Chapter 11
Chapter 11 — अध्ययन नोट्स
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प्रकाश के स्रोत
व्याख्याप्रकाश के स्रोत
प्रकाश वह ऊर्जा है जो हमारी आँखों को वस्तुओं को देखने में सक्षम बनाती है। प्रकाश के स्रोत वे वस्तुएँ होती हैं जो स्वयं प्रकाश उत्पन्न करती हैं। प्राकृतिक प्रकाश का मुख्य स्रोत सूर्य है, जो स्वयं अपना प्रकाश उत्सर्जित करता है। इसके अतिरिक्त तारे, तड़ित, अग्नि और कुछ जीव-जंतु भी स्वयं अपना प्रकाश उत्पन्न करते हैं। इन्हें दीप्त पिंड कहा जाता है। दूसरी ओर, जो पिंड स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करते, वे अदीप्त पिंड कहलाते हैं, जैसे चंद्रमा। चंद्रमा स्वयं प्रकाश नहीं देता, बल्कि सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है। प्राचीन काल में मानव ने आग जलाना सीखा, जो कृत्रिम प्रकाश का प्रारंभिक रूप था। समय के साथ पशु-वसा, तेल, मोम, गैस आदि से प्रकाश उत्पन्न करने के तरीके विकसित हुए। आधुनिक युग में विद्युत प्रकाश स्रोतों का आविष्कार हुआ, जिनसे मानव की प्रकाश संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। एल.ई.डी. दीपक आधुनिक प्रकाश स्रोत हैं जो कम विद्युत ऊर्जा में अधिक प्रकाश प्रदान करते हैं और पर्यावरण के लिए अनुकूल होते हैं। भारत सरकार ने एल.ई.डी. दीपकों के उपयोग को बढ़ावा दिया है। एल.ई.डी. दीपकों का उचित निपटान या पुनर्चक्रण आवश्यक है।
- प्रकाश के स्रोत वे वस्तुएँ हैं जो स्वयं प्रकाश उत्पन्न करती हैं।
- सूर्य प्राकृतिक प्रकाश का मुख्य स्रोत है।
- दीप्त पिंड स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, जैसे सूर्य, तारे, अग्नि।
- अदीप्त पिंड स्वयं प्रकाश नहीं देते, जैसे चंद्रमा।
- प्राचीन काल में आग जलाना कृत्रिम प्रकाश का प्रारंभिक रूप था।
- एल.ई.डी. दीपक कम ऊर्जा में अधिक प्रकाश देते हैं और पर्यावरण के अनुकूल हैं।
- 📌 दीप्त पिंड: वे पिंड जो स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं।
- 📌 अदीप्त पिंड: वे पिंड जो स्वयं प्रकाश नहीं देते, बल्कि परावर्तित करते हैं।
- 📌 एल.ई.डी. (LED): प्रकाश उत्सर्जक डायोड, जो कम ऊर्जा में अधिक प्रकाश देते हैं।
क्या प्रकाश सरल रेखा में गमन करता है?
व्याख्याक्या प्रकाश सरल रेखा में गमन करता है?
