Chapter 10
Chapter 10 — अध्ययन नोट्स
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10 प्रमुख घराने
परिभाषा10 प्रमुख घराने
भारतीय शास्त्रीय संगीत में 'घराना' शब्द का अर्थ एक परिवार या कुटुंब से है, जो संगीत की शिक्षा, गायन या वादन की विशिष्ट शैली, अनुशासन और परंपराओं को संरक्षित करता है। घराने संगीत की परंपरागत रीति-रिवाजों, मर्यादाओं और अनुशासन का पालन करते हुए अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान का संरक्षण करते हैं। संगीत के संदर्भ में, घराना केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से संगीत की विशिष्ट शैली और तकनीक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचारित करता है। मध्यकालीन सामाजिक परिस्थितियों के कारण ये घराने विकसित हुए और संगीत की पारंपरिक विशेषताओं को सुरक्षित रखने का कार्य किया। गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत तीन पीढ़ियों तक किसी गुरु की गायकी की विशेषताएँ उभरने पर ही कोई घराना स्थापित माना जाता है। इस प्रकार, घराने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा के संरक्षक और संवर्धक हैं।
- घराना परिवार या कुटुंब की संगीत परंपरा को दर्शाता है।
- यह परंपरागत रीति-रिवाज, अनुशासन और मर्यादाओं का पालन करता है।
- गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से संगीत की शैली पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचारित होती है।
- मध्यकालीन सामाजिक परिस्थितियों ने घरानों के विकास में भूमिका निभाई।
- तीन पीढ़ियों तक विशिष्ट गायकी की पहचान पर घराना स्थापित होता है।
- घराने भारतीय शास्त्रीय संगीत की शुद्धता और संरक्षण में महत्वपूर्ण हैं।
- 📌 घराना: संगीत की विशिष्ट पारिवारिक या गुरु-शिष्य परंपरा।
- 📌 गुरु-शिष्य परंपरा: संगीत शिक्षा की पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक विधि।
प्रमुख घरानों का इतिहास और उत्पत्ति
व्याख्याप्रमुख घरानों का इतिहास और उत्पत्ति
भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रमुख घरानों की उत्पत्ति मध्यकालीन भारत में हुई। इस काल में संगीत शिक्षा मुख्यतः गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से दी जाती थी। प्रत्येक घराने की अपनी विशिष्ट गायकी या वादन शैली होती थी, जो उस क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक परिस्थितियों से प्रभावित होती थी। अंग्रेजों के शासनकाल में रियासतों के टूटने के बाद संगीतकार जनसाधारण के संपर्क में आने लगे, जिससे घरानों की लोकप्रियता और विस्तार हुआ। घरानों का नाम उनके संस्थापक गुरु, निवास स्थान या संबंधित रियासत के नाम पर रखा गया। एक घराना तब तक स्थापित नहीं माना जाता जब तक कि उसकी गायकी की विशिष्टताएँ तीन पीढ़ियों तक स्पष्ट रूप से प्रकट न हों। इस प्रकार, घरानों ने संगीत की शुद्धता, वंशानुगत संरक्षण और मौखिक प्रवाहशीलता को सुरक्षित रखा।
- मध्यकालीन भारत में घरानों का विकास हुआ।
- गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से संगीत की शिक्षा दी जाती थी।
- अंग्रेजी शासन के दौरान रियासतों के टूटने से घरानों का विस्तार हुआ।
- घरानों के नाम संस्थापक गुरु या निवास स्थान पर आधारित होते हैं।
- तीन पीढ़ियों तक विशिष्ट गायकी की पहचान आवश्यक होती है।
- घराने संगीत की शुद्धता और मौखिक प्रवाहशीलता के संरक्षक हैं।
- 📌 गुरु-शिष्य परंपरा: मौखिक संगीत शिक्षा की प्रणाली।
- 📌 रियासत: मध्यकालीन भारत के शासकीय क्षेत्र।
ग्वालियर घराना
व्याख्याग्वालियर घराना
