NCERTCh 1निःशुल्क

Chapter 1

🎓 Class 10📖 Ganit📖 4 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~6 मिनट
अध्याय 1 / 14Chapter 2

Chapter 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 4 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

1.1 भूमिका

व्याख्या

1.1 भूमिका

इस खंड में वास्तविक संख्याओं के अध्ययन की शुरुआत की गई है। कक्षा 9 में वास्तविक संख्याओं की खोज प्रारंभ की गई थी, जिसमें अपरिमेय संख्याओं का परिचय भी हुआ था। इस अध्याय में हम वास्तविक संख्याओं के गुणों और उनके विभाजन के सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। सबसे पहले हम धनात्मक पूर्णांकों के दो महत्वपूर्ण गुणों पर विचार करेंगे: यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म और अंकगणित की आधारभूत प्रमेय। यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म के अनुसार, किसी धनात्मक पूर्णांक a को किसी अन्य धनात्मक पूर्णांक b से इस प्रकार विभाजित किया जा सकता है कि शेषफल r प्राप्त हो, जहाँ r < b होता है। यह प्रक्रिया लंबी विभाजन की सामान्य विधि से परिचित है। इसके अनेक अनुप्रयोग हैं, जिनमें महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करना प्रमुख है। दूसरी ओर, अंकगणित की आधारभूत प्रमेय कहती है कि प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखा जा सकता है और यह गुणनखंडन अद्वितीय होता है। इस प्रमेय के दो मुख्य अनुप्रयोग हैं: (1) कुछ संख्याओं जैसे √2, √3, √5 आदि की अपरिमेयता सिद्ध करना, और (2) परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार की प्रकृति (सांत या असांत आवर्ती) का निर्धारण। इस प्रकार, इस अध्याय में हम वास्तविक संख्याओं के गुणों और उनके विभाजन के सिद्धांतों का गहन अध्ययन करेंगे।

  • वास्तविक संख्याओं की खोज कक्षा 9 में प्रारंभ हुई थी।
  • यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म पूर्णांकों के विभाजन से संबंधित है।
  • अंकगणित की आधारभूत प्रमेय प्रत्येक भाज्य संख्या के अभाज्य गुणनखंडन की अद्वितीयता बताती है।
  • इस अध्याय में अपरिमेय संख्याओं की सिद्धि और दशमलव प्रसार की प्रकृति पर चर्चा होगी।
  • 📌 वास्तविक संख्याएँ: वे संख्याएँ जो संख्या रेखा पर निरंतर बिंदुओं के रूप में अभिव्यक्त की जा सकती हैं।
  • 📌 यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म: पूर्णांकों के विभाजन की विधि जिसमें शेषफल को भाग से छोटा रखा जाता है।
  • 📌 अंकगणित की आधारभूत प्रमेय: प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में अद्वितीय रूप से लिखा जा सकता है।

1.2 अंकगणित की आधारभूत प्रमेय

व्याख्या

1.2 अंकगणित की आधारभूत प्रमेय

अंकगणित की आधारभूत प्रमेय गणित की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो कहती है कि प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखा जा सकता है और यह गुणनखंडन अद्वितीय होता है। इस खंड में हम इसे विस्तार से समझेंगे। अभाज्य संख्याएँ वे धनात्मक पूर्णांक हैं जिनके केवल दो भाजक होते हैं: 1 और स्वयं संख्या। उदाहरण के लिए, 2, 3, 5, 7, 11 आदि। यदि हम अभाज्य संख्याओं के विभिन्न संयोजनों से गुणा करें, तो अनेक पूर्णांक प्राप्त होते हैं। उदाहरण स्वरूप, 7 × 11 × 23 = 1771, 2³ × 3 × 7³ = 8232 आदि। प्रत्येक पूर्णांक का गुणनखंडन अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में किया जा सकता है, जिसे गुणनखंड वृक्ष (factor tree) की सहायता से समझा जा सकता है। उदाहरण के लिए, 32760 का अभाज्य गुणनखंडन 2³ × 3² × 5 × 7 × 13 है। इसी प्रकार, बड़ी संख्याओं का भी अभाज्य गुणनखंडन किया जा सकता है। इस प्रमेय की उपपत्ति सबसे पहले यूक्लिड ने की थी, परंतु इसका पूर्ण प्रमाण कार्ल फ्रैडिक गॉस ने दिया। इस प्रमेय के अनुप्रयोगों में HCF और LCM ज्ञात करना प्रमुख है। HCF दो या अधिक संख्याओं के सभी साझा अभाज्य गुणनखंडों का सबसे छोटा घात का गुणनफल होता है, जबकि LCM सभी अभाज्य गुणनखंडों का सबसे बड़ा घात का गुणनफल होता है। उदाहरण के लिए, 6 = 2 × 3 और 20 = 2² × 5 के लिए HCF = 2 और LCM = 2² × 3 × 5 = 60। अंकगणित की आधारभूत प्रमेय के अनुसार, दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b होता है। इस खंड में कई उदाहरणों के माध्यम से इन सिद्धांतों को समझाया गया है।

