Chapter 13
Chapter 13 — अध्ययन नोट्स
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हमारा आवास
अवधारणाहमारा आवास
पृथ्वी वह ग्रह है जहाँ हम रहते हैं और यह जीवन के लिए एक अद्वितीय और उपयुक्त स्थान है। यह सूर्य से तीसरे स्थान पर स्थित है और इसकी सतह पर जीवन के लिए आवश्यक सभी तत्व उपलब्ध हैं। पृथ्वी पर जीवन अरबों वर्षों से अस्तित्व में है और इसके यथावत बने रहने के पीछे कई विशेष कारण हैं। पृथ्वी का आकार लगभग गोलाकार है, लेकिन इसकी सतह पर जीवन केवल एक पतली परत में सीमित है जिसे भू-पर्पटी कहा जाता है। यह परत सेब के छिलके के समान अत्यंत पतली है। पृथ्वी पर पर्वत, नदियाँ, जंगल, जीव-जंतु और मनुष्य सभी इसी भू-पर्पटी पर रहते हैं। पृथ्वी के जीवनदायी होने के कारणों में इसकी स्थिति, आकार, वायुमंडल, जल, मृदा, और चुंबकीय क्षेत्र शामिल हैं। ये सभी तत्व मिलकर पृथ्वी को एक ऐसा ग्रह बनाते हैं जहाँ जीवन पनप सकता है। इस अध्याय में हम पृथ्वी की इन विशेषताओं का गहन अध्ययन करेंगे और समझेंगे कि कैसे ये कारक पृथ्वी को जीवन के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
- पृथ्वी सूर्य से तीसरे स्थान पर स्थित है और जीवन के लिए उपयुक्त है।
- पृथ्वी की सतह पर जीवन केवल भू-पर्पटी नामक पतली परत में सीमित है।
- पृथ्वी का आकार लगभग गोलाकार है।
- पृथ्वी पर जीवन अरबों वर्षों से अस्तित्व में है।
- पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक तत्व जैसे जल, वायु, मृदा उपलब्ध हैं।
- 📌 पृथ्वी: वह ग्रह जहाँ जीवन संभव है।
- 📌 भू-पर्पटी: पृथ्वी की सतह की पतली परत जहाँ जीवन रहता है।
13.1 पृथ्वी एक अद्वितीय ग्रह क्यों है?
अवधारणा13.1 पृथ्वी एक अद्वितीय ग्रह क्यों है?
पृथ्वी को एक अद्वितीय ग्रह इसलिए माना जाता है क्योंकि ब्रह्मांड में अरबों ग्रहों के होते हुए भी केवल पृथ्वी पर जीवन संभव है। इसका कारण पृथ्वी की सतह पर जीवन के लिए आवश्यक उपयुक्त परिस्थितियाँ होना है। पृथ्वी की सतह पर पर्वत, नदियाँ, जंगल, जीव-जंतु और मनुष्य एक पतली भू-पर्पटी पर रहते हैं। यह भू-पर्पटी पृथ्वी के आकार की तुलना में अत्यंत पतली है, जैसे सेब के छिलके की परत। पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक तत्व जैसे वायु, जल, मृदा, और उपयुक्त तापमान उपलब्ध हैं। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण वायुमंडल को बनाए रखता है जिससे जीवन के लिए आवश्यक गैसें पृथ्वी पर बनी रहती हैं। इसके अलावा पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र हानिकारक अंतरिक्षीय कणों से रक्षा करता है। इस प्रकार पृथ्वी की विशेष परिस्थितियाँ ही इसे जीवन के लिए उपयुक्त बनाती हैं।
- पृथ्वी पर जीवन केवल भू-पर्पटी पर सीमित है।
- पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण वायुमंडल को बनाए रखता है।
- पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र हानिकारक कणों से रक्षा करता है।
- पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक वायु, जल, और मृदा उपलब्ध हैं।
- 📌 गुरुत्वाकर्षण बल: पृथ्वी द्वारा वस्तुओं को अपनी ओर खींचने वाला बल।
- 📌 ओजोन परत: वायुमंडल की वह परत जो पराबैंगनी किरणों को रोकती है।
- 📌 चुंबकीय क्षेत्र: पृथ्वी के चारों ओर का क्षेत्र जो हानिकारक कणों से रक्षा करता है।
13.2 हमारे सौरमंडल के ग्रह कैसे दिखते हैं?
अवधारणा13.2 हमारे सौरमंडल के ग्रह कैसे दिखते हैं?
सौरमंडल में आठ ग्रह हैं: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, और नेपच्यून। ये ग्रह सूर्य के चारों ओर लगभग वृत्ताकार कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं। बुध, शुक्र, पृथ्वी, और मंगल छोटे और चट्टानी ग्रह हैं जबकि बृहस्पति, शनि, यूरेनस, और नेपच्यू
अभ्यास प्रश्न — Chapter 13
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.नीचे दी गई जंतुओं की सूची में मुर्गी बेमेल जंतु है। इसका कारण चुनिए- मानव , गाय , कुत्ता , मुर्गी
उत्तर:
यह अंडप्रजक है ।
Q2.मानवों में निषेचित अंडे का परिवर्धन कहाँ होता है ?
उत्तर:
गर्भाशय में
Q3.जनन प्रक्रिया संबंधी शब्दों के कुछ सेट नीचे दिए गए हैं । गलत समुच्चय वाले सेट को चुनिए ।
उत्तर:
शुक्राणु , अंडवाहिनी , अंडा , गर्भाशय
Q4.जिन प्राणियों में बाह्य निषेचन होता उनमें बड़ी संख्या में युग्मक उत्पन्न होते हैं। निम्नलिखित में से उपयुक्त कारण चुनिए-
उत्तर:
निषेचन के बेहतर अवसर होते हैं।
Q5.मुकुलन द्वारा जनन होता है-
उत्तर:
हाइड्रा में
Q6.जनन के बारे में निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही है ?
उत्तर:
निषेचन मादा के भीतर होता है।
Q7.मानवों में निषेचन के पश्चात् जो संरचना गर्भाशय की भित्ति में अंत: स्थापित होती है, वह है-
उत्तर:
भ्रूण
Q8.जलीय जंतु जिनमें निषेचन पानी में होता है, कहलाते हैं –
उत्तर:
अंडप्रजक , जिनमें निषेचन आंतरिक होता है