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Chapter 11

🎓 Class 6📖 Jigyasa📖 10 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~15 मिनट
Chapter 10अध्याय 11 / 12Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

प्रकृति की अमूल्य संपदा

व्याख्या

प्रकृति की अमूल्य संपदा

इस अध्याय की शुरुआत भूमि और सूर्या की छुट्टियों के अनुभव से होती है, जहाँ वे अपनी अज्जी के घर जाते हैं जो पश्चिमी घाट के जंगल के किनारे एक गाँव में रहती हैं। वहाँ की हवा नगर की तुलना में अधिक ताजी और ठंडी होती है। वे आसपास की सुंदर पहाड़ियों, झरनों, पौधों, जंतुओं और पक्षियों को देखकर प्रकृति की विविधता का अनुभव करते हैं। अज्जी बच्चों को बताती हैं कि इस स्थान पर प्रकृति की अनेक अमूल्य संपदाएँ हैं, जो हमारे जीवन को समृद्ध बनाती हैं। जैसे यहाँ की शुद्ध हवा, उपजाऊ मृदा, अच्छी धूप, और विभिन्न प्रकार के वृक्ष जो पक्षियों और कीटों सहित अनेक जीवों को भोजन और आश्रय प्रदान करते हैं। अज्जी बच्चों से पूछती हैं कि क्या वे प्रकृति की ऐसी अन्य संपदाओं के बारे में सोच सकते हैं। इस परिचय से हमें यह समझने को मिलता है कि प्रकृति की संपदा हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है और हमें इनका संरक्षण करना चाहिए।

  • प्रकृति की अमूल्य संपदा में वायु, जल, मृदा, वनस्पति, जीव-जंतु आदि शामिल हैं।
  • प्रकृति की ये संपदाएँ हमारे जीवन को समृद्ध और स्वस्थ बनाती हैं।
  • प्राकृतिक संसाधनों के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है।
  • प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं।
  • 📌 प्राकृतिक संसाधन: वे संसाधन जो प्रकृति से प्राप्त होते हैं और हमारे जीवन के लिए आवश्यक हैं।
  • 📌 अमूल्य संपदा: ऐसी संपदा जिसका मूल्य अत्यंत अधिक होता है और जो जीवन के लिए अनिवार्य होती है।

11.1 वायु

व्याख्या

11.1 वायु

वायु हमारे चारों ओर मौजूद गैसों का मिश्रण है, जो जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। अज्जी बच्चों को श्वास-संबंधी व्यायाम कराती हैं जिससे वे शुद्ध हवा लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को समझ सकें। श्वास लेने में ऑक्सीजन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। वायु मुख्यतः नाइट्रोजन (लगभग 78%), ऑक्सीजन (लगभग 21%), आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प से मिलकर बनी होती है। श्वास को लंबे समय तक रोक पाना कठिन होता है क्योंकि शरीर को निरंतर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। वायु की उपस्थिति का अनुभव हम पेड़ों की पत्तियों की सरसराहट, कपड़ों के हिलने, पंखे के चलने आदि से कर सकते हैं। चलती हुई वायु को पवन कहते हैं, जो कभी धीमी (बयार) और कभी तेज (आँधी) होती है। पवन की ऊर्जा का उपयोग पवनचक्की के पंखे घुमाने में किया जाता है, जिससे विद्युत उत्पादन संभव होता है। भारत में तमिलनाडु, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पवनचक्की फार्म स्थापित हैं।

  • वायु गैसों का मिश्रण है जिसमें नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि शामिल हैं।
  • ऑक्सीजन शरीर के लिए आवश्यक है, बिना इसके जीवन संभव नहीं।
  • पवन वायु का बहाव है, जो ऊर्जा उत्पन्न करता है।
  • पवनचक्की पवन ऊर्जा से विद्युत उत्पादन करती है।
  • भारत में कई पवनचक्की फार्म हैं जैसे मुफ्तपतल, जैसलमेर और ब्रह्मवेल।
  • 📌 वायु: पृथ्वी के चारों ओर गैसों का मिश्रण।
  • 📌 पवन: चलती हुई वायु।
  • 📌 पवनचक्की: पवन की ऊर्जा से यांत्रिक या विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने वाली मशीन।

