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Chapter 11

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Chapter 11अध्ययन नोट्स

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11.1 एक लंब वृत्तीय शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल

व्याख्या

11.1 एक लंब वृत्तीय शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल

इस अनुभाग में हम लंब वृत्तीय शंकु (right circular cone) के पृष्ठीय क्षेत्रफल की अवधारणा को विस्तार से समझेंगे। शंकु एक त्रिविमीय ठोस आकृति है जिसका एक वृत्ताकार आधार होता है और एक शीर्ष बिंदु होता है। लंब वृत्तीय शंकु में, शीर्ष से आधार के केंद्र तक की रेखा आधार के तल के लंबवत होती है। इस प्रकार के शंकु की ऊँचाई (h), आधार की त्रिज्या (r) और तिर्यक ऊँचाई (l) होती है। तिर्यक ऊँचाई वह भुजा है जो शीर्ष से आधार के वृत्त पर किसी भी बिंदु तक जाती है। इस अनुभाग में एक क्रियाकलाप के माध्यम से समझाया गया है कि कैसे एक समकोण त्रिभुज को उसकी एक लंब भुजा के अनुदिश घुमाने पर लंब वृत्तीय शंकु बनता है। इस क्रियाकलाप से शंकु की संरचना और उसकी माप की समझ विकसित होती है। शंकु के पृष्ठीय क्षेत्रफल में दो भाग होते हैं: वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और आधार का क्षेत्रफल। वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल का सूत्र πrl है, जहाँ r आधार की त्रिज्या है और l तिर्यक ऊँचाई। आधार का क्षेत्रफल πr² होता है। अतः कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल πr(l + r) होता है। पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार, l² = r² + h² होता है, जिससे तिर्यक ऊँचाई l ज्ञात की जा सकती है। इस अनुभाग में उदाहरणों के माध्यम से इन सूत्रों का प्रयोग विस्तार से किया गया है, जैसे कि शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना, कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना, और वास्तविक जीवन की वस्तुओं जैसे भुट्टे के दानों की संख्या ज्ञात करना। इस अनुभाग में छात्रों को शंकु की भौतिक संरचना, उसकी माप, और पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना के लिए आवश्यक सूत्रों की गहन समझ विकसित होती है।

  • लंब वृत्तीय शंकु की ऊँचाई, त्रिज्या और तिर्यक ऊँचाई की परिभाषा।
  • शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल का सूत्र πrl है।
  • शंकु के आधार का क्षेत्रफल πr² होता है।
  • कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल πr(l + r) होता है।
  • पाइथागोरस प्रमेय से तिर्यक ऊँचाई l = √(r² + h²) ज्ञात होती है।
  • वास्तविक जीवन के उदाहरणों से सूत्रों का प्रयोग।
  • 📌 लंब वृत्तीय शंकु: ऐसा शंकु जिसका शीर्ष आधार के केंद्र से लंबवत हो।
  • 📌 ऊँचाई (h): शीर्ष से आधार के केंद्र तक की लंबवत दूरी।
  • 📌 त्रिज्या (r): आधार वृत्त की त्रिज्या।

11.2 गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल

व्याख्या

11.2 गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल

इस अनुभाग में गोले (sphere) की परिभाषा, उसकी त्रिज्या और पृष्ठीय क्षेत्रफल की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। गोला एक त्रिविमीय ठोस आकृति है जिसमें सभी बिंदु एक निश्चित केंद्र से समान दूरी पर होते हैं। इसे वृत्त के घुमाव से प्राप्त किया जाता है। क्रियाकलाप के माध्यम से समझाया गया है कि कैसे एक गोले पर डोरी लपेटकर और फिर उसी डोरी को वृत्तों पर रखकर यह पता चलता है कि गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल चार वृत्तों के क्षेत्रफल के बराबर होता है। इस प्रयोग से यह निष्कर्ष निकाला गया कि गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πr² होता है, जहाँ r गोले की त्रिज्या है। इसके बाद अर्धगोले (hemisphere) की चर्चा की गई है, जो गोले का आधा भाग होता है। अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πr² होता है और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (जिसमें आधार भी शामिल है) 3πr² होता है। इस अनुभाग में विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से गोले और अर्धगोले के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना की गई है, जैसे 7 cm त्रिज्या वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल, 21 cm त्रिज्या वाले अर्धगोले का वक्र और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल, और सर्कस में मोटरसाइकिल सवार के लिए गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल। यह अनुभाग छात्रों को गोले और अर्धगोले की संरचना, उनके पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र, और व्यावहारिक जीवन में इनके उपयोग की समझ प्रदान करता है।

  • गोला एक त्रिविमीय आकृति है जिसका प्रत्येक बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होता है।
  • गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πr² होता है।
  • अर्धगोला गोले का आधा भाग होता है।
  • अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πr² और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 3πr² होता है।
  • डोरी लपेटने के क्रियाकलाप से पृष्ठीय क्षेत्रफल का व्यावहारिक प्रमाण।
  • वास्तविक जीवन के उदाहरणों से सूत्रों का प्रयोग।
  • 📌 गोला (Sphere): एक त्रिविमीय आकृति जिसके सभी बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होते हैं।
  • 📌 त्रिज्या (r): गोले के केंद्र से सतह तक की दूरी।
  • 📌 अर्धगोला (Hemisphere): गोले का आधा भाग।

11.3 लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन

व्याख्या

11.3 लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन

इस अनुभाग में लंब वृत्तीय शंकु के आयतन की अवधारणा को समझाया गया है। शंकु और बेलन की तुलना के माध्यम से यह बताया गया है कि यदि दोनों की आधार त्रिज्या और ऊँचाई समान हो, तो शंकु का आयतन बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है। यह निष्कर्ष एक प्रयोग द्वारा प्र