  • प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखा जा सकता है।
  • यह गुणनखंडन अद्वितीय होता है, अर्थात् अभाज्य संख्याओं के क्रम को छोड़कर कोई दूसरा गुणनखंडन संभव नहीं।
  • अभाज्य संख्याएँ गणित की आधारभूत इकाइयाँ हैं।
  • HCF और LCM को अभाज्य गुणनखंडन विधि से आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।
  • दो संख्याओं का HCF × LCM = दोनों संख्याओं का गुणनफल होता है।
  • 📌 अभाज्य संख्या: ऐसी धनात्मक पूर्णांक जो केवल 1 और स्वयं से विभाजित होती हैं।
  • 📌 गुणनखंड वृक्ष: किसी संख्या को उसके अभाज्य गुणनखंडों में विभाजित करने की विधि।
  • 📌 HCF (महत्तम समापवर्तक): दो या अधिक संख्याओं का सबसे बड़ा साझा भाजक।

1.3 अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण

व्याख्या

1.3 अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण

इस खंड में अपरिमेय संख्याओं की पुनः समीक्षा की गई है और उनकी अपरिमेयता को अंकगणित की आधारभूत प्रमेय की सहायता से सिद्ध किया गया है। अपरिमेय संख्याएँ वे वास्तविक संख्याएँ हैं जिन्हें दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता। इनके दश

अभ्यास प्रश्नChapter 1

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.निम्नलिखित में से कौन बहुपद है?
A.X 2 + 1/x
B.2x 2 -3 √x+1
C.3x 2 - 3x + 1
D.x 2 + X -2 + 7

उत्तर:

3x 2 - 3x + 1

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Q2.निम्नलिखित में से अभाज्य संख्याओं (prime numbers) को पहचानिए | 23, 62, 73, 96, 98, 397, 512, 983
A.62, 73, 23, 397
B.73, 98, 397, 512
C.62, 512, 96, 98
D.23, 73, 397, 983

उत्तर:

23, 73, 397, 983

व्याख्या:

[{"id": "d9fdd97f-5017-4794-8803-97c844acaa1e", "type": "html", "value": " "}]

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Q3.4095 के अभाज्य गुणनखंडों (prime factors) के गुणनफल को _____________ के रूप में व्यक्त किया जा सकता है |
A.3² x 5 x 7 x 13
B.3 x 5² x 7 x 13
C.3² x 5² x 7 x 13
D.3 x 5 x 7 x 13

उत्तर:

3² x 5 x 7 x 13

व्याख्या:

[{"id": "0b93a26d-6773-4aaf-ae19-ef7193a6a8ab", "type": "html", "value": " 4095 = 3 x 3 x 5 x 7 x 13 = 3² x 5 x 7 x 13 "}]

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Q4.625 और 325 की HCF और LCM _____________ हैं |
A.125, 15625
B.25, 15625
C.25, 8125
D.125, 8125

उत्तर:

25, 8125

व्याख्या:

[{"id": "8f893282-8ea8-4079-81ec-b7797fdfb003", "type": "html", "value": " HCF और LCM ज्ञात करने के लिए, अभाज्य गुणनखंडन विधि (prime factorisation method) का उपयोग करेंगे, 625 और 325 का गुणनखंडन करने पर, 625 = 5 x 5 x 5 x 5 = 5⁴ 325 = 5 x 5 x 13 = 5² x13 HCF = 5² = 25 LCM = 5⁴ x13 = 8125 "}]

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Q5.यदि 24 और 36 का HCF 12 है, तो 24 और 36 का LCM क्या होगा?
A.36
B.72
C.864
D.24

उत्तर:

72

व्याख्या:

[{"id": "1f3f728e-ed03-43fa-b0c9-853504eb28c8", "type": "html", "value": " संख्याओं का गुणनफल =HCF X LCM 24 X 36 = 864 HCF = 864/12 = 72 "}]

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Q6.एक कमरे की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई क्रमशः 680 cm, 510 cm, 340 cm है। सबसे बड़े टेप की लम्बाई ज्ञात कीजिए जो कमरे के आयामों को माप सकता है।
A.680 cm
B.10 cm
C.170 cm
D.340 cm

उत्तर:

170 cm

व्याख्या:

[{"id": "9be1511a-3ad8-46c9-a8ec-34fd5fe2929f", "type": "html", "value": " सबसे लंबे टेप की लंबाई कमरे के तीन किनारों की HCF होगी। 680 = 2³ x 5 x17 510 =2 x 5 x 7 x13 340 = 2² x 5 x 17 HCF = 2 x 5 x 17 = 170 "}]

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Q7.यदि 24, 36 का HCF 12 है, तो 24, 36 का LCM क्या होगा?
A.36
B.72
C.864
D.24

उत्तर:

72

व्याख्या:

[{"id": "82d5aebb-13ec-481b-ac1f-9a4b5991b9bf", "type": "html", "value": " संख्याओं का गुणनफल =HCF X LCM 24 X 36 = 864 HCF = 864/12 = 72 "}]

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Q8.एक कमरे की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई क्रमशः 680 cm, 510 cm, 340 cm है। सबसे बड़ा टेप ढूंढें जो कमरे के आयामों को माप सकता है।
A.680
B.10
C.170
D.340

उत्तर:

170

व्याख्या:

[{"id": "05c207aa-a01b-4940-8b98-7841bba4f08a", "type": "html", "value": " सबसे लंबे टेप की लंबाई कमरे के तीन किनारों की HCF होगी। 680 = 2³ x 5 x17 510 =2 x 5 x 7 x13 340 = 2² x 5 x 17 HCF = 2 x 5 x 17 = 170 "}]

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