प्रकाश की गति अत्यंत तेज होती है और यह निर्वात में लगभग 3 × 10^8 मीटर प्रति सेकंड की गति से चलता है। प्रकाश की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह हमेशा सरल रेखा में चलता है। इसे समझने के लिए दो क्रियाकलाप प्रस्तुत हैं। पहले क्रियाकलाप में माचिस की तीन डिब्बियों के छिद्रों को एक सीध में रखा जाता है और टॉर्च की रोशनी को छिद्रों के माध्यम से गुजारकर पर्दे पर प्रकाश का चमकदार बिंदु प्राप्त किया जाता है। यदि डिब्बियों को इस प्रकार स्थानांतरित किया जाए कि छिद्र एक सीध में न रहें, तो प्रकाश का बिंदु पर्दे पर प्राप्त नहीं होता। इससे पता चलता है कि प्रकाश सरल रेखा में ही चलता है। दूसरे क्रियाकलाप में मोमबत्ती की लौ को सीधे और मुड़े हुए पाइप से देखने का प्रयास किया जाता है। सीधे पाइप से लौ दिखाई देती है, लेकिन मुड़े हुए पाइप से नहीं। इससे भी यह सिद्ध होता है कि प्रकाश सरल रेखा में चलता है। इसके अतिरिक्त, लेसर पुंज को दूध मिलाए जल में गुजारने पर भी प्रकाश की किरणें सीधे पथ में चलती हैं। हालांकि प्रकाश कभी-कभी किनारों के परित: मुड़ सकता है, जिसे उच्च कक्षाओं में विस्तार से पढ़ा जाएगा।
- प्रकाश निर्वात में लगभग 3 × 10^8 मीटर/सेकंड की गति से चलता है।
- प्रकाश हमेशा सरल रेखा में गमन करता है।
- माचिस डिब्बियों के छिद्रों के प्रयोग से प्रकाश के सरल रेखा में चलने का प्रमाण मिलता है।
- मोमबत्ती की लौ को सीधे पाइप से देखा जा सकता है, मुड़े हुए पाइप से नहीं।
- लेसर पुंज भी सीधे पथ में चलता है।
- प्रकाश कभी-कभी किनारों के परित: मुड़ सकता है (उच्चतर अध्ययन में)।
- 📌 प्रकाश की गति: प्रकाश की वह तीव्र गति जिससे वह एक माध्यम से दूसरे माध्यम में चलता है।
- 📌 सरल रेखा में गमन: प्रकाश की वह विशेषता कि वह हमेशा सीधे पथ में चलता है।
पारदर्शी, पारभासी और अपारदर्शी पदार्थों से प्रकाश का संचरण
व्याख्यापारदर्शी, पारभासी और अपारदर्शी पदार्थों से प्रकाश का संचरण
जब प्रकाश किसी वस्तु से गुजरता है, तो उस वस्तु के प्रकार के अनुसार प्रकाश का संचरण अलग-अलग होता है। पदार्थों को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: 1. पारदर्शी पदार्थ: ऐसे पदार्थ जिनसे प्रकाश लगभग पूर्णतः गुजर जाता है और हम उनके आर-पार स्पष्ट रू
अभ्यास प्रश्न — Chapter 11
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.अवधारणा- प्रकाश का परावर्तन यदि कोई वस्तु समतल दर्पण के सामने 0.5 मीटर की दूरी पर रखी गई है, तो वस्तु और दर्पण द्वारा बनी छवि के बीच की दूरी होगी:
उत्तर:
1 मी
Q2.अवधारणा- प्रकाश का परावर्तन दर्पण अपने ऊपर पड़ने वाले प्रकाश की दिशा को बदल देता है दर्पण द्वारा प्रकाश की दिशा का यह परिवर्तन निम्न में से क्या कहलाता है?
उत्तर:
प्रकाश का परावर्तन
Q3.अवधारणा- गोलीय दर्पणों से खेल वास्तविक छवि बनाने के लिए निम्न में से किसका उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर:
अवतल दर्पण।
Q4.अवधारणा- गोलीय दर्पणों से खेल एवं लेंसों द्वारा बने प्रतिबिम्ब आपको एक उत्तल दर्पण, एक अवतल दर्पण, एक उत्तल लेंस और एक अवतल लेंस प्रदान किया जाता है। आप निम्न में से किससे उलटी छवि प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
अवतल दर्पण और उत्तल लेंस दोनों।
Q5.अवधारणा- सूर्य का प्रकाश - श्वेत अथवा रंगीन? आसमान में एक इंद्रधनुष कब देखा जा सकता है:
उत्तर:
जब सूर्य आपके पीछे है।
Q6.अवधारणा- प्रकाश का परावर्तन एवं गोलीय दर्पणों से खेल बूझो और पहेली को उनके शिक्षक ने एक-एक दर्पण दिया। बूझो ने अपनी छवि को एक ही आकार का और एक समान पाया, जबकि पहेली ने अपनी छवि को सीधा और आकार में छोटा पाया। इसका मतलब यह है कि बूझो और पहेली के दर्पण क्रमशः हैं:
उत्तर:
समतल दर्पण और उत्तल दर्पण।
Q7.अवधारणा- प्रकाश सरल रेखा के अनुदिश गमन करता है। प्रकाश का गमन निम्न में से किस प्रकार का है?
उत्तर:
सरल रेखीय
Q8.अवधारणा- गोलीय दर्पणों से खेल पर्दे(कागज की शीट) पर बनने वाले प्रतिबिम्ब को निम्न में से क्या कहते हैं?
उत्तर:
वास्तविक प्रतिबिम्ब