11.2 जल

व्याख्या

11.2 जल

जल जीवन का आधार है और हमारे दैनिक जीवन में अनेक कार्यों के लिए आवश्यक है जैसे पीना, खाना बनाना, नहाना, कपड़े धोना, सफाई, खेती और उद्योग। पृथ्वी की सतह का लगभग दो-तिहाई भाग जल से घिरा हुआ है, लेकिन अधिकांश जल समुद्रों और महासागरों में नमकीन होता है। इ

अभ्यास प्रश्नChapter 11

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.आप कितनी देर तक श्वास रोक सकते हैं? जब आप श्वास रोक कर रखते हैं तो आपको कैसा लगता है?

उत्तर:

यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। विद्यार्थी को स्वयं गहरी श्वास लेकर श्वास रोकने का प्रयास करना चाहिए और नोट करना चाहिए कि वे कितनी देर तक श्वास रोक सकते हैं। साथ ही, श्वास रोकते समय अपने शारीरिक अनुभव जैसे सांस फूलना, बेचैनी आदि को भी महसूस करना चाहिए।

व्याख्या:

श्वास रोकने का समय व्यक्ति के फेफड़ों की क्षमता और सहनशक्ति पर निर्भर करता है। श्वास रोकने पर शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है जिससे बेचैनी या असहजता महसूस हो सकती है।

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Q2.क्या आप वायु में उपस्थित कुछ गैसों के नाम बता सकते हैं?

उत्तर:

वायु में उपस्थित गैसों के नाम हैं: नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और सूक्ष्म मात्रा में अन्य गैसें।

व्याख्या:

पृथ्वी की वायु मुख्यतः नाइट्रोजन (78%), ऑक्सीजन (21%), और अन्य गैसों (1%) का मिश्रण होती है।

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Q3.आप क्या देखते हैं? क्या फिरकी घूमती है? जब आप इसे थोड़ा आगे और पीछे चलाते हैं तब यह घूमती है। फिरकी को कौन घुमा रहा है?

उत्तर:

जब आप फिरकी को अपने हाथ में पकड़कर दौड़ते हैं या फूँक मारते हैं, तो फिरकी घूमती है। यह घूमना वायु (पवन) के कारण होता है। पवन की गति से फिरकी के पंख घूमते हैं।

व्याख्या:

फिरकी के पंखों पर वायु का दबाव पड़ता है, जिससे वह घूमने लगती है। यह पवन की ऊर्जा का उपयोग है।

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Q4.अपने दैनिक जीवन में जल के कुछ अन्य उपयोगों के विषय में सोच सकते हैं? अपने विचार नीचे दिये गये रिक्त स्थान में लिखिए।

उत्तर:

जल के दैनिक जीवन में अनेक उपयोग हैं जैसे: पीने के लिए, खाना बनाने के लिए, नहाने के लिए, कपड़े धोने के लिए, सफाई के लिए, फसलें उगाने के लिए, औद्योगिक कार्यों में, पशुओं को पानी देने के लिए, पौधों को पानी देने के लिए आदि।

व्याख्या:

जल जीवन के लिए आवश्यक है और इसका उपयोग अनेक कार्यों में होता है। विद्यार्थी को अपने अनुभव के आधार पर और भी उपयोग लिखने चाहिए।

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Q5.हमें जल कहाँ-कहाँ से प्राप्त होता है? जल के विभिन्न स्रोतों की एक सूची बनाइए।

उत्तर:

जल के स्रोत हैं: महासागर, समुद्र, नदियाँ, झीलें, तालाब, कुँए, भू-जल, हिमनद, बर्फ की चादरें।

व्याख्या:

पृथ्वी पर जल मुख्यतः महासागरों और समुद्रों में होता है जो नमकीन होता है। पीने और घरेलू उपयोग के लिए मीठा जल नदियों, झीलों, कुँओं और भू-जल से प्राप्त होता है।

