Chapter 12
Chapter 12 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
अवधारणाविद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
इस अध्याय की शुरुआत में हम विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव का अवलोकन करते हैं। विद्युत धारा के तापीय प्रभावों के अतिरिक्त, विद्युत धारा के अन्य प्रभाव भी होते हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण प्रभाव है चुंबकीय प्रभाव। जब किसी धातु के चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो उसके चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। यह क्षेत्र दिक्सूचक की सुई को विक्षेपित कर देता है, जो यह दर्शाता है कि विद्युत और चुंबकत्व परस्पर जुड़े हुए हैं। इस तथ्य की खोज 1820 में हैंस क्रिश्चियन ऑस्टैंड ने की थी, जिन्होंने पाया कि विद्युत धारा प्रवाहित तार के पास रखी दिक्सूची की सुई विक्षेपित हो जाती है। इस खोज ने विद्युत चुंबकत्व के क्षेत्र में क्रांति ला दी और रेडियो, टेलीविजन, फाइबर ऑप्टिक्स जैसी तकनीकों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया। इस अध्याय में हम विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव, चुंबकीय क्षेत्र, विद्युत चुंबक, विद्युत मोटर, घरेलू विद्युत परिपथ और सुरक्षा उपायों का अध्ययन करेंगे।
- विद्युत धारा के प्रवाह से चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
- हंस क्रिश्चियन ऑस्टैंड ने 1820 में विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज की।
- चुंबकीय क्षेत्र दिक्सूची की सुई को विक्षेपित करता है।
- विद्युत और चुंबकत्व परस्पर संबंधित परिघटनाएँ हैं।
- विद्युत चुंबक और विद्युत मोटर विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित हैं।
- 📌 विद्युत धारा: विद्युत आवेशों का प्रवाह।
- 📌 चुंबकीय क्षेत्र: वह क्षेत्र जिसमें चुंबक या विद्युत धारा से बल अनुभव होता है।
- 📌 दिक्सूची: एक छोटा छड़ चुंबक जिसकी सुई उत्तर-दक्षिण दिशा में संकेत करती है।
12.1 चुंबकीय क्षेत्र और क्षेत्र रेखाएँ
अवधारणा12.1 चुंबकीय क्षेत्र और क्षेत्र रेखाएँ
चुंबकीय क्षेत्र वह क्षेत्र होता है जिसमें चुंबक अपने चुंबकीय प्रभाव को प्रकट करता है। किसी छड़-चुंबक के निकट दिक्सूची की सुई विक्षेपित हो जाती है क्योंकि दिक्सूची स्वयं एक छोटा चुंबक होती है। चुंबक के दो ध्रुव होते हैं: उत्तरोमुखी (उत्तर ध्रुव) और दक्षिणोमुखी (दक्षिण ध्रुव)। समान ध्रुव परस्पर प्रतिकर्षित होते हैं और भिन्न ध्रुव आकर्षित होते हैं। चुंबकीय क्षेत्र को लौहचूर्ण की सहायता से देखा जा सकता है। जब चुंबक के चारों ओर लौहचूर्ण छितराए जाते हैं और बोर्ड को हल्के से थपथपाया जाता है, तो लौहचूर्ण चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुसार व्यवस्थित हो जाते हैं। ये क्षेत्र रेखाएँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और परिमाण को दर्शाती हैं। चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ चुंबक के उत्तर ध्रुव से निकलती हैं और दक्षिण ध्रुव पर समाप्त होती हैं। ये रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं। चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता क्षेत्र रेखाओं की निकटता से मापी जाती है।
- दिक्सूची की सुई एक छोटा छड़ चुंबक होती है।
- चुंबक के दो ध्रुव होते हैं: उत्तर और दक्षिण।
- चुंबकीय क्षेत्र वह क्षेत्र है जिसमें चुंबक बल अनुभव कराता है।
- लौहचूर्ण चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुसार व्यवस्थित होते हैं।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तर ध्रुव से निकलती हैं और दक्षिण ध्रुव पर समाप्त होती हैं।
- दो क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं।
- 📌 उत्तर ध्रुव: वह सिरा जो उत्तर दिशा की ओर संकेत करता है।
- 📌 दक्षिण ध्रुव: वह सिरा जो दक्षिण दिशा की ओर संकेत करता है।
- 📌 चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: वह काल्पनिक रेखाएँ जो चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और परिमाण को दर्शाती हैं।
12.2 किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र
अवधारणा12.2 किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र
जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो उसके चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस क्षेत्र की दिशा और परिमाण को समझने के लिए विभिन्न प्रयोग किए जाते हैं। सीधे ताँबे के तार के ऊपर दिक्सूची रखकर धारा प्रवाहित करने पर सुई का विक्षेप
अभ्यास प्रश्न — Chapter 12
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.निम्नलिखित में से क्या एक प्राकृतिक संसाधन नहीं है?
