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Chapter 12

🎓 Class 9📖 Ganit📖 6 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~9 मिनट
Chapter 11अध्याय 12 / 12

Chapter 12अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 6 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 आंकड़ों का आलेखीय निरूपण

व्याख्या

12.1 आंकड़ों का आलेखीय निरूपण

सांख्यिकी में आंकड़ों का निरूपण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिससे हम जटिल आंकड़ों को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। इस अध्याय के इस भाग में हम आंकड़ों के आलेखीय निरूपण के विभिन्न प्रकारों का अध्ययन करेंगे। आंकड़ों को सारणियों के रूप में प्रस्तुत करने के बाद, उन्हें चित्रों या आलेखों के रूप में प्रस्तुत करना अधिक उपयोगी होता है क्योंकि एक चित्र हजार शब्दों से बेहतर होता है। आलेखों की सहायता से विभिन्न मदों के आंकड़ों की तुलना करना आसान हो जाता है। इस खंड में हम तीन प्रमुख प्रकार के आलेखीय निरूपण देखेंगे: (A) दंड आलेख (Bar Graph), (B) आयतचित्र (Histogram), और (C) बारंबारता बहुभुज (Frequency Polygon)। (A) दंड आलेख: दंड आलेख में क्षैतिज अक्ष पर विभिन्न मदों को निरूपित किया जाता है और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर उनके मानों को दर्शाया जाता है। प्रत्येक मद के लिए एक समान चौड़ाई के आयताकार दंड बनाए जाते हैं, जिनकी ऊँचाई उस मद के मान के समानुपाती होती है। दंडों के बीच समान दूरी रखी जाती है। उदाहरण के लिए, नवीं कक्षा के 40 विद्यार्थियों के जन्म महीनों के आंकड़ों को दंड आलेख के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे यह पता चलता है कि किस महीने में कितने विद्यार्थियों का जन्म हुआ और किस महीने में सबसे अधिक जन्म हुआ। (B) आयतचित्र: जब आंकड़े संतत वर्ग अंतरालों में वर्गीकृत होते हैं, तो उनके बारंबारता बंटन को आयतचित्र के रूप में निरूपित किया जाता है। इसमें क्षैतिज अक्ष पर वर्ग अंतराल और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर बारंबारता को दर्शाया जाता है। प्रत्येक वर्ग अंतराल के लिए एक आयत बनाया जाता है जिसकी चौड़ाई वर्ग अंतराल के समान होती है और ऊँचाई बारंबारता के समानुपाती होती है। आयतों के बीच कोई रिक्त स्थान नहीं होता। उदाहरण के लिए, एक कक्षा के विद्यार्थियों के भार के आंकड़ों का आयतचित्र बनाया जाता है। (C) बारंबारता बहुभुज: बारंबारता बहुभुज में वर्ग अंतरालों के मध्य-बिंदुओं (वर्ग-चिह्न) को उनके बारंबारता के अनुसार अंकित किया जाता है और इन बिंदुओं को रेखाखंडों से जोड़ा जाता है। इससे प्राप्त आकृति बारंबारता बहुभुज कहलाती है। यह विधि बड़े और संतत आंकड़ों के विश्लेषण में उपयोगी होती है और दो अलग-अलग आंकड़ों की तुलना करने में सहायक होती है। बारंबारता बहुभुज के लिए वर्ग अंतरालों के पहले और बाद शून्य बारंबारता वाले वर्ग अंतरालों को जोड़कर इसे पूरा किया जाता है। इस प्रकार, आंकड़ों के आलेखीय निरूपण से हम जटिल आंकड़ों को सरल, स्पष्ट और तुलनात्मक रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं, जो विश्लेषण और निर्णय लेने में सहायक होता है। **Table on page 2 (7×2)** | --- | --- | | ग्रॉसरी (परचून का सामान) | 4 | | किराया | 5 | | बच्चों की शिक्षा | 5 | | दवाइयाँ | 2 | | ईंधन | 2 | | मनोरंजन | 1 | | विविध | 1 | **Table on page 4 (8×2)** | भार (kg में) | विद्यार्थियों की संख्या | | --- | --- | | 30.5 - 35.5 | 9 | | 35.5 - 40.5 | 6 | | 40.5 - 45.5 | 15 | | 45.5 - 50.5 | 3 | | 50.5 - 55.5 | 1 | | 55.5 - 60.5 | 2 | | कुल योग | 36 |

