Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
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रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
व्याख्यारासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
हमारे दैनिक जीवन में अनेक ऐसी घटनाएँ होती हैं जिनमें पदार्थों की प्रकृति और पहचान बदल जाती है। जैसे गर्मियों में खुले दूध का खराब होना, लोहे की वस्तुओं का जंग लगना, अंगूर का किण्वन, भोजन पकाना, शरीर में भोजन का पाचन, और सांस लेना। इन सभी प्रक्रियाओं में पदार्थों के भौतिक और रासायनिक परिवर्तन होते हैं। जब कोई रासायनिक परिवर्तन होता है, तब हम कहते हैं कि एक रासायनिक अभिक्रिया हुई है। रासायनिक अभिक्रिया वह प्रक्रिया है जिसमें एक या अधिक पदार्थ (अभिकारक) आपस में प्रतिक्रिया करके नए पदार्थ (उत्पाद) बनाते हैं। यह परिवर्तन स्थायी होता है और इसमें पदार्थों के अणु या परमाणु पुनः व्यवस्थित होते हैं। उदाहरण स्वरूप, मैग्नीशियम रिबन को जलाने पर वह चमकदार श्वेत लौ के साथ जलता है और मैग्नीशियम ऑक्साइड नामक नए पदार्थ में परिवर्तित हो जाता है। इस प्रक्रिया में मैग्नीशियम और ऑक्सीजन अभिकारक हैं और मैग्नीशियम ऑक्साइड उत्पाद है। इस तरह की अभिक्रिया को संक्षिप्त रूप में रासायनिक समीकरण द्वारा लिखा जाता है। रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों के नामों के स्थान पर उनके रासायनिक सूत्र लिखे जाते हैं और उनके बीच तीर लगाकर अभिक्रिया की दिशा दिखाई जाती है। रासायनिक समीकरण लिखते समय यह आवश्यक होता है कि समीकरण संतुलित हो, अर्थात अभिकारकों और उत्पादों के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान हो। इसका कारण द्रव्यमान संरक्षण का नियम है, जो कहता है कि किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का निर्माण या विनाश नहीं होता। इसलिए समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, जिंक और सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट और हाइड्रोजन गैस बनती है, जिसका समीकरण Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2 है और यह समीकरण संतुलित है क्योंकि दोनों ओर सभी तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान है। समीकरण संतुलित करने के लिए हम गुणांक लगाते हैं, जो अणुओं की संख्या को दर्शाते हैं, लेकिन सूत्रों को नहीं बदलते। उदाहरण के लिए, Fe + H2O → Fe3O4 + H2 समीकरण को संतुलित करने के लिए हम 3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2 लिखते हैं। इस प्रकार से हम रासायनिक समीकरणों को संतुलित कर अभिक्रिया की सही जानकारी प्राप्त करते हैं। साथ ही, अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्थाएँ भी समीकरण में दर्शाई जा सकती हैं जैसे (s) ठोस, (l) द्रव, (g) गैस, और (aq) जलीय विलयन। इससे अभिक्रिया की अधिक स्पष्ट जानकारी मिलती है। कभी-कभी अभिक्रिया की विशेष परिस्थितियाँ जैसे ताप, दाब, या उत्प्रेरक भी तीर के ऊपर या नीचे लिखी जाती हैं।
- रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारक नए उत्पाद बनाते हैं।
- रासायनिक समीकरण अभिक्रिया को संक्षिप्त रूप में दर्शाता है।
- समीकरण में अभिकारक और उत्पाद के बीच तीर होता है।
- समीकरण संतुलित होना आवश्यक है ताकि द्रव्यमान संरक्षण सिद्धांत पूरा हो।
- परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होनी चाहिए।
- भौतिक अवस्थाएँ (s), (l), (g), (aq) समीकरण में दर्शाई जा सकती हैं।
- 📌 रासायनिक अभिक्रिया: पदार्थों के बीच ऐसा परिवर्तन जिसमें नए पदार्थ बनते हैं।
- 📌 अभिकारक: वे पदार्थ जो अभिक्रिया में भाग लेते हैं।
- 📌 उत्पाद: अभिक्रिया के परिणामस्वरूप बनने वाले नए पदार्थ।
1.1 रासायनिक समीकरण
व्याख्या1.1 रासायनिक समीकरण
रासायनिक अभिक्रिया को शब्दों में लिखना लंबा और जटिल हो सकता है, इसलिए इसे संक्षिप्त और स्पष्ट रूप में लिखने के लिए रासायनिक समीकरण का उपयोग किया जाता है। रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों के नामों की जगह उनके रासायनिक सूत्र लिखे जाते हैं। अभिकारकों को समीकरण के बाईं ओर और उत्पादों को दाईं ओर लिखा जाता है। इनके बीच तीर का निशान होता है जो अभिक्रिया की दिशा दर्शाता है। उदाहरण के लिए, मैग्नीशियम और ऑक्सीजन की अभिक्रिया को शब्दों में लिखने पर यह होता है: मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड इसे रासायनिक सूत्रों के रूप में लिखा जाता है: Mg + O₂ → MgO यह समीकरण अभी असंतुलित है क्योंकि बाईं ओर ऑक्सीजन के 2 परमाणु हैं जबकि दाईं ओर