ग्वालियर घराना हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का एक प्राचीन और प्रमुख घराना है। इसके जन्मदाता हट्टू खाँ और हस्सू खाँ थे, जिनके दादा नत्थन पीर बख्श माने जाते हैं। इस घराने की गायकी सरलता, स्पष्टता और सहजता के लिए प्रसिद्ध है। ग्वालियर घराने की गायकी में
अभ्यास प्रश्न — Chapter 10
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.1. घराने को पारिभाषित कीजिए। 2. संगीत में गायन व वादन के प्रमुख घरानों का नाम दीजिए। 3. ग्वालियर घराने के संस्थापक कौन थे? 4. आगरा घराने की विशेषताओं का ग्वालियर घराने की विशेषताओं से मेल खाने का प्रमुख कारण क्या है? 5. दिल्ली घराने की स्थापना किसने की थी? 6. भूपत खाँ का उपनाम क्या है? यह किस घराने के जन्मदाता है? 7. अलिया फत्तू ने किस घराने का प्रचार-प्रसार किया? 8. रामपुर-सहसवान घराने की स्थापना किसने की? 9. वाद्य-यंत्र सितार व सुरबहार का सुप्रसिद्ध घराना कौन-सा है? 10. हिंदुस्तानी संगीत में घरानों के महत्व को विस्तार से समझाइए। 11. ग्वालियर घराने की गायकी की विशेषताओं को समझाते हुए इस घराने के प्रमुख कलाकारों के नाम लिखिए। 12. आगरा घराने के प्रवर्तक कौन थे? इस घराने की गायकी की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? 13. किराना घराने के प्रतिनिधियों के नाम दीजिए। इस घराने की गायकी की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। 14. दिल्ली घराने का सविस्तार वर्णन करिए। 15. पंजाब में विकसित घराने की विशेषताएँ बताइए। 16. सितार वादन के क्षेत्र में सेनिया घराने के योगदान पर प्रकाश डालिए। 17. कौन-सा घराना ग्वालियर घराने का उपघराना माना जाता है? इस घराने की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
1. घराना: संगीत में घराना एक पारंपरिक शैली या स्कूल होता है जो किसी विशेष क्षेत्र, गुरु-शिष्य परंपरा या परिवार से जुड़ा होता है। यह गायन या वादन की विशिष्ट तकनीक, शैली और रचनात्मकता को दर्शाता है। 2. प्रमुख घराने: ग्वालियर, आगरा, दिल्ली, किराना, पंजाब, पटियाला, रामपुर-सहसवान, सेनिया आदि। 3. ग्वालियर घराने के संस्थापक: स्वामी हरिदास को ग्वालियर घराने का संस्थापक माना जाता है। 4. आगरा और ग्वालियर घराने की विशेषताओं का मेल: दोनों घरानों में ध्रुपद और ख्याल गायन की परंपरा है, और दोनों में गायक की स्पष्टता, लयबद्धता और भावपूर्ण प्रस्तुति पर जोर दिया जाता है। 5. दिल्ली घराने की स्थापना: बंदे अली खाँ ने दिल्ली घराने की स्थापना की। 6. भूपत खाँ का उपनाम: मनरंग। वे दिल्ली घराने के जन्मदाता हैं। 7. अलिया फत्तू ने पटियाला घराने का प्रचार-प्रसार किया। 8. रामपुर-सहसवान घराने की स्थापना: उस्ताद अलाउद्दीन खान ने की। 9. सितार व सुरबहार का सुप्रसिद्ध घराना: सेनिया घराना। 10. घरानों का महत्व: घराने संगीत की परंपरा, शैली, तकनीक और रचनात्मकता को संरक्षित करते हैं। वे गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से संगीत की विरासत को आगे बढ़ाते हैं। घराने संगीत को विविधता और विशिष्टता प्रदान करते हैं। 11. ग्वालियर घराने की विशेषताएँ और प्रमुख कलाकार: स्पष्टता, सरलता, भावपूर्ण गायन। प्रमुख कलाकारों में उस्ताद फैयाज खान, उस्ताद नुसरत फैयाज खान आदि शामिल हैं। 12. आगरा घराने के प्रवर्तक: उस्ताद फैयाज खान। विशेषताएँ: ठोस लयबद्धता, ध्रुपद शैली का प्रभाव, भावपूर्ण प्रस्तुति। 13. किराना घराने के प्रतिनिधि: उस्ताद अमीर खां, उस्ताद गुलाम अली खान। विशेषताएँ: मधुरता, विस्तारपूर्ण अलंकार, धीमी गति में भावपूर्ण गायन। 14. दिल्ली घराने का वर्णन: बंदे अली खाँ द्वारा स्थापित, ध्रुपद और ख्याल शैली का मिश्रण, भावपूर्ण और तकनीकी गायन। 15. पंजाब घराने की विशेषताएँ: तेज और ऊर्जावान गायन, ठुमरी और ख्याल का समावेश। 16. सेनिया घराने का योगदान: सितार वादन में तकनीकी और रचनात्मक नवाचार, संगीत के शास्त्रीय स्वरूप को संरक्षित किया। 17. ग्वालियर घराने का उपघराना: आगरा घराना। विशेषताएँ: ध्रुपद शैली का प्रभाव, भावपूर्ण और लयबद्ध गायन।