  • आलेखीय निरूपण आंकड़ों को समझने और तुलना करने में सहायक होता है।
  • दंड आलेख में समान चौड़ाई के आयताकार दंड होते हैं जिनकी ऊँचाई मान दर्शाती है।
  • आयतचित्र संतत वर्ग अंतरालों वाले आंकड़ों के लिए उपयोगी होता है जहाँ आयतों के बीच कोई रिक्त स्थान नहीं होता।
  • बारंबारता बहुभुज वर्ग अंतरालों के मध्य-बिंदुओं को जोड़कर बनाया जाता है।
  • बारंबारता बहुभुज बड़े और संतत आंकड़ों के विश्लेषण में उपयोगी होता है।
  • शून्य बारंबारता वाले वर्ग अंतरालों को जोड़कर बारंबारता बहुभुज पूरा किया जाता है।
  • 📌 दंड आलेख: आंकड़ों का चित्रात्मक निरूपण जिसमें समान चौड़ाई के आयताकार दंड होते हैं।
  • 📌 आयतचित्र: संतत वर्ग अंतरालों वाले आंकड़ों का आलेख जिसमें आयतों के क्षेत्रफल बारंबारता के समानुपाती होते हैं।
  • 📌 बारंबारता बहुभुज: वर्ग अंतरालों के मध्य-बिंदुओं को जोड़कर बनाया गया आलेख।

(A) दंड आलेख

व्याख्या

(A) दंड आलेख

दंड आलेख आंकड़ों का एक चित्रात्मक निरूपण है जिसमें क्षैतिज अक्ष पर विभिन्न मदों को निरूपित किया जाता है और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर उनके मानों को दर्शाया जाता है। दंडों की चौड़ाई समान होती है और उनके बीच समान दूरी रखी जाती है। प्रत्येक दंड की ऊँचाई उस मद के मान के समानुपाती होती है। दंड आलेख का उपयोग मुख्यतः गुणात्मक आंकड़ों के लिए किया जाता है, जैसे किसी कक्षा के विद्यार्थियों के जन्म महीनों के आंकड़े, विभिन्न मदों पर खर्च आदि। दंड आलेख बनाने के लिए निम्नलिखित चरण अपनाए जाते हैं: 1. क्षैतिज अक्ष पर विभिन्न मदों को समान दूरी पर अंकित करें। 2. ऊर्ध्वाधर अक्ष पर मानों के लिए उपयुक्त पैमाना चुनें। 3. प्रत्येक मद के लिए एक समान चौड़ाई का आयत बनाएं जिसकी ऊँचाई उस मद के मान के अनुसार हो। 4. दंडों के बीच समान दूरी रखें ताकि आलेख स्पष्ट दिखे। उदाहरण के तौर पर, नवीं कक्षा के 40 विद्यार्थियों के जन्म महीनों का दंड आलेख बनाया गया है जिसमें अगस्त महीने में सबसे अधिक 12 विद्यार्थियों का जन्म हुआ है। इसी प्रकार, एक परिवार के मासिक खर्चों को हजार रुपये में दर्शाते हुए दंड आलेख बनाया गया जिसमें किराया और बच्चों की शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च दिखाया गया है। दंड आलेख की विशेषताएँ: - यह आंकड़ों की तुलना को सरल बनाता है। - आंकड़ों के सापेक्ष अंतर को स्पष्ट रूप से दिखाता है। - इसे बनाना और समझना आसान होता है। इस प्रकार दंड आलेख आंकड़ों को दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम है। **Table on page 2 (7×2)** | --- | --- | | ग्रॉसरी (परचून का सामान) | 4 | | किराया | 5 | | बच्चों की शिक्षा | 5 | | दवाइयाँ | 2 | | ईंधन | 2 | | मनोरंजन | 1 | | विविध | 1 |

  • दंड आलेख में दंडों की चौड़ाई समान और उनके बीच समान दूरी होती है।
  • ऊर्ध्वाधर अक्ष पर मानों के अनुसार दंडों की ऊँचाई होती है।
  • दंड आलेख मुख्यतः गुणात्मक आंकड़ों के लिए उपयोगी होता है।
  • दंड आलेख से आंकड़ों की तुलना और विश्लेषण सरल होता है।
  • दंड आलेख बनाते समय उपयुक्त पैमाना चुनना आवश्यक है।
  • 📌 दंड आलेख: एक चित्रात्मक प्रस्तुति जिसमें समान चौड़ाई के आयताकार दंड होते हैं।
  • 📌 पैमाना: आलेख में मानों को निरूपित करने के लिए चुनी गई माप।

(B) आयतचित्र

व्याख्या

(B) आयतचित्र

आयतचित्र (Histogram) आंकड़ों के निरूपण की एक विधि है जो संतत वर्ग अंतरालों वाले मात्रात्मक आंकड़ों के लिए उपयुक्त होती है। इसमें क्षैतिज अक्ष पर वर्ग अंतरालों को निरूपित किया जाता है और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर बारंबारता (frequency) को दर्शाया जाता है। प्रत

