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Chapter 12

🎓 Class 8📖 Jigyasa📖 11 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~17 मिनट
Chapter 11अध्याय 12 / 13Chapter 13

Chapter 12अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

प्रकृति कैसे सामंजस्य में कार्य करती है

व्याख्या

प्रकृति कैसे सामंजस्य में कार्य करती है

भारत के विभिन्न राज्यों जैसे ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और छत्तीसगढ़ में हाथी अक्सर खेतों और गाँवों में प्रवेश कर जाते हैं। इसका मुख्य कारण वन क्षेत्रों का क्षरण और वर्षा के प्रतिरूपों में परिवर्तन है, जिससे उनके प्राकृतिक पर्यावास में जल-कुंड सूख जाते हैं और वनस्पतियाँ कम हो जाती हैं। जब प्राकृतिक आवास में भोजन और जल की कमी होती है, तो हाथी जैसे वन्यजीव भोजन की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आने लगते हैं। इससे फसलों को नुकसान होता है और कभी-कभी मनुष्यों तथा पालतू जानवरों को भी हानि पहुँचती है। वनों की कटाई, सड़कों और भवनों के निर्माण के लिए वृक्षों को काटना, वर्षा और तापमान में बदलाव जैसे मानवीय और प्राकृतिक कारण वन्यजीवों के आवास को प्रभावित करते हैं। वन्यजीवों के आवागमन के लिए वन्य गलियारों की पहचान और संरक्षण आवश्यक है ताकि वे मानव बस्तियों के संपर्क में आए बिना सुरक्षित आवागमन कर सकें। यह पूरी प्रक्रिया प्रकृति के घटकों के घनिष्ठ अंतर्संबंध को दर्शाती है। जीव-जंतु, पौधे, जल, वायु, मिट्टी आदि सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे के अस्तित्व पर निर्भर हैं। इस अंतर्संबंध को समझने के लिए हमें पर्यावरण के विभिन्न घटकों का अध्ययन करना चाहिए।

  • वन क्षेत्रों का क्षरण और वर्षा के बदलाव से वन्यजीवों के आवास प्रभावित होते हैं।
  • हाथी जैसे वन्यजीव भोजन की तलाश में मानव बस्तियों में आ सकते हैं।
  • वन्य गलियारों का संरक्षण वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक है।
  • प्रकृति के सभी घटक एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़े होते हैं।
  • मानवीय क्रियाकलाप पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।
  • 📌 प्रकृति: जीव-जंतु, पौधे, जल, वायु, मिट्टी आदि का समग्र तंत्र।
  • 📌 पर्यावरण: प्रकृति में सजीव और निर्जीव घटकों का जटिल संयोजन।
  • 📌 पर्यावास: किसी जीव का प्राकृतिक निवास स्थान।

हम किस प्रकार अपने परिवेश का अनुभव करते और उसे समझते हैं?

व्याख्या

हम किस प्रकार अपने परिवेश का अनुभव करते और उसे समझते हैं?

पर्यावास वह स्थान होता है जहाँ कोई जीव रहता है और वह अपने पर्यावरण के जैविक और अजैविक घटकों के साथ परस्पर क्रिया करता है। उदाहरण के लिए, तालाब में मछलियाँ, मेंढक, शैवाल, जल, मृदा आदि होते हैं। वन में वृक्ष, पक्षी, घास, मृदा आदि होते हैं। प्रत्येक पर्यावास की अपनी विशिष्ट परिस्थितियाँ होती हैं जो जीवों के जीवन को प्रभावित करती हैं। इस अनुभाग में क्रियाकलाप 12.1 के माध्यम से विद्यार्थियों को दो पर्यावासों (जैसे तालाब और वन) का अवलोकन करने और उनमें पाए जाने वाले सजीव और निर्जीव घटकों की सूची बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इससे पर्यावास के जैविक (सजीव) और अजैविक (निर्जीव) घटकों की पहचान होती है। जैविक घटकों में पौधे, जीव-जंतु, सूक्ष्मजीव आते हैं जबकि अजैविक घटकों में जल, वायु, मृदा, तापमान, सूर्य का प्रकाश आदि शामिल हैं। जीव अपने पर्यावास की भौतिक और जैविक परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को अनुकूलित करते हैं। उदाहरण के लिए, वन में दिन और रात के तापमान में अंतर होता है, जिससे दिन में सक्रिय साँप और रात में सक्रिय कुंतक दोनों सह-अस्तित्व में रह सकते हैं। **Table on page 3 (5×4)** | तालाब | | वन | | | --- | --- | --- | --- | | सजीव | निर्जीव वस्तुएँ | सजीव | निर्जीव वस्तुएँ | | मछली | जल | घास | मृदा | | | | वृक्ष | | | | | पक्षी | | **Table on page 4 (5×2)** | जीव का नाम | समष्टि (जीवों की संख्या) | | --- | --- | | पादप 1 | 20 | | पादप 2 | 05 | | जंतु 1 | | | जंतु 2 | | **Table on page 9 (10×5)** | जीव का नाम | प्रकाश संश्लेषण करता है अथवा नहीं | पादप और पादप उत्पादों से भोजन प्राप्त करता है | जंतुओं से भोजन प्राप्त करता है | पादपों और जंतुओं दोनों से भोजन प्राप्त करता है | | --- | --- | --- | --- | --- | | हिरण | नहीं | हाँ, पौधों की पत्तियाँ और घास | नहीं | नहीं, केवल पादपों से | | शाशक | | | | | | गिड्ड | | | | | | बंगाल लोमड़ी | | | | | | पक्षी (शिकरा) | | | | | | गिलहरी | | | | | | चूहा | | | | | | मशरूम | | | | | | वृक्ष | हाँ | | | |