अभ्यास प्रश्नChapter 11

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.यदि दो समांतर चतुर्भुज (parallelogram) एक ही आधार (base) और एक ही समांतर रेखाओं (parallel lines) के बीच स्थित हैं तो उनके क्षेत्रफलों (areas) का अनुपात _______ है।
A.1:2
B.1:3
C.1:1
D.3:1

उत्तर:

1:1

व्याख्या:

[{"id": "6f1ca8cc-d1ff-4f8f-bd6d-a641e0a2a38a", "type": "html", "value": " हम जानते हैं कि एक ही आधार (base) और एक ही समांतर रेखाओं (parallel lines) के बीच स्तिथ समांतर चतुर्भुज (parallelogram) क्षेत्रफल (area) में बराबर होते है। तो, उनके क्षेत्रफलों (areas) का अनुपात 1: 1 है। "}]

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Q2.यदि एक त्रिभुज और एक समांतर चतुर्भुज (parallelogram) एक ही आधार (base) और एक ही समांतर रेखाओं (parallel lines) के बीच स्तिथ हैं, तो त्रिभुज के क्षेत्रफल (area) और समांतर चतुर्भुज (parallelogram) के क्षेत्रफल का अनुपात ______ है।
A.1:3
B.1:2
C.2:1
D.1:4

उत्तर:

1:2

व्याख्या:

[{"id": "4652fee4-e187-4f86-8915-66bf37bfee0c", "type": "html", "value": " हम जानते हैं कि जब एक समांतर चतुर्भुज (parallelogram) और एक त्रिभुज (triangle) एक ही आधार (base) और एक ही समांतर रेखाओं (parallel lines) के बीच स्थित होते हैं, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल (area) समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है। त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 x समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल (area) त्रिभुज का क्षेत्रफल / समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = 1/2 "}]

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Q3.एक वृत्त के केंद्र से होकर जाने वाली रेखा जो वृत्त की जीवा (chord) को _________वह जीवा पर लंबवत होती है।
A.तीन भागों में विभाजित (trisect) करती है
B.संपाती (coincide) होती है।
C.समद्विभाजित (bisect) करती है।
D.उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर:

समद्विभाजित (bisect) करती है।

व्याख्या:

[{"id": "b67e5a61-e1d9-496c-a07d-5e169e820258", "type": "html", "value": " ऐसी रेखा जो किसी वृत्त के केंद्र से होकर जाती है और जीवा को समद्विभाजित करती है वह जीवा पर लंब होती है। "}]

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Q4.वृत्त के केंद्र से समान दूरी पर स्थित जीवाओं (chords) की लंबाई _______होती है।
A.आधी (Half)
B.बराबर (Equal)
C.दोगुनी (Double)
D.उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर:

बराबर (Equal)

व्याख्या:

[{"id": "b4370d1e-c54d-4e1d-8e75-516205e3af7f", "type": "html", "value": " "}]

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Q5.दिया गया है कि C, O केंद्र वाला एक वृत्त है। AB एक जीवा (chord) इस प्रकार है कि OP, AB पर लंब (perpendicular) है। तो, ___________
A.AP > AB
B.OP = AP
C.AP = PB
D.उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर:

AP = PB

व्याख्या:

[{"id": "64880b88-24c5-4fc7-82f2-88edc7a9c47a", "type": "html", "value": " C केंद्र O वाला एक वृत्त है । AB एक जीवा इस प्रकार है कि OP, AB पर लंब है। इसलिए AP = PB. "}]

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Q6.PQ एक वृत्त का व्यास है और PS एक जीवा है। यदि PQ = 34 cm, PS = 30 cm, तो PS की वृत्त के केंद्र से दूरी ________होगी।
A.10 cm
B.12 cm
C.8 cm
D.6 cm

उत्तर:

8 cm

व्याख्या:

[{"id": "cc9e860b-f475-4521-8262-be2e82934c5b", "type": "html", "value": " केंद्र से डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है इसलिए, PM = MS = 1/2 PS = 1/2 x 30 = 15 cm समकोण△OMP में, OP² = OM² + MP² (17)² = OM² + (15)² ......(चूंकि, OP = त्रिज्या (radius) = 17 cm) 289 = OM² + 225 OM² = 289 - 225 OM² = 64 OM = √64 OM = 8 cm "}]

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Q7.एक अर्धगोले (hemisphere) की वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (curved surface area) ______ है।
A.4𝜋r²
B.6𝜋r²
C.2𝜋r²
D.2𝜋r³

उत्तर:

2𝜋r²

व्याख्या:

[{"id": "aa10bd6b-7ea0-4c61-bdf7-cb402628cd53", "type": "html", "value": " एक अर्धगोले (hemisphere) की वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved surface area) 2𝜋r² है। "}]

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Q8.अर्धगोलाकार (hemispherical) कटोरे का पृष्ठीय क्षेत्रफल (surface area) ज्ञात कीजिए जिसकी त्रिज्या (radius) 12 cm है? (𝜋 =3.14)
A.1356.48 cm²
B.1352.33 cm²
C.1254.33 cm²
D.1456.12 cm²

उत्तर:

1356.48 cm²

व्याख्या:

[{"id": "68f76cce-de0b-4ec1-99fa-e1015addcc5f", "type": "html", "value": " कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total surface area) = 3𝜋r² = 3 x 𝜋 x 12 x 12 = 3 x 3.14 x 12 x 12 = 1356.48 cm² "}]

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