Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
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1.1 जीव जगत में विविधता
व्याख्या1.1 जीव जगत में विविधता
जीव जगत में विविधता का अर्थ है पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीवों की असंख्य और विविध प्रकार की उपस्थिति। हमारे आस-पास के पर्यावरण में विभिन्न प्रकार के जीव पाए जाते हैं, जैसे कि पौधे, कीट, पक्षी, स्तनधारी, सूक्ष्मजीव आदि। ये जीव विभिन्न आवासों में रहते हैं, जैसे ठंडे पर्वत, गहरे महासागर, मीठे जलाशय, मरुस्थल, और गर्म झरने। जीवों की यह विविधता हमें जीवन के चमत्कार और प्रकृति की अद्भुत रचना का परिचय कराती है। प्रत्येक जीव एक जाति (स्पीशीज) का प्रतिनिधित्व करता है। अब तक लगभग 1.7 से 1.8 मिलियन जातियों का वर्णन हो चुका है, लेकिन अभी भी कई जीव अज्ञात हैं। जीवों के स्थानीय नाम अलग-अलग स्थानों पर भिन्न होते हैं, इसलिए वैज्ञानिक नामकरण प्रणाली का विकास हुआ ताकि सभी जीवों को एक सार्वभौमिक नाम मिल सके। इस नामकरण प्रणाली को द्विपद नाम पद्धति कहा जाता है, जिसमें प्रत्येक जीव का नाम दो भागों में होता है: वंश नाम और जाति संकेत पद। उदाहरण के लिए, आम का वैज्ञानिक नाम मैंजीफेरा इंडिका है, जहाँ मैंजीफेरा वंश नाम है और इंडिका जाति संकेत पद। जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण की प्रक्रिया को वर्गिकी (टैक्सोनॉमी) कहा जाता है। वर्गिकी से जीवों की विशाल विविधता को समझना और अध्ययन करना सरल हो जाता है। वर्गिकी में जीवों को उनके समान गुणों के आधार पर विभिन्न समूहों में बांटा जाता है, जिससे उनकी पहचान और अध्ययन में सुविधा होती है। वर्गिकी का इतिहास मानव के प्रारंभिक काल से जुड़ा है, जब जीवों को उनके उपयोग या बाहरी रूप के आधार पर वर्गीकृत किया जाता था। आधुनिक वर्गिकी में विकासात्मक संबंधों और आणविक स्तर पर समानताओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
- जीव जगत में विविधता का अर्थ है पृथ्वी पर विभिन्न प्रकार के जीवों की उपस्थिति।
- प्रत्येक जीव एक जाति (स्पीशीज) का प्रतिनिधित्व करता है।
- वैज्ञानिक नामकरण प्रणाली (द्विपद नाम पद्धति) से जीवों को सार्वभौमिक नाम दिया जाता है।
- वर्गिकी जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण की प्रक्रिया है।
- वर्गिकी से जीवों की विशाल विविधता को समझना और अध्ययन करना सरल होता है।
- आधुनिक वर्गिकी में विकासात्मक संबंधों को भी ध्यान में रखा जाता है।
- 📌 जाति (स्पीशीज): जीवों का वह समूह जिसमें समान गुण होते हैं।
- 📌 वंश (जीनस): संबंधित जातियों का समूह।
- 📌 द्विपद नाम पद्धति: जीवों को दो शब्दों में नामित करने की प्रणाली।
1.2 वर्गिकी संवर्ग
व्याख्या1.2 वर्गिकी संवर्ग
वर्गिकी संवर्ग जीवों को उनके समान गुणों के आधार पर पदानुक्रम में वर्गीकृत करने की प्रणाली है। इसमें जीवों को विभिन्न स्तरों पर समूहित किया जाता है, जिन्हें संवर्ग या टैक्सॉन कहा जाता है। प्रत्येक संवर्ग जीवों के एक समूह को दर्शाता है जिनमें कुछ समान लक्षण होते हैं। वर्गिकी संवर्ग की प्रणाली में सबसे निचला स्तर जाति (स्पीशीज) होता है, जिसमें अत्यधिक समानता होती है, और सबसे उच्चतम स्तर जगत (किंगडम) होता है, जिसमें जीवों का सबसे