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Q6.तालिका 11.1 में स्तंभ II एवं स्तंभ III को भरें। तालिका 11.1— दैनिक गतिविधियों में जल की व्यर्थता | स्तंभ I | स्तंभ II | स्तंभ III | | --- | --- | --- | | गतिविधि | जल किस प्रकार व्यर्थ हो रहा है? | जल व्यर्थ होने से रोकने के लिए सुझाए गये उपाय | | 1. हाथ धोना | | | | 2. कपड़े धोना | | | | 3. बर्तन धोना | | | | 4. नहाना | | | | 5. खाना पकाना | | | | 6. बागवानी | | | | 7. दाँत साफ करना | | |

उत्तर:

स्तंभ II और III के उदाहरण उत्तर: 1. हाथ धोना - जल व्यर्थता: नल खुला छोड़ देना, अधिक पानी का उपयोग - उपाय: नल को आवश्यकतानुसार बंद करना, बाल्टी में पानी लेकर हाथ धोना 2. कपड़े धोना - जल व्यर्थता: अधिक पानी का उपयोग, नल खुला छोड़ना - उपाय: बाल्टी में पानी लेकर धोना, नल को बंद रखना 3. बर्तन धोना - जल व्यर्थता: नल खुला छोड़ना, पानी बहने देना - उपाय: बाल्टी में पानी लेकर धोना, नल को बंद रखना 4. नहाना - जल व्यर्थता: नल खुला छोड़ना, लंबे समय तक नहाना - उपाय: बाल्टी में पानी लेकर नहाना, नल को बंद रखना 5. खाना पकाना - जल व्यर्थता: अधिक पानी का उपयोग - उपाय: आवश्यकतानुसार ही पानी का उपयोग करना 6. बागवानी - जल व्यर्थता: अधिक पानी देना, बिना जरूरत के पानी देना - उपाय: सुबह या शाम को पानी देना, पौधों की जरूरत के अनुसार पानी देना 7. दाँत साफ करना - जल व्यर्थता: नल खुला छोड़ना - उपाय: दाँत साफ करते समय नल बंद रखना इस तालिका से निष्कर्ष यह निकलता है कि जल का अपव्यय मुख्यतः नल खुला छोड़ने और आवश्यकता से अधिक पानी उपयोग करने से होता है। जल की बचत के लिए हमें नल को समय पर बंद करना चाहिए और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए।

व्याख्या:

जल की व्यर्थता को रोकने के लिए हमें दैनिक जीवन में सावधानी बरतनी चाहिए जैसे नल को बंद रखना, बाल्टी में पानी लेकर काम करना आदि। इससे जल संरक्षण होगा और जल की बचत होगी।

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Q7.वायु में मुख्यतः कौन-कौन सी गैसें पाई जाती हैं और उनकी प्रतिशत मात्रा क्या है?
A.नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21%, अन्य गैसें 1%
B.ऑक्सीजन 78%, नाइट्रोजन 21%, अन्य गैसें 1%
C.नाइट्रोजन 50%, ऑक्सीजन 48%, अन्य गैसें 2%
D.कार्बन डाइऑक्साइड 78%, ऑक्सीजन 21%, नाइट्रोजन 1%

उत्तर:

नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21%, अन्य गैसें 1%

व्याख्या:

वायु मुख्यतः तीन गैसों का मिश्रण है: नाइट्रोजन लगभग 78%, ऑक्सीजन लगभग 21%, और शेष 1% अन्य गैसें जैसे आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि। यह संघटन पृथ्वी की सतह पर जीवन के लिए आवश्यक है।

Easy
Q8.गहरी श्वास लेने और छोड़ने के श्वास-संबंधी व्यायाम का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव होता है?

उत्तर:

श्वास-संबंधी व्यायाम से फेफड़ों में शुद्ध हवा जाती है जिससे शरीर को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। यह हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और हमें तंदुरुस्त रखता है। उदाहरण के लिए, गहरी श्वास लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

व्याख्या:

श्वास-संबंधी व्यायाम में गहरी श्वास लेने और छोड़ने से फेफड़ों में अधिक ऑक्सीजन पहुंचती है। ऑक्सीजन शरीर के सभी अंगों को ऊर्जा प्रदान करती है। इस व्यायाम से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और ताजगी का अनुभव होता है। यह व्यायाम स्वस्थ रहने में सहायक होता है।

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