अभ्यास प्रश्नChapter 12

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.समूह का माध्यक (median) ज्ञात करें = {3, 5, 5, 4, 19, 68, 25}
A.5
B.4
C.19
D.7

उत्तर:

5

व्याख्या:

[{"id": "13a02c37-4f8b-4718-a01d-0e80845d8096", "type": "html", "value": " जैसा कि हम देख सकते हैं कि सूची आरोही क्रम (ascending order) में व्यवस्थित नहीं है। आरोही क्रम (ascending order) में क्रमबद्ध सूची = {3, 4, 5, 5, 19, 25, 68} सूची में 7 पद हैं, इसलिए, माध्यक (median) [(n +1)/2] शब्द होगा = (7 + 1) / 2 = 8/2 = चौथा पद = 5 इसलिए, माध्यक (median) 5 है। "}]

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Q2.यदि प्रेक्षणों का माध्य (mean) 10 है,तो x का मान ज्ञात कीजिये x, x + 4, x + 6, x + 8, x + 12
A.6
B.8
C.2
D.4

उत्तर:

4

व्याख्या:

[{"id": "4b4a3cf4-23a5-4199-ae2c-e990efcbf0ee", "type": "html", "value": " माध्य (Mean) = प्रेक्षणों का योग (Sum of observation) / प्रेक्षणों की संख्या (Number of observation) (x + x + 4 + x + 6 + x + 8 + x + 12)/5 = 10 5x + 30 = 50 5x = 50 - 30 5x = 20 x = 4 "}]

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Q3.छह संख्याओं का माध्य (mean) 42 है। यदि एक संख्या को बहिष्कृत किया जाता है, तो उनका माध्य 40 हो जाता है। बहिष्कृत संख्या ______ है।
A.48
B.52
C.50
D.54

उत्तर:

52

व्याख्या:

[{"id": "d4ba84ec-0a81-46db-a799-e8e006f63da6", "type": "html", "value": " माध्य (Mean) = प्रेक्षणों का योग (Sum of observation) / प्रेक्षणों की संख्या (Number of observation) (x1 + x2 + x3 + x4 + x5 + x6)/6 = 42 x1 + x2 + x3 + x4 + x5 + x6 = 252 x1 + x2 + x3 + x4 + x5 = 252 - x6 5 से दोनों पक्षों को विभाजित करने पर, हम प्राप्त करते हैं (x1 + x2 + x3 + x4 + x5)/5 = (252 - x6)/5 ..........(1) दिया, पांच संख्याओं का माध्य = 40 ∴ (252 - x6)/5 = 40 252 - x6 = 200 252-200 = x6 52 = x6 इसलिए, बहिष्कृत (excluded) संख्या 52 है। "}]

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Q4.निम्नलिखित आंकड़े दिए गए हैं: 25, 24, 29, 30, 24, 25, 26, 24, 25, 28, 24, 29, 25, 27, 25। दिए गए आंकड़ों का बहुलक (mode) 25 है, नया बहुलक ढूंढें, यदि अंतिम प्रेक्षण 24 में बदल जाता है।
A.30
B.25
C.24
D.29

उत्तर:

24

व्याख्या:

[{"id": "6eef6027-cd4b-48bb-9ca2-816e3c7d8ee3", "type": "html", "value": " यदि अंतिम प्रेक्षण 24 में बदल जाता है, तो '24' सबसे अधिक बार (5 बार) होता है। ∴ नया बहुलक (mode) = 24 "}]

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Q5.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - प्रायिकता 60 व्यक्तियों के एक समूह में, 35 व्यक्तियों को कॉफी पसंद है। उस समूह में एक व्यक्ति को चुना जाता है, तो निम्न में से क्या प्रायिकता है कि चुना गया व्यक्ति कॉफी पसंद नहीं करता है?
A.7/12
B.5/12
C.5/7
D.3/12

उत्तर:

5/12

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Q6.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - प्रायिकता यह दिया गया है कि किसी खेल को जीतने कि प्रायिकता 0.7 है तो उस खेल को हारने कि प्रायिकता निम्न में से क्या होगी?
A.0.8
B.0.3
C.0.7
D.0.07

उत्तर:

0.3

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Q7.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - प्रायिकता एक क्रिकेट मैच में, एक बल्लेबाज खेली गई 30 गेदों में से 6 बार चौका मारता है। चौका न मारे जाने की प्रायिकता निम्न में से क्या होगी?
A.1/4
B.1/5
C.4/5
D.3/4

उत्तर:

4/5

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Q8.बहुविकल्पीय प्रश्न अवधारणा - प्रायिकता एक सिक्के को 50 बार उछालने पर 32 बार पट आता है। चित आने की घटना की प्रायिकता निम्न में से क्या होगी?
A.1/32
B.`1/18
C.16/25
D.9/25

उत्तर:

9/25

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