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Chapter 10

🎓 Class 10📖 Ganit📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 14Chapter 12

Chapter 10अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

10.1 भूमिका

व्याख्या

10.1 भूमिका

इस खंड में हम वृत्त की मूलभूत परिभाषा और एक तल में स्थित वृत्त तथा रेखा की विभिन्न संभावित स्थितियों का अध्ययन करेंगे। कक्षा 9 में आपने जाना था कि वृत्त वह आकृति है जिसमें सभी बिंदु एक नियत बिंदु (जिसे केंद्र कहते हैं) से समान दूरी (जिसे त्रिज्या कहते हैं) पर होते हैं। इस अध्याय की शुरुआत में हम एक वृत्त और एक रेखा PQ की विभिन्न स्थितियों पर विचार करेंगे। रेखा और वृत्त के बीच तीन प्रकार की स्थितियाँ हो सकती हैं: (i) रेखा वृत्त को स्पर्श नहीं करती (अप्रतिच्छेदी रेखा), (ii) रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है (छेदक रेखा), और (iii) रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है (स्पर्श रेखा)। इन स्थितियों को समझना ज्यामिति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये वृत्त और रेखा के बीच संबंधों को स्पष्ट करते हैं।

  • वृत्त के सभी बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होते हैं।
  • वृत्त और रेखा के बीच तीन संभावित संबंध होते हैं: अप्रतिच्छेदी, छेदक, और स्पर्श रेखा।
  • स्पर्श रेखा वह रेखा है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है।
  • छेदक रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है।
  • अप्रतिच्छेदी रेखा वृत्त को किसी भी बिंदु पर नहीं छूती।
  • 📌 वृत्त: एक नियत केंद्र से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का समूह।
  • 📌 त्रिज्या: केंद्र से वृत्त के किसी भी बिंदु तक की दूरी।
  • 📌 स्पर्श रेखा: वह रेखा जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है।

10.2 वृत्त की स्पर्श रखा

व्याख्या

10.2 वृत्त की स्पर्श रखा

इस खंड में हम वृत्त की स्पर्श रेखा की परिभाषा, अस्तित्व, और उसकी विशेषताओं का अध्ययन करेंगे। स्पर्श रेखा वह रेखा होती है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती है, जिसे स्पर्श बिंदु कहते हैं। इस खंड में दो महत्वपूर्ण क्रियाकलाप प्रस्तुत किए गए हैं जो स्पर्श रेखा के अस्तित्व और उसकी विशेषताओं को समझने में सहायक हैं। पहले क्रियाकलाप में एक वृत्ताकार तार और एक सीधा तार AB लिया जाता है, जिसे वृत्त के एक बिंदु P पर इस तरह रखा जाता है कि वह बिंदु P के चारों ओर घूम सके। जैसे-जैसे तार AB को घुमाया जाता है, वह वृत्त को कभी दो बिंदुओं पर काटता है तो कभी केवल एक बिंदु P पर स्पर्श करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसी वृत्त के किसी बिंदु पर एक और केवल एक स्पर्श रेखा होती है। दूसरे क्रियाकलाप में छेदक रेखा PQ के समांतर कई रेखाएँ खींची जाती हैं। इन रेखाओं की जीवा की लंबाई धीरे-धीरे कम होती जाती है और अंततः दो ऐसी रेखाएँ प्राप्त होती हैं जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती हैं, अर्थात् स्पर्श रेखाएँ। इस प्रकार यह सिद्ध होता है कि किसी छेदक रेखा के समांतर दो से अधिक स्पर्श रेखाएँ नहीं होतीं। इसके अतिरिक्त, इस खंड में पहिये की गति के संदर्भ में स्पर्श रेखा की व्यावहारिक उपयोगिता पर भी चर्चा की गई है। क्रियाकलाप 2: कागज पर वृत्त और छेदक रेखा PQ खींचकर उसके समांतर कई रेखाएँ बनाना और उनकी जीवा की लंबाई का अध्ययन करना।

  • स्पर्श रेखा वह रेखा है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है।
  • किसी वृत्त के किसी बिंदु पर एक और केवल एक स्पर्श रेखा होती है।
  • छेदक रेखा के समांतर दो से अधिक स्पर्श रेखाएँ नहीं होतीं।
  • स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु की अवधारणा को दैनिक जीवन में पहिये की गति से जोड़ा जा सकता है।
  • स्पर्श रेखा की स्थिति छेदक रेखा की एक विशेष स्थिति है जब छेदक रेखा के दोनों छोर स्पर्श बिंदु पर संपाती हो जाएं।
  • 📌 स्पर्श रेखा: वह रेखा जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है।
  • 📌 स्पर्श बिंदु: वह बिंदु जहाँ स्पर्श रेखा वृत्त को छूती है।
  • 📌 छेदक रेखा: वह रेखा जो वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है।