उत्तर:
विद्युत् संसाधन
व्याख्या:
[{"id": "82f0e955-3323-4423-a9d1-e348dc1994b1", "type": "html", "value": " विद्युत् एक प्राकृतिक संसाधन नहीं है, अन्य सभी प्राकृतिक संसाधन हैं। अतः विकल्प 3 सही उत्तर है। "}]
Q2.पुन: उपयोग' (Reuse) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
उत्तर:
उपरोक्त सभी विकल्प
व्याख्या:
[{"id": "3c127948-bc38-43eb-a926-b243065ee817", "type": "html", "value": " विकल्प 1, 3 और 4 'पुन: उपयोग' के बारे में सही हैं। अतः इस प्रश्न का उत्तर विकल्प 4 है। "}]
Q3.पर्यावरण रक्षण हेतु निम्न में से कौन से 'पांच प्रकार के R' नहीं है, चयन कीजिए।
उत्तर:
पुनः नवीनीकरण (Renew)
व्याख्या:
[{"id": "c4a3f6f6-945a-4d37-b55f-b8015d22612c", "type": "html", "value": " पर्यावरण रक्षण हेतु 'पांच प्रकार के R' हैं ,इनकार ,कम उपयोग ,पुनः उपयोग ,पुनः प्रयोजन ,पुनः चक्रण करना। 'पुनः नवीनीकरण' उनमें से एक नहीं है। अतः विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]
Q4.पुनः चक्रण हेतु ऊर्जा की आवश्यकता होती है इस कारण हमें ________ के बारे में विचार करना चाहिए
उत्तर:
पुन: उपयोग (Reuse)
व्याख्या:
[{"id": "4b544427-339f-4a8a-aae2-b2257334ac92", "type": "html", "value": " पुनर्चक्रण के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है इसलिए हमें पुन: उपयोग के बारे में विचार करना चाहिए अतः विकल्प 1 सही विकल्प है। "}]
Q5.निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प प्राकृतिक संसाधन की सबसे उपयुक्त परिभाषा होगी?
उत्तर:
एक पदार्थ/वस्तु जो प्रकृति द्वारा प्राप्त उपहार है और मानव जाति के लिए बहुत उपयोगी है
व्याख्या:
[{"id": "1689fcc3-5f43-4334-96f5-79a9da4176e7", "type": "html", "value": " एक पदार्थ/वस्तु जो प्रकृति द्वारा प्राप्त उपहार है और जो मानव जाति के लिए बहुत उपयोगी है' ,यही प्राकृतिक संसाधन की सबसे उपयुक्त परिभाषा है। अतः विकल्प 2 सही उत्तर है। "}]
Q6.जैसे-जैसे हम प्रगति की दिशा में बहुत करीब जा रहे हैं ,हम हमारे प्राकृतिक संसाधनों के प्रति क्या कर रहे हैं?
उत्तर:
दोहन/ विध्वंस
व्याख्या:
[{"id": "58010798-c9fa-4ef1-84a7-aad1f11aea55", "type": "html", "value": " जैसे-जैसे हम प्रगति की दिशा में बहुत करीब जा रहे हैं ,हम हमारी प्राकृतिक संसाधनों का दोहन/ विध्वंस कर रहे हैं। अतः विकल्प 3 सही उत्तर है। "}]
Q7.राधिका और उसके दोस्त अलग-अलग मोटर-साइकिल से कॉलेज जाते थे। फिर उन्होंने ऑटोरिक्शा या बस से जाने का निर्णय किया। ऐसा करके वे पेट्रोल जैसे प्रकृतिक संसाधनों का _________ करते हैं।
उत्तर:
कम उपयोग
व्याख्या:
[{"id": "16b965a8-2cc7-454e-862b-57e0bfd55946", "type": "html", "value": " उन्होंने पेट्रोल जैसे प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को कम किया है । अत: विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]
Q8.यदि अंगों के कार्य में समरूपता हैं किन्तु मूल संरचना भिन्न हैं, तो उन्हें ________ कहा जाता है।
उत्तर:
समरूप अंग (Analogous organs)
व्याख्या:
[{"id": "2b5be917-83e6-4745-93f4-262a21c2ef49", "type": "html", "value": " यदि अंगों के कार्य में समरूपता हैं किन्तु मूल संरचना भिन्न हैं, तो उन्हें समरूप अंग कहा जाता है। "}]