NCERTCh 1निःशुल्क

Chapter 1

🎓 Class 9📖 Ganit📖 7 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
अध्याय 1 / 12Chapter 2

Chapter 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 7 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

1.1 भूमिका

व्याख्या

1.1 भूमिका

इस अनुभाग में संख्या रेखा की अवधारणा और विभिन्न प्रकार की संख्याओं के निरूपण की चर्चा की गई है। संख्या रेखा एक सरल रेखा है जिस पर संख्याएँ क्रमबद्ध रूप में दर्शाई जाती हैं। शून्य से धनात्मक दिशा में चलने पर हमें प्राकृतिक संख्याएँ मिलती हैं, जो गिनती के लिए उपयोग होती हैं। संख्या रेखा पर शून्य को भी शामिल करने पर पूर्ण संख्याएँ प्राप्त होती हैं, और ऋणात्मक पूर्णांकों को भी शामिल करने पर पूर्णांक (integers) का समूह बनता है। इसके बाद भिन्न संख्याएँ आती हैं, जो पूर्ण संख्याओं के बीच के मानों को दर्शाती हैं। भिन्नों को a/b के रूप में लिखा जाता है जहाँ a और b पूर्णांक होते हैं और b ≠ 0 होता है। परिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ हैं जिन्हें भिन्न के रूप में लिखा जा सकता है। इस प्रकार, संख्या रेखा पर परिमेय संख्याएँ भी निरूपित होती हैं। परिमेय संख्याओं के अलावा, संख्या रेखा पर ऐसी संख्याएँ भी होती हैं जिन्हें भिन्न के रूप में नहीं लिखा जा सकता, इन्हें अपरिमेय संख्याएँ कहते हैं। इस प्रकार, संख्या रेखा पर संख्याओं का एक विस्तृत वर्गीकरण होता है जो गणित की मूलभूत समझ के लिए आवश्यक है।

  • संख्या रेखा पर संख्याएँ क्रमबद्ध रूप में निरूपित होती हैं।
  • प्राकृतिक संख्याएँ गिनती के लिए उपयोग होती हैं और धनात्मक पूर्ण संख्याएँ होती हैं।
  • पूर्ण संख्याओं में शून्य और ऋणात्मक पूर्णांक भी शामिल होते हैं।
  • भिन्न संख्याएँ पूर्ण संख्याओं के बीच के मानों को दर्शाती हैं।
  • परिमेय संख्याएँ वे होती हैं जिन्हें भिन्न a/b के रूप में लिखा जा सकता है।
  • अपरिमेय संख्याएँ वे होती हैं जिन्हें भिन्न के रूप में नहीं लिखा जा सकता।
  • 📌 संख्या रेखा: संख्याओं को क्रमबद्ध रूप में दर्शाने वाली रेखा।
  • 📌 प्राकृतिक संख्याएँ: गिनती के लिए उपयोग की जाने वाली धनात्मक पूर्ण संख्याएँ।
  • 📌 पूर्ण संख्याएँ: प्राकृतिक संख्याओं के साथ शून्य और ऋणात्मक पूर्णांक।

परिमेय संख्याएँ

अवधारणा

परिमेय संख्याएँ

परिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें भिन्न a/b के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ a और b पूर्णांक हैं और b ≠ 0 होता है। परिमेय संख्याओं में प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, और पूर्णांक भी शामिल होते हैं क्योंकि इन्हें भिन्न के रूप में लिखा जा सकता है, जैसे -25 को -25/1 के रूप में लिखा जा सकता है। परिमेय संख्याओं का दशमलव रूप या तो सांत (terminating) होता है या अनवसानी आवर्ती (non-terminating recurring) होता है। उदाहरण के लिए, 7/8 का दशमलव 0.875 है जो सांत दशमलव है, जबकि 1/3 का दशमलव 0.3333... है जो आवर्ती दशमलव है। परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार में शेष या तो शून्य हो जाता है या पुनरावृत्ति करता है। परिमेय संख्याओं का निरूपण संख्या रेखा पर किया जा सकता है और वे संख्या रेखा के विशिष्ट बिंदुओं का प्रतिनिधित्व करती हैं।

  • परिमेय संख्या को भिन्न a/b के रूप में लिखा जा सकता है।
  • a और b पूर्णांक होते हैं तथा b ≠ 0 होता है।
  • परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार या तो सांत होता है या आवर्ती होता है।
  • परिमेय संख्याएँ संख्या रेखा पर विशिष्ट बिंदुओं का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  • परिमेय संख्याओं में प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ और पूर्णांक शामिल हैं।
  • 📌 परिमेय संख्या: ऐसी संख्या जिसे भिन्न के रूप में लिखा जा सकता है।
  • 📌 सांत दशमलव: दशमलव जो एक निश्चित स्थान पर समाप्त हो जाता है।
  • 📌 आवर्ती दशमलव: दशमलव जिसमें कुछ अंकों का समूह अनंत तक दोहराता रहता है।

1.2 अपरिमेय संख्याएँ

व्याख्या

1.2 अपरिमेय संख्याएँ

अपरिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें भिन्न a/b के रूप में नहीं लिखा जा सकता, जहाँ a और b पूर्णांक हों और b ≠ 0 हो। ये संख्याएँ संख्या रेखा पर परिमेय संख्याओं के बीच स्थित होती हैं और इनके दशमलव प्रसार अनवसानी अनावर्ती (non-terminating non-re

अभ्यास प्रश्नChapter 1

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.निम्नलिखित में से कौन एक अपरिमेय संख्या है?
A.∛1000
B.∛64
C.3/4
D.5/√5

