, निरीक्षण प्रत्यक्ष स्रोत के उदाहरण हैं।
  • सरकारी रिपोर्ट, पुस्तकें, इंटरनेट अप्रत्यक्ष स्रोत हैं।
  • सटीक और पूर्ण आंकड़े संग्रहित करना आवश्यक है।
  • 📌 प्रत्यक्ष स्रोत: स्वयं जाकर आंकड़े एकत्रित करना।
  • 📌 अप्रत्यक्ष स्रोत: पहले से उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग।
  • 📌 सर्वेक्षण: आंकड़े इकट्ठा करने की विधि।

आंकड़ों का वर्गीकरण

व्याख्या

आंकड़ों का वर्गीकरण

आंकड़ों का वर्गीकरण एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा कच्चे आंकड़ों को समूहों में बाँटा जाता है ताकि उनका विश्लेषण आसान हो सके। कच्चे आंकड़े यदि बिना वर्गीकृत हों तो उनका अध्ययन करना कठिन होता है। वर्गीकरण से आंकड़ों को समझना, तुलना करना और सारांश निकालना

अभ्यास प्रश्नChapter 14

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.वस्तुनिष्ठ प्रश्न निम्नलिखित में से कौन ग्राफीय रूप से निर्धारित नहीं किया जा सकता है?
A.बहुलक
B.माध्यिका
C.माध्य
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

माध्य

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Q2.वस्तुनिष्ठ प्रश्न अपने माध्य से आवृत्ति वितरण के विचलन का बीजगणितीय योग हमेशा ____ होता है।
A.शून्य से अधिक
B.शून्य से कम
C.शून्य
D.एक गैर-शून्य संख्या

उत्तर:

शून्य

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Q3.बहुलक_____ है।
A.सबसे बीच का
B.कम से कम
C.अधिकतम बार-बार
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

अधिकतम बार-बार

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Q4.वस्तुनिष्ठ प्रश्न मोड का निर्धारण करने के तरीकों में से एक _____ है।
A.बहुलक = 2 माध्यिका - 3 माध्य
B.बहुलक = 3 माध्यिका – 2 माध्य
C.बहुलक = 2 माध्य – 3 माध्यिका
D.बहुलक = 3 माध्य – 2 माध्यिका

उत्तर:

बहुलक = 3 माध्यिका – 2 माध्य

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Q5.संचयी आवृत्ति तालिका का निर्माण ______ को निर्धारित करने में उपयोगी है
A.बहुलक
B.माध्यिका
C.माध्य
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

बहुलक

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Q6.दिए गए बारंबारता बंटन (Frequency distribution) के लिए माध्यक (Median) आलेख द्वारा ---------------- की मदद से ज्ञात किया जा सकता है ।
A.आयत चित्र (histrograms)
B.बारंबारता बहुभुज (Frequency Polygon)
C.तोरण (Ogive)
D.चपाती चार्ट (pie chart)

उत्तर:

तोरण (Ogive)

व्याख्या:

[{"id": "85abf64d-c0be-4730-ac6c-84072ffa36b3", "type": "html", "value": " तोरण से कम प्रकार और से अधिक प्रकार के आलेखों में , आलेखों के प्रतिच्छेद बिंदु का भुज बंटन बारंबारता का माध्यक कहलाता है 3 उत्तर सही है । "}]

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Q7.यदि बारंबारता बंटन का माध्य (mean ) 60 है और माध्यक( median) 50 है तो आनुभविक संबंध (empirical relationship) का प्रयोग करके बहुलक (mode) ज्ञात कीजिए ?
A.60
B.50
C.40
D.30

उत्तर:

30

व्याख्या:

[{"id": "c9fb4415-a3b4-46b3-96bb-d3cdca45f8de", "type": "html", "value": " हम जानते है , 3 माध्यक =बहुलक +2 माध्य दिया गया है : माध्य =60 , माध्यक =50 3 x 50 = बहुलक + 2 x 60 150 ─120 = बहुलक बहुलक = 30 "}]

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Q8.निम्नलिखित बारंबारता बंटन (frequency distribution) उन दुर्घटनाओं के बारें संख्या देती है जो एक वर्ष मे सड़क परियोजना पर काम करने वाले 150 श्रमिकों का हुआ है , तो दिए गए आकड़ों का माध्य (mean) ज्ञात कीजिए ? कुल दुर्घटनाओं की संख्या (x) कुल श्रमिकों की संख्या (f) 0 - 5 60 5 - 10 52 10 - 15 34 15 - 20 4
A.6.9
B.9.6
C.10.35
D.9

उत्तर:

6.9

व्याख्या:

[{"id": "3b6ba6cf-10f6-449d-ad34-deb2094bab95", "type": "html", "value": " दुर्घटनाओं की संख्या श्रमिकों की संख्या x¡ f¡x¡ 0 - 5 60 2.5 150 5 - 10 52 7.5 390 10 - 15 34 12.5 425 15 - 20 4 17.5 70 ∑ f¡ = 150 ∑ f¡x¡ = 1035 माध्य (mean) = ∑ f¡x¡ / ∑ f¡ = 6.9 इसीलिए विकल्प 1 सही है । "}]

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