Ch 8निःशुल्क

Decision Making 98-114

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Principles of Management (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Prof. Karunesh Sexsenaअध्याय 20 / 20

Decision Making 98-114अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

8.1 निर्णय लेने की प्रक्रिया

अवधारणा

8.1 निर्णय लेने की प्रक्रिया

निर्णय लेना प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिसमें प्रबंधक विभिन्न विकल्पों में से सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करते हैं। निर्णय लेने की प्रक्रिया में समस्या की पहचान, विकल्पों का विश्लेषण, विकल्पों का मूल्यांकन, और अंतिम निर्णय का चयन शामिल होता है। यह प्रक्रिया तार्किक सोच, अनुभव, और उपलब्ध जानकारी पर आधारित होती है। निर्णय लेने की प्रक्रिया में कई चरण होते हैं, जैसे समस्या की स्पष्ट पहचान, जानकारी एकत्र करना, विकल्पों की सूची बनाना, प्रत्येक विकल्प के लाभ और हानि का विश्लेषण करना, सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करना, और उस विकल्प को लागू करना। निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रबंधक को अपने संगठन के उद्देश्यों, संसाधनों, और बाहरी वातावरण को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।

  • निर्णय लेना प्रबंधन का मूल कार्य है।
  • निर्णय लेने की प्रक्रिया में समस्या की पहचान और विकल्पों का चयन शामिल है।
  • प्रबंधक को उपलब्ध जानकारी और अनुभव का उपयोग करना होता है।
  • निर्णय लेने के लिए तार्किक सोच आवश्यक है।
  • प्रक्रिया में कई चरण होते हैं, जैसे विकल्पों का मूल्यांकन और चयन।
  • निर्णय लेने की प्रक्रिया संगठन के उद्देश्यों से जुड़ी होती है।
  • 📌 निर्णय (Decision): किसी समस्या के समाधान के लिए विकल्पों में से एक का चयन।
  • 📌 प्रक्रिया (Process): किसी कार्य को करने के लिए अपनाई गई विधि।

8.2 निर्णय लेने के प्रकार

व्याख्या

8.2 निर्णय लेने के प्रकार

निर्णय लेने के प्रकार मुख्यतः दो होते हैं: रणनीतिक (Strategic) और परिचालन (Operational)। रणनीतिक निर्णय दीर्घकालिक होते हैं और संगठन के लक्ष्यों, नीतियों, और भविष्य की दिशा को निर्धारित करते हैं। परिचालन निर्णय दैनिक कार्यों से संबंधित होते हैं, जैसे कर्मचारियों की नियुक्ति, संसाधनों का आवंटन, आदि। इसके अलावा, निर्णयों को व्यक्तिगत और समूह निर्णयों में भी विभाजित किया जा सकता है। व्यक्तिगत निर्णय एक व्यक्ति द्वारा लिए जाते हैं, जबकि समूह निर्णय में कई लोगों की भागीदारी होती है। निर्णयों को प्रोग्राम्ड (Programmed) और नॉन-प्रोग्राम्ड (Non-programmed) में भी वर्गीकृत किया जाता है। प्रोग्राम्ड निर्णय वे होते हैं जो नियमित, दोहराए जाने वाले, और पूर्वनिर्धारित होते हैं। नॉन-प्रोग्राम्ड निर्णय अनूठे, जटिल, और नए होते हैं जिनके लिए कोई पूर्वनिर्धारित प्रक्रिया नहीं होती।

  • रणनीतिक निर्णय दीर्घकालिक और संगठन के भविष्य से जुड़े होते हैं।
  • परिचालन निर्णय दैनिक कार्यों से संबंधित होते हैं।
  • निर्णय व्यक्तिगत या समूह स्तर पर लिए जा सकते हैं।
  • प्रोग्राम्ड निर्णय नियमित और पूर्वनिर्धारित होते हैं।
  • नॉन-प्रोग्राम्ड निर्णय अनूठे और जटिल होते हैं।
  • निर्णय के प्रकार संगठन की आवश्यकताओं पर निर्भर करते हैं।
  • 📌 रणनीतिक निर्णय (Strategic Decision): दीर्घकालिक, संगठन के लक्ष्यों से जुड़े निर्णय।
  • 📌 परिचालन निर्णय (Operational Decision): दैनिक कार्यों से संबंधित निर्णय।
  • 📌 प्रोग्राम्ड निर्णय (Programmed Decision): नियमित, पूर्वनिर्धारित निर्णय।

8.3 निर्णय लेने के तत्व

अवधारणा

8.3 निर्णय लेने के तत्व

निर्णय लेने के तत्व वे घटक हैं जो निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। इनमें समस्या की स्पष्ट पहचान, जानकारी का संग्रह, विकल्पों की सूची, विकल्पों का मूल्यांकन, और अंतिम चयन शामिल हैं। समस्या की पहचान सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, क्योंकि सही समस्या की