प्रमेय 10.1: वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब होती है

व्याख्या

प्रमेय 10.1: वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब होती है

इस खंड में हम प्रमेय 10.1 का अध्ययन करेंगे, जो कहता है कि वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा, उस बिंदु से केंद्र को जोड़ने वाली त्रिज्या पर लंब होती है। इसे सिद्ध करने के लिए, केंद्र O वाला वृत्त और उसके किसी बिंदु P पर स्पर्श रेखा XY ली जाती है। XY

अभ्यास प्रश्नChapter 10

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.1. एक वृत्त की कितनी स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं?

उत्तर:

किसी वृत्त की स्पर्श रेखाओं की संख्या उस बिंदु की स्थिति पर निर्भर करती है। - यदि बिंदु वृत्त के अंदर है, तो कोई स्पर्श रेखा नहीं हो सकती। - यदि बिंदु वृत्त पर है, तो केवल एक स्पर्श रेखा हो सकती है। - यदि बिंदु वृत्त के बाहर है, तो दो स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं।

व्याख्या:

स्पर्श रेखा वह रेखा होती है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है। ऊपर दिए गए नियमों के अनुसार, स्पर्श रेखाओं की संख्या निर्धारित होती है।

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Q2.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (i) किसी वृत्त की स्पर्श रेखा उसे ———— बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करती है। (ii) वृत्त को दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखा को ———— कहते हैं। (iii) एक वृत्त की ———— समांतर स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं। (iv) वृत्त तथा उसकी स्पर्श रेखा के उभयनिष्ठ बिंदु को ———— कहते हैं।

उत्तर:

(i) एक (ii) छेदक रेखा (iii) दो (iv) स्पर्श बिंदु

व्याख्या:

स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है, इसलिए (i) एक। वृत्त को दो बिंदुओं पर काटने वाली रेखा को छेदक रेखा कहते हैं। एक वृत्त की अधिकतम दो समांतर स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं। वृत्त और उसकी स्पर्श रेखा के मिलने वाले बिंदु को स्पर्श बिंदु कहते हैं।

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Q3.3. 5 सेमी क्रिया वाले एक वृत्त के बिंदु P पर स्पर्श रेखा PQ केंद्र O से जाने वाली एक रेखा से बिंदु Q पर इस प्रकार मिलती है कि OQ = 12 सेमी। PQ की लंबाई है: (A) 12 सेमी (B) 13 सेमी (C) 8.5 सेमी (D) $\sqrt{119}$ सेमी
A.A) 12 सेमी
B.B) 13 सेमी
C.C) 8.5 सेमी
D.D) $\sqrt{119}$ सेमी

उत्तर:

हल: यहाँ O केंद्र है, PQ स्पर्श रेखा है, और OQ = 12 सेमी दिया है। स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच कोण 90° होता है। अतः त्रिभुज OPQ में, OQ ⊥ PQ है। त्रिज्या OP = 5 सेमी है। त्रिभुज OPQ में पाइथागोरस प्रमेय लगाएँ: PQ² = OP² + OQ² = 5² + 12² = 25 + 144 = 169 PQ = √169 = 13 सेमी अतः सही उत्तर (B) 13 सेमी है।

व्याख्या:

स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच कोण 90° होता है। इसलिए पाइथागोरस प्रमेय लागू होता है। PQ² = OP² + OQ² PQ = 13 सेमी।

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Q4.4. एक वृत्त खींचिए और एक दी गई रेखा के समांतर दो ऐसी रेखाएँ खींचिए कि उनमें से एक स्पर्श रेखा हो तथा दूसरी छेदक रेखा हो।

उत्तर:

हल: 1. सबसे पहले एक वृत्त खींचिए। 2. फिर एक रेखा खींचिए जो वृत्त के बाहर से गुजरती हो। 3. अब उस रेखा के समांतर दो रेखाएँ खींचिए। 4. इनमें से एक रेखा ऐसी होनी चाहिए जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती हो (स्पर्श रेखा)। 5. दूसरी रेखा ऐसी होनी चाहिए जो वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती हो (छेदक रेखा)। इस प्रकार आप एक वृत्त के लिए एक स्पर्श रेखा और एक छेदक रेखा, जो एक ही दिशा में (समांतर) हों, बना सकते हैं।

व्याख्या:

स्पर्श रेखा वह रेखा होती है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है, जबकि छेदक रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है। दोनों रेखाएँ एक ही दिशा में हो सकती हैं, अर्थात् समांतर।

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Q5.1. एक बिंदु Q से एक वृत्त पर स्पर्श रेखा की लंबाई 24 cm तथा Q की केंद्र से दूरी 25 cm है। वृत्त की त्रिज्या है: (A) 7 cm (B) 12 cm (C) 15 cm (D) 24.5 cm
A.A) 7 cm
B.B) 12 cm
C.C) 15 cm
D.D) 24.5 cm

उत्तर:

स्पर्श रेखा की लंबाई = 24 cm, केंद्र से बिंदु Q की दूरी = 25 cm। स्पर्श रेखा की लंबाई = √(OQ² - r²), जहाँ r = त्रिज्या। 24 = √(25² - r²) 24² = 625 - r² 576 = 625 - r² r² = 625 - 576 = 49 r = 7 cm अतः वृत्त की त्रिज्या 7 cm है।

व्याख्या:

स्पर्श रेखा की लंबाई और केंद्र से बिंदु की दूरी ज्ञात होने पर त्रिज्या निकालने के लिए, स्पर्श रेखा = √(OQ² - r²) सूत्र का उपयोग करें। यहाँ OQ = 25 cm, स्पर्श रेखा = 24 cm। 24² = 25² - r² r² = 625 - 576 = 49 r = 7 cm।

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Q6.2. आकृति 10.11 में, यदि TP, TQ केंद्र O वाले किसी वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ इस प्रकार हैं कि ∠POQ = 110°, तो ∠PTQ बराबर है: (A) 60° (B) 70° (C) 80° (D) 90°
A.A) 60°
B.B) 70°
C.C) 80°
D.D) 90°

उत्तर:

वृत्त के केंद्र O पर ∠POQ = 110° है। स्पर्श रेखाओं के स्पर्श बिंदुओं P और Q को मिलाने वाले रेखाखंड POQ के कोण का व्यास कोण होता है। स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण ∠PTQ = 1/2 (∠POQ) = 110°/2 = 55° नहीं होगा क्योंकि स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण केंद्र पर बने कोण का पूरक होता है। स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण = 180° - 110° = 70° अतः ∠PTQ = 70°।

व्याख्या:

स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण, केंद्र पर बने कोण का पूरक होता है। इसलिए ∠PTQ = 180° - ∠POQ = 180° - 110° = 70°।

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Q7.3. यदि एक बिंदु P से O केंद्र वाले किसी वृत्त पर PA, PB स्पर्श रेखाएँ परस्पर 80° के कोण पर झुकी हों, तो ∠POA बराबर है: (A) 50° (B) 60° (C) 70° (D) 80°
A.A) 50°
B.B) 60°
C.C) 70°
D.D) 80°

उत्तर:

स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण = 80° है। स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण, केंद्र पर बने कोण का पूरक होता है। अर्थात्, ∠AOB + 80° = 180° ∠AOB = 100° त्रिभुज OAP में, OA और OB त्रिज्या हैं, अतः OA = OB। इसलिए, ∠POA = ∠PBO = x ∠AOB = 2x = 100° तो, x = 50° अतः ∠POA = 50°।

व्याख्या:

स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण और केंद्र पर बने कोण पूरक होते हैं। इसलिए, ∠AOB = 180° - 80° = 100°। त्रिभुज OAP में OA = OB, इसलिए ∠POA = ∠PBO = 50°।

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Q8.4. सिद्ध कीजिए कि किसी वृत्त के किसी व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ समांतर होती हैं।

उत्तर:

व्यास AB के सिरों पर स्पर्श रेखाएँ खींची गई हैं। व्यास AB के केंद्र को O मानते हैं। व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ AB के दोनों सिरों पर वृत्त के स्पर्श बिंदु हैं। स्पर्श रेखा हमेशा त्रिज्या के लंब होती है। इसलिए, स्पर्श रेखा A पर OA के लंब है और स्पर्श रेखा B पर OB के लंब है। चूंकि OA और OB व्यास के दो सिरों को जोड़ने वाली रेखा है, OA और OB एक सीधी रेखा में हैं और विपरीत दिशा में हैं। इसलिए, स्पर्श रेखाएँ एक-दूसरे के समानांतर होंगी।

व्याख्या:

स्पर्श रेखाएँ त्रिज्या के लंब होती हैं। व्यास के दोनों सिरों पर त्रिज्या विपरीत दिशाओं में होती हैं। इसलिए, स्पर्श रेखाएँ व्यास के सिरों पर समानांतर होती हैं।

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