  • पर्यावास वह स्थान है जहाँ कोई जीव रहता है।
  • पर्यावास में जैविक (सजीव) और अजैविक (निर्जीव) घटक होते हैं।
  • जीव अपने पर्यावास की परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित होते हैं।
  • एक पर्यावास में विभिन्न जीव संसाधनों का भिन्न-भिन्न उपयोग करते हैं।
  • पर्यावास के अध्ययन से जीवों के जीवन और पर्यावरण के बीच संबंध समझे जा सकते हैं।
  • 📌 पर्यावास: जीव का प्राकृतिक निवास स्थान।
  • 📌 जैविक घटक: पर्यावास के सजीव तत्व जैसे पौधे और जीव-जंतु।
  • 📌 अजैविक घटक: पर्यावास के निर्जीव तत्व जैसे जल, वायु, मृदा।

प्रकृति में कौन-कौन से जीव एक साथ रहते हैं?

व्याख्या

प्रकृति में कौन-कौन से जीव एक साथ रहते हैं?

एक पर्यावास में एक ही प्रकार के जीवों का समूह जिसे समष्टि कहते हैं, साथ-साथ रहते हैं। उदाहरण के लिए, तालाब में एक ही प्रकार की मछलियों का समूह। समष्टि एक निश्चित स्थान और समय पर एक ही प्रजाति के जीवों का समूह होती है। यदि विभिन्न प्रकार की समष्टियाँ

अभ्यास प्रश्नChapter 12

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.निम्नलिखित में से कौन एक झिल्ली के माध्यम से ध्वनि उत्पन्न करता है?
A.सितार
B.तबला
C.हारमोनियम
D.बाँसुरी

उत्तर:

तबला

व्याख्या:

[{"id": "1aa835b8-0c79-45ce-99b0-0f419da94658", "type": "html", "value": " दिए गए विकल्पों में से तबला एकमात्र संगीत वाद्ययंत्र है, जो झिल्ली के माध्यम से ध्वनि उत्पन्न करता है। "}]

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Q2.जब हम किसी वाद्ययंत्र की डोरी को कर्षित (pluck) करते हैं तो हमें वाद्ययंत्र के किस भाग की ध्वनि सुनाई देती है?
A.डोरी
B.हैंडल
C.वाद्ययंत्र का ढाँचा
D.पूर्ण वाद्ययंत्र

उत्तर:

पूर्ण वाद्ययंत्र

व्याख्या:

[{"id": "3c0ac719-4c5d-4494-bbda-1e980f941467", "type": "html", "value": " जब हम किसी वाद्ययंत्र की डोरी का कर्षण करते हैं, तो डोरी के कंपन के कारण पूर्ण वाद्ययंत्र कंपन करता है और हमें ढाँचा ,हैंडल और डोरी की संगृहित ध्वनि सुनाई देती है। "}]

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Q3.आवृत्ति (frequency) को किस मात्रक में मापा जाता है?
A.वोल्ट
B.एम्पीयर
C.सेकंड
D.हर्ट्ज़

उत्तर:

हर्ट्ज़

व्याख्या:

[{"id": "7dd23e63-f3af-495c-931b-9bc0d946171a", "type": "html", "value": " आवृत्ति को हर्ट्ज़ में मापा जाता है। 1 Hz, 1 सेकंड में एक दोलन (oscillation) है। "}]

MediumNCERT
Q4.निम्न में से किसकी वृद्धि करने से प्रबल ध्वनि उत्पन्न होगी?
A.आवृत्ति (Frequency)
B.आयाम (Amplitude)
C.दोलन (Oscillation)
D.तारत्व (Pitch)

उत्तर:

आयाम (Amplitude)

व्याख्या:

[{"id": "c774e0e0-f433-4572-a324-e5f67ea068fc", "type": "html", "value": " आयाम की वृद्धि से ध्वनि प्रबल हो जाएगी। "}]

MediumNCERT
Q5.एक साधारण मानव की निम्न श्रवण परास (Range) ______मानी जाती है।
A.1 Hz
B.20 Hz
C.50 Hz
D.100 Hz

उत्तर:

20 Hz

व्याख्या:

[{"id": "8fe10aca-f4ac-4a14-9cc0-d7544d935e56", "type": "html", "value": " एक साधारण मानव की निम्न श्रवण परास 20 Hz मानी जाती है। "}]

MediumNCERT
Q6.अप्रिय ध्वनियाँ _______कहलाती हैं।
A.ध्वनि
B.शोर
C.सुस्वर ध्वनि (Musical Sound)
D.अश्रव्य ध्वनि

उत्तर:

शोर

व्याख्या:

[{"id": "3ff4bc89-1270-45af-adc4-07f9d4767427", "type": "html", "value": " अप्रिय ध्वनियों को शोर कहा जाता है। इसलिए ध्वनि के कारण होने वाले प्रदूषण को ध्वनि प्रदूषण कहा जाता है। "}]

MediumNCERT
Q7.1. दिए गए आरेख (चित्र 12.19) को देखिए और गलत कथन का चयन कीजिए। (i) समुदाय समष्टि से बड़ा होता है। (ii) समुदाय एक पारितंत्र से छोटा होता है। (iii) पारितंत्र किसी समुदाय का भाग होता है।
A.(i) समुदाय समष्टि से बड़ा होता है।
B.(ii) समुदाय एक पारितंत्र से छोटा होता है।
C.(iii) पारितंत्र किसी समुदाय का भाग होता है।

उत्तर:

गलत कथन है (iii) पारितंत्र किसी समुदाय का भाग होता है। क्योंकि पारितंत्र समुदाय का भाग नहीं बल्कि समुदायों और उनके पर्यावरण का सम्मिलित रूप होता है। समुदाय जीवों का समूह होता है जबकि पारितंत्र में जैविक घटक और अजैविक घटक दोनों शामिल होते हैं।

व्याख्या:

समष्टि (Population) किसी एक प्रजाति के जीवों का समूह होता है, जो समुदाय (Community) से छोटा होता है। समुदाय विभिन्न प्रजातियों के जीवों का समूह होता है, जो पारितंत्र (Ecosystem) से छोटा होता है। पारितंत्र में जैविक और अजैविक घटक दोनों होते हैं। अतः (iii) कथन गलत है।

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Q8.2. समष्टि किसी समुदाय का भाग होती है। यदि सभी अपघटक, अकस्मात एक वन पारितंत्र से लुप्त हो जाएँ तो आपके विचार से क्या परिवर्तन होंगे? व्याख्या कीजिए कि अपघटक आवश्यक क्यों होते हैं।

उत्तर:

यदि सभी अपघटक वन पारितंत्र से लुप्त हो जाएँ तो मृत जीवों और अपशिष्ट पदार्थों का विघटन नहीं होगा, जिससे पोषक तत्व मिट्टी में वापस नहीं पहुँचेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाएगी और पौधों की वृद्धि प्रभावित होगी। अपघटक मृत पदार्थों को विघटित कर पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करते हैं, जो पारितंत्र के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसलिए अपघटक पारितंत्र के पोषण चक्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

व्याख्या:

अपघटक जैसे जीवाणु और कवक मृत जीवों को विघटित कर पोषक तत्वों को मिट्टी में वापस करते हैं। यदि वे न हों तो मृत पदार्थ जमा हो जाएंगे, पोषक तत्व खत्म हो जाएंगे, जिससे उत्पादकों (पादपों) की वृद्धि रुक जाएगी और पूरे पारितंत्र का संतुलन बिगड़ जाएगा।

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