उत्तर:

5/√5

व्याख्या:

[{"id": "70d0c37f-9b4c-4291-afee-ee5ca3801361", "type": "html", "value": " हम 5/√5 को 5/√5 = √5/1 इस प्रकार लिख सकते है। मान लीजिए √5/1 के p/q रूप में है परंतु इसके लिए p और q पूर्णांक होना और q ≠ 0 होने चाहिए। लेकिन यहाँ √5 एक पूर्णांक नहीं है इसीलिए √5/1 एक अपरिमेय संख्या है। "}]

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Q2.प्रत्येक पूर्णांक एक ________ है।
A.वास्तविक संख्या
B.पूर्ण संख्या
C.प्राकृत संख्या
D.अपरिमेय संख्या

उत्तर:

वास्तविक संख्या

व्याख्या:

[{"id": "34369f6c-7244-4c4c-b2e2-a7bb10af4513", "type": "html", "value": " पूर्ण संख्याओं के संग्रह में ऋणात्मक संख्याएँ शामिल नहीं होती हैं इसलिए प्रत्येक पूर्णांक पूर्ण संख्या नहीं है। इसी तरह प्रत्येक पूर्णांक एक प्राकृतिक संख्या नहीं है। हर पूर्णांक को p / q के रूप में दर्शाया जा सकता है जहाँ q गैर शून्य और p और q पूर्णांक हैं, अर्थात, प्रत्येक पूर्णांक एक परिमेय संख्या है, इसलिए कोई भी पूर्णांक एक अपरिमेय संख्या नहीं हो सकती है। इसलिए, विकल्प 2, 3 और 4 गलत हैं। वास्तविक संख्याओं के संग्रह में पूर्णांक, पूर्ण संख्या, प्राकृत संख्या, परिमेय और अपरिमेय संख्या होती है। इसलिए प्रत्येक पूर्णांक भी एक वास्तविक संख्या है। इसलिए, विकल्प 1 सही है। "}]

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Q3.निम्नलिखित में से कौन एक परिमेय संख्या नहीं है?
A.√49
B.√27
C.∛25
D.∛100

उत्तर:

√27

व्याख्या:

[{"id": "5cd385b0-f2ed-4a37-b27f-d2163fb6e844", "type": "html", "value": " √49 = 7. 7 परिमेय संख्या है। इसलिए, √49 एक परिमेय संख्या भी है। ∛25= 5 जो की एक परिमय संख्या है। ∛100= 10 जो की एक परिमय संख्या है। √27= 3√3. 3√3 एक परिमय संख्या नहीं है। इसीलिए विकल्प 2 सही उत्तर है। "}]

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Q4.निम्नलिखित में से कौन एक अपरिमेय संख्या नहीं है?
A.∛1000
B.∛64
C.3/4
D.5/√5

उत्तर:

5/√5

व्याख्या:

[{"id": "b36a6522-a789-4b61-9ba6-cb0ec371d0f2", "type": "html", "value": " हम 5/√5 को 5/√5 = √5/1 इस प्रकार लिख सकते है। मान लीजिए √5/1 के p/q रूप में है परंतु इसके लिए p और q पूर्णांक होना और q ≠ 0 होने चाहिए। लेकिन यहाँ √5 एक पूर्णांक नहीं है इसीलिए √5/1 एक अपरिमेय संख्या है। "}]

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Q5.हम Q' द्वारा सभी _________ के संग्रह को निरूपित करते हैं।
A.परिमेय संख्या
B.अपरिमेय संख्या
C.वास्तविक संख्या
D.पूर्ण संख्या

उत्तर:

परिमेय संख्या

व्याख्या:

[{"id": "3767e1b7-2f00-4db5-99b2-b8bb84815bfd", "type": "html", "value": " परिमेय संख्याओं को Q से दर्शाया जाता है। वास्तविक संख्या R से दर्शाई जाती है और W से पूर्ण संख्याओं को दर्शाया जाता है। "}]

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Q6.संख्या रेखा पर प्रत्येक बिंदु एक _________ का प्रतिनिधित्व करता है
A.प्राकृत संख्या
B.वास्तविक संख्या
C.अपरिमेय संख्या
D.परिमेय संख्या

उत्तर:

वास्तविक संख्या

व्याख्या:

[{"id": "19df330e-4d10-4c66-9f1d-6c364e5554ac", "type": "html", "value": " संख्या रेखा पर प्रत्येक बिंदु एक वास्तविक संख्या का प्रतिनिधित्व करता है और वास्तविक संख्याओं में प्राकृत संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, पूर्णांक, परिमेय संख्याएँ और अपरिमेय संख्याएँ होती हैं। "}]

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Q7.4/18 का दशमलव प्रसार किस प्रकार का है?
A.अनवसानी आवर्ती
B.अनवसानी अनावर्ती
C.सांत
D.अनावर्ती

उत्तर:

अनवसानी आवर्ती

व्याख्या:

[{"id": "7fa7ffb3-6ab2-4a64-b0dc-4eb58ee1ef2c", "type": "html", "value": " जब हम 4/18 को विभाजित करते हैं तो हमें 0.22222 मिलता है ..... जो कि अनवसानी और आवर्ती है। "}]

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Q8.अपरिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार हमेशा _____ होता है |
A.अनवसानी आवर्ती
B.अनवसानी अनावर्ती
C.सांत
D.अनावर्ती

उत्तर:

अनवसानी अनावर्ती

व्याख्या:

[{"id": "822e7abe-6e15-418e-8969-811f136a31ac", "type": "html", "value": " अपरिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार हमेशा अनवसानी और अनावर्ती होता है। "}]

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