व्याख्या:
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर संबंधित घराने, उनके संस्थापक, विशेषताएँ और योगदान के आधार पर विस्तार से दिया गया है। घरानों की स्थापना, शैली, प्रमुख कलाकार और संगीत में उनका महत्व समझाया गया है।
Q2.1. बालकृष्ण बुआइचल करंजीकर के शिष्य कौन हैं? (क) अमृत सेन (ख) कुमार गंधर्व (ग) मीरा बैनर्जी (घ) पंडित विष्णु दिगम्बर पलुस्कर 2. गंगूबाई हंगल किस घराने से संबंधित हैं? (क) ग्वालियर घराना (ख) पटियाला घराना (ग) आगरा घराना (घ) किराना घराना 3. अली बख्श के पुत्र कौन थे? (क) नत्थन खाँ (ख) छज्जू खाँ (ग) गुलाम गौस खाँ (घ) बड़े गुलाम अली खाँ 4. मनरंग किसका उपनाम है? (क) रजब अली खाँ (ख) भूपत खाँ (ग) तानरस खाँ (घ) नसीर अहमद खाँ 5. दिलीपचन्द्र बेदी का संबंध किस घराने से है? (क) आगरा घराना (ख) जयपुर घराना (ग) पटियाला घराना (घ) दिल्ली घराना 6. बंदे अली खाँ किस घराने के प्रवर्तक हैं? (क) दिल्ली घराना (ख) सेनिया घराना (ग) किराना घराना (घ) ग्वालियर घराना 7. सुरबहार वाद्य के लिए प्रसिद्ध घराना— (क) पटियाला घराना (ख) सेनिया घराना (ग) अतरौली घराना (घ) ग्वालियर घराना
उत्तर:
1. पंडित विष्णु दिगम्बर पलुस्कर बालकृष्ण बुआइचल करंजीकर के शिष्य थे। अतः सही उत्तर (घ) है। 2. गंगूबाई हंगल ग्वालियर घराने से संबंधित थीं। अतः सही उत्तर (क) है। 3. अली बख्श के पुत्र बड़े गुलाम अली खाँ थे। अतः सही उत्तर (घ) है। 4. मनरंग भूपत खाँ का उपनाम है। अतः सही उत्तर (ख) है। 5. दिलीपचन्द्र बेदी का संबंध दिल्ली घराने से है। अतः सही उत्तर (घ) है। 6. बंदे अली खाँ दिल्ली घराने के प्रवर्तक हैं। अतः सही उत्तर (क) है। 7. सुरबहार वाद्य के लिए प्रसिद्ध घराना अतरौली घराना है। अतः सही उत्तर (ग) है।
व्याख्या:
प्रत्येक प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन संबंधित घराने और कलाकारों के इतिहास के आधार पर किया गया है।
Q3.भारतीय शास्त्रीय संगीत में 'घराना' शब्द का क्या अर्थ है और यह संगीत की शिक्षा में किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
घराना एक परिवार या कुटुंब होता है जो संगीत की विशिष्ट शैली, अनुशासन और परंपराओं को संरक्षित करता है। यह गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से संगीत की शैली और तकनीक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचारित करता है। उदाहरण के लिए, ग्वालियर घराना अपनी गायकी की स्पष्टता और सरलता के लिए प्रसिद्ध है।
व्याख्या:
घराना शब्द का अर्थ परिवार या कुटुंब होता है जो संगीत की परंपरागत रीति-रिवाजों, मर्यादाओं और अनुशासन का पालन करता है। संगीत में यह परंपरागत शैली, अनुशासन और गायकी या वादन की विशिष्ट तकनीक को संरक्षित करता है। गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से यह संगीत की शुद्धता और शैली को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचारित करता है। जैसे ग्वालियर घराना अपनी स्पष्ट और सहज गायकी के लिए जाना जाता है।
Q4.निम्नलिखित में से कौन सा घराना तंत्री वाद्यों की वादन परंपरा से संबंधित है?