केवल 1 है। इसलिए समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है। संतुलन का अर्थ है कि अभिकारकों और उत्पादों के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होनी चाहिए। यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुरूप होता है। संतुलित समीकरण लिखने के लिए हम अणुओं के सामने उचित पूर्णांक गुणांक लगाते हैं, जैसे: 2Mg + O₂ → 2MgO यह समीकरण संतुलित है क्योंकि दोनों ओर मैग्नीशियम के 2 परमाणु और ऑक्सीजन के 2 परमाणु हैं। संतुलित रासायनिक समीकरण अभिक्रिया की सही जानकारी प्रदान करता है और रासायनिक अभिक्रिया की गणना, विश्लेषण और अध्ययन में सहायक होता है। इसके अलावा, समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्थाएँ (जैसे ठोस (s), द्रव (l), गैस (g), जलीय (aq)) भी दर्शाई जा सकती हैं, जिससे अभिक्रिया की और स्पष्ट जानकारी मिलती है।
- रासायनिक समीकरण अभिक्रिया को संक्षिप्त रूप में दर्शाता है।
- अभिकारक समीकरण के बाईं ओर और उत्पाद दाईं ओर लिखे जाते हैं।
- तीर अभिक्रिया की दिशा दर्शाता है।
- समीकरण संतुलित होना आवश्यक है ताकि द्रव्यमान संरक्षण सिद्धांत पूरा हो।
- संतुलन के लिए अणुओं के सामने पूर्णांक गुणांक लगाए जाते हैं।
- भौतिक अवस्थाएँ (s), (l), (g), (aq) समीकरण में दर्शाई जा सकती हैं।
- 📌 रासायनिक समीकरण: रासायनिक अभिक्रिया का संक्षिप्त रूप।
- 📌 संतुलन: समीकरण के दोनों ओर तत्वों के परमाणुओं की संख्या बराबर करना।
- 📌 गुणांक: अणुओं के सामने लगने वाली संख्या जो उनकी मात्रा दर्शाती है।
1.1.1 रासायनिक समीकरण लिखना
व्याख्या1.1.1 रासायनिक समीकरण लिखना
रासायनिक समीकरणों को लिखते समय शब्दों की जगह रासायनिक सूत्रों का उपयोग किया जाता है ताकि अभिक्रिया को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया जा सके। उदाहरण के लिए, मैग्नीशियम और ऑक्सीजन की अभिक्रिया को सूत्रों के रूप में इस प्रकार लिखा जाता है: M
अभ्यास प्रश्न — Chapter 1
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.निम्नलिखित अभिक्रिया में उपचयित (oxidised) घटक की पहचान कीजिए : H₂S + Cl₂ ————> S + 2HCl
उत्तर:
H₂S
व्याख्या:
[{"id": "801e0365-1671-4779-88f9-256a908be6aa", "type": "html", "value": " ऐसा इसलिए है क्योंकि H₂S हाइड्रोजन त्याग देता है और हाइड्रोजन के ह्रास का अर्थ है कि यह ऑक्सीकृत हो रहा है। "}]
Q2.इस अभिक्रिया में कौन सा पदार्थ उपचयित होता है और कौन सा अपचयित होता है? SO₂ + 2H₂S ———– > 2H₂O + 3S
उत्तर:
उपचयित पदार्थ: H₂S,अपचयित पदार्थ: SO₂
व्याख्या:
[{"id": "982fab09-f817-4f5d-97a5-32750d8e4618", "type": "html", "value": " चूँकि SO₂ ऑक्सीजन त्याग देता है, यह अपचयित हो जाता है और H₂S हाइड्रोजन त्याग देता है, इसलिए यह उपचयित हो जाता है। "}]
Q3.किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग ___________ कहलाता है।
उत्तर:
उपचयन (oxidation)
व्याख्या:
[{"id": "b5ee90f7-0779-4d4e-b84e-209ed01d9366", "type": "html", "value": " ऑक्सीजन का योग उपचयन कहलाता है। "}]
Q4.किसी पदार्थ में हाइड्रोजन का योग _________ कहलाता है।
उत्तर:
अपचयन
व्याख्या:
[{"id": "1fc5429f-42c0-43d7-bdde-890a51027dd4", "type": "html", "value": " किसी पदार्थ में हाइड्रोजन का योग अपचयन कहलाता है। "}]
Q5.निम्नलिखित अभिक्रिया में उपचयित पदार्थ की पहचान कीजिए : ZnO + C ————> Zn + CO
उत्तर:
C
व्याख्या:
[{"id": "54cdbcb0-69a5-479d-984f-6bb304b15170", "type": "html", "value": " चूँकि C, ऑक्सीजन प्राप्त करता है, इसलिए यह उपचयित हो जाता है। "}]
Q6.हमारे शरीर में भोजन का पाचन किस प्रकार की अभिक्रिया को दर्शाता है ?
उत्तर:
वियोजन (Decomposition)
व्याख्या:
[{"id": "29c93901-252b-429d-a538-ac5334394ba5", "type": "html", "value": " ऐसा इसलिए है क्योंकि भोजन पाचन का अर्थ है भोजन को सूक्ष्म कणों में खंडित करना। "}]
Q7.धातुओं को उनके प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले यौगिकों जैसे ऑक्साइड या क्लोराइड से निष्कर्षण के लिए किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर:
वियोजन
व्याख्या:
[{"id": "030fe664-6b3a-49bb-b1c6-b7f01b4d29f2", "type": "html", "value": " यह वियोजन, विद्युत की सहायता से किया जाता है। "}]
Q8.अभिक्रिया के प्रकार की पहचान कीजिए: CaCO₃ --------> CaO + CO₂
उत्तर:
वियोजन
व्याख्या:
[{"id": "e843adf1-3fd7-4c2f-b7b4-450ce08c10c9", "type": "html", "value": " ऐसा इसलिए है क्योंकि एक एकल यौगिक दो यौगिकों में टूट रहा है। "}]