व्यापक समूह होता है। वर्गिकी संवर्ग के प्रमुख स्तर हैं: जाति (स्पीशीज), वंश (जीनस), कुल (फैमिली), गण (आर्डर), वर्ग (क्लास), संघ (फाइलम) या भाग (डिविजन), और जगत (किंगडम)। प्रत्येक स्तर पर जीवों के समूह उनके समान गुणों के आधार पर व्यवस्थित होते हैं। उदाहरण के लिए, कीट वर्ग में ऐसे जीव आते हैं जिनके तीन जोड़ी संधिपाद होते हैं। इसी प्रकार, मानव का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियंस है, जहाँ होमो वंश है और सेपियंस जाति। वर्गिकी संवर्ग की यह पदानुक्रम प्रणाली जीवों के अध्ययन को व्यवस्थित और सरल बनाती है। इससे जीवों के बीच समानताओं और विभिन्नताओं को समझना आसान होता है। वर्गिकी संवर्ग की इस प्रणाली में प्रत्येक जीव को उसके उचित स्थान पर रखा जाता है, जिससे जैविक विविधता का वैज्ञानिक अध्ययन संभव होता है।
- वर्गिकी संवर्ग जीवों को समान गुणों के आधार पर समूहित करता है।
- प्रमुख संवर्ग हैं: जाति, वंश, कुल, गण, वर्ग, संघ/भाग, और जगत।
- जाति सबसे निचला और जगत सबसे उच्चतम संवर्ग है।
- प्रत्येक संवर्ग जीवों के समूह को दर्शाता है जिनमें समान लक्षण होते हैं।
- वर्गिकी संवर्ग की पदानुक्रम प्रणाली जीवों के अध्ययन को सरल बनाती है।
- वर्गिकी संवर्ग से जीवों के बीच समानता और भिन्नता समझी जाती है।
- 📌 संवर्ग (टैक्सॉन): जीवों का वह समूह जिसमें समान लक्षण होते हैं।
- 📌 जाति (स्पीशीज): सबसे निचला संवर्ग जिसमें अत्यधिक समानता होती है।
- 📌 वंश (जीनस): संबंधित जातियों का समूह।
जाति (स्पीशीज)
परिभाषाजाति (स्पीशीज)
जाति (स्पीशीज) जीवों का वह समूह है जिसमें समान प्रकार के जीव होते हैं जो आकार, संरचना, व्यवहार, और आनुवंशिक गुणों में समान होते हैं। जाति को जीवों का सबसे बुनियादी और सबसे निचला वर्गीकरण इकाई माना जाता है। एक जाति के सभी सदस्य आपस में प्रजनन कर सकते
अभ्यास प्रश्न — Chapter 1
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.अगार(AGAR) व्यावसायिक रूप से प्राप्त होता है
उत्तर:
ख) लाल शैवाल
Q2.2. कुंजी पौधों और जानवरों की पहचान के लिए उपयोग की जाने वाली एक सहायक है जो आधारित हैं
उत्तर:
घ) समानता और असमानता।
Q3.4. कैरोलस लिनिअस को किस के लिए स्वीकार किया जाता है?क) द्विपद नामकरणख) फिलोजेनी का सिद्धांतग) प्रजाति शब्द गढ़ाघ) प्रस्तावित पांच राज्य वर्गीकरण।
उत्तर:
क) द्विपद नामकरण
Q4.8. निम्नलिखित में से कौन सा जीव अपनी वर्गीकरण श्रेणी के साथ सही ढंग से मेल नहीं खाता है?
उत्तर:
घ) मक्खी मुस्का – आर्डर
Q5.1. प्रकृतिवादी चमगादड़ के व्यवहार का अध्ययन करना चाहते थे। निम्नलिखित में से कौन सी संदर्भ सामग्री उन्हें उपयुक्त जानकारी प्रदान करेगी?
उत्तर:
ख) एकालाप
Q6.3. पश्चिमी घाट में पाए जाने वाले मेंढक की एक नई प्रजाति का नाम निम्नलिखित में से किस संगठन द्वारा रखा जाएगा: -
उत्तर:
क) ICZN
Q7.6. प्रजनन जीवित जीवों की एक सर्व-समावेशी परिभाषित विशेषता नहीं हो सकती, क्योंकि-
उत्तर:
घ) बाँझ कार्यकर्ता मधुमक्खियों का प्रजनन नहीं होता है।
Q8.7. टैक्सोनॉमिक श्रेणियों का अनुक्रम है
उत्तर:
ग) श्रेणी-वर्ग-क्रम-परिवार-जनजाति-जीनस-प्रजातियाँ।
Jeev Vigyan के सभी 19 अध्याय
Biology · Class 11
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