उत्तर:
सेनिया घराना
व्याख्या:
सेनिया घराना विशेष रूप से तंत्री वाद्यों जैसे सितार और सुरबहार के लिए प्रसिद्ध है। अन्य घराने मुख्यतः गायन पर केंद्रित हैं।
Q5.ग्वालियर घराने की गायकी की कौन-कौन सी तालें प्रमुख रूप से उपयोग होती हैं?
उत्तर:
ग्वालियर घराने में विलंबित लय में तिलवाड़ा और एकताल तालें प्रमुख हैं, जबकि मध्य लय की रचनाएँ तीनताल में होती हैं।
व्याख्या:
ग्वालियर घराने की गायकी में विलंबित ख्याल में तिलवाड़ा और एकताल का विशेष प्रयोग होता है। इसके अतिरिक्त मध्य लय की रचनाएँ तीनताल में होती हैं। ये तालें इस घराने की गायकी की विशेष पहचान हैं।
Q6.ग्वालियर घराने की गायकी की विशेषताओं में से तीन लिखिए और उनमें से एक का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
ग्वालियर घराने की विशेषताएँ हैं: जोरदार और खुली आवाज़, बंदिश के शब्दों में स्पष्टता, और ध्रुपद अंग के ख्याल। उदाहरण के लिए, बालकृष्ण बुआइचल करंजीकर इस घराने के प्रमुख गायक थे।
व्याख्या:
ग्वालियर घराने की गायकी में जोरदार आवाज़, शब्दों की स्पष्टता और ध्रुपद के अंगों का समावेश होता है। यह घराना सीधी और सपाट तानों तथा बोल तानों में लयकारी के लिए भी प्रसिद्ध है। बालकृष्ण बुआइचल करंजीकर ने इस शैली को लोकप्रिय बनाया।
Q7.आगरा घराने के प्रवर्तक कौन थे और इस घराने की गायकी की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
आगरा घराने के प्रवर्तक हाजी सुजान खाँ थे। इस घराने की प्रमुख विशेषताएँ हैं: नोमतोम का आलाप, बंदिश का लयकारी युक्त गायन, खुली और जोरदार आवाज़, ख्याल के साथ-साथ ध्रुपद-धमार में प्रवीणता, और बोल तानों में कुशलता।
व्याख्या:
आगरा घराने की स्थापना हाजी सुजान खाँ ने की थी। यह घराना ग्वालियर घराने से प्रभावित है। इसकी गायकी में नोमतोम का आलाप और लयकारी युक्त बंदिशें प्रमुख हैं। इसके अलावा ध्रुपद-धमार गायन में भी यह घराना प्रवीण है।
Q8.निम्नलिखित में से कौन-से गायक ग्वालियर घराने से संबंधित हैं?
उत्तर:
पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर, बालकृष्ण बुआइचल करंजीकर, निसार हुसैन खाँ
व्याख्या:
ग्वालियर घराने के प्रमुख गायक पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर, बालकृष्ण बुआइचल करंजीकर और निसार हुसैन खाँ हैं। अन्य विकल्प अन्य घरानों के गायक हैं।
Hindustani Sangeet Gayan Evam Vadan के सभी 10 अध्याय
Sangeet · Class 11